इतना बड़ा झूठ! दलित अपमान पर FIR नहीं, कोर्ट में दूसरी FIR का हवाला! दलित समाज के सम्मान से जुड़े एक गंभीर मामले में FIR की मांग हुई।
लेकिन जब मामला हाईकोर्ट पहुँचा, तो सरकार की तरफ से ऐसी FIR का हवाला दिया गया जिनका मूल मामले और आरोपित लोगों से सीधा संबंध ही नहीं था।
बेंगलुरु की FIR अलग।
हल्द्वानी की FIR अलग।
तो सवाल सीधा है:
जिस कथित शुद्धीकरण हवन और उसे करने वाले लोगों के खिलाफ FIR की मांग की गई थी, उस मामले में FIR कहाँ है?
क्या सरकार जवाब देगी?
और सरकारी वकील ने हाईकोर्ट के सामने इन अलग-अलग FIR का हवाला आखिर किस आधार पर दिया?
यह BJP बनाम Congress का सवाल नहीं है।
यह दलित सम्मान, कानून और जवाबदेही का सवाल है।
जनता देख रही है।
हम भी देख रहे हैं।