प्रमंडलीय आयुक्त द्वारा की गयी विधि-व्यवस्था संधारण, जन वितरण प्रणाली, राजस्व, परिवाद निवारण एवं अन्य बिंदुओं पर समीक्षा; अनुमंडल पदाधिकारियों को जनहित के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व के साथ पूरा करने का दिया गया निदेश
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पदाधिकारियों को विधि-व्यवस्था संधारण हेतु *मिशन मोड* में कार्रवाई करने का आयुक्त ने दिया निदेश
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भूमि विवाद के मामलों को सर्वाेच्च प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन एवं अनुश्रवण करें: आयुक्त ने दिया सभी पदाधिकारियों को निदेश
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*विधि-व्यवस्था संधारण से कोई समझौता नहीं*; सभी स्टेकहोल्डर्स के बीच *सार्थक समन्वय एवं सुदृढ़ संवाद* क़ायम रखें: आयुक्त का अधिकारियों को निदेश
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*प्रशासन, पुलिस, राजस्व, निबंधन, खनन, मद्य-निषेध, परिवहन सहित सभी हितधारकों के बीच सम्यक समन्वय की आवश्यकता*; विभिन्न विभागों के पदाधिकारी इसे सुनिश्चित करेंः आयुक्त
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मुजफ्फरपुर, शुक्रवार, दिनांक 21.08.2026ः आयुक्त, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर श्री गिरिवर दयाल सिंह ने कहा है कि *विधि-व्यवस्था संधारण से कोई समझौता नहीं किया जा सकता है*। सभी अनुमंडल पदाधिकारी इसके प्रति *सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध* रहें। वे आज आयुक्त कार्यालय स्थित सभाकक्ष में इस विषय पर वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग से आयोजित प्रमंडल-स्तरीय एक बैठक में सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने जन वितरण प्रणाली, राजस्व, परिवाद निवारण एवं अन्य बिंदुओं पर भी विस्तृत समीक्षा की एवं अद्यतन स्थिति का जायज़ा लिया। प्रमंडलीय आयुक्त ने अधिकारियों को अपने अधीनस्थ कार्यालयों का नियमित रूप से औचक एवं शेड्यूल्ड निरीक्षण करने का निर्देश दिया ताकि कार्य-संस्कृति सुदृढ़ रहे।
आयुक्त ने अधिकारियों को निदेश दिया गया कि आम जनता को दैनिक जीवन में कोई असुविधा न हो इसके लिए सजग रहें। उन्होंने कहा कि सरकार के द्वारा दिए गए दिशा-निदेशों का अक्षरशः अनुपालन करते हुए सात निश्चय-3 के सातवें निश्चय ‘‘सबका सम्मान, जीवन आसान’’ (ईज आॅफ लिविंग) के तहत लोगों के दैनिक जीवन में आने वाली कठिनाइयों को कम करने तथा उन्हें गरिमामय जीवन यापन करने हेतु बेहतरीन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सहयोग शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने पदाधिकारियों को सहयोग पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का *निर्धारित समय-सीमा के अंदर गुणवत्तापूर्ण ढंग से निष्पादन* करने का निदेश दिया। पदाधिकारियों को निदेशित करते हुए आयुक्त ने कहा कि *पारदर्शिता, उत्तरदायित्व एवं संवेदनशीलता के साथ आप सभी लोक शिकायतों का निवारण करें। *केवल निष्पादन से काम नहीं चलेगा*। *जनता की संतुष्टि अनिवार्य* है। आप सभी पदाधिकारी इसे सुनिश्चित करें।
प्रमंडलीय आयुक्त ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को विधि-व्यवस्था संधारण पर विशेष ध्यान देने का निदेश दिया। उन्होंने पदाधिकारियों को निदेश दिया कि विधि-व्यवस्था संधारण हेतु मिशन मोड में कार्रवाई करें। सभी स्टेकहोल्डर्स के बीच *सार्थक समन्वय एवं सुदृढ़ संवाद* क़ायम रखें। उन्होंने निदेश दिया कि राजस्व से संबंधित पदाधिकारी भूमि विवादों के प्रभावी निष्पादन के लिए सूक्ष्मतम स्तर पर निगरानी करें। भूमि से संबंधित किसी भी विवाद का रूपांतरण विधि-व्यवस्था की समस्या में न हो इसे सुनिश्चित करें।
आयुक्त ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को खाद्यान्न का ससमय उठाव एवं वितरण सुनिश्चित कराने का निदेश दिया। लाभुकों तक ससमय खाद्यान्न पहुँचाने के लिए तत्परतापूर्वक कार्य करने का निदेश दिया गया। सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में आपूर्ति संबंधी मामलों का पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व के साथ अनुश्रवण करने का निदेश दिया गया। प्रमंडलीय आयुक्त ने अधिकारियों को प्रावधानों के अनुसार जनवितरण प्रणाली की दुकानों की नियमित जाँच, छापामारी एवं अनियमितता पाए जाने पर प्रभावी ढंग से विधिवत कार्रवाई करने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि पदाधिकारीगण यह सुनिश्चित करें कि पीडीएस दुकानों द्वारा लाभुकों को निर्धारित मात्रा में अनाज उपलब्ध कराया जाए। इसका उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आयुक्त ने कहा कि *भूमि विवादों का प्रभावी निष्पादन एवं अनुश्रवण* आवश्यक है। संबंधित पदाधिकारी- थानाध्यक्ष, अंचलाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी एवं अनुमंडल पदाधिकारी- उच्च प्राथमिकता के आधार पर इसका समाधान करें। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आयुक्त ने कहा कि *प्रशासन, पुलिस, राजस्व, निबंधन, खनन, मद्य-निषेध, परिवहन सहित सभी हितधारकों के बीच सम्यक समन्वय* की आवश्यकता है। विभिन्न विभागों के पदाधिकारी इसे सुनिश्चित करते हुए जनहित के मामलों में विशेष रूचि प्रदर्शित कर मामलों का नियमानुसार समाधान करें।
प्रमंडलीय आयुक्त ने निदेश दिया कि भूमि विवाद से संबंधित मामलों को तत्परता से निष्पादित करें। अंचलाधिकारी एवं थानाध्यक्ष की संयुक्त अध्यक्षता में बैठक काफी प्रभावकारी है। इसका बिना चूके नियमित आयोजन करें। *भू-समाधान पोर्टल पर नियमित अपडेट* करें। हर स्तर पर भूमि विवाद पंजी का विधिवत संधारण करें।
आयुक्त ने कहा कि भूमि विवादों के प्रभावी निष्पादन एवं अनुश्रवण के लिए सूक्ष्मतम स्तर पर निगरानी, भूमि विवाद के मामलों की गंभीरता का आकलन, अधिकारियों को प्राथमिक सूचना की विस्तृत जानकारी, भूमि विवाद निराकरण के संबंध में कृत कार्रवाई की समीक्षा, विवादित भूमि के पूर्ववृत (हिस्ट्री शीट) की जानकारी एवं भूमि विवाद समाधान का योजनाबद्ध क्रियान्वयन आवश्यक है। सभी अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी संयुक्त रूप से भूमि संबंधी मामलों का अनुश्रवण करें।
आयुक्त ने कहा कि जन-सुविधाओं की सुगम उपलब्धता के लिए सभी को सक्रिय रहना होगा। सुचारू यातायात प्रबंधन, शांति तथा विधि-व्यवस्था संधारण के लिए सम्पूर्ण प्रशासनिक तंत्र 24x7 क्रियाशील रहे।