कौशांबी में झाड़ू लगाते ही सड़क उखड़ी, JE सस्पेंड: 24 घंटे पहले 98 लाख में बनी थी, अखिलेश बोले- जनता ने सच की झाड़ू चला दी
कौशांबी में झाड़ू लगाते ही सड़क उखड़ गई। PWD ने महज 24 घंटे पहले 98 लाख रुपए की लागत से 900 मीटर लंबी सड़क बनवाई थी। घटिया निर्माण और लापरवाही सामने आने पर जूनियर इंजीनियर (JE) को निलंबित कर दिया गया, जबकि ठेकेदार को डिबार कर दिया गया है।
विभाग ने सहायक अभियंता (AE) और अधिशासी अभियंता (XEN) के खिलाफ भी शासन स्तर से जांच कराने के आदेश दिए हैं।
सड़क निर्माण की गुणवत्ता की पोल गांव के लोगों ने खुद खोली। उन्होंने झाडू लगाने का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। वीडियो सामने आने के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट कर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा- “जनता ने सच की झाडू चला दी।” मामला जिला मुख्यालय से करीब 28 किलोमीटर दूर सिराथू तहसील का है।
सिराथू में दो गांवों के बीच बनी सड़क
सिराथू में घटमापुर से जवाई और उदहिन बुजुर्ग से नादिन का पुरवा गांव तक 900 मीटर लंबी सड़क बनाई गई है।
गांव के लोगों ने निर्माण के समय ही सवाल उठाए थे। लेकिन किसी अधिकारी ने ध्यान नहीं दिया। आखिरकार ग्रामीणों ने सड़क पर झाडू लगाकर उससे गिट्टियां इकट्ठा कीं और इसका वीडियो बना लिया।
लोगों का कहना था कि जब 24 घंटे के भीतर ही सड़क की गिट्टियां उखड़ने लगी हैं, तो यह सड़क कितने दिन टिक पाएगी।
अखिलेश यादव ने लिखा था- जनता ने सच की झाड़ू चला दी
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इस मामले को लेकर एक्स पर लिखा था- मुख्यमंत्री जी के 2.5 करोड़ रुपए प्रतिदिन के झूठे प्रचार पर जनता ने सच की झाडू चला दी।
अखिलेश यादव के ट्वीट के बाद PWD ने मामले की जांच कराई और निर्माण कार्य में सामने आई कमियों को लेकर कार्रवाई शुरू कर दी।
XEN बोले- हाइड्रोलिक खराब था और तापमान भी कम
PWD के अधिशासी अभियंता (XEN) दयाशंकर के मुताबिक, मनु कंस्ट्रक्शन के ठेकेदार ने 28 तारीख को सड़क निर्माण का काम शुरू किया था। 29 तारीख को सड़क पर पीसी (PC) की परत बिछाई जा रही थी। 31 तारीख को जांच के दौरान पता चला कि काम में इस्तेमाल हो रही गाड़ी का हाइड्रोलिक सिस्टम खराब था। इसके अलावा तापमान भी कम था।
दयाशंकर ने बताया कि इन वजहों से पीसी का काम निर्धारित तापमान पर नहीं हो पाया और निर्माण सामग्री ठंडी हो गई। ठेकेदार ने करीब 900 मीटर सड़क पर पीसी की परत बिछा दी थी, जबकि सीलकोट का काम बाकी था। उन्होंने यह भी बताया कि हाइड्रोलिक खराब होने के साथ तूफान और बारिश के कारण सामग्री ठीक से सेट नहीं हो पाई।
JE निलंबित, ठेकेदार एक साल के लिए डिबार
मामले में विभाग ने संबंधित जूनियर इंजीनियर (JE) को निलंबित कर दिया है। वहीं, सड़क निर्माण का ठेका लेने वाली मनु कंस्ट्रक्शन के ठेकेदार को एक साल के लिए डिबार कर दिया गया है। इस अवधि में ठेकेदार विभाग के किसी भी निर्माण कार्य के टेंडर में हिस्सा नहीं ले सकेगा।
AE और XEN की भी होगी जांच
सहायक अभियंता (AE) और अधिशासी अभियंता (XEN) की भूमिका की भी जांच होगी। दोनों अधिकारियों के खिलाफ शासन स्तर से जांच कराने के लिए विभाग ने पत्र भेजा है। इस कार्रवाई के बाद सड़क निर्माण की निगरानी और गुणवत्ता सुनिश्चित करने में अधिकारियों की जिम्मेदारी भी जांच के दायरे में आ गई है।