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Anshul Singh

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हाथों से चलकर बरसाना की परिक्रमा कर रहा बच्चा: 2 दिन में पूरी की 5 किमी की दूरी, बोला- 5 साल से प्रैक्टिस कर रहा था 

मथुरा के बरसाना में 13 साल का बच्चा 3 दिन से हाथों के बल चलकर परिक्रमा कर रहा है। शनिवार को उसकी तबीयत बिगड़ गई, फिर भी वह परिक्रमा करता रहा। उसने करीब डेढ़ किलोमीटर तक हैंड वॉकिंग की।

आगरा के प्रतीक विहार फेस-2 में रहने वाला आराध्य गुप्ता 9वीं कक्षा के छात्र है। उसने गुरुवार को बरसाना की परिक्रमा शुरू की थी। परिक्रमा मार्ग करीब 7 किलोमीटर का है। आराध्य अब तक 5 किलोमीटर की दूरी पूरी कर चुका है।

आराध्य ने बताया- मैं अपनी दादी का सपना पूरा करने के लिए परिक्रमा कर रहा हूं। राधारानी की कृपा से ढाई दिन में साढ़े 5 किलोमीटर चल चुका हूं। अगर तबीयत ठीक रही, तो कल तक परिक्रमा पूरी कर लूंगा।

आराध्य की इच्छा थी कि वह गोवर्धन या वृंदावन की परिक्रमा भी हाथों के बल पर पूरी करे। इसी इच्छा को पूरा करने के लिए उसने यह संकल्प लिया है।

25 जून से शुरू की परिक्रमा

पिता कमलेश ने बताया कि आराध्य पहले गोवर्धन और वृंदावन की परिक्रमा करना चाहता था। गोवर्धन की परिक्रमा 21 किलोमीटर और वृंदावन की 15 किलोमीटर की होती है, जो काफी कठिन मानी जाती है। परिवार ने उसे समझाया और बरसाना की परिक्रमा के बारे में बताया।

बरसाना की परिक्रमा करीब 7 किलोमीटर की है। इसके बाद आराध्य ने राधारानी की परिक्रमा करने का संकल्प लिया। 25 जून को आराध्य ने बरसाना के शिवराम चौक से हाथों के बल पर परिक्रमा शुरू की। अब तक वह 5 किलोमीटर की दूरी पूरी कर चुका है। परिक्रमा करते हुए मान मंदिर पहुंच गया है।

रोज करीब 2 किलोमीटर तक चलता आराध्य

आराध्य ने पहले दिन करीब ढाई किलोमीटर की दूरी पूरी की। इसके बाद शुक्रवार को उसकी तबीयत थोड़ी खराब हो गई, जिसके चलते वह सिर्फ 1 किलोमीटर ही परिक्रमा कर सका।

शनिवार को स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद आराध्य ने फिर से परिक्रमा शुरू की। अब उसका लक्ष्य है कि वह रविवार को ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर बरसाना की 7 किलोमीटर की परिक्रमा पूरी कर ले।

स्थानीय लोग जगह-जगह कर रहे स्वागत

परिक्रमा के दौरान स्थानीय लोग आराध्य का उत्साह बढ़ा रहे हैं। जगह-जगह लोग उसका स्वागत कर रहे हैं और हौसले की सराहना कर रहे हैं। आराध्य की मां सीमा गुप्ता भी हर कदम पर उसका साथ दे रही हैं। वह लगातार उसका हौसला बढ़ा रही हैं।

परिवार के मुताबिक आराध्य ने इस परिक्रमा के लिए पहले से तैयारी और अभ्यास किया था। आराध्य का कहना है कि वह यह परिक्रमा अपनी दिवंगत दादी की पावन स्मृति को समर्पित कर रहा है। उसके लिए यह सिर्फ एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि श्रद्धा, प्रेम और आस्था से जुड़ा संकल्प है।

8 साल की उम्र से ही हाथों के बल चलने का अभ्यास शुरू किया

आराध्य की मां सीमा गुप्ता ने बताया कि आराध्य बचपन से ही धार्मिक प्रवृत्ति का रहा है। उसकी जुड़वा बहन आराध्या गुप्ता भी धार्मिक गतिविधियों में रुचि रखती है। परिवार के धार्मिक माहौल के कारण आराध्य के मन में बचपन से ही भक्ति और सेवा की भावना विकसित हुई।
फर्रुखाबाद में बिजली मिस्त्री की काम के दौरान करंट लगने से दर्दनाक मौत,ढाई साल का मासूम अनाथ 

फर्रुखाबाद जनपद के मऊ दरवाजा थाना क्षेत्र में शनिवार को बिजली फिटिंग का कार्य करते समय करंट लगने से एक बिजली मिस्त्री की मौत हो गई। 32 वर्षीय योगेन्द्र शाक्य को गंभीर हालत में लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

यह घटना बाईपास पर कृष्णा पेट्रोल पंप के निकट हुई, जब योगेन्द्र शाक्य बिजली फिटिंग का काम कर रहे थे। अचानक करंट लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। मकान मालिक और किराएदार तुरंत उन्हें जिला अस्पताल लोहिया ले गए।अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने योगेन्द्र को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया और पुलिस को सूचना दी गई। योगेन्द्र शाक्य थाना मऊदरवाजा के ग्राम अजमतपुर निवासी मेघनाथ शाक्य के पुत्र थे।

योगेन्द्र की बाईपास से रेलवे क्रॉसिंग की ओर जाने वाले रास्ते के नुक्कड़ पर बिजली की दुकान थी। वह अपने चार भाइयों में सबसे छोटे थे। उनकी मौत से परिवार में कोहराम मच गया है। उनके परिवार में मां, पत्नी रिचा और ढाई वर्षीय पुत्र नितांश हैं।
फर्रुखाबाद में अवैध नर्सिंग होमों की खैर नहीं: स्वास्थ्य विभाग चलाएगा विशेष जांच अभियान, बिना पंजीकरण वाले अस्पतालों पर होगी सख्त कार्रवाई

फर्रुखाबाद। जनपद में बिना वैध पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) के संचालित हो रहे निजी नर्सिंग होमों और अस्पतालों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने अब 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपना ली है। आमजन को सुरक्षित और मानक के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) डॉ. आनंद उपाध्याय ने जनपद में एक सघन और विशेष निरीक्षण अभियान चलाने का निर्देश दिया है।
अभियान की मुख्य रूपरेखा
इस अभियान का संचालन उप मुख्य चिकित्साधिकारी एवं निजी चिकित्सालय पंजीकरण के नोडल अधिकारी डॉ. आर.सी. माथुर की देखरेख में किया जाएगा। सीएमओ ने स्पष्ट किया है कि अनधिकृत संस्थानों में मरीजों का उपचार कराना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह सीधे तौर पर आम नागरिकों की जान के साथ खिलवाड़ है।
निरीक्षण के दौरान इन मानकों की होगी जांच
स्वास्थ्य विभाग की टीमें अस्पतालों में निम्नलिखित बिंदुओं पर गहन पड़ताल करेंगी:
पंजीकरण प्रमाण-पत्र: संस्थान का वैध पंजीकरण है या नहीं।
चिकित्सकीय मानक: योग्य चिकित्सकों और प्रशिक्षित स्टाफ की उपलब्धता।
सुरक्षा मानक: अग्निशमन (Fire Safety) व्यवस्था और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं।
जीवनरक्षक उपकरण: गंभीर मरीजों के इलाज हेतु आवश्यक उपकरणों की स्थिति।
अपशिष्ट प्रबंधन: जैव-चिकित्सा अपशिष्ट (Bio-Medical Waste) का सही निस्तारण।
उल्लंघन पर होगी कड़ी विधिक कार्रवाई
मुख्य चिकित्साधिकारी ने चेतावनी दी है कि यदि निरीक्षण के दौरान कोई भी अस्पताल बिना पंजीकरण के पाया जाता है या निर्धारित मानकों का पालन नहीं कर रहा होता है, तो उसके विरुद्ध उत्तर प्रदेश निजी चिकित्सालय अधिनियम और अन्य प्रासंगिक नियमों के तहत कठोर विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर प्रशासनिक विभागों का सहयोग लेकर ऐसे संस्थानों को सील करने की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी।
जनता से स्वास्थ्य विभाग की अपील
डॉ. आनंद उपाध्याय ने जनपद वासियों को जागरूक रहने की सलाह दी है:
सतर्क रहें: किसी भी निजी अस्पताल में उपचार शुरू कराने से पहले उसका वैध पंजीकरण प्रमाण-पत्र और वहां उपलब्ध सुविधाओं की पुष्टि जरूर करें।
सूचना दें: यदि आपको अपने क्षेत्र में बिना पंजीकरण के संचालित किसी अस्पताल या नर्सिंग होम की जानकारी मिलती है, तो इसकी सूचना तुरंत स्वास्थ्य विभाग को दें। विभाग ऐसी हर सूचना पर गंभीरता से कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
इस अभियान का उद्देश्य जनपद की स्वास्थ्य व्यवस्था को पारदर्शी और सुदृढ़ बनाना है, ताकि मरीजों को जीवनरक्षक उपचार पूरी सुरक्षा के साथ मिल सके।
आज BJP की प्रदेश नेतृत्व की नई कमेटी का गठन हुआ और फर्रुखाबाद को विशेष तरजीह ही देते हुए शून्य नेतृत्व प्रदान किया गया 

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4 बच्चों की मां से शादी को 200 फिट ऊंचे टावर पर चढ़ा युवक:मुंबई से फर्रुखाबाद पहुंचा, 6 घंटे बाद नीचे आया, 

फर्रुखाबाद में प्रेमिका से शादी की जिद पर एक युवक 200 फीट ऊंचे मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया। करीब 6 घंटे तक युवक टावर पर बैठा रहा और प्रेमिका को बुलाने की जिद करता रहा। युवक जिस महिला को बुलाने की मांग कर रहा था वो 4 बच्चों की मां है।

युवक का कहना है कि महिला उसे छोड़कर पति के साथ गाजियाबाद में रह रही है। पुलिस के समझाने पर 6 घंटे बाद 11 बजे युवक नीचे आ गया। युवक को देखने के लिए इतनी भीड़ लग गई कि फर्रुखाबाद-कायमगंज के मेन रोड पर जाम की स्थिति बन गई। बस-ट्रक और कार भी जाम में करीब 15 मिनट तक फंसे रहे। पुलिस को वाहन निकालने में भी मशक्कत करनी पड़ी।

कायमगंज नगर के पुल गालिब इलाके में युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। युवक की पहचान उत्तराखंड के जिला अल्मोड़ा थाना डोरी हार के रहने वाले चंदन शेखावत (30) पुत्र मोहन राम के रूप में हुई है। आज सुबह करीब 5 बजे युवक टावर पर चढ़ा।

खुद ही फोन करके पुलिस को बताया

उसके बाद खुद ही 'डायल 112' पर फोन करके पुलिस को इसकी जानकारी दी। प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार शुक्ला पुलिस बल और फायर ब्रिगेड कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने चंदन से मोबाइल के जरिए बात की तो उसने अपनी पूरी दास्तान सुनाई।

सर्राफा व्यापारी के घर पर हुई थी मुलाकात

चंदन ने बताया कि मैं अल्मोड़ा का रहने वाला हूं। घर में पिता, मां के अलावा तीन बहने हैं। मैं कायमगंज में एक सर्राफा व्यापारी के पास काम करता था। उसी घर पर एक महिला खाना बनाने आया करती थी। इसी दौरान दोनों के बीच अफेयर शुरू हो गया। 6 महीने पहले महिला को अपने घर ले गया। वहां 2 महीने तक साथ रखा। उसके बाद हरियाणा ले गया था और वहां भी एक महीने साथ रहे।

महिला को एटा में छोड़कर मुंबई गया

इसके बाद महिला के कहने पर उसे एटा में उसकी बहन के घर छोड़ दिया था। तब से उसकी न तो महिला से मुलाकात हुई है और न फोन पर बात। युवक मुंबई के बांद्रा में साउथ इंडियन कुक का काम करने लगा।बुधवार रात 2 बजे युवक मुंबई से कायमगंज पहुंचा और सुबह 5 बजे टावर पर चढ़ गया।

महिला की बेटी की उम्र शादी के लायक

चंदन ने बताया कि महिला की उम्र करीब 50 साल है और उसके 4 बच्चे हैं। उसकी एक बेटी शादी के लायक है, लेकिन फिर भी वह उसी के साथ रहना चाहता है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि महिला से मुलाकात कराई जाएगी। बताया जा रहा है कि महिला अपने पति के साथ गाजियाबाद में रह रही है।

वीडियो बनाने को लगी भीड़

टावर की ऊंचाई लगभग 200 फीट होने के कारण पुलिस और रेस्क्यू टीम को काफी परेशानी हुई।पुलिसकर्मियों ने जब आश्वासन दिया कि महिला को बुलाकर मुलाकात कराई जाएगी तब चंदन नीचे उतर आया। पुलिस युवक को अपने साथ लेकर थाने चली गई। इस दौरान लोगों की भारी भीड़ लग गई।
लखनऊ की घटना के बाद फर्रुखाबाद में प्रशासन गंभीर,विशाल मेगा मार्ट को सील की कार्यवाही शुरू
ठंडी सड़क पर V मार्ट को भी प्रशासन ने किया सील
पुणे में सोनम रघुवंशी जैसा केस: बिजनेसमैन की बेटी ने प्रेमी के साथ मिलकर व्यापारी मंगेतर को 400 फीट गहरी खाई में फेंका; नवंबर में जयपुर में पैलेस में होनी थी शादी 

पुणे में इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड से मिलती-जुलती वारदात सामने आई है। यहां 26 साल के केतन विशाल अग्रवाल की उनकी मंगेतर सिया गोयल (20) और उसके बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी (22) ने मिलकर हत्या कर दी।

पुलिस का आरोप है कि दोनों ने केतन को लोहगढ़ किले से करीब 400 फीट गहरी खाई में धक्का दिया और इसे हादसा बताने की कोशिश की। केतन 18 जून को अपने मंगेतर सिया के साथ पुणे के लोहगढ़ किले पर ट्रेकिंग के लिए गए थे। बाद में उनका शव खाई से मिला।

केतन रियल एस्टेट कारोबारी थे, सिया बिजनेसमैन की बेटी

केतन पुणे जिले के गहुंजे के रहने वाले थे और परिवार के रियल एस्टेट कंपनी में डायरेक्टर थे। वहीं सिया पुणे के एक बड़े मसाला व्यापारी की बेटी है। इस साल नवंबर में राजस्थान के उदयपुर स्थित एक शाही पैलेस में दोनों की शादी होने वाली थी।

यह शादी दोनों के परिवारों ने तय की थी। घर में तैयारियां भी शुरू थीं। मेहमानों के लिए दो चार्टर्ड प्लेन की व्यवस्था भी की गई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शादी पर परिवार करीब ₹17 करोड़ खर्च करने वाला था।

महाबलेश्वर में बर्थडे पार्टी, लोहगढ़ में प्री-वेडिंग शूट का प्लान था

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केतन और सिया शादी से पहले बाली घूमने जाने वाले थे। सारी बुकिंग भी हो गई थी लेकिन सिया ने पासपोर्ट खोने की बात कहकर ट्रिप कैंसिल करा दी।

14 जून को हत्या की पहली कोशिश की, 5 दिन बाद दूसरी बार प्लानिंग

जांच में सामने आया कि सिया और उसके बॉयफ्रेंड चेतन ने 14 जून को ही लोहगढ़ किले पर केतन को मारने की योजना बनाई थी। आरोप है कि दोनों ने सांप का डर पैदा कर उसे खाई में धकेलने की कोशिश की, लेकिन प्लानिंग फेल हो गई।

केतन को भी शक नहीं हुआ। इसके बाद 19 जून को सिया ने दोबारा ट्रेकिंग का प्लान बनाया गया और केतन को किले से नीचे धक्का दे दिया गया।

चेतन से पूछताछ के बाद सिया गिरफ्तार हुई

शक के आधार पर स्थानीय क्राइम ब्रांच ने चेतन को हिरासत में लिया। उससे पूछताछ के बाद सिया गोयल को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि केतन के पिता विशाल अग्रवाल की शिकायत पर मंगलवार को हत्या और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया गया।

पुलिस अब घटनाक्रम की पूरी कड़ी जोड़ने, फोरेंसिक साक्ष्य जुटाने और यह पता लगाने में जुटी है कि साजिश में कोई और भी शामिल था या नहीं। लोहगढ़ किला मराठा साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज के इतिहास से जुड़ा हुआ है। यह महाराष्ट्र के 12 यूनेस्को विश्व धरोहर किलों में शामिल है।

केतन के माता-पिता ने फांसी देने की मांग की

केतन के पिता ने कहा- मेरी सरकार से अपील है कि इस केस को फास्ट-ट्रैक किया जाए। आरोपियों को जल्द से जल्द सजा दी जाए। उन्हें सबसे सख्त सजा मिलनी चाहिए ताकि सबको बड़ा मैसेज जाए।

केतन की मां ने कह- मेरे बेट की मौत के लिए सिया और उसका बॉयफ्रेंड जिम्मेदार हैं। सिया ने मुझे धोखा दिया और झूठ बोला। मैं सिया, उसका बॉयफ्रेंड, उसके माता-पिता और बुआ-फूफा के लिए मौत की सजा की मांग करती हूं।
अगर बिल्डिंग रेंट पर लेकर चला रहे प्रतिष्ठान तो मालिक से नक्शा और एनओसी की कॉपी अवश्य लें, अन्यथा परेशानी में पड़ सकते है
फर्रुखाबाद में कोचिंग सेंटर को लेकर बड़ा अभियान शुरू
फर्रुखाबाद में कोचिंग संस्थानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी: अग्निशमन विभाग ने चेकिंग अभियान, मानकों की अनदेखी पर दी चेतावनी

फर्रुखाबाद/फतेहगढ़ 

जनसुरक्षा और छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पुलिस अधीक्षक फतेहगढ़ और मुख्य अग्निशमन अधिकारी के निर्देश पर आज जनपद में एक बड़ा अग्नि सुरक्षा जागरूकता व निरीक्षण अभियान चलाया गया। प्रभारी अग्निशमन केंद्र फतेहगढ़ के नेतृत्व में फायर ब्रिगेड की टीम ने शहर के कई प्रमुख कोचिंग संस्थानों का औचक निरीक्षण किया और अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं को परखा।
इन प्रमुख संस्थानों में हुई चेकिंग:
स्वरूप क्लासेस (भीमसेन मार्केट, भोलेपुर)
आकाश क्लासेस (नेकपुर कला)
संकल्प ग्रुप ऑफ एजुकेशन एंड कंप्यूटर इंस्टीट्यूट (लोको रोड)
कौटिल्य एकेडमी (तलैया लाइन, फतेहगढ़)
छात्रों और स्टाफ को दिया गया व्यावहारिक प्रशिक्षण
अभियान के दौरान फायर ब्रिगेड की टीम ने न सिर्फ व्यवस्थाएं जांची, बल्कि छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और कर्मचारियों को आग लगने की स्थिति में आपातकालीन निकासी (Emergency Exit) और अग्निशमन उपकरणों (Fire Extinguishers) को चलाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया।
"अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन करना हर संस्थान की प्राथमिक जिम्मेदारी है। थोड़ी सी लापरवाही बड़े हादसे को दावत दे सकती है।" — अग्निशमन विभाग
अनदेखी करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
अग्निशमन विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि जिन कोचिंग सेंटरों या व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई जाएगी, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने सभी भवन स्वामियों से अपील की है कि वे अपने परिसरों में पर्याप्त सुरक्षा उपकरण सुनिश्चित करें।
आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर: किसी भी अप्रिय घटना या आग लगने की स्थिति में तत्काल 112 या 9454418424 पर संपर्क करें।
"सतर्कता ही सुरक्षा है, अग्नि सुरक्षा अपनाएं और दुर्घटनाओं को रोकें।"
लखनऊ की कोचिंग में आग, 15 मौतें: इनमें ज्यादातर स्टूडेंट्स, बचने के लिए बाथरूम में छिपे, दम घुटा; AC में ब्लास्ट से हादसा 

यूपी की राजधानी लखनऊ में सोमवार दोपहर 2:15 बजे एक इमारत में आग लग गई। हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 3 महिलाएं और 12 पुरुष हैं। ज्यादातर 20 से 30 साल के स्टूडेंट्स हैं।

जिस बिल्डिंग में आग लगी, वह अलीगंज इलाके में है। बेसमेंट, ग्राउंड और पहले फ्लोर पर पेट शॉप और क्लीनिक है। दूसरे फ्लोर पर लर्निंग स्पेस नाम की लाइब्रेरी (कोचिंग) और हेड हॉपर स्टूडियो है, जिसमें 3D आर्ट प्रोडक्शन और गेम एसेट आउटसोर्सिंग का काम होता है।

जानकारी के मुताबिक, आग फैलने के बाद दूसरे फ्लोर पर चल रही कोचिंग में छात्रों ने खुद को बाथरूम में बंद कर लिया था। जान बचाने के लिए जयंत नाम का एक बच्चा पहले फ्लोर से कूद गया, वहीं 5 लोग तारों के सहारे लटककर नीचे उतरे।
*3 रॉटविलर कुत्तों ने महिला को 30 जगह काटा:* कानपुर में घसीट-घसीटकर नोचा, लोग बोले- 10 मिनट और लगता तो मार डालते 

कानपुर में तीन रॉटविलर कुत्तों ने 55 साल की महिला को दौड़ा-दौड़ाकर 30 जगह काटा। उसके पूरे शरीर को बुरी तरह नोच डाला। कुत्तों से बचने के लिए महिला भागकर सड़क पर पहुंची तो कुत्तों ने यहां भी उसे घसीट लिया। महिला कांग्रेस नेता के भाई के घर अपनी सहेली के साथ किसी काम से पहुंची थी।

स्थानीय लोगों और एक डिलीवरी बॉय की बहादुरी से महिला की जान बच सकी। उसे इलाज के लिए पहले कांशीराम अस्पताल ले जाया गया, जहां हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उसे हैलट अस्पताल रेफर कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक, ये ग्रेड-3 डॉग बाइट है, जो बेहद गंभीर श्रेणी में आता है।

मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि अगर 10 मिनट और मदद नहीं मिलती तो महिला की मौके पर ही मौत हो सकती थी। घटना शनिवार शाम चकेरी थाना क्षेत्र स्थित फ्रेंड्स कॉलोनी की है। नियम के मुताबिक, रॉटविलर कुत्ते को पालने के लिए नगर निगम में रजिस्ट्रेशन कराना होता
फर्रुखाबाद में योग दिवस जारी, मंडलायुक्त, राज्यमंत्री, सांसद, विधायक डीएम एसपी सैकड़ो लोग कर रहे योग
राममंदिर चढ़ावा चोरी पर योगी बोले-अपराधी कोई हो, नहीं बचेगा: अयोध्या में कहा- 500 साल इंतजार किया, 15 दिन और कर लीजिए 

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी विवाद के बीच सीएम योगी शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे। योगी ने कहा- विपक्ष के लोग राम का नारा लगाने पर गोली चलवाते थे। इनके दोगुले चरित्र को तो देखिए। राम मंदिर बन न पाए, इसके लिए कांग्रेस ने एड़ी चोटी का जोर लगा दिया था। सुप्रीम कोर्ट में बेशर्मी के साथ कहा था कि राम तो हुए ही नहीं। वही कांग्रेस आज अयोध्या पर बहुत मचल रही है।

योगी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा-

" सपा के दोहरे चरित्र को देखो, कहती है कि राम भक्तों का अपमान हुआ है। कारसेवकों और रामभक्तों पर गोली चलवाने वाले लोग उपदेश देने चले हैं। हमने ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी जांच बैठाई। एसआईटी दूध का दूध और पानी का पानी करके रहेगी। मैं सभी से कहूंगा कि कोई भी अनर्गल टिप्पणी न करें, जो रामभक्तों को आहत करे।

योगी ने कहा- अगर किसी के पास कोई प्रूफ है तो उसे एसआईटी को दे दे। रामभक्तों से अपील है कि प्रभु श्रीराम ने मर्यादा का पाठ पढ़ाया है। 500 वर्षों तक राम मंदिर के लिए संघर्ष किया। 15 दिन और देख लो, इंतजार कर लो। चिंता मत करो। अयोध्या को बदमान करने वालों के बहकावे में न आएं। धाम को बदनाम न करें। अगर कोई अपराधी है, वह कोई भी होगा, बचेगा नहीं, यह सुनिश्चित है।
शुक्रवार को फर्रुखाबाद के दौरे पर रहेंगे प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह, एक सप्ताह में दूसरी बार फर्रुखाबाद पहुंचेंगे प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह 
भोजपुर विधानसभा के कमालगंज के मधुबन रिसोर्ट में आयोजित प्राकृतिक खेती कार्यशाला, विकास प्रदर्शनी में मुख्य अतिथि के तौर पर करेंगे प्रतिभाग
दोपहर 2:00 बजे आयोजित कार्यक्रम में होंगे सम्मिलित 
फर्रुखाबाद जनपद का मामला
फर्रुखाबाद में संवरेंगे स्ट्रीट वेंडर: DM डॉ. अंकुर लाठर ने किया निरीक्षण, बनेंगे वेंडिंग जोन, मॉडल शॉप और मल्टीलेवल पार्किंग

फर्रुखाबाद और फतेहगढ़ की बदलेगी सूरत, अतिक्रमण से मिलेगी मुक्ति

फर्रुखाबाद। जनपद की यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने, स्ट्रीट वेंडरों को बेहतर सुविधाएं देने और शहरी सौंदर्यीकरण को बढ़ावा देने के लिए जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर एक्शन मोड में नजर आ रही हैं। उन्होंने फतेहगढ़ और फर्रुखाबाद नगर क्षेत्र के विभिन्न प्रस्तावित स्थलों का स्थलीय निरीक्षण कर वेंडिंग जोन और मॉडल शॉप विकास की संभावनाओं का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए:

फतेहगढ़ कैंट व सीएमओ ऑफिस क्षेत्र: कैंट क्षेत्र, पीडब्ल्यूडी और सीएमओ कार्यालय के पास के हिस्से को सुव्यवस्थित वेंडिंग जोन के रूप में विकसित किया जाएगा। सुरक्षा और सुंदरता के लिए किनारों पर रेलिंग लगाई जाएगी।
मिशन कंपाउंड व क्रिश्चियन इंटर कॉलेज: मिशन कंपाउंड के सामने के स्ट्रीट वेंडरों का सर्वे कर 'नवयुग योजना' के तहत मॉडल शॉप विकसित करने की कार्ययोजना बनेगी। क्रिश्चियन इंटर कॉलेज मैदान के सामने भी वेंडरों के लिए स्वच्छ और स्थायी मॉडल शॉप बनाई जाएगी।

लाल सराय में मल्टीलेवल पार्किंग: लाल सराय क्षेत्र में स्थित नजूल भूमि का उपयोग मल्टीलेवल पार्किंग और सब्जी विक्रेताओं के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त वेंडिंग जोन बनाने में किया जाएगा।

इन परियोजनाओं से शहर को अतिक्रमण और जाम से मुक्ति मिलेगी। सभी अधिकारी समयबद्ध ढंग से, गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ इन योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।
इस निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सहित संबंधित विभागों के तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे।
आगरा में बहन के हत्यारे भाई को फांसी की सजा: पैतृक संपत्ति में हिस्सा मांग रही थी; सिर और सीने में मारी थीं 6 गोलियां 

आगरा में संपत्ति विवाद में सगी बहन की गोली मारकर हत्या करने वाले भाई को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। एडीजे-5 मृदुल दुबे की कोर्ट ने गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी ललित उर्फ निक्कू चौधरी को दोषी करार देते हुए यह फैसला सुनाया।

घटना नवंबर, 2022 में शाहगंज क्षेत्र में हुई थी। अविवाहित छोटी बहन भाई से प्रॉपर्टी में हिस्सा मांग रही थी। इसको लेकर हुए झगड़े के दौरान भाई ने तैश में आकर गोली मार दी थी।

शाहगंज थाना क्षेत्र के जोगी पाड़ा गांव में यतेंद्र चौधरी का मकान है। उनके दो बेटे रूपेश चौधरी व ललित उर्फ निक्कू चौधरी, 2 बेटियां दीपा और सबसे छोटी पूनम थीं। दीपा की शादी हो चुकी है और वह अपने ससुराल में रहती है।

यतेंद्र और उनके बड़े बेटे रूपेश चौधरी की मौत हो चुकी थी। इसके बाद छोटी बेटी पूनम और रूपेश चौधरी की पत्नी नीलू चौधरी, ललित से पैतृक संपत्ति में अपना हिस्सा मांग रही थीं। इसी बात को लेकर परिवार में झगड़ा चल रहा था।

कहासुनी के बाद 7 राउंड फायरिंग कर दी

26 नवंबर, 2022 की सुबह इसी विवाद को लेकर ललित का नीलू और पूनम से झगड़ा हो गया। इस दौरान नीलू चौधरी ने ललित की दुकान पर ताला लगा दिया। वहीं, पूनम चौधरी पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना रही थी। तभी ललित उर्फ निक्कू वहां पहुंच गया और पूछने लगा कि दुकान पर ताला क्यों लगा रही हो?

इस पर पूनम ने कहा कि यह उनका हक है। तुम दुकान किराए पर दे देते हो, लेकिन हमें कुछ नहीं देते। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी बढ़ गई। विवाद बढ़ने पर ललित ने तमंचा निकाल लिया, पूनम और नीलू पर ताबड़तोड़ 7 राउंड फायरिंग कर दी।

बहन की मौके पर मौत, भाभी घायल हो गई थी

फायरिंग में पूनम चौधरी के सिर और सीने में 6 गोलियां लगीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं, एक गोली नीलू चौधरी के बाजू में लगी, जिससे वह घायल हो गईं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आरोपी ललित उर्फ निक्कू मौके से भाग गया था।

घायल नीलू चौधरी ने शाहगंज थाने में शिकायत देकर ललित के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने 28 नवंबर, 2022 को मुठभेड़ के बाद आरोपी ललित उर्फ निक्कू चौधरी को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद उसे जेल भेज दिया गया था।

गवाहों और सबूतों के आधार पर दोषी करार

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्य अदालत में पेश किए। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को पर्याप्त मानते हुए ललित उर्फ निक्कू चौधरी को दोषी करार दिया। इसके बाद अपर जिला जज की अदालत ने उसे फांसी की सजा सुनाई
एसपी आरती सिंह ने 28 लाख रुपए के 125 फोन बांटे, महीने पहले खोए फोन पाकर खिल उठे चेहरे, थैक्यू फतेहगढ़ पुलिस बोल किया आभार

फर्रुखाबाद पुलिस ने 28 लाख रुपये मूल्य के 125 खोए हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। सोमवार को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित एक प्रेस वार्ता में एसपी आरती सिंह ने यह जानकारी दी। इस दौरान बरामद मोबाइल फोन उनके मालिकों को वापस सौंपे गए।

ये मोबाइल फोन जनपद के विभिन्न लोगों के थे, जिनकी गुमशुदगी की शिकायतें पीड़ितों ने पोर्टल के माध्यम से दर्ज कराई थीं। पुलिस की सर्विलांस टीम ने इन शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए इन फोनों को ट्रैक कर बरामद किया।बरामद किए गए कुल 125 मोबाइल फोन की अनुमानित कीमत 28 लाख रुपये है। सोमवार को पीड़ितों को पुलिस लाइन में बुलाया गया, जहां एसपी ने व्यक्तिगत रूप से उनके फोन वापस किए। कई पीड़ितों के मोबाइल 6 महीने से लेकर 1 साल पहले तक खो गए थे।

एसपी आरती सिंह ने बताया कि फतेहगढ़ पुलिस द्वारा बरामद किए गए ये 125 मोबाइल फोन आज सभी को लौटाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि सभी खोए हुए मोबाइल फोन समय रहते उनके मालिकों को वापस मिल सकें।
पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति को मार डाला: बागपत में खीर में नींद की गोली खिलाई, फिर गला दबाया; 15 साल पहले हुई थी शादी 

बागपत में एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या कर दी। उसने पहले पति को खीर में नींद की गोली मिलाकर खिला दी। फिर पति के बेहोश होने पर प्रेमी को घर पर बुला लिया। इसके बाद दोनों ने मिलकर पति को गला दबाकर मार डाला।

हत्या करने के बाद पत्नी ने पति की मौत की वजह हार्ट अटैक बताकर रोने का नाटक करने लगी। लेकिन, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण गला दबाना आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। घर के आसपास के सीसीटीवी चेक किए।

इसमें पुलिस को एक संदिग्ध युवक दिखाई दिया। पुलिस ने रविवार को जब पत्नी से युवक के बारे में पूछताछ की तो वो घबरा गई और सारा सच उगल दिया। इसके बाद पुलिस ने पत्नी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मामला कोतवाली क्षेत्र का है।

नौरोजपुर गुर्जर गांव में रहने वाले सचिन की शादी 15 साल पहले रचना से हुई थी। दोनों के 2 बच्चे (एक बेटा और एक बेटी) हैं। करीब 11 महीने पहले रचना की इंस्टाग्राम पर सोनू नाम के युवक से जान-पहचान हो गई। सोनू बागपत के रनछाड़ गांव का रहने वाला है। उसके और रचना के घर के बीच की दूरी 30 किलोमीटर है।

धीरे-धीरे रचना और सोनू के बीच अफेयर शुरू हो गया। सोनू रचना के घर भी आने-जाने लगा। पत्नी के अफेयर की बात सचिन को भी पता चल गई। उसने रचना को यह सब करने से मना किया। लेकिन, रचना उसकी बात सुनने को तैयार नहीं थी।

खीर में नींद की गोलियां मिलाकर खिलाई

इसके बाद सचिन और रचना के बीच झगड़ा बढ़ने लगा और मारपीट होने लगी। बात जब हद से ज्यादा बढ़ गई, तो रचना ने सचिन को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया। यह बात उसने अपने प्रेमी सोनू को बताई। इसके बाद 12 जून (शुक्रवार) की रात रचना ने घर में खीर बनाई। जो खीर उसने सचिन को खाने के लिए दी, उसमें नींद की गोलियां मिला दीं।

खीर खाते ही सचिन गहरी नींद में सो गया। इसके बाद रचना ने अपने प्रेमी सोनू को घर बुलाया। फिर दोनों ने मिलकर सचिन का गला घोंट दिया। रात भर दोनों सचिन की लाश के साथ ही रहे। 13 जून की सुबह रचना चीखने-चिल्लाने लगी। उसने बताया कि पति की हार्ट अटैक से मौत हो गई है।

लेकिन, परिवारवालों ने शक होने पर पुलिस बुला ली। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। रविवार को जब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आई, तो उसमें मौत की वजह गला घोंटना निकली। इसके बाद पुलिस ने रचना के घर के आसपास लगे सीसीटीवी खंगाले। इसमें पुलिस को सोनू दिख गया। पुलिस ने जब रचना से सोनू के बारे में पूछा, तो वह घबरा गई। उसने पति सचिन की हत्या करने की बात कबूल कर ली।

पत्नी बोली- पति को मेरे और सोनू के संबंधों का पता चल गया था

पुलिस को रचना ने बताया- मैं और सोनू मिलने वाले थे। इस बात का पता सचिन को पता चल गया था। फोन पर मेरी सोनू से बात हुई। उसी ने मुझे नींद की गोली देने के लिए बोला था। मैं सचिन के साथ ही बाहर गई थी। चोरी से मैंने मेडिकल स्टोर से नींद की गोली खरीद ली थी।

फिर रात में खीर बनाकर उसमें गोली मिलाकर सचिन को खिला दी। सचिन के बेहोश होने के बाद सोनू को घर के अंदर बुला लिया। फिर उसकी हत्या कर दी। उसके बाद मैं सो गई। सचिन का भाई नवीन घर के पड़ोस में ही रहता है। सुबह होने के बाद उसको फोन पर सचिन की मौत के बारे में बताया।

भाई ने बुलाई पुलिस, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से हुआ खुलासा

सचिन के भाई नवीन ने बताया- भाई की बॉडी देखने के बाद मुझे कुछ शक हुआ। भाई के गले पर निशान दिख रहा था। मेरा भाई किसान था और उसका बीमा भी था। मैंने पुलिस बुला ली। पुलिस ने भाई के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। रिपोर्ट में उसकी हत्या होने की बात सामने आई।
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'मां, अगली बार आऊंगा तो शादी की बात पक्की करूंगा': ड्यूटी पर जाने से पहले किया था वादा, असम विमान क्रैश में अलीगढ़ के जवान की मौत 

मां, अपना ध्यान रखना। अगली बार छुट्टी पर आऊंगा तो बैठकर शादी की बात पक्की करेंगे। अभी लड़की देख ली है। ये आखिरी शब्द थे अलीगढ़ के जितेंद्र शर्मा के। असम में विमान क्रैश में अलीगढ़ के जितेंद्र शर्मा की मौत की खबर से बूढ़ी मां बेखबर है। भाइयों को 12 साल पहले पिता की मौत के बाद से डर है कि मां कहीं ये सदमा न बर्दाश्त कर पाए।

जितेंद्र एयरफोर्स में सार्जेंट थे। उन्होंने 5 दिन पहले ही छुट्टी के बाद ड्यूटी जॉइन की थी। दरअसल, शनिवार सुबह 10 बजे भारतीय वायुसेना का AN-32 परिवहन विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में जितेंद्र के साथ 4 और लोगों की मौत हो गई थी। जितेंद्र का पार्थिव शरीर रविवार देर शाम तक आने की संभावना है।

अलीगढ़ के टप्पल इलाके के सालपुर गांव के रहने वाले जितेंद्र शर्मा (31) 7 भाई-बहन थे। वह अपने घर में सबसे छोटे थे। अभी घर में उनकी मां राजेश्वरी देवी के अलावा 2 बड़े भाई रमाकांत और भूपेंद्र रहते हैं। जितेंद्र का भारतीय वायुसेना में 1 जनवरी, 2015 को सिलेक्शन हुआ था। करीब 11 साल तक उन्होंने राष्ट्र सेवा की।

जितेंद्र के पिता करुआ शर्मा का 12 साल पहले निधन हो गया था। पिता के निधन के बाद मां राजेश्वरी देवी ने सभी बच्चों का पालन-पोषण किया। घरवालों ने बताया-जितेंद्र हाल ही में छुट्टी लेकर गांव आए थे। 5 जून को वह ड्यूटी पर लौटे थे। घर में उनकी शादी को लेकर बातचीत चल रही थी। उन्होंने शादी के लिए लड़की भी देखी थी। परिवार जल्द ही विवाह की तैयारियां शुरू करने वाला था, लेकिन इससे पहले ही हादसे में उनकी मौत हो गई।

72 वर्षीय बूढ़ी मां से छिपाया गया है कलेजे के टुकड़े का गम

जितेंद्र के बड़े भाई भूपेंद्र शर्मा ने कहा- मां पूछती है-आज जितेंद्र का फोन क्यों नहीं आया। तो मैंने कहा- वह जहाज पर ड्यूटी पर हैं, इसलिए व्यस्त हैं। मां राजेश्वरी देवी (72) को गहरे सदमे से बचाने के लिए पूरे गांव ने मिलकर इस दुखद खबर को उनसे छिपा रखा है। घर के भीतर महिलाओं के जाने पर रोक लगा दी गई है ताकि मां को भनक न लग सके।

चारों बहनें अपने-अपने घरों में सिसक रही हैं। उनका बस एक ही दर्द है- हम खुद को कैसे संभालें, कितनी देर अपने आंसू रोकें और मां को कैसे बताएं कि उनका लाडला अब इस दुनिया में नहीं रहा।

भाई को दूल्हा देखने का सपना रह गया अधूरा

बड़े भाई रमाकांत भारद्वाज ने बताया- अलीगढ़ की ही एक युवती से जितेंद्र के शादी की बात चल रही थी, जो चंडीगढ़ में प्रोफेसर हैं और एएमयू की छात्रा रही हैं। लंबे समय बाद जितेंद्र ने शादी के लिए हां की थी, जिससे पूरे परिवार में उत्साह था।

चारों बहनें इस बात से बेहद उत्साहित थीं कि वे अपने भाई को दूल्हे के रूप में देखेंगी और बारात धूमधाम से निकालेंगी, लेकिन बहनों का भाई के सिर पर सेहरा सजाने का सपना अब हमेशा के लिए अधूरा रह गया।
थाने में बेटी की हत्या, लव-मैरिज से नाराज था पिता: बांदा में समझाया था- दूसरी जाति का लड़का है, बदनामी होगी; खून देख मां बेहोश 

बांदा में एक पिता ने अपनी 19 साल की बेटी की थाने के अंदर चाकू मारकर हत्या कर दी। वह बेटी के लव मैरिज करने से नाराज था। बेटी ने 18 मई को मोहल्ले के ही रहने वाले एक लड़के के साथ भागकर शादी कर ली थी।

पुलिस शुक्रवार को लड़की और उसके प्रेमी को मध्यप्रदेश से बरामद कर थाने लाई थी। मां-बाप को भी थाने बुलाया गया था। इसी दौरान पिता अपनी बेटी को समझा रहा था, जिसके साथ तुमने शादी की है, वह दूसरी बिरादरी का है। समाज में बड़ी बदनामी हो रही है। लेकिन लड़की अपने प्रेमी के साथ रहने की जिद पर अड़ी थी। तभी पिता ने बेटी पर चाकू से हमला कर दिया।

यह देख लड़की की मां बेहोश हो गई। चीख सुनकर पुलिसवाले मौके पर पहुंचे और लड़की को अस्पताल गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने पिता को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामला जिला मुख्यालय से 43 किमी दूर बदौंसा थाने का है।

चार साल से अफेयर था, 18 मई को कोर्ट मैरिज की

बदौसा थाना क्षेत्र के इंद्रा कॉलोनी के रहने वाले सत्यकुमार चौहान (55) की दो बेटियां पूनम (24), शिवानी (19) और एक बेटा सत्यवान चौहान (29) है। बड़ी बेटी पूनम की शादी हो चुकी है। वह अपने ससुराल में रहती हैं। बेटा सत्यवान सूरत में एक फैक्ट्री में काम करता है। सत्यकुमार की पत्नी रन्नो देवी (53) गृहिणी हैं।

पुलिस के अनुसार, सत्यकुमार की छोटी बेटी शिवानी का गांव के ही एक लड़के ललित वर्मा (20) से चार साल से अफेयर था। 18 मई को शिवानी ने ललित के साथ भागकर पहले मंदिर और फिर रजिस्ट्रार कार्यालय में शादी कर ली थी। शिवानी के भागने के बाद उसकी मां रन्नो देवी ने थाने में ललित के खिलाफ शिकायत दी थी।

दोनों 18 मई से ही लापता थे। पुलिस दोनों की तलाश कर रही थी। शुक्रवार को पुलिस को दोनों के मध्य प्रदेश सतना जिले के बरौंधा घाटी क्षेत्र से होने की सूचना मिली। इसके बाद एमपी पुलिस से संपर्क करके दोनों को बरामद किया गया और उन्हें बदौंसा थाने लाया गया। इसके बाद दोनों के परिवार वालों को इसकी सूचना दी गई।

काउंसलर ने अकेले में बात करने के लिए टाइम दिया था शिवानी और ललित के परिवार वाले थाने पहुंचे। पुलिस ने पहले तो परिवार के साथ मिलकर दोनों से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान दोनों ने अपनी मर्जी से शादी करने की बात कही और विवाह से संबंधित दस्तावेज भी पुलिस को दिखाए। पुलिस शिवानी के मेडिकल और 164 के तहत बयान दर्ज कराने की तैयारी कर रही थी।

इसी दौरान काउंसलर ने शिवानी, उसके पिता सत्यकुमार और मां रन्नो देवी को अकेले में बात करने के लिए कहा। तीनों एक कमरे में गए और वहां पर सत्यकुमार अपनी बेटी को समझाने लगा कि ललित दूसरे जाति का लड़का है। इसकी वजह से समाज में उसकी बदनामी हो रही है। तुम उसे तलाक दे दो।

बेटी अपने पिता से बोली- अब ललित के साथ जीना और मरना

तीनों बात कर ही रहे थे कि बेटी ने कहा- मैं ललित को नहीं छोडूंगी, मैंने उससे शादी कर ली है। अब वह मेरा पति है, उसी के साथ जीना है और मरना है। काउंसलिंग की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी। बयान भी दर्ज कर लिए गए थे। इसके बाद लड़की को वन स्टॉप सेंटर भेजा जाना था।

इस दौरान वहां 15 से 20 लोग मौजूद थे। इनमें लड़की की मां, लड़के का भाई और दोनों पक्षों के अन्य लोग शामिल थे। इसी दौरान लड़की के पिता ने अचानक सबके सामने चाकू निकाल लिया। देखते ही देखते उन्होंने 3 से 4 सेकंड के भीतर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए।

घटना के तुरंत बाद वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने आरोपी को पकड़ लिया। गंभीर रूप से घायल शिवानी को तत्काल अतर्रा सीएचसी पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे बांदा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं, अपनी आंखों के सामने ऐसा मंजर देखकर शिवानी की मां बेहोश हो गई।
योगी बोले- अखिलेश की बेटी पर गलत टिप्पणी बर्दाश्त नहीं: बेटी, बेटी होती है...सपा प्रमुख अपने चेलों को समझाएं, वरना हमारे हवाले कर दें 

सीएम योगी ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव की बेटी अदिति पर आपत्तिजनक टिप्पणी पर पहली बार प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आजमगढ़ में शनिवार को कहा-बेटी, बेटी होती है और उसका सम्मान होना चाहिए। मैं पिछले दिनों देख रहा था कि सपा प्रमुख की बेटी के खिलाफ कुछ लोगों ने गलत टिप्पणी की थी। मैंने तत्काल पुलिस से कहा कि FIR दर्ज करो। बेटी के खिलाफ कोई भी अपमानजनक टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा-

" हम तो उस संस्कार में पले-बढ़े हैं, जहां कहा जाता है कि गांव की बेटी सबकी बेटी होती है, गांव की बहन सबकी बहन होती है। हमने कोई भेदभाव नहीं किया। अखिलेश जी दूसरों को उपदेश देते हो, तो अपने चेलों-चपाटों को भी उपदेश दे दो कि अपनी भाषा पर थोड़ा संयम रखें। टिप्पणी करने से पहले खुद भी सोच लिया करें।

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योगी ने कहा- सपा के लोग बहनों, दिवंगत लोगों, वरिष्ठ नेताओं, बेटियों और बुजुर्गों के प्रति किस प्रकार की भाषा का इस्तेमाल करते हैं। अखिलेश जी उन्हें समझाइए। अगर नहीं समझते हैं, तो हमारे हवाले कर दीजिए, हम उन्हें समझा देंगे।

सीएम योगी ने आजमगढ़ में 955 करोड़ की 39 विकास परियोजनाओं का लोकापर्ण और शिलान्यास भी किया। मंच पर मंत्री राजभर भी मौजूद रहे।

अदिति यादव (23) को लेकर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने के मामले में गुरुवार को कानपुर-प्रतापगढ़ में FIR दर्ज हुई। कानपुर में अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय सचिव प्रवीण यादव की शिकायत पर भरत पटेल, नागेश्वर सिंह बघेल और विनोद यादव के खिलाफ केस दर्ज हुआ।

इसके अलावा प्रतापगढ़ में सपा के महासचिव अब्दुल कादिर जिलानी की तहरीर पर शीतला सुजान कवि नाम की आईडी पर मुकदमा दर्ज हुआ। चारों पर आरोप है कि इन लोगों ने सोशल मीडिया पर अदिति के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट की। इससे समाज में अखिलेश यादव और उनके परिवार की छवि धूमिल हुई। इसलिए इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
जज ने पूछा-छूटोगे तो क्या करोगे, बोला- हत्या करूंगा: गाजीपुर कोर्ट ने 4 साल के भांजे के हत्यारे मामा को फांसी की सजा सुनाई, कहा- मरते दम तक लटकाना 

गाजीपुर में 4 साल के भांजे की गला काटकर हत्या करने वाले मामा अमजद खान को अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है। पीड़ित पक्ष के वकील अखिलेश सिंह ने बताया, गुरुवार को फैसला सुनाने से पहले जज शक्ति सिंह ने हत्यारे मामा से पूछा- अगर तुमको छोड़ दिया गया तो क्या करोगे? दोषी अमजद खान बोला- अगर कोई मुझसे उलझेगा तो मैं उसकी भी हत्या कर दूंगा।

अमजद का जवाब सुनकर जज शक्ति सिंह हैरान रह गए। उन्होंने फिर पूछा- तुम्हें तुम्हारे किए पर कोई पछतावा है? दोषी मामा बोला- बिल्कुल नहीं....। जज शक्ति सिंह ने कहा- इसको तब तक फांसी पर लटकाओ, जब तक इसकी मौत न हो जाए। फैसला सुनाने के बाद जज ने अपने पेन की निब तोड़ दी।

मां ने अपने बच्चे की हत्या होते देखी, दर्द को बयां नहीं किया जा सकता

जज शक्ति सिंह ने फैसला सुनाते ही टिप्पणी की। कहा,

" बच्चे की उम्र महज 4 साल थी। इस उम्र में बच्चा दुनिया की भलाई-बुराई के विषय में कुछ नहीं जानता था। बच्चे की हत्या करते समय क्रूरता की सारी हदें पार कर दी गई थीं। मां ने अपने भाई के हाथों ही अपने बच्चे की हत्या होते देखी है। इस दर्द को शब्दों में बयां नहीं जा सकता।

अदालत के फैसले के बाद पुलिस ने अमजद को पुलिस ने जेल भेज दिया है। उस वक्त भी उसके चेहरे पर कोई पछतावा नहीं था। वह किसी शातिर अपराधी की तरह लोगों को घूर-घूरकर देखता रहा।

भांजे का सिर गर्दन से लटक गया था

पीड़ित पक्ष के वकील अखिलेश सिंह ने बताया, दोषी मामा को फांसी की सजा सुनाई गई है। उसने अपने 4 साल के भांजे की गला काटकर हत्या कर दी थी। सिर महज 4 इंच ही गर्दन से जुड़ा हुआ था। मामूली विवाद में दोषी अमजद ने घटना को अंजाम दिया था।

बहन से हुआ था मामूली विवाद

घटना 21 अक्टूबर 2021 की है। 4 साल का दानियाल खान अपनी मां शबाना नाज के साथ गहमर कोतवाली क्षेत्र के बारा गांव में अपने ननिहाल आया था। इसी दौरान आरोपी अमजद खान का अपनी बड़ी बहन से किसी बात को लेकर मामूली विवाद हो गया। जिसके बाद गुस्से में अमजद ने मासूम भांजे दानियाल की गर्दन को चाकू से काट दिया था। बच्चे की मां मौके पर ही मौजूद थी।

बहनों और भाई ने अमजद के खिलाफ गवाही दी दानियाल के चाचा अरबाज खान ने गहमर थाने में धारा 302 के तहत एफआईआर दर्ज कराई थी। एडीजीसी क्रिमिनल अखिलेश सिंह ने बताया कि मुकदमे के दौरान कुल 9 गवाहों की गवाही हुई। जिनमें आरोपी की तीन सगी बहनें और एक भाई भी शामिल थे। सभी साक्ष्यों और गवाहियों के आधार पर अदालत ने अमजद खान को दोषी करार दिया है।