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Anshul Singh

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पत्नी ने स्कूल मालिक पति को सांप से डसवाकर मारा: आधी रात बिस्तर पर सांप छोड़ा, लव-मैरिज की थी; मेरठ में शादीशुदा वैन ड्राइवर से अफेयर था 
 

मेरठ में स्कूल संचालक की पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति को सांप से डसवाकर मरवा दिया। वजह यह है कि पत्नी स्कूल के वैन ड्राइवर से प्यार करती थी। दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन पति बीच में रोड़ा बन रहा था। इसलिए दोनों ने सपेरों से 5 लाख रुपए में जहरीले सांप से हत्या की डील तय की।

गुरुवार रात पत्नी ने पति अतुल कुमार (32) को दूध में नींद की गोलियां मिलाकर पिला दीं। अतुल के सोने के बाद प्रेमी सपेरों के साथ घर पहुंचा और कमरे में जहरीला सांप छोड़ दिया। शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे पत्नी कमरे में पहुंची और चीखने लगी। उसने परिजनों से कहा कि अतुल को सांप ने डस लिया है।

कमरे में सांप मौजूद था और अतुल के पैर पर डसने के निशान भी थे, इसलिए सभी ने इसे हादसा माना। परिजन उन्हें अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मामला तब पलटा, जब पूछताछ में पत्नी दामिनी (30) ने बताया कि वह रात करीब 2 बजे ही कमरे से बाहर चली गई थी। उसके बयान पर परिजनों को शक हुआ और उन्होंने पुलिस को सूचना दे दी।

7 साल पहले लव मैरिज की, फिर परिवार से अलग रहने लगे

अतुल कुमार बहसूमा थाना क्षेत्र के भंडोरा गांव के रहने वाले थे। वह तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। पिता अजब सिंह (72) खेती-किसानी करते हैं, जबकि मां संतोष देवी (69) गृहिणी हैं। बड़े भाई कुलदीप सेना से रिटायर हैं और पत्नी-बच्चों के साथ बहसूमा में रहते हैं। दूसरे भाई मनदीप ने चार साल पहले फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।

करीब सात साल पहले अतुल ने परिवार के खिलाफ जाकर दामिनी से लव मैरिज की थी। पहले वह एक कंप्यूटर कंपनी में प्राइवेट नौकरी करते थे। चार साल पहले नौकरी छोड़कर उन्होंने कृष्ण किड्स प्ले स्कूल खोला, जिसे वह पत्नी के साथ मिलकर चलाते थे। स्कूल में नर्सरी से कक्षा 5 तक की पढ़ाई होती है और करीब 150 बच्चे पढ़ते हैं।

अतुल के पिता अजब सिंह ने बताया कि दामिनी की परिवार से नहीं बनती थी। उसने कहा था कि किसी पुरोहित ने चार साल तक परिवार से अलग रहने की सलाह दी है। इसके बाद अतुल हस्तिनापुर में किराए के मकान में पत्नी दामिनी (30) और 6 साल के बेटे के साथ रहने लगे।

सांप से डसवाने से पहले कार से टक्कर भी मरवाई थी

पुलिस के मुताबिक, दो साल पहले तुषार ने अतुल के स्कूल में वैन ड्राइवर की नौकरी शुरू की। इसी दौरान उसकी दामिनी से नजदीकियां बढ़ गईं और दोनों के बीच प्रेम-प्रसंग शुरू हो गया। दोनों शादी करना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने अतुल को रास्ते से हटाने और 20 लाख रुपए की बीमा राशि हासिल करने की साजिश रची। योजना थी कि हत्या के बाद तुषार अपनी पत्नी को तलाक देगा और दोनों नई जिंदगी शुरू करेंगे।

जांच में पता चला कि दामिनी पिछले एक साल से पति की हत्या की साजिश रच रही थी। कुछ दिन पहले अतुल को एक अर्टिगा कार से टक्कर भी मारी गई थी, लेकिन दामिनी ने उस मामले में मुकदमा दर्ज कराने से मना कर दिया। पुलिस के अनुसार, वह लंबे समय से अतुल के खाने में नशीली गोलियां भी मिला रही थी। अतुल को इस बात का शक हो गया था। उन्होंने अपनी मां से भी इसकी शिकायत की थी। इसी वजह से उनकी तबीयत कई बार बिगड़ी और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

साजिशें नाकाम हुईं तो सांप से डसवाया

पुलिस के मुताबिक, पहले की कोशिशें नाकाम होने पर दामिनी और तुषार ने सांप से डसवाकर हत्या की साजिश रची। तुषार दामिनी को अपने सपेरे दोस्त सोनू और उदय के पास ले गया। दोनों सपेरों से 5 लाख रुपए में डील तय हुई। गुरुवार को दामिनी और तुषार ने बाजार से नींद की गोलियां खरीदीं और अतुल के खाने में मिला दीं।

रात में अतुल के सोने के बाद तुषार ने सोनू और उदय को बुलाया। आरोप है कि उन्होंने जहरीले सांप से अतुल को डसवाया और सांप को कमरे में छोड़कर चले गए। शुक्रवार सुबह अतुल मृत मिले। दामिनी ने परिजनों से कहा कि गर्मी के कारण वह बेटे के साथ दूसरे कमरे में सो गई थी। सुबह चाय लेकर कमरे में पहुंची तो अतुल अचेत पड़े मिले।

प्रेमी के मोबाइल में मिली सांप की फोटो, सख्ती पर कबूला जुर्म

एसएसपी अविनाश पांडेय ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। शुरुआत से ही दामिनी सांप के काटने से मौत होने की बात कह रही थी। हालांकि, सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और पूछताछ में उसके और स्कूल के वैन ड्राइवर तुषार पायला के प्रेम-प्रसंग का पता चला।

तुषार को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। उसके मोबाइल में डिब्बे में बंद सांप की फोटो मिली, जो घटनास्थल पर मिले सांप से मेल खाती थी। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने दो सपेरों की मदद से सांप खरीदकर हत्या की साजिश रचने की बात कबूल कर ली।
इश्क में 'नागिन' बनी पत्नी: पति को नींद की गोली दी, फिर प्रेमी संग मिलकर जहरीले सांप डसवा ली पति की जान,मेरठ की घटना 

मेरठ में स्कूल संचालक की पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति को सांप से डसवाकर मरवा दिया। वजह यह है कि पत्नी स्कूल के वैन ड्राइवर से प्यार करती थी। दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन पति बीच में रोड़ा बन रहा था। इसलिए दोनों ने सपेरों से 5 लाख रुपए में जहरीले सांप से हत्या की डील तय की।

गुरुवार रात पत्नी ने पति अतुल कुमार (32) को दूध में नींद की गोलियां मिलाकर पिला दीं। अतुल के सोने के बाद प्रेमी सपेरों के साथ घर पहुंचा और कमरे में जहरीला सांप छोड़ दिया। शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे पत्नी कमरे में पहुंची और चीखने लगी। उसने परिजनों से कहा कि अतुल को सांप ने डस लिया है।

कमरे में सांप मौजूद था और अतुल के पैर पर डसने के निशान भी थे, इसलिए सभी ने इसे हादसा माना। परिजन उन्हें अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मामला तब पलटा, जब पूछताछ में पत्नी दामिनी (30) ने बताया कि वह रात करीब 2 बजे ही कमरे से बाहर चली गई थी। उसके बयान पर परिजनों को शक हुआ और उन्होंने पुलिस को सूचना दे दी।

7 साल पहले लव मैरिज की, फिर परिवार से अलग रहने लगे

अतुल कुमार बहसूमा थाना क्षेत्र के भंडोरा गांव के रहने वाले थे। वह तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। पिता अजब सिंह (72) खेती-किसानी करते हैं, जबकि मां संतोष देवी (69) गृहिणी हैं। बड़े भाई कुलदीप सेना से रिटायर हैं और पत्नी-बच्चों के साथ बहसूमा में रहते हैं। दूसरे भाई मनदीप ने चार साल पहले फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।

करीब सात साल पहले अतुल ने परिवार के खिलाफ जाकर दामिनी से लव मैरिज की थी। पहले वह एक कंप्यूटर कंपनी में प्राइवेट नौकरी करते थे। चार साल पहले नौकरी छोड़कर उन्होंने कृष्ण किड्स प्ले स्कूल खोला, जिसे वह पत्नी के साथ मिलकर चलाते थे। स्कूल में नर्सरी से कक्षा 5 तक की पढ़ाई होती है और करीब 150 बच्चे पढ़ते हैं।

अतुल के पिता अजब सिंह ने बताया कि दामिनी की परिवार से नहीं बनती थी। उसने कहा था कि किसी पुरोहित ने चार साल तक परिवार से अलग रहने की सलाह दी है। इसके बाद अतुल हस्तिनापुर में किराए के मकान में पत्नी दामिनी (30) और 6 साल के बेटे के साथ रहने लगे।

सांप से डसवाने से पहले कार से टक्कर भी मरवाई थी

पुलिस के मुताबिक, दो साल पहले तुषार ने अतुल के स्कूल में वैन ड्राइवर की नौकरी शुरू की। इसी दौरान उसकी दामिनी से नजदीकियां बढ़ गईं और दोनों के बीच प्रेम-प्रसंग शुरू हो गया। दोनों शादी करना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने अतुल को रास्ते से हटाने और 20 लाख रुपए की बीमा राशि हासिल करने की साजिश रची। योजना थी कि हत्या के बाद तुषार अपनी पत्नी को तलाक देगा और दोनों नई जिंदगी शुरू करेंगे।

जांच में पता चला कि दामिनी पिछले एक साल से पति की हत्या की साजिश रच रही थी। कुछ दिन पहले अतुल को एक अर्टिगा कार से टक्कर भी मारी गई थी, लेकिन दामिनी ने उस मामले में मुकदमा दर्ज कराने से मना कर दिया। पुलिस के अनुसार, वह लंबे समय से अतुल के खाने में नशीली गोलियां भी मिला रही थी। अतुल को इस बात का शक हो गया था। उन्होंने अपनी मां से भी इसकी शिकायत की थी। इसी वजह से उनकी तबीयत कई बार बिगड़ी और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

साजिशें नाकाम हुईं तो सांप से डसवाया

पुलिस के मुताबिक, पहले की कोशिशें नाकाम होने पर दामिनी और तुषार ने सांप से डसवाकर हत्या की साजिश रची। तुषार दामिनी को अपने सपेरे दोस्त सोनू और उदय के पास ले गया। दोनों सपेरों से 5 लाख रुपए में डील तय हुई। गुरुवार को दामिनी और तुषार ने बाजार से नींद की गोलियां खरीदीं और अतुल के खाने में मिला दीं।

रात में अतुल के सोने के बाद तुषार ने सोनू और उदय को बुलाया। आरोप है कि उन्होंने जहरीले सांप से अतुल को डसवाया और सांप को कमरे में छोड़कर चले गए। शुक्रवार सुबह अतुल मृत मिले। दामिनी ने परिजनों से कहा कि गर्मी के कारण वह बेटे के साथ दूसरे कमरे में सो गई थी। सुबह चाय लेकर कमरे में पहुंची तो अतुल अचेत पड़े मिले।

प्रेमी के मोबाइल में मिली सांप की फोटो, सख्ती पर कबूला जुर्म

एसएसपी अविनाश पांडेय ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। शुरुआत से ही दामिनी सांप के काटने से मौत होने की बात कह रही थी। हालांकि, सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और पूछताछ में उसके और स्कूल के वैन ड्राइवर तुषार पायला के प्रेम-प्रसंग का पता चला।

तुषार को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। उसके मोबाइल में डिब्बे में बंद सांप की फोटो मिली, जो घटनास्थल पर मिले सांप से मेल खाती थी। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने दो सपेरों की मदद से सांप खरीदकर हत्या की साजिश रचने की बात कबूल कर ली।
12 साल के बच्चे को मगरमच्छ जिंदा खा गया, VIDEO: बहराइच में पैर जबड़े में दबाकर खींच ले गया, बच्चा तड़पता रहा...चाचा चिल्लाते रह गए 

यूपी के बहराइच से रोंगटे खड़े करने वाली घटना सामने आई है। यहां मगरमच्छ 12 साल के बच्चे को जिंदा खा गया। धान की रोपाई करने के बाद बच्चा नदी में हाथ-पैर धोने गया था, तभी मगरमच्छ ने उस पर हमला कर दिया। उसे जबड़े में दबोच लिया। बच्चे ने खुद को छुड़ाने के लिए हाथ-पैर मारे।

उसके चाचा और ग्रामीणों ने भी ईंट-पत्थर फेंककर उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन मगरमच्छ ने उसे छोड़ा नहीं। उसने दो-तीन बार बच्चे को उछालकर पानी में पटका, फिर गहरे पानी में खींच ले गया। देखते ही देखते बच्चे के आधे शरीर को निगल लिया। 5 घंटे बाद ग्रामीणों ने बच्चे का शव बरामद किया।

घटना गुरुवार शाम की है। लेकिन इसका वीडियो शुक्रवार सुबह सामने आया। थाना प्रभारी टीएन मौर्या ने घटना और वीडियो की पुष्टि की है। वन रेंजर साकिब अंसारी ने बताया- मगरमच्छ बच्चे का दाहिना पैर और कमर के नीचे का हिस्सा खा गया। मामला जिला मुख्यालय से 28 किमी दूर बौंडी थाना क्षेत्र का है।

माता-पिता की मौत हो चुकी, चाचा के साथ रहता था बच्चा

सुनील टिकुरी गांव का रहने वाला था। उसके माता-पिता की मौत हो चुकी है। पिता बुधराज की 5 साल पहले, जबकि मां की 7 साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। चार भाई-बहनों में सुनील दूसरे नंबर पर था।

उससे बड़ी बहन सुमन (14), छोटा भाई संजय (10) और सबसे छोटी बहन सीमा (7) है। तीनों भाई-बहन गांव के प्राथमिक स्कूल में पढ़ते हैं, जबकि सुनील पढ़ाई छोड़ चुका था। माता-पिता के निधन के बाद वह अपने चाचा विजय राज सिंह के साथ रहता था।

हाथ-मुंह धो रहा था, तभी खींच ले गया

गांव वालों ने बताया कि गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे सुनील अपने चाचा विजय राज सिंह के साथ खेत में धान की रोपाई करने गया था। 3-4 घंटे तक रोपाई करने के बाद देर शाम दोनों खेत से लौटते समय घाघरा नदी में हाथ-पैर धोने लगे। इसी दौरान अचानक नदी से मगरमच्छ निकला और सुनील पर अटैक कर दिया।

यह देखकर उसके चाचा घबरा गए। शोर मचाकर उसे बचाने की कोशिश की। दौड़कर आसपास के खेतों में काम कर रहे लोगों को बुलाया। ग्रामीणों ने बच्चे को छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन मगरमच्छ ने उसे नहीं छोड़ा। घटना की जानकारी मिलते ही गांव के लोग बड़ी संख्या में नदी किनारे पहुंच गए। परिजन भी रोते-बिलखते मौके पर पहुंच गए।

अंधेरा हुआ तो टॉर्च की रोशनी में ग्रामीणों ने तलाशा

ग्रामीणों ने बड़े-बड़े बांस के डंडों की मदद से नदी में तलाशी अभियान शुरू किया। इस वक्त घाघरा नदी का बहाव काफी तेज है, इसलिए घटनास्थल से करीब 500 मीटर तक नदी में खोजबीन की गई। दो घंटे तक लगातार तलाश करने के बाद अंधेरा हो गया, लेकिन ग्रामीणों ने खोजबीन नहीं रोकी। वे टॉर्च की रोशनी में बच्चे की तलाश करते रहे।

करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद रात 10 बजे घटनास्थल से लगभग 300 मीटर दूर नदी में बच्चे का आधा शव उतराता मिला। ग्रामीणों ने शव को बाहर निकाला और इसकी सूचना पुलिस को दी। मगरमच्छ के हमले से शव क्षत-विक्षत हो चुका था। शुक्रवार सुबह पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।

चाचा बोले- 7 मिनट तक डटा रहा, बचा नहीं पाया

सुनील के चाचा के विजय राज सिंह ने बताया - हम अपने भतीजे को बचाने के लिए नदी में कूद गए। हमने बच्चे का हाथ पकड़ा। करीब सात मिनट तक उसे छुड़ाने प्रयास करता रहा। लेकिन वो उसे गहरे पानी में खींच ले गया। करीब एक घंटे के बाद मेरे बच्चे का शव पानी में उतराया। लेकिन उसका एक पैर व पेट बुरी तरह मगरमच्छ खा गया था।

गांव के प्रधान संजय कुमार त्रिवेदी ने बताया- बच्चे सुनील के चाचा विजय कुमार दोपहर में धान रोपाई का काम रोककर घर खाना खाने आए थे। तभी सुनील जिद करके साथ में चला गया। थोड़ी देर बाद नदी किनारे उस पर मगरमच्छ ने हमला कर दिया।

SDM प्रकाश सिंह ने बताया-

" घटना की जानकारी अधिकारियों को दे दी गई है। परिवार को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

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प्रभारी मंत्री सहित सांसद और जिलाध्यक्ष अचानक सपा नेता मुन्नू बाबू के घर पहुंचे,गले मिल गर्मजोशी से स्वागत, राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ी 

जनपद में शुक्रवार को उस समय राजनीतिक सरगर्मियां अचानक बढ़ गईं, जब जिले के प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह, सांसद मुकेश राजपूत और भाजपा जिला अध्यक्ष फतेह चंद्र वर्मा के साथ अचानक समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व सांसद चंद्रभूषण सिंह उर्फ मुन्नू बाबू के भोलेपुर स्थित आवास पर पहुंच गए।

सपा के पूर्व सांसद मुन्नू बाबू और उनके बेटे सौरभ राठौर ने बेहद गर्मजोशी के साथ सभी भाजपा नेताओं का स्वागत किया। इस दौरान पूर्व सांसद मुन्नू बाबू और भाजपा सांसद मुकेश राजपूत ने एक-दूसरे को गले लगाया, जिससे सियासी गलियारों में रिश्तों की नई गर्माहट साफ महसूस की गई। दोनों वरिष्ठ नेताओं के बीच लगभग 20 मिनट तक विभिन्न मुद्दों पर बंद कमरे में वार्ता हुई।

इस महत्वपूर्ण सियासी मुलाकात के दौरान पूर्व मंत्री व भाजपा नेता नरेंद्र सिंह यादव के बेटे सचिन सिंह यादव, पूर्व जिला अध्यक्ष रूपेश गुप्ता, जिला उपाध्यक्ष जितेंद्र सिंह राजावत,पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ प्रदेश सह संयोजक वीरेंद्र सिंह राठौड़, भाजपा नेता शंकर सिंह और करणी सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रदीप सिंह, जिला पंचायत सदस्य आदित्य राठौर,देवेंद्र सिंह परमार सहित दर्जनों अन्य नेता भी मौजूद रहे।

सियासी मायने: गौरतलब है कि सपा के वरिष्ठ नेता पूर्व सांसद चंद्रभूषण सिंह मुन्नू बाबू का फर्रुखाबाद जनपद की राजनीति में विशेष प्रभाव माना जाता है। करीब एक माह पूर्व उन्होंने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात की थी, जिसके बाद अब भाजपा दिग्गजों का उनके घर पहुंचना जिले में एक नए राजनीतिक समीकरण की ओर इशारा कर रहा है।
मेरठ में शहीद के पार्थिव शरीर से लिपटकर रोई पत्नी:* बोली- मुझे भी साथ ले जाओ, गांव में भारत माता की जय के लगे जयकारे 

मेरठ में सेना में नायक का पार्थिव शरीर पैतृक गांव रछौती में सुबह 10.30 बजे पहुंचा। पत्नी ताबूत से लिपट गईं और दहाड़े मारकर रोने लगीं। घर से 200 मीटर दूर खेत में उनका राजकीय और सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

9 साल के बड़े बेटे हिमांशु ने चिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान मौजूद सैकड़ों लोगों ने 'जनेश्वर कुमार अमर रहें' के नारे लगाए।

तिरंगे में लिपटे पति के पार्थिव शरीर को देखकर पत्नी ताबूत से लिपट गई और दहाड़ मारकर रोने लगी। बोली-मुझे भी साथ ले जाओ, अब मुझे भी नहीं रहना।

जनेश्वर भारतीय सेना की कुमाऊं रेजीमेंट में अपनी सेवाएं दे रहे थे। वो सेना में नायक के पद पर तैनात थे। पोस्टिंग हिमाचल के शिमला में थी। 15 दिन पहले 1 जुलाई को हुए सड़क हादसे में जनेश्वर सहित कई फौजी घायल हुए थे। सभी घायलों को मिलिट्री अस्पताल में भर्ती कराकर इलाज कराया जा रहा था। जिसमें बुधवार को जनेश्वर की इलाज के दौरान मौत हो गई थी।

12 साल पहले भारतीय सेना में हुआ था चयन

जनेश्वर 2014 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। अपनी लगन, अनुशासन और उत्कृष्ट सेवा के चलते उन्हें दो साल पहले नायक के पद पर प्रमोशन मिला था। वह भारतीय सेना की कुमाऊं रेजीमेंट में अपनी सेवाएं दे रहे थे।

जनेश्वर तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके छोटे भाई प्रदीप भी भारतीय सेना में सिपाही के पद पर तैनात हैं। जबकि मझले भाई घर पर खेती का काम देखते हैं।

जनेश्वर की शादी 2015 में हुई थी। उनके दो बेटे और एक बेटी हैं। बडा बेटा हिमांशु (9), मान्या (6), लकी (4) हैं।
रायपुर में E-20 पेट्रोल डालने से इंजन खराब: कंज्यूमर कोर्ट बोला- मारुति सुजुकी नई कार दे या 20 लाख लौटाए; देश का पहला मामला 

देशभर में पेट्रोल में E20 (20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित ईंधन) के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी बीच रायपुर में E20 पेट्रोल से कार के इंजन के खराब होने का मामला सामने आया है। इससे जुड़े मामले में कंज्यूमर कोर्ट ने मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड और उसके अधिकृत डीलर को जिम्मेदार ठहराया है। कोर्ट ने कहा कि नई कार दी जाए या 20 लाख लौटाए जाएं।

कोर्ट ने माना कि गाड़ी का इंजन ई-20 फ्यूल के हिसाब से नहीं था, फिर भी कार कस्टमर को बेची गई। कोर्ट ने कहा कि 45 दिनों के अंदर ग्राहक को उसी मॉडल की नई कार दी जाए, जो ई-20 फ्यूल के अनुकूल हो। अगर ऐसा नहीं किया तो कंपनी को वाहन की पूरी कीमत करीब 20.5 लाख रुपए और अन्य खर्च भी लौटाने होंगे।

ई-20 से कार खराब होने पर कस्टमर को मुआवजा देने का यह देश का पहला मामला है।

डीलर ने कार की गलत जानकारी दी

डॉ. प्रेमराज देबता ने बताया कि उन्होंने जून 2024 में मारुति सुजुकी की नेक्सा डीलरशिप से ग्रैंड विटारा स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड जेटा प्लस खरीदी थी। खरीदारी के समय डीलर ने बताया था कि कार दिसंबर 2023 में मैन्युफैक्चर हुई है, लेकिन बाद में आयोग के रिकॉर्ड से पता चला कि कार जनवरी 2023 में मैन्युफैक्चर हुई थी।

डॉ. प्रेमराज रोजाना 150 से 200 किलोमीटर तक सफर करते हैं, इसलिए उन्होंने हाइब्रिड गाड़ी ली थी। शुरुआत में वाहन ठीक चला, लेकिन 5 महीने बाद 11 नवंबर 2024 को अचानक डैशबोर्ड पर इंजन मालफंक्शन का अलर्ट आया और कार बंद हो गई।

डीलरशिप ने जांच के बाद इसे मिलावटी पेट्रोल की समस्या बताते हुए फ्यूल टैंक खाली कराया। निकाले गए पेट्रोल में नीचे अलग तरह का सफेद पदार्थ जमा मिला, जिसके बाद डॉ. देबता ने तुरंत पेट्रोल पंप और कंपनी से शिकायत की, लेकिन जांच में पेट्रोल पंप ने ईंधन को सही बताया। इसके बावजूद कार बार-बार खराब होती रही।

कंपनी ने कहा इंजन खराब, 5.30 लाख खर्च होंगे

कंपनी ने माना कि पहली बार टंकी पूरी तरह साफ नहीं हुई थी और केमिकलयुक्त ईंधन अंदर रह गया था। इसके बाद फिर सफाई की गई, लेकिन फिर फ्यूल टैंक, पाइपलाइन और फिल्टर में फिर सफेद परत और तरल पदार्थ मिला।

अगली बार डैशबोर्ड पर इंजन में गड़बड़ी की चेतावनी आई और ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल) मोड ने काम करना बंद कर दिया। इंजन पूरी तरह ठप हो गया और कार चलने लायक नहीं बची।

बाद में कंपनी ने ई-मेल के जरिए बताया कि इंजन पूरी तरह खराब हो गया है और उसे बदलने में करीब 5.30 लाख रुपए खर्च होंगे, जो वारंटी में शामिल नहीं होगा। कंपनी ने फिर कार ठीक कर सौंपी, लेकिन डीलरशिप के सामने पेट्रोल भरवाने के बाद भी वाहन करीब 10 किलोमीटर चलकर फिर बंद हो गया।

इस बार टैंक से दही जैसी सफेद परत और तरल पदार्थ मिला। डॉ. प्रेमराज ने नई कार या पूरी राशि वापस करने की मांग की, लेकिन कंपनी ने साफ इनकार कर दिया। फिर मामला कंज्यूमर कोर्ट पहुंचा। डॉक्टर ने मार्च 2025 में याचिका दायर की।

सरकारी लैब की रिपोर्ट से मामला साफ हुआ

पेट्रोल के नमूनों की जांच एसजीएस लैब में कराई गई। रिपोर्ट में ईंधन में एथेनॉल की मौजूदगी की पुष्टि हुई। जांच में पाया गया कि पेट्रोल के निचले हिस्से में सफेद परत के रूप में ईथेनॉल अलग होकर जमा था।

रिपोर्ट के अनुसार, ईंधन E20 श्रेणी का था, लेकिन एथेनॉल के अलग होने से उसकी प्रभावी मात्रा केवल 6 से 7 प्रतिशत रह गई थी। आयोग ने माना कि गाड़ी का कि गाड़ी का इंजन E20 ईंधन के अनुरूप नहीं था, फिर भी उपभोक्ता को ऐसी कार बेची गई।

नई कार, नहीं तो पूरे पैसे लौटाएं

14 जुलाई 2026 को उपभोक्ता फोरम ने पीड़ित के पक्ष में फैसला सुनाया और आदेश दिया कि यदि कंपनी 45 दिनों के अंदर नई E20 अनुकूल कार उपलब्ध नहीं कराती है, तो उसे वाहन की कीमत 20.5 लाख रुपए, आरटीओ पंजीकरण, बीमा और बाकी खर्चों सहित पूरी राशि लौटानी होगी। मानसिक प्रताड़ना के लिए 1 लाख रुपए और केस लड़ने के 10 हजार रुपए भी अदा करने होंगे।
*राजा भैया का अचूक निशाना, चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता:* दिल्ली में हुई थी प्रतियोगिता,

बाहुबली विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने 49वीं यूपी स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता है। उन्होंने एस-25 क्ले पिजन ट्रैप शूटिंग (एनआर) में 25 पॉइंट का स्कोर बनाया।

नई दिल्ली के डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में 21 से 30 जून तक चैंपियनशिप आयोजित हुई थी। राजा भैया ने प्रतियोगी संख्या 71 के रूप में भाग लिया था। बुधवार को इसका परिणाम घोषित हुआ।

उनकी शूटिंग का वीडियो भी सामने आया है। इसमें वह निशाना लगाते दिख रहे हैं। राजा भैया हथियारों के शौकीन हैं। पिछले साल दशहरे के मौके पर उन्होंने अपने 200 से ज्यादा हथियारों के जखीरे को दिखाया था।

राजा भैया प्रतापगढ़ की कुंडा सीट से 7वीं बार विधायक हैं। उन्होंने अपनी पार्टी जनसत्ता दल बनाई है। जिसके वे राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं।
वाराणसी में GST डिप्टी-कमिश्नर घूस लेते पकड़ी गई: भागने के लिए 4 दरोगा से हाथापाई, विजिलेंस ने खींचकर जीप में डाला 

वाराणसी में जीएसटी की डिप्टी कमिश्नर अंबिका सिंह को घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। जैसे ही विजिलेंस की टीम ने अंबिका सिंह को पकड़ा, वह भागने लगीं। बचकर भागने की कोशिश में उन्होंने 4 महिला दरोगा से हाथापाई भी की।

इस दौरान आसपास लोगों की भीड़ जुट गई। महिला अफसर भीड़ और राहगीरों से बचाने की गुहार लगाती रहीं। इसके बाद विजिलेंस टीम ने अंबिका सिंह को खींचकर जीप में डाला और थाने लेकर गई।

दरअसल, डिप्टी कमिश्नर अंबिका सिंह ने एक व्यापारी की फाइल में रिटर्न भरने और जीएसटी की फाइल निस्तारण के लिए 50 हजार रुपए घूस मांगी थी। घूस की रकम लेने वह जीएसटी कमिश्नर ऑफिस के पास एक रेस्टोरेंट पहुंची थीं। इसी दौरान उन्हें पकड़ा गया। मामला भेलूपुर थाना क्षेत्र का बुधवार शाम 6:30 बजे का है।

बजरडीहा में रहने वाले अजय कुमार मौर्य 'ब्लैक स्मिथ इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड' कंपनी के निदेशक हैं। अजय ने फरवरी- 2023 के रिटर्न और जीएसटी (राज्य) समय पर भरा था। लेकिन, इसमें खामियों के बाद फाइल को जीएसटी कार्यालय ने फिर से तलब कर लिया। टैक्स की वापसी और निस्तारण के लिए जीएसटी फील्ड अफसर ने रिपोर्ट लगाकर डिप्टी कमिश्नर अंबिका सिंह के पास भेज दी।

एप्रूव करने के लिए 50 हजार घूस मांगी

डिप्टी कमिश्नर अंबिका ने फाइल निस्तारण के लिए अजय को ऑफिस बुलाया और टैक्स से जुड़े सवाल पूछे। रिपोर्ट के आधार पर स्पष्टीकरण मांगा, फिर फाइल के निस्तारण की जगह रिजेक्ट करने की बात कही। जब अजय ने इसे अप्रूव करने की गुहार लगाई, तो अंबिका सिंह ने 50 हजार रुपए की घूस मांगी।

अजय ने जब घूस देने से इनकार किया, तो अंबिका ने कार्रवाई की बात कही। काफी जद्दोजहद के बाद अजय 50 हजार रुपए देने को तैयार हो गए। लेकिन, अजय जीएसटी ऑफिस से सीधे विजिलेंस के कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने एसपी को पूरा मामला बताया।

दादा रेस्टोरेंट से हुई गिरफ्तारी

अजय मौर्य की शिकायत पर वाराणसी की विजिलेंस टीम ने जांच की। इसमें आरोपों की पुष्टि हो गई। इसके बाद अंबिका के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की गई। बुधवार शाम 6:30 बजे अजय ने अंबिका सिंह को 50 हजार रुपए लेने के लिए दादा रेस्टोरेंट बुलाया। अंबिका सिंह ने रेस्टोरेंट के अंदर नोट का लिफाफा लिया और बाहर निकलने लगीं। तभी विजिलेंस टीम ने उन्हें दबोच लिया।

भीड़ से बचाने की गुहार लगाई

रंगेहाथ गिरफ्तार होते ही अंबिका ने भागने का प्रयास किया, तो उन्हें 4 महिला दरोगा ने पकड़ लिया। इस पर अंबिका ने उन महिला दरोगा से हाथपाई भी की, लेकिन उनके चंगुल से निकल नहीं पाई। इस दौरान अंबिका ने आसपास जुटी भीड़ से बचाने की गुहार लगाई।

महिला अफसर राहगीरों से गलत तरीके से फंसाए जाने की बात कहती रहीं, लेकिन कोई मदद करने नहीं आया। टीम ने रिश्वतखोरी की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। अब अंबिका सिंह की अप्रूव की गई अन्य फाइलों की जांच भी की जाएगी।

वहीं, गिरफ्तारी के बाद अंबिका सिंह के खिलाफ वाराणसी स्थित विजिलेंस थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं, विजिलेंस ने साफ किया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई चलती रहेगी।

विभाग ने लोगों से अपील की कि अगर कोई भी लोक सेवक सरकारी काम के बदले रिश्वत मांगता है, तो इसकी शिकायत विभाग के हेल्पलाइन नंबरों-9454401866 या 9454401222 पर दर्ज कराएं।
पिता के हत्याया बेटा गिरफ्तार,आरोपी बोला बेटी की शादी में हो गया था कर्जा, पिता से जमीन बेचकर रुपए देने की कर रहा था मांग

फर्रुखाबाद के मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत 12 जुलाई को एक युवक ने अपने पिता की ही हत्या कर दी थी। मामले में आरोपी के भतीजे ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। बुधवार को CO मोहम्मदाबाद ने प्रेस वार्ता की।

मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला रोहिल्ला निवासी 72 वर्षीय रामदास की हत्या उसके छोटे बेटे श्याम सिंह उर्फ रामू ने 12 जुलाई की रात को कर दी थी। मामले में आरोपी के भतीजे ने नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही थी। जहां पुलिस ने आरोपी श्याम सिंह को गिरफ्तार कर लिया वहीं उसकी निशान देही पर खून से सनी बनियान को भी बरामद किया है। बताया गया पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया उसने अपनी बेटी की शादी 7 जुलाई को की थी। बेटी की शादी में अधिक खर्च होने के कारण आर्थिक तंगी और कर्ज से परेशान था। पिता से जमीन बेचकर रुपए देने की मांग कर रहा था। 12 जुलाई की रात्रि में रुपए मांगने को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। जहां गुस्से में आकर प्लास्टिक की कुर्सी से उसने अपने पिता पर कई बार कर उनकी हत्या कर दी। घटना के बाद उसने खून से सनी बनियान को घर के सामने घूरे पर फेंक दिया था। पुलिस ने आरोपी की निशान देही पर खून से सनी बनियान को भी बरामद किया है। सीओ मोहम्मदाबाद ने बताया रोहिल्ला निवासी रामदास की 13 जुलाई की सुबह हत्या की बात सामने आई थी। सूचना पर पुलिस जांच करने के लिए पहुंची थी जहां पता चला कि रामदास की हत्या उसके बेटे ने की है। बताया श्याम सिंह उर्फ रामू का अपने पिता से प्रॉपर्टी को लेकर विवाद था। श्याम सिंह पिता से खेत बेचने की बात कह रहा था। बताया कि विवाद के बाद मृतक के बेटे ने अपने पिता पर कुर्सी से प्रहार कर उनकी हत्या की थी। बताया 24 घंटे के अंदर आरोपी की गिरफ्तारी की गई है। उसकी निशानदेही पर आला कत्ल और खून से सनी बनियान भी बरामद की है। बताया आरोपी पर अग्रिम विधि कार्रवाई की जा रही है।
फर्रुखाबाद में गंगा का उफान जारी, 136 मीटर रिकॉर्ड जलस्तर 

फर्रुखाबाद में गंगा नदी की बाढ़ से लगभग एक सैकड़ा से अधिक गांव प्रभावित होते हैं। इस वर्ष जुलाई के दूसरे सप्ताह में ही गंगा उफान पर आ गई हैं।बहरहाल सोमवार को गंगा नदी में नरोदा बांध से 13 जुलाई को सुबह और शाम को 76029 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। फर्रुखाबाद में गंगा का जलस्तर 136 मीटर रिकॉर्ड हुआ है जो की चेतावनी बिंदु से 60 सेंटीमीटर कम है।10 सेमी पानी घटा है।
फर्रुखाबाद में कलयुगी बेटे ने पिता की निर्मम हत्या की: सोते समय ईट से किये प्रहार, जमीन बेचने की जिद पर अड़ा था; आरोपी फरार

फर्रुखाबाद में रविवार रात बेटे ने पिता की हत्या कर दी। पिता घर के बाहर चारपाई पर सो रहे थे। बेटे ने पहले चारपाई पलटी फिर पिता को उठाकर पटक दिया। इसके बाद बगल में रखी कुर्सी से मारा और फिर ईंट से कई बार वार किए।

पुलिस जांच में सामने आया कि बेटे ने रविवार को ही किश्त पर बाइक ली थी। इसी किश्त को चुकाने के लिए वह पिता से जमीन बेचने के लिए कह रहा था। पिता के मना करने पर ही बेटे ने यह कदम उठाया। सोमवार सुबह 6 बजे पड़ोसी ने घर के बाहर उल्टी पड़ी चारपाई पर शव को देखा और पुत्रवधू को जानकारी दी।

पुत्रवधू ने मामले की सूचना पुलिस को दी। फिलहाल, पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है। वहीं, आरोपी फरार है। पूरा मामला जिला मुख्यालय से करीब 25 किमी दूर मोहम्मदाबाद के लोहिया नगर वार्ड का है।

मोहम्मदाबाद के लोहिया नगर वार्ड में रामदास (68) रहते थे। इनके दो बेटे हैं। दोनों का परिवार घर के अलग-अलग हिस्सों में बंटवारा करके रहता है। बड़े बेटे ललित का स्वर्गवास हो गया है। बड़ी पुत्रवधू गुड्डी देवी अपनी बहू की डिलीवरी के लिए फर्रुखाबाद गई थी।

छोटा बेटे श्यामकुमार के परिवार में पत्नी ममता, बेटी काजल, बेटी सपना (14), बेटा दीपू (14) और बेटा नीरज (10) हैं। श्यामकुमार घर पर ही रहकर खेती करता है। 7 जुलाई को उसने अपनी बड़ी बेटी काजल की शादी की थी।

श्यामकुमार की पत्नी ममता ने बताया कि उसने रविवार को ही किश्त पर एक बाइक ली थी। उसकी किश्त भरने के पैसे उसके पास नहीं थी। बेटी काजल रविवार को अपने मायके आई थी। श्यामकुमार ने बेटी से गहने गिरवी रखने के लिए मांगे ताकि वह अपनी किश्त भर सके।

बेटी ने गहने देने से मना कर दिया और अपने ससुराल चली गई। इसके बाद श्यामकुमार ने अपने पिता ने जमीन बेचने को लेकर लड़ाई की। फिर अपने तीनों बच्चों से मारपीट की। मारपीट के डर से तीनों बच्चे पड़ोसी के घर जाकर सो गए। रात में रोजाना की तरह रामदास बड़ी पुत्रवधू गुड्डी देवी के घर की बाहरी बैठक में चारपाई पर सोए। वहीं, बहू-बेटे घर के अंदर सो गए।

चारपाई पर सो रहे पिता को ईंट से मारा

रविवार रात करीब 12 बजे श्यामकुमार ने सो रहे पिता पर हमला किया। पहले चारपाई पलटी फिर पिता को उठाकर पटक दिया। इसके बाद बगल में रखी कुर्सी से मारा और फिर ईंट से कई बार वार किए। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद आरोपी श्यामकुमार घर से फरार हो गया।

सोमवार सुबह करीब 6 बजे एक पड़ोसी अपनी भैंस को चारा डालने जा रहे थे। उन्होंने देखा कि मेन गेट खुला हुआ है और चारपाई उल्टी पड़ी है। उसी चारपाई पर रामदास का शव लहूलुहान हालत में पड़ा हुआ है और बगल में कुर्सी भी पड़ी हुई है। पड़ोसी ने इस बात की सूचना पुत्रवधू ममता को दी।

पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा

ममता ने फौरन घटना की सूचना पुलिस को दी। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली प्रभारी निरीक्षक, कार्यवाहक क्षेत्राधिकारी राजेश कुमार द्विवेदी और अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।

आरोपी को पकड़ने के लिए टीम गठित

अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी श्याम कुमार अपने पिता रामदास पर जमीन बेचने का लगातार दबाव बना रहा था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच झगड़ा हुआ, जिसके परिणामस्वरूप रामदास की मौके पर ही मृत्यु हो गई।

आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस टीम गठित की गई है और उसे जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है। प्राप्त तहरीर के आधार पर मामला दर्ज किया जाएगा।
हत्या कर दफनाया, एनिवर्सरी पर अस्थियां गंगा में बहाई: रातभर कब्र खोदी, फिर प्रेमिका के सुसराल पहुंचा; पत्नी ने मुंहबोला भाई बताया 

पत्नी ने प्रेमी के साथ साजिश रचकर पहले पति का मर्डर करवाया, फिर लाश को दफना दिया। सालगिरह के दिन अस्थियों को गंगा नदी में विसर्जित किया। यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है रीवा के गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र में 20 साल के विपिन कुमार यादव मर्डर केस में। पुलिस ने मामले में पत्नी और प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस की प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया कि प्रेमी सुनील कुशवाहा (प्राइवेट स्कूल टीचर) ने पत्नी का मुंहबोला भाई बातकर विपिन का विश्वास जीता। उसे ससुराल घुमाने के बहाने ले गया और मर्डर कर शव को नाले किनारे दफना दिया।
सबसे पहले पूरा घटनाक्रम जान लीजिए

पुलिस के अनुसार मोहार टोला, भगदेवरा निवासी विपिन कुमार यादव 26 मार्च 2026 को गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र के टीकर गांव स्थित अपनी ससुराल गया था। इसके बाद वह लापता हो गया। 28 मार्च को रामपुर बघेलान थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई।

करीब तीन महीने बाद कार्यपालिक दंडाधिकारी की मौजूदगी में आरोपी के घर से करीब 300 मीटर दूर नाले के पास जमीन में दफन शव बरामद किया गया। पुलिस ने हत्या की जांच तेज कर दी तो मामला खुल गया।

साला बनकर रातभर घर में रुका

विपिन की परिवार की माने तो 25 मार्च को आरोपी हमारे घर आया। बहू ने उसका परिचय अपने भाई के रूप में कराया। शादी को अभी एक साल ही हुआ था, इसलिए किसी को शक नहीं हुआ। उसने रात बिताई और परिवार का विश्वास जीता और संस्कारी बनकर घर का माहौल जाना।

उसने परिवार के साथ ही सारा समय बातों में बिताया। विपिन के बारे में भी सारी पड़ताल करने की कोशिश की। उसने खुद को टीचर बताया, इसलिए घर के लोगों ने उसे समझदार और एक अच्छे पेशे वाला व्यक्ति माना। इस दौरान वह खुद को धार्मिक और ईश्वर में आस्था रखने वाला भी बताता रहा।

आरोपी बोला - जीजाजी चलिए ससुराल घुमाकर लाता हूं

अगले दिन सुबह विपिन से बोला कि जीजाजी चलिए आपको ससुराल घुमाकर लाता हूं। 26 मार्च की दोपहर आरोपी विपिन को गोविंदगढ़ के टीकर स्थित अपने घर घुमाने के बहाने ले गया। बातों में उलझाकर वह उसे अपने ही घर के पास सुनसान जगह में ले गया।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि गांव पहुंचने से पहले भी उसने किसी तरह का शक नहीं होने दिया। रास्ते में कई बार पूछता रहा कि आपको भूख तो नहीं लगी है। अगर भूख लगी हो तो समोसे खा लीजिए।

डेढ़ घंटे के सफर के बाद वो दोनों टीकर गांव पहुंच गए। मौके पर पहुंचते ही जीजाजी कहने वाला युवक अचानक कहने लगा कि तूने मेरे और मेरी जान के बीच में दूरियां पैदा कर दी। 
तू हमारे प्यार में कबाब में हड्डी, तुझे मोक्ष प्रदान करूंगा

तू हमारे प्यार के बीच में ऐसा है... जैसे कबाब में हड्डी.... तुझे तो आज अपना बलिदान देना ही होगा। विपिन ने कहा कि यह तो धोखा है, तुम मुझे यहां नुकसान पहुंचाने के लिए लाए हो। आरोपी बोला- नुकसान पहुंचाने नहीं तुझे मोक्ष प्रदान करने लाया हूं।

इतना कहते हुए आरोपी उसे पीटने लगा। विपिन गिर गया, हालांकि फिर उठकर भागने की कोशिश की, लेकिन आरोपी ने विपिन को घसीटा और पास में मौजूद कुएं के पास ले गया। कहने लगा कि तूने शादी नहीं अपनी बर्बादी की है। इतना कहते हुए उनसे कुंए धकेल दिया। विपिन बचाने के लिए चिल्लाया।

कुंए में फेंका, पत्थर उठाकर उसकी ओर फेंका

विपिन ने कुंए से बाहर निकलने की कोशिश की, लेकिन आरोपी ने पास पड़े एक बड़े पत्थर को उठाया और उसके ऊपर फेंक दिया। पत्थर उसके जांघ में जाकर लगा। विपिन नीचे गिरा, फिर दोबारा निकलने की कोशिश नहीं कर पाया।

विपिन ने हाथ जोड़ते हुए नहीं मारने के लिए गुहार लगाई, लेकिन उसने एक नहीं सुना और बोला- आज तेरा मरना तय है। उसने पत्थर फेंककर उसकी हत्या कर दी। आरोपी ने विपिन की लाश को रस्सी की मदद से कुएं से बाहर निकाला।

4 फीट चौड़ी और 6 फीट गहरी कब्र खोदी, थूका

प्लान के तहत उसने पहले ही 4 फीट चौड़ी और 6 फीट गहरी कब्र खोद रखी थी। शव को उसने कब्र में फेंक दिया। इतने पर भी उसका गुस्सा शांत नहीं हुआ, उसने विपिन पर थूकते हुए कहा- तेरी असली जगह इसी कब्र में है। आरोपी ने पुलिस को बताया कि कब्र खोदने में उसे करीब 3 घंटे का समय लगा। यह सब उसने रात में किया, ताकि किसी शक न हो।
फर्रुखाबाद में गंगा का उफान जारी,48 घंटे में 4 फिट से ज्यादा बढ़ा पानी

फर्रुखाबाद में बाढ़ की संभावना बढ़ रही है।खासकर गंगा नदी जा उफान लगातार बढ़ रहा है।12 जुलाई रविवार शाम तक गंगा जिले में चेतावनी बिंदु के करीब पहुंच गई है। रविवार को 75 सेमी जलस्तर बढ़कर 136.10 मीटर पहुंच गया।जिले में चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर है, जिससे गंगा अब मात्र 50 सेमी दूर रह गई है।रविवार सुबह और शाम को नरौरा बांध से 57612 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।पिछले 48 घंटे में डेढ़ मीटर यानी करीब साढ़े चार फीट जलस्तर बढ़ गया है।
पत्नी की नाक काटी, मायके जाने पर अड़ी थी: बेटी को तड़पता देख मां भड़की, दामाद की बहन की नाक दांतों से काटकर बदला लिया 

यूपी के लखीमपुर खीरी में पति ने दांतों से पत्नी की नाक काट दी। पत्नी मायके जाने की जिद पर अड़ी थी। इसी बात को लेकर दोनों में पहले बहस हुई, फिर झड़प हो गई। नाक कटने से गुस्साई पत्नी ने मायके फोन कर दिया।

उसकी मां ससुराल पहुंची तो बेटी की कटी नाक देखकर भड़क गई। बदला लेने के लिए उसकी 18 साल की ननद की नाक काट दी। वह खून से लथपथ हो गई। तड़पने लगी। शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग आए। जैसे-तैसे दोनों परिवारों को शांत कराया।

इसके बाद दोनों परिवार थाने पहुंच गए। वहां शिकायत की। इसके बाद मां बेटी को मायके लेकर चली गई। मामला शनिवार शाम 4 बजे जिला मुख्यालय से 40 किमी दूर पडुआ इलाका का है।

पुलिस ने बताया कि पति का नाम श्रवण कश्यप, पत्नी का नाम प्रीति और ननद का नाम मोनी है। पत्नी और ननद का प्राइवेट अस्पताल में इलाज कराया है। दोनों पक्षों ने एप्लिकेशन दी है। मामले की जांच की जा रही है।

4 साल पहले शादी, 2 किमी दूर मायका

रामलखन कश्यप के बड़े बेटे श्रवण की शादी 4 साल पहले चचरापुरवा गांव निवासी बनवारी लाल (35) की बेटी प्रीति (30) से हुई थी। दंपती की अभी कोई संतान नहीं है। श्रवण खेती-किसानी करता है। ससुराल और मायके के बीच की दूरी महज 2 किलोमीटर है।

परिवार ने बताया कि प्रीति की चचेरी बहन की शादी है। वह मायके जाना चाहती थी, जबकि श्रवण इनकार कर रहा था। इसी बात पर शनिवार को दोनों के बीच कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ा और गुस्से में श्रवण ने पत्नी की पिटाई कर दी। फिर उसकी नाक काट दी।

एक घंटे बाद ससुराल वाले मायके पहुंचे

गंभीर घायल प्रीति ने फोन कर मायके में घटना की जानकारी दी। बेटी के घायल होने का पता चलते ही पिता बनवारी लाल, मां श्रीदेवी और अन्य परिजन ससुराल पहुंच गए। बेटी को दर्द से तड़पता देखकर मां भड़क गई। दामाद और उसके परिवार को खरी-खोटी सुनाने लगी।

देखते ही देखते दोनों परिवारों के बीच हाथापाई होने लगी। नौबत मारपीट तक पहुंच गई। श्रवण की बहन मोनी बीच-बचाव करने आई तो प्रीति की मां श्रीदेवी और भड़क गई। दोनों हाथों से मोनी का चेहरा पकड़ा और दांतों से नाक काट दी। इसमें वह गंभीर घायल हो गई।

दोनों पक्षों का मेडिकल, पुलिस जांच में जुटी

विवाद की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों पक्षों को शांत कराया। घायलों को अस्पताल भेजकर मेडिकल कराया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

थाना प्रभारी मोहित पुंडीर ने बताया-

" पति-पत्नी के बीच विवाद शुरू हुआ था। इसमें दोनों के परिवार के लोग शामिल हो गए। दोनों ने एफआईआर कराने के लिए तहरीर दी है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यूपी में भाजपा 40% विधायकों के टिकट काट सकती है: खराब परफॉर्मेंस वाले निपटेंगे; राष्ट्रीय अध्यक्ष ने समझाया- टिकट कटे तो घर नहीं बैठना 

टिकट कटे तो भी घर नहीं बैठना है, पार्टी को जिताना है...'

यह मैसेज भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपने यूपी दौरे में दिया। नितिन नवीन ने संकेत दिया कि आने वाले चुनाव में केवल 'जिताऊ' चेहरों को ही मौका मिलेगा। खराब छवि वाले और कार्यकर्ताओं से दूर रहने वाले करीब 40% विधायकों का टिकट कट सकता है।

4-5 जुलाई को 36 घंटे राष्ट्रीय अध्यक्ष लखनऊ में रहे। सरकार, संगठन और संघ के पदाधिकारियों के साथ बैठकर नब्ज टटोली। उनका पूरा फोकस ऐसी 240 सीटों पर रहा, जहां 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा विधायकों का रिपोर्ट कार्ड बेहद खराब था। उनकी सीटों पर सांसदी लड़ने वाले कैंडिडेट पिछड़ गए। राष्ट्रीय अध्यक्ष यहां जिताऊ कैंडिडेट चाहते हैं।

क्या सिर्फ परफॉर्मेंस ही टिकट कटने का आधार होगा? इसका जवाब भाजपा संगठन के एक पदाधिकारी देते हैं- केंद्रीय नेतृत्व यूपी में सर्वे करवा चुका है। इनमें कई विधायकों के हारने का अनुमान दिया गया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने 6 कैटेगरी तय की हैं। इन्हीं के आधार पर विधायक के दावेदार तय होंगे-

1. जहां सांसद और विधायकों के बीच टकराव है। सांसद के असर से विधायक अपनी सीट गंवा सकते हैं।

2. ऐसी सीटें, जहां के विधायक से कार्यकर्ता नाराज हैं।

3. वो विधायक जो क्षेत्र में सक्रिय नहीं हैं। पार्टी के कामों में भी दिलचस्पी नहीं ले रहे।

4. ऐसे विधायक, जिसकी उम्र 70 साल से ज्यादा हो गई है।

5. वो विधायक, जो सरकार और संगठन के खिलाफ अक्सर बयान देते रहे हों।

6. लोकसभा चुनाव में जहां बीजेपी विधायकों के क्षेत्र में पार्टी बुरी तरह हारी

सिर्फ इतना ही नहीं, 2022 के विधानसभा चुनाव में बहुत कम मार्जिन से सीट बचाने में कामयाब रहे विधायकों पर भी भाजपा विचार कर रही है। कई विधायक तो सिर्फ 200-300 वोट से अपनी सीट बचा सके थे।

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फर्रुखाबाद में उफानाई गंगा,24 घंटे में 70 सेमी बढ़ा गंगा का जलस्तर,शनिवार को 67201 क्यूसेक पानी छोड़ा गया

पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश का असर मैदानी इलाकों में साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटे में फर्रुखाबाद में 70 सेंटीमीटर गंगा का जलस्तर बढ़ गया है।शनिवार को नरौरा बांध से 67201 क्यूसेक और शुकवार को 57677 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था।शनिवार को गंगा का जलस्तर 135.35 मीटर रिकॉर्ड किया है।हालांकि अभी चेतावनी बिंदु से गंगा काफी नीचे है।
खेतों में जानवर चराने गए वृद्ध की सोता नाले में डूबने से मौत, अनाथ हुए 9 बच्चे; परिवार में मचा कोहराम

फर्रुखाबाद (अमृतपुर): थाना अमृतपुर क्षेत्र के ग्राम नगला खुशाली में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहाँ खेतों में जानवर चराने गए एक 60 वर्षीय वृद्ध की सोता नाले में डूबने से मौत हो गई। इस हादसे के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है। मृतक अपने पीछे पत्नी और 9 बच्चों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं, जिनके सिर से अब पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया है।

पैर फिसलने से नाले में गिरे बेचेलाल

मिली जानकारी के अनुसार, नगला खुशाली निवासी बेचेलाल (60 वर्ष) पुत्र मूंगालाल शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे अपने जानवरों को चराने के लिए खेतों की तरफ गए थे। इसी दौरान सोता नाले के समीप अचानक उनका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में समा गए।

जब काफी देर तक बेचेलाल घर नहीं लौटे, तो परिजनों को चिंता हुई। मृतक के पुत्र मनोज ने बताया कि उन्हें सूचना मिली कि जानवर तो खेत में अकेले खड़े हैं, लेकिन पिता का कोई अता-पता नहीं है।

2 घंटे की खोजबीन के बाद मिला शव

पिता के लापता होने की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण सामूहिक रूप से तलाश में जुट गए। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों को सोता नाले में बेचेलाल का शव तैरता हुआ दिखाई दिया। ग्रामीणों ने तुरंत शव को नाले से बाहर निकाला और 108 एंबुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) राजेपुर ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

9 बच्चों के सिर से उठा पिता का साया, रो-रोकर बुरा हाल
मृतक की पत्नी रजनी ने रोते हुए बताया कि उनके 9 बच्चे हैं। बेचेलाल ही पूरे परिवार के भरण-पोषण का मुख्य सहारा थे। उनकी अचानक मौत से बच्चों के भविष्य पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं और पूरे कुनबे का रो-रोकर बुरा हाल है।
फर्रुखाबाद में गंगा-रामगंगा में छोड़ा गया बंपर पानी, तेजी से बढ़ रहा जलस्तर

फर्रुखाबाद। पहाड़ों और मैदानी इलाकों में हो रही लगातार बारिश के बाद अब फर्रुखाबाद में गंगा उफान पर है। नरौरा, हरिद्वार और बिजनौर बांधों से गंगा नदी में भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने से जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इसके साथ ही रामगंगा नदी में भी विभिन्न बैराजों से पानी डिस्चार्ज किया गया है, जिससे तटीय इलाकों में अलर्ट की स्थिति है।
गंगा नदी की स्थिति:
10 जुलाई को नरौरा और अन्य बांधों से पानी छोड़े जाने के बाद गंगा का जलस्तर 134.65 मीटर पर पहुंच गया है। बांधों से छोड़े गए पानी का विवरण इस प्रकार है:
बिजनौर बांध: 61,200 क्यूसेक
हरिद्वार बांध: 60,518 क्यूसेक
नरौरा बांध: 57,677 क्यूसेक
रामगंगा नदी का हाल:
गंगा के साथ-साथ रामगंगा नदी में भी पानी छोड़ जा रहा है। खो, हरेली और रामनगर बैराज से कुल 43,958 क्यूसेक पानी रामगंगा में छोड़ा गया है।
फर्रुखाबाद: जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने राजेपुर CHC का किया औचक निरीक्षण, लापरवाही पर दी कार्रवाई की चेतावनी

​फर्रुखाबाद। जिलाधिकारी डॉ0 अंकुर लाठर ने जनपद की अमृतपुर तहसील स्थित "राजेपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र" (CHC) का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं, डॉक्टरों व स्टाफ की उपस्थिति, दवा वितरण, साफ-सफाई और आपातकालीन सेवाओं का गहनता से जायजा लिया।

​मुख्य बिंदु:
​मरीजों से लिया फीडबैक: जिलाधिकारी ने वार्डों में भर्ती और इलाज के लिए आए मरीजों से खुद बातचीत की। उन्होंने फीडबैक लिया कि डॉक्टरों द्वारा बाहर की दवाइयां तो नहीं लिखी जा रही हैं और इलाज समय पर मिल रहा है या नहीं।
​लापरवाही पर सख्त रुख: डीएम ने साफ लहजे में चेतावनी दी कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ड्यूटी से गायब रहने वाले या काम में ढिलाई बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई होगी।

​अस्पताल प्रबंधन को निर्देश: उन्होंने परिसर में पुख्ता साफ-सफाई रखने, जरूरी दवाओं का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने और शासन की मंशानुसार हर गरीब को सुलभ व गुणवत्तापूर्ण इलाज मुहैया कराने के निर्देश दिए।
​इस औचक निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO), स्वास्थ्य विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और अस्पताल का स्टाफ मौजूद रहा।
फर्रुखाबाद में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ा: नरौरा बांध से पानी छोड़े जाने के बाद प्रशासन अलर्ट 

फर्रुखाबाद में गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण यह स्थिति बनी है। संभावित बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने तटीय क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है और तैयारियां तेज कर दी हैं।

पांचाल घाट पर पंडों ने भी अपना सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। गुरुवार शाम 5 बजे नाविकों ने बताया कि पिछले दो दिनों में गंगा का जलस्तर लगभग 4 से 5 फीट बढ़ गया है।

बुधवार को नरौरा बांध से लगभग 11 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद गंगा का जलस्तर बढ़कर 134.50 मीटर से ऊपर पहुंच गया है, जिससे कई स्थानों पर कटान भी शुरू हो गई है।

वहीं, रामगंगा नदी में खो बैराज से 200 क्यूसेक और रामनगर बांध से लगभग 100 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। हालांकि, रामगंगा का जलस्तर अभी भी निचले गेज पर बना हुआ है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता दुर्ण कुमार ने बताया कि पहाड़ों पर लगातार बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण दोनों नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है।

जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लठार ने बुधवार को अमृतपुर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत कड़क्का बांध का निरीक्षण कर बाढ़ से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया था। मालूम होकि प्रशासन द्वारा तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सिंचाई विभाग ने लगभग 12 करोड़ रुपये की लागत से चार संवेदनशील स्थानों पर परकोपाइन स्पर बनवाए हैं। बाढ़ की स्थिति पर 24 घंटे नजर रखने के लिए दो नियंत्रण कक्ष भी अभी से सक्रिय कर दिए गए हैं।
शुकुरुल्लापुर ओवरब्रिज 3 दिन बंद रहेगा: मरम्मत के कारण रूट डायवर्ट, 9 से 11 जुलाई तक चलेगा काम 

दिल्ली-फर्रुखाबाद मार्ग पर छह वर्ष पूर्व हाल्ट स्टेशन शुकुरुल्लापुर के पास बने ओवरब्रिज के मेन ज्वाइंट में खराबी आ गई है। इससे बुधवार दोपहर को ओवरब्रिज पर आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इसके लिए पुल के दोनों ओर मिट्टी डालकर रास्ता बंद कर दिया गया है। वाहनों को हजियांपुर व नवाबगंज मार्ग से निकाला जा रहा है। चार दिन में काम पूरा होने पर पुल को खोला जा सकता है।

गांव शुकुरुल्लापुर स्थित क्रॉसिंग पर लगने वाले जाम से निजात दिलाने के लिए वर्ष 2021 में ओवरब्रिज का निर्माण शुरू हुआ था। वर्ष 2023 में इसका निर्माण पूरा होने के साथ आवागमन शुरू हो गया था। इसमें रेलवे लाइन के ऊपर के हिस्से 36 से 42 मीटर तक का रेलवे ने निर्माण कराया था। बाकी ओवरब्रिज का निर्माण सेतु निगम ने किया था। रेलवे द्वारा बनाए भाग के ओवरब्रिज के मेन ज्वाइंट में तकनीकी कमी आ गई है। रेलवे ने ओवरब्रिज पर वाहनों के आवागमन को रोने के लिए जिला प्रशासन व पुलिस को पत्र भेजा। इसके बाद बुधवार दोपहर सेतु निगम के सहायक अभियंता (एई) वीरेंद्र चतुर्वेदी ने ओवरब्रिज के दोनों ओर मिट्टी डलवाकर रास्ता बंद करवा दिया।

इज्जतनगर मंडल के डीआरएम के जनसंपर्क अधिकारी सफदर हुसैन ने बताया कि रेलवे लाइन के हिस्से वाले पुल में तकनीकी दिक्कत आई है। जिला प्रशासन को मरम्मत कराने की सूचना दे दी थी। मरम्मत कार्य में चार दिन का समय लगेगा। इसके बाद ओवरब्रिज पर यातायात सामान्य कर दिया जाएगा।

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बड़े वाहन हजियांपुर से नवाबगंज होकर फर्रुखाबाद जाएंगे
शमसाबाद थाना क्षेत्र के हजियापुर में पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर वाहनों को नवाबगंज की ओर मोड़ना शुरू कर दिया है। अब बड़े वाहन हजियांपुर से नवाबगंज होकर फर्रुखाबाद जाएंगे। वहीं नवाबगंज की ओर से आने वाले वाहनों को भी हजियांपुर की ओर जाने के बजाय डायवर्ट कर वैकल्पिक मार्ग से निकाला जा रहा है।
बाढ़ राहत कार्यों में शिथिलता बर्दाश्त नहीं, DM ने परखी NDRF की तैयारी; पांचाल घाट व अमृतपुर में मॉकड्रिल

जनपद में संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रभावित इलाकों में हर जरूरतमंद तक समय से राहत सामग्री पहुँचाने और सभी व्यवस्थाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।
बुधवार को पूर्व मानसून तैनाती के अंतर्गत गंगा पार महात्मा गांधी इंटर कॉलेज में NDRF टीम द्वारा आपदा प्रबंधन और जीवनरक्षक प्राथमिक उपचार (First Aid) पर एक विशेष जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान स्कूली बच्चों और प्रतिभागियों को सीपीआर (CPR), रक्तस्राव नियंत्रण, श्वासनली अवरोध से निपटने और बाढ़ के समय उपलब्ध संसाधनों से अस्थायी लाइफ जैकेट/उपकरण बनाने की तकनीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया।
संवेदनशील तटबंधों की होगी निगरानी, अलर्ट पर टीमें
जिलाधिकारी ने सिंचाई, राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य और नगर पंचायत सहित सभी संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि:
संवेदनशील तटबंधों और नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जाए।
नावों, मोटरबोट, गोताखोरों और अन्य बचाव उपकरणों को पूरी तरह क्रियाशील रखा जाए।
जिन रास्तों पर आवागमन बाधित है, वहाँ तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।
आम जनता अफवाहों पर ध्यान न दे और प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइंस का पालन करे।
अमृतपुर और पांचाल घाट पर NDRF की मॉकड्रिल
बैठक और प्रशिक्षण के बाद जिलाधिकारी ने गंगा और रामगंगा नदी के किनारे स्थित ग्रामीण क्षेत्रों का धरातलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अमृतपुर तहसील के ग्राम अल्हापुर भटौली, कड़क्का बंदी और पांचाल घाट पहुँचकर NDRF टीम की तैयारियों को परखा। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने बताया कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के आसपास 8 से 10 NDRF कार्मिकों की विशेष तैनाती रहती है। इस दौरान टीम ने त्वरित रेस्क्यू के लिए मॉकड्रिल का प्रदर्शन भी किया।
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक श्रीमती आरती सिंह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) श्री अरुण कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी अमृतपुर सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
फर्रुखाबाद में एक बार फिर बदला मौसम, जोरदार बारिश शुरू
खौफनाक:नर्स पत्नी ने पति के ड्रिप में मिलाया टॉयलेट क्लीनर, तड़प-तड़प कर मौत, पहले छत से धक्का दिया था तब बच गया था, तेलंगाना का मामला 

तेलंगाना में एक नर्स ने प्रेमी के साथ मिलकर 35 साल के पति की हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, महिला ने 30 जून को पति को छत से धक्का देकर मारने की कोशिश की थी। जब वह बच गया तो अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी नस में लगी ड्रिप में टॉयलेट क्लीनर इंजेक्ट कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

पुलिस ने इस मामले में आरोपी महिला 32 साल की संध्या, उसके प्रेमी अनिल और उसके दोस्त वेंकट साई को गिरफ्तार कर लिया है। जांच एजेंसियों का दावा है कि यह हत्या पहले से रची गई साजिश का हिस्सा थी, जिसकी वजह संध्या का एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर था।

यह पूरी घटना निजामाबाद जिले के मोपाल मंडल के न्यालाकल गांव की है। इसकी खबर सोमवार को सामने आई।

पहले छत से धक्का दिया, लेकिन प्रशांत बच गया था

पुलिस के मुताबिक, प्रशांत हाल ही में खाड़ी देश से लौटा था। वह किस देश में था, यह जानकारी नहीं मिली। वापस आने पर उसे संध्या के अफेयर के बारे में पता चला तो उनमें झगड़े होने लगे।

30 जून को तीनों आरोपियों ने प्रशांत को पहले खूब शराब पिलाई। फिर मारपीट कर घर की छत से नीचे धक्का दे दिया। हालांकि, गंभीर चोटों के बावजूद प्रशांत की जान बच गई। आरोपियों ने उन्हें यह कहकर अस्पताल पहुंचाया कि वह नशे की हालत में खुद गिर गए थे।

इलाज के दौरान टॉयलेट क्लीनर लगाया

जांच में सामने आया कि संध्या एक निजी अस्पताल में नर्स के रूप में काम कर चुकी है। पुलिस का आरोप है कि उसने अपने मेडिकल नॉलेज का इस्तेमाल करते हुए इलाज के दौरान पति की ड्रिप में टॉयलेट क्लीनर और एनेस्थीसिया इंजेक्ट कर दिया।

मां को हुआ शक, शिकायत के बाद खुला मामला

प्रशांत की मौत के बाद उनकी मां को घटना पर संदेह हुआ। उन्होंने 1 जुलाई को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान पुलिस ने तीनों आरोपियों से पूछताछ की, जिसमें साजिश का खुलासा हुआ। असली राज तब खुला जब शव का पोस्टमॉर्टम हुआ। पुलिस की पूछताछ में संध्या ने सच कबूल कर लिया।

पुलिस ने पत्नी संध्या और उसके प्रेमी को हिरासत में ले लिया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में वेंकट साई ने भी पहली हत्या की कोशिश में अपनी भूमिका स्वीकार की है।

पुलिस ने संध्या, अनिल और वेंकट साई को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
फर्रुखाबाद में बोरे में मिला डीसीएम चालक का शव: हाथ-पैर बंधे थे; शरीर पर मिले चोट के कई निशान, शाहजहांपुर का रहने वाला था 

फर्रुखाबाद के कमालगंज थाना क्षेत्र के ग्राम छीता कपूरापुर की कटरी में सोमवार शाम करीब 6 बजे बोरे में एक डीसीएम चालक का शव मिलने से सनसनी फैल गई। निर्माणाधीन सड़क के किनारे बनी खंती में बोरा पड़ा देखकर ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। मृतक की पहचान शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद थाना क्षेत्र के पुरैना गांव निवासी युवक के रूप में हुई है।

पुलिस ने बोरा खोलकर देखा तो उसमें युवक का शव पड़ा था। उसके हाथ-पैर बंधे हुए थे और शरीर पर चोट के कई निशान मिले। आंख, नाक और गले पर भी गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि युवक की हत्या करने के बाद शव को बोरे में भरकर यहां फेंका गया। घटना की सूचना मिलते ही थाना पुलिस के साथ फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंच गई। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जरूरी साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।

मोबाइल, नकदी और पेट्रोल पंप की पर्ची मिली

तलाशी के दौरान युवक की लोवर की जेब से एक मोबाइल फोन, 20 रुपये नकद और इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप की एक पर्ची बरामद हुई। पर्ची दिल्ली के मुकुंदपुर चौक स्थित पेट्रोल पंप की बताई जा रही है, जिस पर 5 जुलाई को पेट्रोल भरवाने का उल्लेख है। पुलिस मोबाइल और पर्ची के आधार पर मृतक की गतिविधियों और घटना की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।