उत्तराखंड की राजनीति में फिर भूचाल - जैनी प्रकरण में नया मोड़।
उत्तराखंड के 23 साल पुराने चर्चित जैनी प्रकरण ने एक बार फिर सियासी पारा हाई कर दिया है। इस बार खुद जैनी उर्फ इंदिरा देवरी का वीडियो सामने आया है।
वायरल वीडियो में जैनी ने चेहरा छिपा रखा है और कहा है कि राजनीतिक फायदे के लिए उनके नाम को घसीटा जा रहा है और उनके चरित्र को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा - एक दिन का वक्त दो, सबूत के साथ सच लाऊंगी, पूरे मामले का प्रूफ के साथ खुलासा करूंगी।"
जैनी ने कहा कि घटना के समय उनकी उम्र महज 16-17 साल थी और उन्हें डराया-धमकाया गया था। वो इस मामले को दोबारा खुलवाने और जिम्मेदारों को सजा दिलाने की मांग कर रही हैं।
क्यों गरमाया मामला?
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता भंडारी मामले पर कांग्रेस को घेरते हुए पुराने तंदूर कांड और जैनी कांड का जिक्र किया था।
इस पर पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत ने पलटवार करते हुए कहा था कि उन्होंने खुद CBI जांच की मांग की थी, मंत्री पद से इस्तीफा दिया था और CBI और DNA जांच में पाक-साफ निकल चुके हैं। उन्होंने केदारनाथ और माँ धारी देवी की कसम खाकर कहा कि उन्होंने जैनी को कभी देखा तक नहीं। 56ec
वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने सवाल उठाया था कि जैनी को संतान हुई थी, तो उसके पिता कौन है, ये सार्वजनिक होना चाहिए।
क्या है 2003 का जैनी प्रकरण?
साल 2003 में एनडी तिवारी सरकार में हरक सिंह रावत राजस्व मंत्री थे। असम मूल की इंदिरा देवी उर्फ जैनी ने गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद मामला CBI को सौंपा गया था और हरक सिंह को इस्तीफा देना पड़ा था।
अब जैनी के वीडियो के बाद एक बार फिर सूबे की सियासत में भूचाल आने की आशंका है।
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