नाबालिग से दुष्कर्म के बाद हत्या मामले में दो आरोपी गिरफ्तार, पुलिस मुठभेड़ में दोनों के पैर में लगी गोली
संतकबीरनगर। जनपद में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन क्रैक डाउन’ अभियान के तहत संतकबीरनगर पुलिस ने नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म, हत्या और साक्ष्य मिटाने के सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। साक्ष्य बरामदगी के दौरान पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश करने पर पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपियों के पैर में गोली लग गई। उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी मेंहदावल सर्वदवन सिंह के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष बेलहरकला हरिकेश भारती और एसओजी प्रभारी रजनीश राय के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने मंगलवार तड़के बालूशासन पुल के पास से मुहम्मद शरीफ उर्फ बगेदू और मोहम्मद आमिर उर्फ निरहू उर्फ पिल्ले, निवासी नगर पंचायत बेलहरकला, टोला पनभरा को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों को मृतका का मोबाइल और सिम बरामद कराने के लिए जंगल बेलहर स्थित कुशहरा-दरही मार्ग पर ले जाया गया था। इसी दौरान दोनों आरोपी भागने लगे। पुलिस द्वारा बार-बार रुकने की चेतावनी देने के बावजूद नहीं रुकने पर आवश्यक बल प्रयोग करते हुए फायरिंग की गई, जिसमें दोनों के पैर में गोली लगी और वे घायल हो गए।
गौरतलब है कि 28 जून को मृतका की मां ने थाना बेलहरकला में तहरीर देकर बताया था कि उसकी 16 वर्षीय पुत्री लगभग 15 दिन पहले किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ चली गई थी और तीन दिन पूर्व वापस घर लौटी थी। 28 जून की रात वह घर से लापता हो गई और सुबह उसकी लाश कब्रिस्तान के पास सागौन के पेड़ की टहनी से उसके ही दुपट्टे के सहारे संदिग्ध परिस्थितियों में मिली थी। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में इसे हत्या कर साक्ष्य मिटाने का प्रयास मानते हुए मुकदमा दर्ज किया था।
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने किशोरी के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या करने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने बताया कि मामले में दुष्कर्म, पॉक्सो और एससी/एसटी एक्ट की धाराएं बढ़ाई जा रही हैं।
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने मामले के सफल अनावरण और गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है।