Public App Logo
Jansamasya
News
पुलिस
Maharashtra
Bjp
National
Police
Bihar
India
Coronavirus
किसान
कांग्रेस
मौत
Accident
Congress
Modi
Delhi
Viral
Bollywood
Breakingnews
Narendramodi
Madhya_pradesh
Mp
Madhyapradesh
Pmmodi
Kerala
Rahulgandhi
Chhattisgarh
Uttarpradesh
Haryana

देहरादून: बेरोजगार लैब तकनीशियनों ने दी मुख्यमंत्री आवास घेराव की चेतावनी, 20वें दिन भी जारी रहा धरना देहरादून में मेडिकल लैब टैक्नोलॉजिस्ट संघ के बैनर तले एकता विहार स्थित धरना स्थल पर डिग्रीधारी बेरोजगार मेडिकल लैब तकनीशियनों का अनिश्चितकालीन धरना सोमवार को 20वें दिन भी जारी रहा। लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत लैब तकनीशियनों ने अब मुख्यमंत्री आवास घेराव और उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। संगठन के महासचिव मयंक राणा और संगठन मंत्री अनुराग पंत ने बताया कि जल्द ही मुख्यमंत्री से वार्ता का समय मांगा जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य गठन के 26 वर्षों बाद भी लैब तकनीशियनों के लिए कोई स्पष्ट नीति नहीं बनाई गई है, जिसके कारण हजारों डिग्रीधारी युवा बेरोजगार हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि 26 वर्षों से सेवा नियमावली न बनने के कारण न तो पदों का सृजन हो पाया और न ही डिग्रीधारी लैब तकनीशियनों के लिए नियमित भर्तियां निकाली गईं। वर्षों से उपेक्षित लैब तकनीशियन अब आर-पार की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मुख्यमंत्री स्तर पर भी उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो जल्द मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा और आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। लैब तकनीशियनों की प्रमुख मांगों में मानकों के अनुरूप पदों का सृजन, वर्षवार मेरिट के आधार पर सेवा नियमावली बनाना, आयु सीमा में एकमुश्त छूट प्रदान करना तथा सरकारी लैबों के निजीकरण पर रोक लगाना शामिल है। संगठन का कहना है कि जब तक उनकी चार सूत्रीय मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक धरना और आंदोलन जारी रहेगा। धरना स्थल पर संगठन के अध्यक्ष आशीष चंद्र, महासचिव मयंक राणा, उपाध्यक्ष रणवीर बिष्ट, संगठन मंत्री अनुराग पंत, कोषाध्यक्ष देवेंद्र भट्ट सहित बड़ी संख्या में डिग्रीधारी लैब तकनीशियन मौजूद रहे। #facebookreelsviral #viralreelschallenge #facebookreels #rudraprayag_uttrakhand #facebookviral #NewsUpdate #labtechnicians #dehradun #team #medical

MORE NEWS

ऋषिकेश में नशे की हालत में युवक ने कई दुपहिया वाहनों को टक्कर मार कर क्षतिग्रस्त कर दिया। स्थानीय लोगों ने किसी तरह कार चालक युवक को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया।

मंगलवार दोपहर के समय ऋषिकेश के हरिद्वार रोड पर स्थित पुरानी चुंगी के पास एक तेज रफ्तार कार अचानक परशुराम चौक की ओर मुड़ गई। इस दौरान तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे खड़े कई दुपहिया वाहनों को टक्कर मार कर क्षतिग्रस्त कर दिया। जिसके बाद कार चालक ने कार को तेजी से आगे बढ़ा दिया। इस दौरान स्थानीय लोगों ने कार को कुछ ही दूरी पर घेर कर पकड़ लिया। और पुलिस के हवाले कर दिया।

ऋषिकेश में नशे की हालत में युवक ने कई दुपहिया वाहनों को टक्कर मार कर क्षतिग्रस्त कर दिया। स्थानीय लोगों ने किसी तरह कार चालक युवक को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। मंगलवार दोपहर के समय ऋषिकेश के हरिद्वार रोड पर स्थित पुरानी चुंगी के पास एक तेज रफ्तार कार अचानक परशुराम चौक की ओर मुड़ गई। इस दौरान तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे खड़े कई दुपहिया वाहनों को टक्कर मार कर क्षतिग्रस्त कर दिया। जिसके बाद कार चालक ने कार को तेजी से आगे बढ़ा दिया। इस दौरान स्थानीय लोगों ने कार को कुछ ही दूरी पर घेर कर पकड़ लिया। और पुलिस के हवाले कर दिया।

Rudraprayag, Rudraprayag | Jul 14, 2026

देवप्रयाग के पास दो गाड़ियों (किआ सेल्टोज और रोडवेज बस) में हुई टक्कर!!

देवप्रयाग के पास दो गाड़ियों (किआ सेल्टोज और रोडवेज बस) में हुई टक्कर!!

Rudraprayag, Rudraprayag | Jul 14, 2026

सुप्रीम कोर्ट के वकील फिर पहुंचे नियमों का पुलिंदा लेकर, सात मोड़ पर पेड़ों की कटाई पर उठाए सवाल!!

ऋषिकेश के सात मोड़ क्षेत्र में पेड़ों की कटाई को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के एक अधिवक्ता फिर मौके पर पहुंचे और अपने साथ वन संरक्षण, पर्यावरणीय स्वीकृतियों तथा न्यायालय के विभिन्न आदेशों से संबंधित दस्तावेजों का पुलिंदा लेकर अधिकारियों के समक्ष कई कानूनी सवाल उठाए।

अधिवक्ता ने दावा किया कि यदि पेड़ों की कटाई निर्धारित नियमों और आवश्यक अनुमतियों के अनुरूप नहीं की जा रही है तो यह मामला न्यायिक समीक्षा के दायरे में आ सकता है। उन्होंने संबंधित विभागों से कटाई की अनुमति, पर्यावरणीय मंजूरी और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की।
इस दौरान उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यकर्ताओं ने भी मौके पर विरोध प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि विकास परियोजनाओं के नाम पर पर्यावरणीय मानकों की अनदेखी की जा रही है, जबकि प्रशासन का कहना है कि सभी कार्य निर्धारित स्वीकृतियों और नियमों के तहत किए जा रहे हैं।

सात मोड़ पर जारी पेड़ों की कटाई को लेकर अब यह मामला पर्यावरण संरक्षण बनाम विकास की बहस का केंद्र बनता जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट के वकील फिर पहुंचे नियमों का पुलिंदा लेकर, सात मोड़ पर पेड़ों की कटाई पर उठाए सवाल!! ऋषिकेश के सात मोड़ क्षेत्र में पेड़ों की कटाई को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के एक अधिवक्ता फिर मौके पर पहुंचे और अपने साथ वन संरक्षण, पर्यावरणीय स्वीकृतियों तथा न्यायालय के विभिन्न आदेशों से संबंधित दस्तावेजों का पुलिंदा लेकर अधिकारियों के समक्ष कई कानूनी सवाल उठाए। अधिवक्ता ने दावा किया कि यदि पेड़ों की कटाई निर्धारित नियमों और आवश्यक अनुमतियों के अनुरूप नहीं की जा रही है तो यह मामला न्यायिक समीक्षा के दायरे में आ सकता है। उन्होंने संबंधित विभागों से कटाई की अनुमति, पर्यावरणीय मंजूरी और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की। इस दौरान उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यकर्ताओं ने भी मौके पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि विकास परियोजनाओं के नाम पर पर्यावरणीय मानकों की अनदेखी की जा रही है, जबकि प्रशासन का कहना है कि सभी कार्य निर्धारित स्वीकृतियों और नियमों के तहत किए जा रहे हैं। सात मोड़ पर जारी पेड़ों की कटाई को लेकर अब यह मामला पर्यावरण संरक्षण बनाम विकास की बहस का केंद्र बनता जा रहा है।

Rudraprayag, Rudraprayag | Jul 14, 2026