मौसम खराब होने से नहीं पहुंच सका हेलीकॉप्टर, मध्यमहेश्वर यात्रा मार्ग पर बड़ा हादसा,
ट्रॉली तक पहुंचने से पहले नदी में गिरा श्रद्धालु!! पुल बहने के बाद ट्रॉली से हो रही आवाजाही, मौसम खराब होने से नहीं पहुंच सका हेलीकॉप्टर, एसडीआरएफ ने स्ट्रेचर से पहुंचाया अस्पताल!!
द्वितीय केदार भगवान मध्यमहेश्वर यात्रा मार्ग पर सोमवार को गौण्डार-बनतोली क्षेत्र में बड़ा हादसा हो गया। मोरखंडा नदी पर बना अस्थायी लकड़ी का पुल बह जाने के बाद ट्रॉली के माध्यम से नदी पार कर रहे एक श्रद्धालु ट्रॉली में बैठने से पहले ही असंतुलित होकर नदी में गिर गया। स्थानीय लोगों और अन्य श्रद्धालुओं ने तत्काल साहस दिखाते हुए उसका रेस्क्यू किया। गंभीर रूप से घायल युवक को पहले सुरक्षित स्थान पर लाया गया, जबकि मौसम खराब होने के कारण हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध नहीं हो सकी। बाद में एसडीआरएफ ने स्ट्रेचर के सहारे दुर्गम पैदल मार्ग से निकालकर उसे अस्पताल पहुंचाया।
घटना के बाद प्रशासन ने घायल को हेली रेस्क्यू के माध्यम से हायर सेंटर भेजने की तैयारी की थी, लेकिन प्रतिकूल मौसम के चलते हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका। इसके बाद उत्तराखंड पुलिस की एसडीआरएफ टीम ने राहत एवं बचाव अभियान चलाते हुए घायल को सुरक्षित निकालकर एंबुलेंस तक पहुंचाया, जहां से उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, ऊखीमठ भेजा गया।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि बनतोली क्षेत्र में ट्रॉली से युवक के गिरकर घायल होने की सूचना मिलते ही अगस्त्यमुनि पोस्ट से एसडीआरएफ टीम को तत्काल रवाना किया गया। अपर उपनिरीक्षक हरीश बंगारी के नेतृत्व में टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर घायल को प्राथमिक उपचार दिया। युवक गंभीर रूप से घायल होने के कारण चलने में असमर्थ था, इसलिए एसडीआरएफ के जवानों ने उसे स्ट्रेचर के माध्यम से दुर्गम पैदल मार्ग से निकालकर एंबुलेंस तक पहुंचाया।
घायल युवक की पहचान अंजुल कुमार (23) पुत्र ओमपाल सिंह, निवासी जनपद मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार जारी है।
वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता सुभाष अंथवाल ने घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि मोरखंडा नदी पर अस्थायी पुल बह जाने के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु ट्रॉली के सहारे नदी पार करने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्ग पर सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था के अभाव में श्रद्धालुओं की जान जोखिम में पड़ रही है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र स्थायी एवं सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
इस घटना के बाद मध्यमहेश्वर यात्रा मार्ग पर सुरक्षा प्रबंधों और वैकल्पिक आवागमन व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।