धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का बड़ा बयान: ‘हिंदुओं को हिंदुओं से ही सबसे बड़ा खतरा’, नशा, नींद और नारी को बताया भविष्य के लिए घातक
दतिया। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने दतिया में पत्रकार सम्मेलन के दौरान हिंदुओं को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में हिंदुओं को सबसे बड़ा खतरा हिंदुओं से ही है। उनके मुताबिक, हिंदुओं को जितना खतरा मुस्लिम या ईसाइयों से नहीं है, उससे कहीं ज्यादा खतरा आपसी मतभेदों और अपने ही लोगों से है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज होने की संभावना है।
‘हम हिंदुओं को जगाने का काम कर रहे हैं’
पत्रकारों से बातचीत करते हुए आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि उनका उद्देश्य लोगों को समझाना नहीं, बल्कि हिंदुओं को जगाना है। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि लोगों को जगाने का काम करने वालों को सबसे पहले निशाना बनाया जाता है।
अपनी बात को उदाहरण के जरिए समझाते हुए उन्होंने मुर्गे का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मुर्गा लोगों को जगाता है, इसलिए लोग सबसे ज्यादा उसी को काटते हैं। उनके इस उदाहरण के जरिए जागरूकता फैलाने के रास्ते में आने वाली चुनौतियों की ओर इशारा किया गया।
‘सिर्फ गति नहीं, प्रगति भी जरूरी’
आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने जीवन में आगे बढ़ने के साथ सही दिशा में विकास करने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि केवल गति होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जीवन में प्रगति भी जरूरी है।
उनके संदेश का मुख्य जोर जीवन में अनुशासन, जागरूकता और सकारात्मक बदलाव पर रहा। उन्होंने युवाओं के भविष्य के संदर्भ में नशा, नींद और नारी का उल्लेख करते हुए इन्हें घातक बताया।
बयान को लेकर चर्चा
दतिया में पत्रकार सम्मेलन के दौरान दिए गए इन बयानों में हिंदुओं को आपसी स्तर पर जागरूक करने और जीवन में अनुशासन बनाए रखने का संदेश प्रमुखता से सामने आया। हिंदुओं को हिंदुओं से ही सबसे बड़ा खतरा होने संबंधी उनकी टिप्पणी खास तौर पर चर्चा का विषय बनी हुई है।
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