कुलागाड़ में टूटा वैली ब्रिज, मलबे-बोल्डरों की मार से आवाजाही ठप,
दारमा, व्यास और चौदास घाटी का धारचूला से संपर्क कटा,
गुंजी-कुटी जा रहे श्रद्धालु रास्ते में फंसे,
सेना और ग्रामीणों की भी बढ़ी मुश्किलें,
पिथौरागढ़ के सीमांत क्षेत्र धारचूला से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। धारचूला-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुलागाड़ के पास बना वैली ब्रिज मलबे और भारी बोल्डरों की चपेट में आकर टूट गया है।
पुल टूटने के बाद इस महत्वपूर्ण मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई है। इसका सीधा असर दारमा, व्यास और चौदास घाटी के लोगों पर पड़ा है। तीनों घाटियों का धारचूला तहसील मुख्यालय से संपर्क कट गया है।
ये तस्वीरें सीमांत धारचूला के कुलागाड़ की हैं...
जहां पहाड़ से गिरे मलबे और भारी-भरकम बोल्डरों ने एक बार फिर तबाही मचा दी।
पहाड़ से आया मलबा सीधे वैली ब्रिज पर गिरा...और देखते ही देखते पुल इसकी चपेट में आ गया।
भारी मलबे और बोल्डरों के दबाव से वैली ब्रिज टूट गया, जिसके बाद सड़क पर आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई।
यह कोई सामान्य रास्ता नहीं है...
बल्कि यही मार्ग सीमांत क्षेत्र की दारमा, व्यास और चौदास घाटियों को धारचूला तहसील मुख्यालय से जोड़ता है।
पुल टूटने के बाद तीनों घाटियों का संपर्क मुख्यालय से कट गया है।
स्थानीय ग्रामीणों के लिए यह सिर्फ सड़क बंद होने की खबर नहीं है...
बल्कि रोजमर्रा की जरूरतों, जरूरी सामान, आवाजाही और अन्य सेवाओं पर भी इसका सीधा असर पड़ने वाला है।
उधर, गुंजी और कुटी में पूजा-पाठ के लिए जा रहे श्रद्धालुओं की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं।
श्रद्धालु इसी मार्ग से सीमांत क्षेत्र की ओर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में वैली ब्रिज टूट जाने से उनकी यात्रा भी प्रभावित हो गई है।कई यात्री मार्ग खुलने का इंतजार कर रहे हैं।
सीमांत क्षेत्र में सड़क संपर्क का महत्व इसलिए भी बेहद ज्यादा है...
क्योंकि यही रास्ते स्थानीय ग्रामीणों के साथ-साथ सेना और सुरक्षा बलों की आवाजाही के लिए भी महत्वपूर्ण हैं।
ऐसे में वैली ब्रिज का टूटना सिर्फ ग्रामीणों के लिए परेशानी नहीं है...
बल्कि सामरिक रूप से महत्वपूर्ण इस सीमांत क्षेत्र में भी चुनौती बढ़ गई है।
पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के बीच मलबा और बोल्डर गिरने का सिलसिला लगातार जारी है।
कुलागाड़ में वैली ब्रिज टूटने से फिलहाल दारमा, व्यास और चौदास—तीनों सीमांत घाटियों की राह मुश्किल हो गई है।एक तरफ स्थानीय ग्रामीण परेशान हैं, दूसरी तरफ गुंजी-कुटी जाने वाले श्रद्धालु फंसे हैं और सीमांत क्षेत्र में सेना की आवाजाही पर भी इसका असर पड़ा है। #facebookviral #socialmedia #uttarakhand #pithoragarh #today #Update #instagram #rain #weather कुलागाड़ में टूटा वैली ब्रिज, मलबे-बोल्डरों की मार से आवाजाही ठप,
दारमा, व्यास और चौदास घाटी का धारचूला से संपर्क कटा,
गुंजी-कुटी जा रहे श्रद्धालु रास्ते में फंसे,
सेना और ग्रामीणों की भी बढ़ी मुश्किलें,
पिथौरागढ़ के सीमांत क्षेत्र धारचूला से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। धारचूला-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुलागाड़ के पास बना वैली ब्रिज मलबे और भारी बोल्डरों की चपेट में आकर टूट गया है।
पुल टूटने के बाद इस महत्वपूर्ण मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई है। इसका सीधा असर दारमा, व्यास और चौदास घाटी के लोगों पर पड़ा है। तीनों घाटियों का धारचूला तहसील मुख्यालय से संपर्क कट गया है।
ये तस्वीरें सीमांत धारचूला के कुलागाड़ की हैं...
जहां पहाड़ से गिरे मलबे और भारी-भरकम बोल्डरों ने एक बार फिर तबाही मचा दी।
पहाड़ से आया मलबा सीधे वैली ब्रिज पर गिरा...और देखते ही देखते पुल इसकी चपेट में आ गया।
भारी मलबे और बोल्डरों के दबाव से वैली ब्रिज टूट गया, जिसके बाद सड़क पर आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई।
यह कोई सामान्य रास्ता नहीं है...
बल्कि यही मार्ग सीमांत क्षेत्र की दारमा, व्यास और चौदास घाटियों को धारचूला तहसील मुख्यालय से जोड़ता है।
पुल टूटने के बाद तीनों घाटियों का संपर्क मुख्यालय से कट गया है।
स्थानीय ग्रामीणों के लिए यह सिर्फ सड़क बंद होने की खबर नहीं है...
बल्कि रोजमर्रा की जरूरतों, जरूरी सामान, आवाजाही और अन्य सेवाओं पर भी इसका सीधा असर पड़ने वाला है।
उधर, गुंजी और कुटी में पूजा-पाठ के लिए जा रहे श्रद्धालुओं की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं।
श्रद्धालु इसी मार्ग से सीमांत क्षेत्र की ओर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में वैली ब्रिज टूट जाने से उनकी यात्रा भी प्रभावित हो गई है।कई यात्री मार्ग खुलने का इंतजार कर रहे हैं।
सीमांत क्षेत्र में सड़क संपर्क का महत्व इसलिए भी बेहद ज्यादा है...
क्योंकि यही रास्ते स्थानीय ग्रामीणों के साथ-साथ सेना और सुरक्षा बलों की आवाजाही के लिए भी महत्वपूर्ण हैं।
ऐसे में वैली ब्रिज का टूटना सिर्फ ग्रामीणों के लिए परेशानी नहीं है...
बल्कि सामरिक रूप से महत्वपूर्ण इस सीमांत क्षेत्र में भी चुनौती बढ़ गई है।
पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के बीच मलबा और बोल्डर गिरने का सिलसिला लगातार जारी है।
कुलागाड़ में वैली ब्रिज टूटने से फिलहाल दारमा, व्यास और चौदास—तीनों सीमांत घाटियों की राह मुश्किल हो गई है।एक तरफ स्थानीय ग्रामीण परेशान हैं, दूसरी तरफ गुंजी-कुटी जाने वाले श्रद्धालु फंसे हैं और सीमांत क्षेत्र में सेना की आवाजाही पर भी इसका असर पड़ा है। #rain #pithoragrah #resque #uttarakhand #bridge