SIR-2026 की समीक्षा बैठक में जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने दिए समयबद्ध निष्पादन के निर्देश
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नो-मैपिंग, तार्किक विसंगतियों, नोटिस निष्पादन एवं मतदाता सत्यापन कार्यों को प्राथमिकता देने पर जोर
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पश्चिमी सिंहभूम जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के तहत मतदाता सूची से संबंधित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के उद्देश्य से जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने गोपनीय कार्यालय प्रकोष्ठ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्वाचन से जुड़े सभी कार्यों में तेजी लाने तथा लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
समीक्षा के क्रम में जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने नो-मैपिंग के मामलों, तार्किक विसंगतियों के निराकरण, जारी नोटिसों के निष्पादन तथा मतदाताओं के सत्यापन कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए इन सभी कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया में प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल करने तथा अपात्र व्यक्तियों के नाम शामिल होने से रोकने के लिए सभी संबंधित पदाधिकारी पूरी गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करें।
उन्होंने निर्देश दिया कि जिन मतदाताओं के अभिलेखों की मैपिंग नहीं हो सकी है, उनके मामलों का नियमानुसार सत्यापन करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाए। इसी प्रकार, मतदाता सूची में पाई गई तार्किक विसंगतियों की जांच कर उनका समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। नोटिस से संबंधित मामलों में भी अनावश्यक विलंब नहीं हो तथा निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप सभी लंबित मामलों का निष्पादन किया जाए।
बैठक में प्रपत्र-6, प्रपत्र-7 एवं प्रपत्र-8 के माध्यम से प्राप्त दावों एवं आपत्तियों के डिजिटलीकरण की प्रगति पर भी विशेष जोर दिया गया। जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि इन प्रपत्रों से जुड़े सभी आवश्यक कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं। साथ ही, ऐसे पात्र नागरिक जो किसी कारणवश मतदाता सूची में शामिल होने से छूट गए हैं, उनके सत्यापन एवं नियमानुसार नाम जोड़ने की प्रक्रिया को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।
श्री मनीष कुमार ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची का शुद्धिकरण एक महत्वपूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया है, जिसमें पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं निर्धारित दिशा-निर्देशों का अनुपालन अनिवार्य है। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने, कार्यों की नियमित निगरानी करने तथा निर्धारित समय-सीमा में सभी लंबित प्रक्रियाओं को पूर्ण करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि 30 नवंबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन निर्धारित है। इसे ध्यान में रखते हुए सभी संबंधित पदाधिकारी समयबद्ध तरीके से कार्यों का निष्पादन सुनिश्चित करें, ताकि अंतिम मतदाता सूची त्रुटिरहित एवं अद्यतन हो।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, विश्वसनीय एवं पारदर्शी बनाना है। इस प्रक्रिया में यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रहे और किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल न हो। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों को पूरी तत्परता, जवाबदेही एवं गंभीरता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया।
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