माटीकला बोर्ड कुम्हारों को गुमराह कर वोट लेने का महज एक लालीपाप है। अतः आजका युवा मिट्टी से उपर उठकर विज्ञान एवं संविधान को तरजीह देते हुए सामाजिक न्याय के लिए एकजुट संघर्ष पर उतारू नहीं हुआ तो पुर्वजों की भांति मानसिक गुलाम बनकर मरना तय है - Sahjanwa News
माटीकला बोर्ड कुम्हारों को गुमराह कर वोट लेने का महज एक लालीपाप है। अतः आजका युवा मिट्टी से उपर उठकर विज्ञान एवं संविधान को तरजीह देते हुए सामाजिक न्याय के लिए एकजुट संघर्ष पर उतारू नहीं हुआ तो पुर्वजों की भांति मानसिक गुलाम बनकर मरना तय है