Omkar Kidnapping Case: पांच दिन से लापता ओमकार की हत्या का खुलासा, पंचायत में पिटाई के बदले की कहानी जानिए
Ghaziabad News: जिस ओमकार को लोनी पुलिस तलाश कर रही थी, उसकी हत्या कर दी गई। गिरफ्तार किए गए आरोपी ने जो बयां किया, उसको सुनकर पुलिस सन्न रह गई।
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के लोनी के गनौली गांव से अगवा ओमकार अपहरणकांड से पर्दा उठ गया। उसकी हत्या हो चुकी है। पंचायत में बेइज्जती का बदला लेने के लिए आरोपियों ने उसे गोली मार दी और शव गंगनहर में फेंक दिया। 50 हजार के इनामी मोहित की गिरफ्तारी से गुरुवार को पूरे हत्याकांड का खुलासा हुआ। वारदात के दिन आरोपी ओमकार को गोली मारने के बाद कार की डिग्गी में डालकर ले गए थे।
Omkar Kidnapping Case
पांच दिन से ओमकार को जिंदा तलाश रही पुलिस और परिजनों के सामने अब उसकी मौत की कहानी आ गई है। पकड़े गए मोहित ने बताया कि 20 मई को ओमकार के बेटे देवांश और सौरभ के बीच गाड़ी का पीछा करने को लेकर विवाद हुआ था। 29 मई को विक्की के घर पंचायत बैठी। वहां ओमकार ने सौरभ और उसके पिता विजेन्द्र को सबके सामने पीट दिया। इसी बेइज्जती का बदला लेने के लिए उसी रात खूनी खेल की पटकथा लिख दी गई।
रातभर खेत में लगाई घात
गिरफ्तार मोहित ने पुलिस को बताया कि वह गोपाल का बचपन का दोस्त है और गोपाल की सौरभ से गहरी दोस्ती है। पंचायत में हुई फजीहत से तिलमिलाए सौरभ, गौरव, गोपाल, बादलपुर के गौरव और मोहित ने रात में ही ओमकार को ठिकाने लगाने की ठान ली। सौरभ पिस्टल और तमंचा लेकर स्विफ्ट कार से पहुंचा। सभी ने टीला गांव के ठेके से शराब खरीदी और रातभर खेत में बैठकर घात लगाई।
30 मई को ओमकार की हत्या की थी
मोहित ने बताया कि 30 मई की सुबह ओमकार रोज की तरह बाइक से चारा लेने निकला। निठोरा अंडरपास के नीचे उन्होंने उसे घेर लिया और उस पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। जिसके बाद उन्होंने उसके शव को कार की डिग्गी में ठूंसा और रटौल के रास्ते भाग निकले। पहले हिंडन नदी के पास गए, लेकिन वहां भीड़ देखकर आगे बढ़ गए। आखिर में पूठखास पुल के पास गंगनहर के किनारे जंगल में ले जाकर शव को पानी में फेंक दिया।
फरार चार अन्य आरोपियों को तलाश रही पुलिस
डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी ने बताया कि इस मामले में अब तक 17 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। पांचों मुख्य आरोपियों पर 50-50 हजार का इनाम घोषित है। इनमें से मोहित को आज निठौरा गेट के पास से उस वक्त गिरफ्तार किया गया, जब वह गांव में घुसने की फिराक में था। मोहित के बयान के बाद गंगनहर में शव की तलाश शुरू कर दी गई है। गोताखोर और एनडीआरएफ की टीम मौके पर लगी है। बाकी चार फरार आरोपियों गौरव, सौरभ उर्फ भोला, गोपाल और बादलपुर निवासी गौरव की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।