पंजीकरण निरस्त होने के बाद भी रोडवेज से 60 लाख के जीएसटी सहित बिल के जरिये वसूली का आरोप
शिकोहाबाद डिपो में फर्म को काम देने और बिल भुगतान में मिलीभगत का आरोप, आरटीआई से मांगी गई जानकारी
फिरोजाबाद। पंजीकरण निरस्त होने के बाद भी एक फर्म द्वारा रोडवेज से करीब 60 लाख रुपये की जीएसटी बिल से रकम वसूले जाने का मामला सामने आया है। जसराना क्षेत्र के एक युवक ने मामले की शिकायत क्षेत्रीय प्रबंधक इटावा से करते हुए तत्कालीन कार्यवाहक आरएम की मिलीभगत से फर्म को काम दिए जाने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता ने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत भी विभाग से संबंधित अभिलेख और जानकारी मांगी है।
जसराना के गांव उत्तरारा निवासी नरेंद्र कुमार ने क्षेत्रीय प्रबंधक को दिए शिकायती पत्र में बताया कि शिकोहाबाद डिपो की वर्कशाप में बसों की धुलाई का काम करने वाली फर्म का जीएसटी पंजीकरण करीब एक वर्ष पूर्व निरस्त हो चुका है। इसके बावजूद फर्म को विभाग में काम दिया जा रहा है और उसके बिलों का भुगतान जीएसटी जोड़कर किया जा रहा है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस तरह विभाग से करीब 60 लाख रुपये जीएसटी बिल सहित रकम वसूली की गई है।
उन्होंने नियमानुसार बिना वैध जीएसटी पंजीकरण के फर्म को काम दिए जाने पर भी सवाल उठाए हैं। साथ ही डिपो परिसर में बसों से डीजल चोरी किए जाने का आरोप लगाते हुए अधिकारियों की मिलीभगत की आशंका जताई है।
आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी में यह भी सामने आने का दावा किया गया है कि फर्म संचालक ने मरम्मत कार्य के लिए छह कर्मचारियों को नियुक्त कर रखा है। हालांकि, बसों में खराबी आने पर बाहर से मजदूर बुलाकर काम कराया जाता है। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
वही पूरे मामले को लेकर आरएम कपिल कुमार का कहना है मामले की शिकायत प्राप्त हुई है मामले की गहनता से जांच करायी जा रही है वरिष्ठ अधिकारियों को द्वारा जो भी मामले में दोषी पाए जाएंगे उन पर कार्यवाही की जाएगी
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