Install App
Login
HOME
Delhi
Haryana
Uttar Pradesh
Bihar
Chhattisgarh
Madhya Pradesh
Rajasthan
Jharkhand
Himachal Pradesh
Uttarakhand
Punjab
Andhra Pradesh
Telangana
Tamil Nadu
Karnataka
Maharashtra
Assam
West Bengal
Tripura
Gujarat
Odisha
Kerala
Jansamasya
News
Bjp
National
Police
Bihar
India
कांग्रेस
Gujarat
Accident
Congress
Modi
Delhi
Viral
मारपीट
Jharkhand
Breakingnews
Narendramodi
Nitishkumar
Madhya_pradesh
Nsui
Madhyapradesh
Pmmodi
Rahulgandhi
Uttarpradesh
Haryana
Cricket
Lucknow
Uttarakhand
Crimenews
sblive
3
इस प्यार को क्या नाम दूं......? VC- Social media #loveaffair #lovemarrage #viralvedio
Dandari, Begusarai
| May 15, 2026
#loveaffair
#lovemarrage
#viralvedio
MORE NEWS
चार लाख के मुआवजे पर रिश्वत का खेल! ₹4 हजार लेते क्लर्क रंगे हाथ गिरफ्तार। #Corruption #BreakingNews #Begusarai #CrimeNews #निगरानीटीम
Dandari, Begusarai | Aug 7, 2026
डीएवी एनएच-28 बरौनी में नेशनल स्पोर्ट्स क्लस्टर मीट 2026: रोमांचक मुकाबलों के बीच विजेताओं की घोषणा संवाददाता मुकेश कुमार बरौनी प्रखंड बरौनी प्रखंड बरौनी: डीएवी पब्लिक स्कूल, एनएच-28 बरौनी के प्रांगण में आयोजित 'डीएवी नेशनल स्पोर्ट्स क्लस्टर मीट 2026' के दूसरे दिन विभिन्न खेल प्रतिस्पर्धाओं में खिलाड़ियों के बीच कड़ा और रोमांचक मुकाबला देखने को मिला। दिन भर चले विभिन्न वर्गों के मैचों के बाद विजेताओं और उप-विजेताओं के नामों की आधिकारिक घोषणा कर दी गई। मुख्य उपलब्धियां एवं प्रतियोगिता परिणाम खेलों के इस महाकुंभ में भाग ले रही विभिन्न टीमों ने उत्कृष्ट प्रदर्श ।। प्रमुख खेलों के परिणाम इस प्रकार रहःकबड्डी (बालक वर्ग, अंडर-19): कबड्डी के फाइनल मुकाबले में डीएवी पब्लिक स्कूल, लखीसराय ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए डीएवी पब्लिक स्कूल, एनएच-28 बरौनी को पराजित किया और चैंपियन की ट्रॉफी अपने नाम की। मेजबान बरौनी की टीम उप-विजेता (Runner-up) रही। वॉलीबॉल (बालिका वर्ग, अंडर-14): वॉलीबॉल के इस वर्ग में डीएवी पब्लिक स्कूल, पूर्णिया की टीम ने उत्कृष्ट तालमेल का परिचय देते हुए डीएवी पब्लिक स्कूल, मुंगेर को शिकस्त दी और विजेता बनने का गौरव हासिल किया।वॉलीबॉल (बालक वर्ग, अंडर-19): रोमांचक फाइनल मुकाबले में मेजबान डीएवी पब्लिक स्कूल, एनएच-28 बरौनी ने दबदबा बनाते हुए डीएवी पब्लिक स्कूल, पूर्णिया को हराकर शानदार जीत दर्ज की और विजेता ट्रॉ कब्जा जमायाकार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट उपस्थिति इस खेल महोत्सव में मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख अतिथियों में शामिल रहे: एच.यू.आर.एल. (HURL) एवं बैंक अधिकारी: * नितिन जी (एच.यू.आर.एल.) मनीष कुमार सिंह (एजीएम, एसबीआई)मनीष कुमार (एच.यू.आर.एल.) संस्थान एवं डेयरी प्रतिनिधि: * विशाल वैभव (एजीएम, सुधा डेयरी) सीताराम माथुर (एनटीपीसी)शिक्षा एवं खेल जगत के प्रबुद्ध जनः * श्वेता कुमारी (डीएवी बरौनी) मिश्रा अनुपमा मिश्रचिन्मय घोष (डीएवी बरौनी) सुधा झा (डीएवी शेखपुरा) आदित्य साहिडॉ. सुभाष चंद्र (खड़गपुर) निधि सिंहविद्यालय के मीडिया प्रभारी हेमंत कुमार मिश्र ने प्रतियोगिता के परिणामों एवं आयोजन की विस्तृत जानकारी प्रेस के साथ साझा की और सफल आयोजन के लिए सभी प्रतिभागी टीमों को बधाई दी
Dandari, Begusarai | Aug 7, 2026
भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी सरकारी योजनाः पिपरा देवस में निर्माण के एक महीने के अंदर ही टूटने लगी नई पीसीसी सड़क संवाददाता मुकेश कुमार ग्राम पंचायत: पिपरा देवस, प्रखंड: बरौनी (बेगूसराय) योजनाः षष्टम वित्त आयोग कार्य का नाम: अवध त्रिभुज सड़क से रामदेव यादव डेरा की तरफ जाने वाली सड़क में पीसीसी ढलाई प्राक्कलन राशि: ₹6,69,527/- जिम्मेदारः पंचायत सचिव एवं मुखिया क्या है पूरा मामला? बरौनी प्रखंड के ग्राम पंचायत पिपरा देवस में सरकारी पैसों की बंदरबांट और घटिया निर्माण कार्य का एक गंभीर मामला सामने आया है। षष्टम वित्त आयोग के तहत लगभग 6.69 लाख रुपये की लागत से अवध त्रिभुज सड़क से रामदेव यादव डेरा तम् ढलाई कार्य बीते 6 पीसी सड़क का को कराया गया थास्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के मात्र एक महीने के भीतर ही सड़क जगह-जगह से उखड़ने और टूटने लगी है। सड़क की यह दुर्दशा देखकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। मानकों की उड़ाई गईं धज्जियां: पुरानी सड़क पर ढाल दी महज आधे इंच की परत ग्रामीणों द्वारा साझा की गई तस्वीरों और बयानों से साफ उजागर होता है कि सड़क निर्माण में भारी अनियमितता बरती गई है: आधे इंच की ढलाईः पुरानी जर्जर सड़क को बिना ठीक किए, उसके ऊपर महज आधे इंच (1/2 inch) की पतली कंक्रीट परत ढालकर खानापूर्ति कर दी गई। मानकों की अनदेखी: पीसीसी सड़क के लिए निर्धारित मोटाई और गुणवत्ता के मानकों का जरा भी ध्यान नहीं रखा गया। गुणवत्ताहीन सामग्रीः घटिया सीमेंट, बालू और गिट्टी के मि ही महीने में दर ↓ के कारण सड़क एक 1 गी है"यह पिपरा देवस पंचायत का दुर्भाग्य ही है कि जिस सड़क पर लाखों रुपये खर्च दिखाए गए, वह एक महीना भी सही सलामत नहीं टिक सकी। यह पूरी तरह से जनता के पैसे की खुली लूट है।" > - आक्रोशित ग्रामीण वरिष्ठ अधिकारियों से कार्रवाई की मांग, आंदोलन की चेतावनी स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन और पंचायती राज विभाग के वरिष्ठ पदाधिकारियों से इस पूरे मामले पर तुरंत संज्ञान लेने की अपील की है। ग्रामीणों की मांगें: निष्पक्ष जांच: जिला स्तरीय तकनीकी टीम भेजकर सड़क की मोटाई और सामग्री की गुणवत्ता की जांच कराई जाए। . दोषियों पर कार्रवाई: घटिया निर्माण कार्य कराने वाले संबंधित पंचायत सचिव, मुखिया और ठेकेदार/एजेंसी पर सख्तनिष्पक्ष जांच: जिला स्तरीय त५. टीम भेजकर सड़क की मोटाई और सामग्री की गुणवत्ता की जांच कराई जाए। दोषियों पर कार्रवाई: घटिया निर्माण कार्य कराने वाले संबंधित पंचायत सचिव, मुखिया और ठेकेदार/एजेंसी पर सख्त कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की जाए। पुनर्निर्माणः पुरानी ढलाई को हटवाकर मानकों के अनुसार दोबारा मजबूत सड़क का निर्माण कराया जाए। ग्रामीणों की चेतावनी: यदि जिला प्रशासन और संबंधित विभाग जल्द ही इस घटिया निर्माण की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं करता है, तो पिपरा देवस पंचायत के ग्रामीण उग्र आंदोलन और धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी। ग्रामीण मुकेश कुमार आदित्य कुमार उर्फ बाबू साहब
Dandari, Begusarai | Aug 7, 2026
सुल्तानगंज के प्राचीन और ऐतिहासिक नाम संवाददाता मुकेश कुमार सुल्तानगंज अजगैबीनाथ धाम (Ajgaibinath Dham): यह सुल्तानगंज का सबसे प्रमुख और प्रसिद्ध पौराणिक नाम है। यहाँ गंगा नदी के बीच में एक विशाल चट्टान पर बाबा अजगैबीनाथ (शिव) का अति प्राचीन मंदिर स्थित है। इसी कारण इस क्षेत्र को युगों से अजगैबीनाथ धाम कहा जाता रहा है। जहांगीरा / जाह्नवी-गिरि (Jahangira /Jahnu-Giri): पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यहाँ जह्नु ऋषि का आश्रम था। जब गंगाजी के वेग से उनके तप में बाधा पड़ी, तो उन्होंने गंगा को पी लिया था। बाद में देवताओं के आग्रह पर उन्होंने गंगा को पुनः मुक्त किया, जिससे गंगा का नाम जाह्नवी पड़ा। जह्नु मुनि के नाम पर इस जाह्नवी-गिरि (जह्नु स्थान को जहांग ऋषि की पहाड़ ↓ कहा गयाहिरण्यपुरी (Hiranyapuri): प्राचीन ग्रंथों और स्थानीय ऐतिहासिक मान्यताओं के अनुसार, मुगल शासकों के आने से पूर्व इस क्षेत्र को हिरण्यपुरी नाम से भी जाना जाता था। अंग प्रदेश का भागः महाभारत काल में यह क्षेत्र अंग देश का हिस्सा था, जिसके राजा दानवीर कर्ण थे।नाम 'सुल्तानगंज' कैसे पड़ा?मध्यकाल (मुगल काल) के दौरान सल्तनत और मुगल शासकों के प्रभाव में आने के बाद, यहाँ व्यापारिक गतिविधियों और सुल्तान के नाम पर इस कस्बे का नाम बदलकर 'सुल्तानगंज' कर दिया गया। सुल्तानगंज का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व उत्तरवाहिनी गंगाः सुल्तानगंज में पवित्रगंगा नदी उत्तर दिशा की ओर बहती है, जिसे 'उत्तरवाहिनी गंगा' कहा जाता है। सनातन परंपरा में उत्तरवाहिनी गंगा को अत्यंत पवित्र माना जाता है। ... विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला: हर साल सावन के महीने में लाखों श्रद्धालु (कांवड़िये) सुल्तानगंज के अजगैबीनाथ घाट से उत्तरवाहिनी गंगा का जल भरकर 105 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा तय करके झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग पर जलाभिषेक करने जाते हैं। गुप्तकालीन सुल्तानगंज बुद्ध (Sultanganj Buddha): 1861 में रेलवे निर्माण के दौरान सुल्तानगंज से गुप्त-पाल काल (5वीं-7वीं शताब्दी) की तांबे की बनी 2.3 मीटर ऊंची और लगभग 500 किलोग्राम वजनी भगवान बुद्ध की दुर्लभप्रतिमा मिली थी। यह प्रतिमा वर्तमान में ब्रिटेन के बर्मिंघम म्यूजियम में रखी हुई है। वर्तमान स्थितिः वर्तमान में सुल्तानगंज का नामबदलकर आधिकारिक रूप से "बाबा अजगैबीनाथ धाम" करने का प्रस्ताव बिहार सरकार और रेल मंत्रालय के विचारधीन है, तथा स्थानीय लोग व नगर परिषद इसे इसी नाम से पुकारते हैं
Dandari, Begusarai | Aug 6, 2026
तिलरथ ।तारुणि तारण नाट्य समिति बेगूसराय द्वारा राजकीय कृत मध्य विद्यालय अनुसूचित पोखरिया, संवाददाता मुकेश कुमार बेगूसराय बेगूसराय में 12 दिवसीय नाट्य कार्यशाला का आयोजन किया गया; जिसमें इसी विद्यालय के 20 छात्राओं ने अभिनय, नृत्य और गायन का बारीकी से प्रशिक्षण लिया एवं सीखा। आए हुए गणमान्य अतिथियों को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया एवं बच्चों को सर्टिफिकेट प्रदान की गई। 6 अगस्त 2026 को विद्यालय में ही मिथिलेश कुमार उर्फ मिथिलेश 'कान्ति' के लेखन - निर्देशन में 'भाग्योदय' नाटक की प्रस्तुति दी। विशिष्ट अतिथि बेगूसराय जिला कला - युवा एवं संस्कृति पदाधिकारी श्री श्याम कुमार सहनी, वरिष्ठ रंग- निर्देशक अनिल पतंग, दिलीप सिन्हा अरविंद कुमार सिन्हा, देवेंद्र कुंवर, अब्दुल्लाह निज़ामी, सदन कुमार, प्रधानाध्यापिका उषा शर्मा और युवा रंगकर्मी मनोज कुमार की उपस्थिति गरिमामय रहीं। जिला कला पदाधिकारी श्याम कुमार सहनी ने कहा कि विद्यालय में इस तरह का नाट्य कार्यशाला बच्चों की प्रतिभा और रंगमंच के क्षेत्र में प्रोत्साहित करने का एक अच्छा साधन है और समाज का दर्पण भी; तो वरिष्ठ रंग - निर्देशक अनिल पतंग ने कहा तारुणि तारण नाट्य समिति बेगूसराय द्वारा विभिन्न विद्यालयों में नाटक प्रस्तुति और कार्यशाला करके बच्चों में उज्जवल भविष्य की संभावना व्यक्त कर देता है, तो वरिष्ठ रंगकर्मी और समाजसेवी दिलीप सिन्हा ने कहा, 'बच्चों को उज्ज्वल भविष्य के लिए रंगमंच अति आवश्यक है, अरविंद कुमार सिन्हा ने कहा बच्चों की सर्वांगीण विकास के लिए नाटक कला अति आवश्यक है, विद्यालय की प्रधानाध्यापिका महोदया उषा शर्मा ने कहा, मैं बच्चों में कला सृजन करने हेतु हमेशा तत्पर हूं और जहां तक संभव होगा मैं आप लोगों को सहयोग करती रहूंगी। जन गायक देवेंद्र कुंवर ने कहा, बच्चों नाटक से जुड़कर जीने का तरीका सीख लेता है, अब्दुल्लाह निज़ामी ने कहा, नाटक जीवन में अति आवश्यक है और विशेष करके बच्चों में नाट्य कला अति आवश्यक है। नाट्य कार्यशाला निर्देशक मिथिलेश कुमार उर्फ मिथिलेश 'कान्ति' ने कहा, मेरी कोशिश है, बच्चों में नाट्य कला के प्रति जागरूक करना, ताकि वह नाटक को भी अपने जीवन में एक आधार बना सके। मौके पर वरिष्ठ रंगकर्मी सदन कुमार और युवा रंगकर्मी मनोज कुमार ने भी विभिन्न तरह से बच्चों को नाट्य कला के संबंध में बताएं। 'भाग्योदय' नाटक देखकर दर्शक काफ़ी मन मुग्ध हो गए और खूब तालियां बजाईं।
Dandari, Begusarai | Aug 6, 2026