न्यू बरौनी जंक्शन पर बदहाली का आलमः न शौचालय, न पीने का पानी; यात्रियों में गहरा आक्रोश
मुकेश कुमार बीहट
न्यू बरौनीःपूर्व मध्य रेलवे के महत्वपूर्ण स्टेशनों में शुमार न्यू बरौनी जंक्शन पर यात्री सुविधाओं की घोर अनदेखी और विभागीय लापरवाही सामने आ रही है। विगत कई महीनों से स्टेशन परिसर स्थित शौचालय में ताला लटके होने के कारण रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों, विशेषकर महिला यात्रियों को भारी फजीहत का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय यात्रियों का कहना है कि स्टेशन पर मूलभूत सुविधाओं का पूरी तरह अभाव है। एक तरफ जहां पीने के पानी का उचित प्रबंध नहीं है, वहीं दूसरी ओर प्लेटफार्म पर बने प्रतीक्षालय और सीटों की हालत भी जर्जर है।
प्रमुख समस्याएं जि जूझ रहे हैं यात्री:
Ο तालाबंदशौचालय
छले कई महीनोंशौचालय बंद रहने के कारण महिला यात्रियों को सबसे अधिक कठिनाई हो रही है।
पेयजल का संकटः स्टेशन पर पीने के पानी की समुचित व्यवस्था न होने से यात्री बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं।
अलबेस्टर से टपकता पानीः रात भर ओस और कुहासे की बूंदें प्लेटफार्म की अल्बेस्टर छत से नीचे बनी सीटों पर गिरती रहती हैं। सुबह के समय इन सीटों पर बैठना भी मुश्किल हो जाता है।खराब एवं गायब पंखेः प्लेटफार्म पर पर्याप्त पंखे नहीं लगे हैं, और जो लगे भी हैं, उनमें से अधिकांश लंबे समय से खराब पड़े हैं।
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"स्टेशन की व्यवस्था पूरी तरह बदहाल है। न शौचालय की सुविधा है और न ही बैठने की साफ-सुथरी जगह। जिम्मेदार अधिकारियों को इस घोर लापरवाही पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए- बबीता देवी, रिंकी कुमारी एवं सीमा कुमारी"सुबह के वक्त प्लेटफार्म की सीटों पर बैठना असंभव हो जाता है क्योंकि छत से ओस का पानी टपकता रहता है। पंखे खराब हैं और पीने के पानी के लिए भी भटकना पड़ता है।"- मुरारी कुमार, अनुराग कुमार, दीनबंधु एवं सनी शर्मायात्रियों ने रेल प्रशासन और संबंधित वरीय अधिकारियों से गुहार लगाई है कि न्यू बरौनी स्टेशन की इन बुनियादी समस्याओं का शीघ्र अति शीघ्र समाधान किया जाए, ताकि आम यात्रियों को हो रही दैनिक परेशानी से राहत मिल सके।बरौनी के पिपरा देवस में ऐतिहासिक दुर्गा पूजा की धूमः 2 किलोमीटर के दायरे में भव्य सजावट और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
बरौनी (बेगूसराय):
बरौनी प्रखंड के पिपरा देवस पंचायत में दुर्गा पूजा का इतिहास अपने आप में अनूठा और गौरवशाली है। वर्ष 1985 से शुरू हुई मां दुर्गा की आराधना और भव्य आयोजन की यह परंपरा आज 2026 में भी पूरी तन्मयता के साथ जारी है। इस वर्ष भी माता के दरबार और पूजा समिति द्वारा लगभग 2 किलोमीटर के लंबे दायरे में अद्भुत और आकर्षक सजावट की जा रही है, जो पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
नवयुवक संघ की सराहनीय पहल नवयुवक संघ दुर्गा पिपरा देवस पूजा समिति के अध्यक्ष आदित्य कुमार उर्फ बाबू साहब ने जानकारी देते हुए बताया कि हर साल की तरह इस बार भी पूजा को लेकर ग्रामीणों में भारी उत्साह है। उन्होंने बताया कि इस ऐतिहासिक मेले में न केवल पिपरा देवस बल्कि आसपास के कई गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शनके लिए पहुंचते हैं।
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इन इलाकों से जुटते हैं श्रद्धालु मेले के दौरान पिपरा देवस के अलावा हाजीपुर, मालती, ठाकुरी चौक, असुरारी और हवासपुर समेत आसपास के तमाम ग्रामीण इलाकों से भारी भीड़ उमड़ती है। मेला परिसर और आसपास का पूरा क्षेत्र भक्तों की भीड़ से गुलजार रहता है।
सुरक्षा और सीसीटीवी की मुकम्मल व्यवस्था श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोपरि रखते हुए इस वर्ष सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मेला कमेटी की ओर से पंडाल के अंदर और मुख्य मार्गों पर जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, ताकि मेले में आने-जाने वाले किसी भी श्रद्धालु को किसी प्रकार की असुविधा या परेशानी का सामना न करना पड़े। शांतिपूर्ण और भव्य माहौल में संपन्न होने वाला यह आयोजन इस क्षेत्र की सांस्कृतिक और सामाजिक एकता की एक बेहतरीन मिसाल पेश कर रहा है