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#बालाघाट जिले में आकार ले रहे हैं आधुनिक ‘सक्षम आंगनवाड़ी केंद्र’ स्मार्ट टीवी, आरओ सिस्टम, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और पोषण वाटिका से सुसज्जित हो रहे केंद्र बालाघाट जिले में भारत सरकार की महत्वाकांक्षी ‘सक्षम 2.0’ योजना के तहत कलेक्टर श्री मृणाल मीना के मार्गदर्शन में बालाघाट ग्रामीण परियोजना क्षेत्र के आंगनवाड़ी केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित कर उन्हें ‘सक्षम केंद्रों’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। योजना का उद्देश्य बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं को बेहतर स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। परियोजना अधिकारी, बालाघाट ग्रामीण श्री शैलेंद्र कुमार चौकसे ने बताया कि सक्षम 2.0 योजना के अंतर्गत आंगनवाड़ी केंद्रों में आधुनिक एवं आवश्यक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। इसके तहत रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, आरओ पेयजल व्यवस्था, पोषण वाटिका तथा स्मार्ट टीवी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन व्यवस्थाओं से बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और प्रेरणादायी वातावरण मिलेगा, जिससे उनके शारीरिक एवं मानसिक विकास को गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि बालाघाट ग्रामीण परियोजना के अंतर्गत प्रथम चरण में 40 तथा द्वितीय चरण में 43 आंगनवाड़ी केंद्रों का चयन किया गया है। चयनित केंद्रों में चरणबद्ध तरीके से विकास कार्य किए जा रहे हैं। वर्तमान में अरनामेटा, कोडिया टोला, अगरवाड़ा और बीजापुरी आंगनवाड़ी केंद्रों में स्मार्ट टीवी, आरओ सिस्टम, रेन वाटर हार्वेस्टिंग तथा पोषण वाटिका जैसी सुविधाओं का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। बीजापुरी आंगनवाड़ी केंद्र में स्थापित रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यह व्यवस्था वर्षा जल संरक्षण को बढ़ावा देने के साथ-साथ बच्चों और समुदाय को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने का भी कार्य करेगी। वहीं पोषण वाटिकाओं में हरी सब्जियों एवं पौष्टिक फसलों का उत्पादन कर बच्चों एवं महिलाओं के पोषण स्तर को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। श्री चौकसे ने बताया कि प्रथम चरण के सभी चयनित केंद्रों में स्मार्ट टीवी स्थापित किए जा चुके हैं। इन टीवी के माध्यम से बच्चों को डिजिटल शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उनकी सीखने की क्षमता में वृद्धि हो रही है। साथ ही केंद्रों में अन्य आधारभूत सुविधाओं के निर्माण कार्य भी तेजी से प्रगति पर हैं। ‘सक्षम 2.0’ योजना के क्रियान्वयन से आंगनवाड़ी केंद्रों का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित ये केंद्र न केवल बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक बनेंगे, बल्कि गर्भवती एवं धात्री माताओं को भी बेहतर स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में महिला एवं बाल विकास सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है। #CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #WelfareTribal #mp_wcdmp

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#बालाघाट 
कान्हा के मुक्की गेट स्थित बैगा हाट का कलेक्टर ने किया निरीक्षण

बैगा संस्कृति एवं परंपराओं को मिलेगा नया मंच, पर्यटकों को होगी स्थानीय बैगा जनजातीय जीवन की पहचान

      कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने शुक्रवार को कान्हा नेशनल पार्क के मुक्की गेट के समीप निर्मित बैगा हाट का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए बैगा जनजाति के लोगों को बैगा हाट में निर्मित दुकानों का प्राथमिकता से आबंटन करने के निर्देश दिए।

     कलेक्टर श्री मीना ने कहा कि बैगा हाट का उद्देश्य विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं, हस्तशिल्प, कला और जीवन शैली को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटकों तक पहुंचाना है। कान्हा टाइगर रिजर्व में प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में बैगा हाट उनके लिए बैगा जनजाति की सांस्कृतिक विरासत को निकट से जानने और समझने का महत्वपूर्ण केंद्र साबित होगा।

    निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कहा कि बैगा समुदाय के लोगों को इस हाट के माध्यम से रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। यहां वे अपने हस्तनिर्मित उत्पाद, पारंपरिक कलाकृतियां, वन उत्पाद तथा स्थानीय संस्कृति से जुड़े अन्य सामानों का विक्रय कर अपनी आय में वृद्धि कर सकेंगे। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि उनकी पारंपरिक कला एवं संस्कृति के संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

      कलेक्टर श्री मीना ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बैगा हाट को पर्यटकों के लिए आकर्षक एवं सुविधाजनक बनाया जाए। उन्होंने स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, बैठने की व्यवस्था, सूचना संकेतक, पार्किंग तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। साथ ही बैगा संस्कृति एवं परंपराओं से संबंधित जानकारी प्रदर्शित करने की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने को कहा, ताकि पर्यटक यहां से स्थानीय जनजातीय जीवन के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकें।

     उन्होंने कहा कि बैगा हाट को जनजातीय संस्कृति, पर्यटन और स्थानीय आजीविका के संगम के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। इससे क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और बैगा समुदाय को अपनी पहचान एवं सांस्कृतिक धरोहर को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त होगा।

     निरीक्षण के दौरान बैहर एसडीएम श्री अर्पित गुप्ता सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने कलेक्टर को बैगा हाट की वर्तमान स्थिति एवं प्रस्तावित व्यवस्थाओं की जानकारी दी। कलेक्टर ने कार्यों को शीघ्र पूर्ण कर बैगा हाट को पूर्ण रूप से संचालित करने के निर्देश दिए।
#बैगा_हाट 
#CMMadhyaPradesh 
#JansamparkMP 
#minprdd 
#WelfareTribal

#बालाघाट कान्हा के मुक्की गेट स्थित बैगा हाट का कलेक्टर ने किया निरीक्षण बैगा संस्कृति एवं परंपराओं को मिलेगा नया मंच, पर्यटकों को होगी स्थानीय बैगा जनजातीय जीवन की पहचान कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने शुक्रवार को कान्हा नेशनल पार्क के मुक्की गेट के समीप निर्मित बैगा हाट का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए बैगा जनजाति के लोगों को बैगा हाट में निर्मित दुकानों का प्राथमिकता से आबंटन करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री मीना ने कहा कि बैगा हाट का उद्देश्य विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं, हस्तशिल्प, कला और जीवन शैली को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटकों तक पहुंचाना है। कान्हा टाइगर रिजर्व में प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में बैगा हाट उनके लिए बैगा जनजाति की सांस्कृतिक विरासत को निकट से जानने और समझने का महत्वपूर्ण केंद्र साबित होगा। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कहा कि बैगा समुदाय के लोगों को इस हाट के माध्यम से रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। यहां वे अपने हस्तनिर्मित उत्पाद, पारंपरिक कलाकृतियां, वन उत्पाद तथा स्थानीय संस्कृति से जुड़े अन्य सामानों का विक्रय कर अपनी आय में वृद्धि कर सकेंगे। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि उनकी पारंपरिक कला एवं संस्कृति के संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। कलेक्टर श्री मीना ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बैगा हाट को पर्यटकों के लिए आकर्षक एवं सुविधाजनक बनाया जाए। उन्होंने स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, बैठने की व्यवस्था, सूचना संकेतक, पार्किंग तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। साथ ही बैगा संस्कृति एवं परंपराओं से संबंधित जानकारी प्रदर्शित करने की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने को कहा, ताकि पर्यटक यहां से स्थानीय जनजातीय जीवन के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि बैगा हाट को जनजातीय संस्कृति, पर्यटन और स्थानीय आजीविका के संगम के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। इससे क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और बैगा समुदाय को अपनी पहचान एवं सांस्कृतिक धरोहर को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त होगा। निरीक्षण के दौरान बैहर एसडीएम श्री अर्पित गुप्ता सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने कलेक्टर को बैगा हाट की वर्तमान स्थिति एवं प्रस्तावित व्यवस्थाओं की जानकारी दी। कलेक्टर ने कार्यों को शीघ्र पूर्ण कर बैगा हाट को पूर्ण रूप से संचालित करने के निर्देश दिए। #बैगा_हाट #CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #minprdd #WelfareTribal

Balaghat, Madhya Pradesh | Jun 6, 2026

#बालाघाट 
वन अधिकार पट्टा मिलने से खिल उठे आदिवासी परिवारों के चेहरे

बैहर में 10 लोगों को वन अधिकार पट्टा का वितरण 

     वर्षों से जंगल और जमीन से अपना जीवन-यापन करने वाले बैहर विकासखंड के ग्राम माड़ी के 10 आदिवासी परिवारों के लिए 06 जून का दिन नई उम्मीद और खुशियों का संदेश लेकर आया। एकलव्य विद्यालय बैहर में आयोजित खंड स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने इन परिवारों को वन अधिकार पट्टों का वितरण किया। जैसे ही उनके हाथों में भूमि स्वामित्व का अधिकार देने वाला दस्तावेज पहुंचा, उनके चेहरों पर आत्मविश्वास और संतोष की चमक साफ दिखाई देने लगी।

     कार्यक्रम में गोंड जनजाति के फुंदरु सिंह मरकाम, जितन मरकाम, बाधुराम नेताम, बैसाखू नेताम और ज्ञानसिंह नेताम सहित बैगा जनजाति की कुंती बाई, अमीलाल, बिसतोबाई, लोखू सिंह एवं मंगलू सिंह को वन अधिकार पट्टे प्रदान किए गए। वर्षों से जिस भूमि पर वे खेती और आजीविका का कार्य कर रहे थे, अब उस पर उनका कानूनी अधिकार स्थापित हो गया है।

      वन अधिकार पट्टा मिलने के साथ ही इन परिवारों के लिए विकास और समृद्धि के नए द्वार खुल गए हैं। अब उन्हें किसान क्रेडिट कार्ड, फसल ऋण, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, अनुदान पर बीज, कृषि उपकरण तथा शासन की विभिन्न कृषि एवं ग्रामीण विकास योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा। इससे उनकी खेती अधिक उत्पादक बनेगी और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

      पट्टा प्राप्त करने वाले हितग्राहियों ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें अपनी जमीन के भविष्य की चिंता नहीं रहेगी। शासन द्वारा दिया गया यह अधिकार उनके परिवारों के लिए एक सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य का आधार बनेगा। कई हितग्राहियों ने बताया कि वर्षों से वे इस अधिकार की प्रतीक्षा कर रहे थे और आज उनका सपना साकार हुआ है।

      इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक सराफ, अपर कलेक्टर श्री डी.पी. बर्मन, बैहर एसडीएम श्री अर्पित गुप्ता, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्रीमती शकुंतला डामोर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

     उल्लेखनीय है कि बालाघाट जिले में अगस्त 2025 से विशेष अभियान चलाकर पात्र वनवासियों को वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत अधिकार पत्र प्रदान किए जा रहे हैं। इस अभियान के तहत अब तक 350 से अधिक पात्र हितग्राहियों को व्यक्तिगत वन अधिकार पट्टे वितरित किए जा चुके हैं। प्रशासन का यह प्रयास आदिवासी समुदाय को उनके अधिकार दिलाने के साथ-साथ उन्हें शासन की मुख्यधारा की योजनाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

     वन अधिकार पट्टा वितरण का यह कार्यक्रम केवल दस्तावेज सौंपने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह आदिवासी परिवारों के जीवन में सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता की नई शुरुआत का प्रतीक बन गया।

#CMMadhyaPradesh 
#JansamparkMP 
#WelfareTribal 
#minphemp #minforestmp

#बालाघाट वन अधिकार पट्टा मिलने से खिल उठे आदिवासी परिवारों के चेहरे बैहर में 10 लोगों को वन अधिकार पट्टा का वितरण वर्षों से जंगल और जमीन से अपना जीवन-यापन करने वाले बैहर विकासखंड के ग्राम माड़ी के 10 आदिवासी परिवारों के लिए 06 जून का दिन नई उम्मीद और खुशियों का संदेश लेकर आया। एकलव्य विद्यालय बैहर में आयोजित खंड स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने इन परिवारों को वन अधिकार पट्टों का वितरण किया। जैसे ही उनके हाथों में भूमि स्वामित्व का अधिकार देने वाला दस्तावेज पहुंचा, उनके चेहरों पर आत्मविश्वास और संतोष की चमक साफ दिखाई देने लगी। कार्यक्रम में गोंड जनजाति के फुंदरु सिंह मरकाम, जितन मरकाम, बाधुराम नेताम, बैसाखू नेताम और ज्ञानसिंह नेताम सहित बैगा जनजाति की कुंती बाई, अमीलाल, बिसतोबाई, लोखू सिंह एवं मंगलू सिंह को वन अधिकार पट्टे प्रदान किए गए। वर्षों से जिस भूमि पर वे खेती और आजीविका का कार्य कर रहे थे, अब उस पर उनका कानूनी अधिकार स्थापित हो गया है। वन अधिकार पट्टा मिलने के साथ ही इन परिवारों के लिए विकास और समृद्धि के नए द्वार खुल गए हैं। अब उन्हें किसान क्रेडिट कार्ड, फसल ऋण, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, अनुदान पर बीज, कृषि उपकरण तथा शासन की विभिन्न कृषि एवं ग्रामीण विकास योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा। इससे उनकी खेती अधिक उत्पादक बनेगी और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। पट्टा प्राप्त करने वाले हितग्राहियों ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें अपनी जमीन के भविष्य की चिंता नहीं रहेगी। शासन द्वारा दिया गया यह अधिकार उनके परिवारों के लिए एक सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य का आधार बनेगा। कई हितग्राहियों ने बताया कि वर्षों से वे इस अधिकार की प्रतीक्षा कर रहे थे और आज उनका सपना साकार हुआ है। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक सराफ, अपर कलेक्टर श्री डी.पी. बर्मन, बैहर एसडीएम श्री अर्पित गुप्ता, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्रीमती शकुंतला डामोर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि बालाघाट जिले में अगस्त 2025 से विशेष अभियान चलाकर पात्र वनवासियों को वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत अधिकार पत्र प्रदान किए जा रहे हैं। इस अभियान के तहत अब तक 350 से अधिक पात्र हितग्राहियों को व्यक्तिगत वन अधिकार पट्टे वितरित किए जा चुके हैं। प्रशासन का यह प्रयास आदिवासी समुदाय को उनके अधिकार दिलाने के साथ-साथ उन्हें शासन की मुख्यधारा की योजनाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वन अधिकार पट्टा वितरण का यह कार्यक्रम केवल दस्तावेज सौंपने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह आदिवासी परिवारों के जीवन में सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता की नई शुरुआत का प्रतीक बन गया। #CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #WelfareTribal #minphemp #minforestmp

Balaghat, Madhya Pradesh | Jun 6, 2026

#बालाघाट 
कलेक्टर ने ली बैहर एवं बिरसा के खंड स्तरीय अधिकारियों की बैठक

लापरवाही पर अधिकारियों को नोटिस और कार्रवाई की चेतावनी

     कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने आज 06 जून को एकलव्य विद्यालय बैहर के आडिटोरियम हाल में बैहर एवं बिरसा विकासखंड के खंड स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय योजनाओं एवं कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक सराफ, अपर कलेक्टर श्री डी पी बर्मन, बैहर एसडीएम श्री अर्पित गुप्ता एवं सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

      बैठक में सर्वप्रथम महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा की गई। इस दौरान सेम श्रेणी के कुपोषित बच्चों के चिन्हांकन, कुपोषित बच्चों के उपचार एवं 03 से 06 वर्ष के बच्चों का शाला पूर्व शिक्षा के लिए पंजीयन में संतोषजनक प्रगति नहीं पाए जाने पर बैहर के बाद विकास परियोजना अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने एवं आमगांव व गढ़ी सेक्टर की आंगनबाड़ी पर्यवेक्षक की एक वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए गए। बैहर परियोजना के बिठली एवं भंडेरी सेक्टर में अच्छा कार्य करने के लिए वहां की पर्यवेक्षकों की सराहना की गई। 

     इसी प्रकार बाल विकास परियोजना बिरसा के जानपुर एवं कचनारी सेक्टर में संतोषजनक प्रगति नहीं पाए जाने पर वहां की पर्यवेक्षकों एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी की एक एक वेतन वृद्धि उनके काम में सुधार लाने तक रोकने के निर्देश दिए गए।

     स्वास्थ्य एवं कृषि विभाग के कर्मचारियों को उपस्थित सार्थक एप्प से अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश दिए गए। गर्भवती माताओं के एएनसी पंजीयन एवं नियमित स्वास्थ्य जांच में कभी पाए जाने पर पांडुतला, माना, पाथरी, जमुनिया, झामुल की एएनएम को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। लूद सेक्टर में गर्भवती माताओं के एएनसी पंजीयन में अच्छा कार्य करने के लिए वहां की सीएच ओ एवं एएनएम की सराहना की गई।

     बैठक में बैहर एवं बिरसा विकासखंड के खंड शिक्षा अधिकारी एवं बीआरसी को शालाओं में बच्चों का शत प्रतिशत प्रवेश एवं पंजीयन दो दिनों के भीतर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए और चेतावनी दी गई कि समय सीमा में लक्ष्य पूर्ति नहीं होने पर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

     पशुपालन विभाग के कार्यों एवं योजनाओं की समीक्षा के दौरान पशुओं की टैगिंग, एफएमडी टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान, कामधेनु योजना एवं सेक्स सॉर्टेड सीमेन से केवल मादा बछिया के गर्भाधान में दोनों विकासखंड में संतोषजनक प्रगति नहीं आने पर नाराजगी जाहिर की गई और इसके लिए जिम्मेदार एव्हीएफओ को कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा खंड पशु चिकित्सा अधिकारी को एक सप्ताह में काम में सुधार नहीं लाने पर हटाने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर श्री मीना ने कहा कि बैहर, बिरसा और परसवाड़ा विकासखंड में पशुपालन के क्षेत्र में बहुत अच्छी संभावना है अतः यहां पर पशुपालन संबंधी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन होना चाहिए। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

     बैठक में उप संचालक कृषि एवं खंड स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि किसानों को धान, कोदो, कुटकी, रागी एवं अन्य खरीफ फसलों के बीज समय पर उपलब्ध कराएं और किसानों को डीएसआर पद्धति से धान की बोनी के लिए प्रोत्साहित करें। फसल गिरदावरी के समय बोयी गई फसलों का रकबा राजस्व विभाग के रिकार्ड से मेल खाना चाहिए। जिन किसानों को वन अधिकार पट्टा दिया गया है उन्हें किसान क्रेडिट कार्ड, बीज, फसल ऋण, पीएम किसान सम्मान निधि, कृषि यांत्रिकीकरण योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए। इस दौरान उप संचालक कृषि श्री फूलसिंह मालवीय ने बताया कि उनके विभाग द्वारा 176 वन पट्टा धारक किसानों की सूची उन्हें लाभान्वित करने के लिए तैयार कर ली गई है। कृषि विभाग के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को खेतों में पराली जलाने की घटनाओं पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए गए।

     राजस्व विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान फार्मर रजिस्ट्री, नक्शा तरमीम, सीमांकन, बंटवारा के प्रकरणों में सबसे कम प्रगति वाले पांडुतला, धुनधुनवार्धा, तुमड़ीभाट, गोहारा, पटवारियों को तलब किया गया और उन्हें अपने कार्य में शीघ्र सुधार लाने के निर्देश दिए गए और चेतावनी दी गई कि उनके काम में एक सप्ताह के भीतर प्रगति नहीं आने पर निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।

     ग्रामीण विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान मनरेगा कार्यों में श्रमिक नियोजन, श्रमयोगी मानधन योजना में पंजीयन एवं जल गंगा संवर्धन अभियान के कार्य में सबसे कम प्रगति वाली ग्राम पंचायत रेलवाही, कनिया, गुदमा, बलगांव, पल्हेरा, कटंगी, चौरिया, बाबरी, हर्राभाट, झामुल, अचानकपुर, घुईटोला, किनारदा, आमगांव, बम्हनी, मोहरई, आमगहन के सचिव व ग्राम रोजगार सहायक को चेतावनी दी गई कि वे अपने कार्य में सुधार लाएं अन्यथा वेतन वृद्धि रोकने और सेवा समाप्ति जैसी कार्रवाई के लिए तैयार रहें। बैठक में कहा गया कि नक्सलवाद से मुक्त हो चुके ग्रामों में ग्रामीणों को रोजगार दिलाने के कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में पंचायत सचिवों को पंचायत की आय बढ़ाने के कारगर उपाय करने के निर्देश दिए गए और कहा गया कि रिसोर्ट एवं टूरिस्ट वाली पंचायतों द्वारा इस दिशा में किए गए कार्यों की जिला स्तर से समीक्षा की जाएगी।

     बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को गढ़ी की नल-जल योजना को शीघ्र शुरू करने और प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के महाप्रबंधक को माना लपटी के पुल का शीघ्रता से शुरू करने के निर्देश दिए गए।

#CMMadhyaPradesh 
#JansamparkMP 
#gaddeptmp #mprevenudeptt 
#minprdd #minphemp

#बालाघाट कलेक्टर ने ली बैहर एवं बिरसा के खंड स्तरीय अधिकारियों की बैठक लापरवाही पर अधिकारियों को नोटिस और कार्रवाई की चेतावनी कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने आज 06 जून को एकलव्य विद्यालय बैहर के आडिटोरियम हाल में बैहर एवं बिरसा विकासखंड के खंड स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय योजनाओं एवं कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक सराफ, अपर कलेक्टर श्री डी पी बर्मन, बैहर एसडीएम श्री अर्पित गुप्ता एवं सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में सर्वप्रथम महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा की गई। इस दौरान सेम श्रेणी के कुपोषित बच्चों के चिन्हांकन, कुपोषित बच्चों के उपचार एवं 03 से 06 वर्ष के बच्चों का शाला पूर्व शिक्षा के लिए पंजीयन में संतोषजनक प्रगति नहीं पाए जाने पर बैहर के बाद विकास परियोजना अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने एवं आमगांव व गढ़ी सेक्टर की आंगनबाड़ी पर्यवेक्षक की एक वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए गए। बैहर परियोजना के बिठली एवं भंडेरी सेक्टर में अच्छा कार्य करने के लिए वहां की पर्यवेक्षकों की सराहना की गई। इसी प्रकार बाल विकास परियोजना बिरसा के जानपुर एवं कचनारी सेक्टर में संतोषजनक प्रगति नहीं पाए जाने पर वहां की पर्यवेक्षकों एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी की एक एक वेतन वृद्धि उनके काम में सुधार लाने तक रोकने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य एवं कृषि विभाग के कर्मचारियों को उपस्थित सार्थक एप्प से अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश दिए गए। गर्भवती माताओं के एएनसी पंजीयन एवं नियमित स्वास्थ्य जांच में कभी पाए जाने पर पांडुतला, माना, पाथरी, जमुनिया, झामुल की एएनएम को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। लूद सेक्टर में गर्भवती माताओं के एएनसी पंजीयन में अच्छा कार्य करने के लिए वहां की सीएच ओ एवं एएनएम की सराहना की गई। बैठक में बैहर एवं बिरसा विकासखंड के खंड शिक्षा अधिकारी एवं बीआरसी को शालाओं में बच्चों का शत प्रतिशत प्रवेश एवं पंजीयन दो दिनों के भीतर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए और चेतावनी दी गई कि समय सीमा में लक्ष्य पूर्ति नहीं होने पर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। पशुपालन विभाग के कार्यों एवं योजनाओं की समीक्षा के दौरान पशुओं की टैगिंग, एफएमडी टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान, कामधेनु योजना एवं सेक्स सॉर्टेड सीमेन से केवल मादा बछिया के गर्भाधान में दोनों विकासखंड में संतोषजनक प्रगति नहीं आने पर नाराजगी जाहिर की गई और इसके लिए जिम्मेदार एव्हीएफओ को कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा खंड पशु चिकित्सा अधिकारी को एक सप्ताह में काम में सुधार नहीं लाने पर हटाने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर श्री मीना ने कहा कि बैहर, बिरसा और परसवाड़ा विकासखंड में पशुपालन के क्षेत्र में बहुत अच्छी संभावना है अतः यहां पर पशुपालन संबंधी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन होना चाहिए। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में उप संचालक कृषि एवं खंड स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि किसानों को धान, कोदो, कुटकी, रागी एवं अन्य खरीफ फसलों के बीज समय पर उपलब्ध कराएं और किसानों को डीएसआर पद्धति से धान की बोनी के लिए प्रोत्साहित करें। फसल गिरदावरी के समय बोयी गई फसलों का रकबा राजस्व विभाग के रिकार्ड से मेल खाना चाहिए। जिन किसानों को वन अधिकार पट्टा दिया गया है उन्हें किसान क्रेडिट कार्ड, बीज, फसल ऋण, पीएम किसान सम्मान निधि, कृषि यांत्रिकीकरण योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए। इस दौरान उप संचालक कृषि श्री फूलसिंह मालवीय ने बताया कि उनके विभाग द्वारा 176 वन पट्टा धारक किसानों की सूची उन्हें लाभान्वित करने के लिए तैयार कर ली गई है। कृषि विभाग के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को खेतों में पराली जलाने की घटनाओं पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए गए। राजस्व विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान फार्मर रजिस्ट्री, नक्शा तरमीम, सीमांकन, बंटवारा के प्रकरणों में सबसे कम प्रगति वाले पांडुतला, धुनधुनवार्धा, तुमड़ीभाट, गोहारा, पटवारियों को तलब किया गया और उन्हें अपने कार्य में शीघ्र सुधार लाने के निर्देश दिए गए और चेतावनी दी गई कि उनके काम में एक सप्ताह के भीतर प्रगति नहीं आने पर निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीण विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान मनरेगा कार्यों में श्रमिक नियोजन, श्रमयोगी मानधन योजना में पंजीयन एवं जल गंगा संवर्धन अभियान के कार्य में सबसे कम प्रगति वाली ग्राम पंचायत रेलवाही, कनिया, गुदमा, बलगांव, पल्हेरा, कटंगी, चौरिया, बाबरी, हर्राभाट, झामुल, अचानकपुर, घुईटोला, किनारदा, आमगांव, बम्हनी, मोहरई, आमगहन के सचिव व ग्राम रोजगार सहायक को चेतावनी दी गई कि वे अपने कार्य में सुधार लाएं अन्यथा वेतन वृद्धि रोकने और सेवा समाप्ति जैसी कार्रवाई के लिए तैयार रहें। बैठक में कहा गया कि नक्सलवाद से मुक्त हो चुके ग्रामों में ग्रामीणों को रोजगार दिलाने के कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में पंचायत सचिवों को पंचायत की आय बढ़ाने के कारगर उपाय करने के निर्देश दिए गए और कहा गया कि रिसोर्ट एवं टूरिस्ट वाली पंचायतों द्वारा इस दिशा में किए गए कार्यों की जिला स्तर से समीक्षा की जाएगी। बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को गढ़ी की नल-जल योजना को शीघ्र शुरू करने और प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के महाप्रबंधक को माना लपटी के पुल का शीघ्रता से शुरू करने के निर्देश दिए गए। #CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #gaddeptmp #mprevenudeptt #minprdd #minphemp

Balaghat, Madhya Pradesh | Jun 6, 2026

#बालाघाट 
इंस्टाग्राम की दोस्ती प्यार में बदली, संयुक्त टीम की तत्परता से रुका बाल विवाह

विकासखंड बैहर की ग्राम पंचायत नव्ही में एक नाबालिग बालिका का बाल विवाह समय रहते रोक दिया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस विभाग तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बालिका के अधिकारों और भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित की।

जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती दीपमाला मंगोदिया के निर्देशन में बाल विवाह की सूचना मिलते ही संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। टीम में महिला एवं बाल विकास विभाग की श्रीमती प्रीति हरिनखेड़े, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैरालीगल वॉलेंटियर मानिकराम टेकाम, पुलिस विभाग से सतीश टेकाम एवं नसीब धुर्वे तथा ग्राम पंचायत नव्ही के सरपंच मुकेश मरावी शामिल थे।

जांच के दौरान बालक और बालिका के शैक्षणिक दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। इसमें बालिका की आयु 17 वर्ष 5 माह तथा बालक की आयु 22 वर्ष 7 माह पाई गई। पूछताछ में पता चला कि दोनों की पहचान लगभग एक वर्ष पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के माध्यम से हुई थी। समय के साथ उनकी मित्रता प्रेम संबंध में बदल गई और दोनों ने विवाह करने का निर्णय लिया। इसी दौरान बालिका बिना परिजनों को बताए बालक के घर पहुंच गई थी।

सूचना मिलने पर संयुक्त टीम ने दोनों पक्षों के परिजनों को बुलाकर बाल विवाह की कानूनी स्थिति से अवगत कराया। टीम ने बाल विवाह के दुष्परिणामों, शिक्षा और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों तथा बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के प्रावधानों की जानकारी दी। साथ ही बताया गया कि बाल विवाह कराना, उसमें सहयोग करना या उसे बढ़ावा देना कानूनन दंडनीय अपराध है।

समझाइश और कानूनी परामर्श के बाद बालिका अपने परिजनों के साथ घर लौटने के लिए सहमत हो गई। उसने यह भी आश्वासन दिया कि वैधानिक आयु पूर्ण होने के बाद ही विवाह संबंधी निर्णय लेगी।

महिला एवं बाल विकास विभाग ने आमजन से अपील की है कि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिलने पर तत्काल संबंधित विभाग, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या महिला हेल्पलाइन 181 पर जानकारी दें, ताकि बच्चों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।

#CMMadhyaPradesh 
#JansamparkMP 
#mp_wcdmp

#बालाघाट इंस्टाग्राम की दोस्ती प्यार में बदली, संयुक्त टीम की तत्परता से रुका बाल विवाह विकासखंड बैहर की ग्राम पंचायत नव्ही में एक नाबालिग बालिका का बाल विवाह समय रहते रोक दिया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस विभाग तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बालिका के अधिकारों और भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित की। जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती दीपमाला मंगोदिया के निर्देशन में बाल विवाह की सूचना मिलते ही संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। टीम में महिला एवं बाल विकास विभाग की श्रीमती प्रीति हरिनखेड़े, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैरालीगल वॉलेंटियर मानिकराम टेकाम, पुलिस विभाग से सतीश टेकाम एवं नसीब धुर्वे तथा ग्राम पंचायत नव्ही के सरपंच मुकेश मरावी शामिल थे। जांच के दौरान बालक और बालिका के शैक्षणिक दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। इसमें बालिका की आयु 17 वर्ष 5 माह तथा बालक की आयु 22 वर्ष 7 माह पाई गई। पूछताछ में पता चला कि दोनों की पहचान लगभग एक वर्ष पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के माध्यम से हुई थी। समय के साथ उनकी मित्रता प्रेम संबंध में बदल गई और दोनों ने विवाह करने का निर्णय लिया। इसी दौरान बालिका बिना परिजनों को बताए बालक के घर पहुंच गई थी। सूचना मिलने पर संयुक्त टीम ने दोनों पक्षों के परिजनों को बुलाकर बाल विवाह की कानूनी स्थिति से अवगत कराया। टीम ने बाल विवाह के दुष्परिणामों, शिक्षा और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों तथा बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के प्रावधानों की जानकारी दी। साथ ही बताया गया कि बाल विवाह कराना, उसमें सहयोग करना या उसे बढ़ावा देना कानूनन दंडनीय अपराध है। समझाइश और कानूनी परामर्श के बाद बालिका अपने परिजनों के साथ घर लौटने के लिए सहमत हो गई। उसने यह भी आश्वासन दिया कि वैधानिक आयु पूर्ण होने के बाद ही विवाह संबंधी निर्णय लेगी। महिला एवं बाल विकास विभाग ने आमजन से अपील की है कि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिलने पर तत्काल संबंधित विभाग, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या महिला हेल्पलाइन 181 पर जानकारी दें, ताकि बच्चों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके। #CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #mp_wcdmp

Balaghat, Madhya Pradesh | Jun 6, 2026