चीरबासा में खतरनाक हुआ केदारनाथ पैदल मार्ग, श्रद्धालु सोनप्रयाग में रोके!!
मार्ग खोलने का काम युद्धस्तर पर जारी, सुचारु होने में लग सकता है 3 से 4 घंटे का समय!!
केदारनाथ धाम पैदल मार्ग पर चीरबासा के समीप मार्ग क्षतिग्रस्त होने से मंगलवार को आवाजाही रोक दी गई। गौरीकुंड से करीब ढाई किलोमीटर ऊपर चीरबासा के पास क्षतिग्रस्त पैदल मार्ग पर आए मलबे, पत्थर एवं अन्य अवरोधों को हटाकर मार्ग को सुचारु करने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है।
मार्ग खोलने के कार्य में जनपद पुलिस बल, जिला आपदा प्रतिक्रिया बल (डीडीआरएफ) तथा कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग के कार्मिकों की निगरानी में श्रमिक जुटे हुए हैं। मौके पर कार्यरत श्रमिकों को सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं। मार्ग को आवागमन के लिए सुरक्षित बनाए जाने के बाद ही श्रद्धालुओं को आवाजाही की अनुमति दी जाएगी।
फिलहाल केदारनाथ धाम की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं को सोनप्रयाग में रोका गया है। प्रशासन के अनुसार, क्षतिग्रस्त हिस्से से मलबा और पत्थर हटाने के साथ मार्ग को सुरक्षित एवं आवागमन योग्य बनाने में अभी कम से कम तीन से चार घंटे का समय और लग सकता है। ऐसे में श्रद्धालुओं को मार्ग पूरी तरह सुचारु होने तक सोनप्रयाग में ही रुकने की सलाह दी गई है।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मार्ग सुचारु होने तक धैर्य बनाए रखें और पुलिस-प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सुरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने के बाद ही पैदल मार्ग पर आवाजाही शुरू कराई जाएगी।