खेती के कचरे से बनी हाईटेक बैटरी, MPUAT के नवाचार ने खींचा मुख्य सचिव का ध्यान
उदयपुर के महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने खेती के कचरे से ऐसी हाईटेक बैटरी विकसित की है, जिसने राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास का भी ध्यान खींचा। दावा है कि यह नवाचार भारत को बैटरी निर्माण में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता है।
उदयपुर के एमपीयूएटी में वैज्ञानिकों ने कृषि अवशेषों से सक्रिय बायोचार आधारित ऐसा एनोड तैयार किया है, जो लिथियम और सोडियम-आयन बैटरियों में आयातित ग्रेफाइट का 100 प्रतिशत स्वदेशी विकल्प बन सकता है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने विश्वविद्यालय पहुंचकर इस नवाचार का अवलोकन किया और वैज्ञानिकों के शोध की सराहना की। विशेषज्ञों के अनुसार सोडियम-आयन बैटरियां कम लागत वाली हैं और इनके निर्माण से आयात पर निर्भरता घटेगी। विश्वविद्यालय की यह तकनीक पर्यावरण संरक्षण, कृषि कचरे के वैज्ञानिक उपयोग और 'मेक