"तुमने वोट नहीं दिया रोड-लाइट नही लगेगी" कहने वाले सरपंच को जनता ने दिखाया आईना, वोट मांगने पहुंचा तो झेलना पड़ा भारी विरोध
शंभूपुरा गांव को 7 साल तक विकास से वंचित रखने का आरोप, शंभूपुरा में पूर्व सरपंच अजय चौधरी का ग्रामीणों ने किया विरोध
दैनिक वीरधरा राजस्थान।
शंभूपुरा। कहते हैं राजनीति में जनता सब याद रखती है। कुछ ऐसा ही नजारा शंभूपुरा पंचायत में देखने को मिला। जब पूर्व सरपंच अजय चौधरी 7 साल बाद फिर से सरपंच उम्मीदवार के तौर पर वोट मांगने पहुंचा, तो ग्रामीणों ने कड़ा विरोध उन्हें बैरंग लौटा दिया, जिसका एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि 7 साल पूर्व अजय चौधरी ने सरपंच बनते ही शंभूपुरा गांव के उन परिवारों और मोहल्लों से भेदभाव शुरू कर दिया था, जिन्होंने उन्हें वोट नहीं दिया था ओर चुनाव में साथ मे नही थे। ग्रामीणों ने बताया कि सरपंच बनते ही अजय चौधरी ने खुलेआम कहा था "तुमने मुझे वोट नहीं दिया, तुम्हारे इधर रोड लाइट क्यों बनाऊं।"
इसी सोच के चलते पिछले 7 साल तक पंचायत के कई हिस्सों में रोड, लाइट और सड़क, नाली जैसे बुनियादी विकास कार्य नहीं करवाए गए। जनता ने उस समय तो चुप्पी साध ली, लेकिन बात दिल में रख ली।
अब जब पंचायत चुनाव नजदीक हैं और अजय चौधरी फिर से सरपंच उम्मीदवार बनकर उसी क्षेत्र में वोट मांगने पहुंचे, तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने उन्हीं के शब्दों को दोहराते हुए कहा - "जब आपने हमारे वोट न देने पर हमारा विकास रोक दिया था, तो अब हम आपको वोट क्यों दें?"
विरोध बढ़ता देख अजय चौधरी को वहां से तुरन्त लौटना पड़ा। इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि सरपंच पूरे गांव का होता है, सिर्फ अपने वोटरों का नहीं। जिसने भेदभाव किया, उसे जनता इस बार सबक सिखाएगी।
फिलहाल इस घटना के बाद पंचायत की सियासत गरमा गई है।