सिमरिया धाम में राजकीय कल्पवास मेला-2026 का शुभारंभ, 24 नवंबर तक चलेगा मेला
डीएम रिची पांडेय और एसपी मनीष ने संयुक्त रूप से किया उद्घाटन, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के पुख्ता इंतजाम
बेगूसराय। सिमरिया धाम के पावन गंगा तट पर रविवार को राजकीय कल्पवास मेला-2026 का विधिवत शुभारंभ हुआ। कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार सरकार तथा जिला प्रशासन, बेगूसराय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस मेले का उद्घाटन जिला पदाधिकारी रिची पांडेय और पुलिस अधीक्षक मनीष ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर साधु-संतों, प्रबुद्ध नागरिकों, जिला प्रशासन के वरीय अधिकारियों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। मेला 18 अक्टूबर से 24 नवंबर तक चलेगा।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए डीएम रिची पांडेय ने कहा कि सिमरिया धाम केवल बेगूसराय ही नहीं, बल्कि पूरे देश की अमूल्य धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहर है। गंगा तट पर स्थित इस पावन स्थल का प्राचीन काल से ही विशेष धार्मिक और पौराणिक महत्व रहा है। राजकीय कल्पवास मेला हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा, आस्था और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है। यहां देश के विभिन्न हिस्सों से कल्पवासी, साधु-संत और श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में उनकी सुविधा, सुरक्षा और सेवा सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम
डीएम ने बताया कि मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, प्रकाश, स्वच्छता, स्वास्थ्य शिविर, नदी घाटों पर बैरिकेडिंग और नियंत्रण कक्ष की व्यवस्था की गई है। संबंधित अधिकारियों को मेला अवधि के दौरान सभी व्यवस्थाओं पर लगातार निगरानी रखने और श्रद्धालुओं की समस्याओं का त्वरित समाधान करने का निर्देश दिया गया है।
मेले में शांति एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। मेला परिसर, प्रमुख स्नान घाटों और संपर्क मार्गों पर दंडाधिकारियों तथा पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है। संभावित भीड़ को देखते हुए आवागमन सुचारू रखने, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है।
छठ और कार्तिक पूर्णिमा पर रहेगी विशेष निगरानी
कल्पवास मेले के दौरान प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय परिक्रमा, दीपावली, छठ महापर्व और कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने की संभावना है। इसे देखते हुए विशेष सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था की गई है। छठ पर्व के दौरान नहाय-खाय, खरना, प्रथम अर्घ्य और द्वितीय अर्घ्य के समय घाटों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। प्रमुख स्नान पर्वों पर सुगम आवागमन, नदी में गश्ती, भीड़ नियंत्रण और निगरानी व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
उद्घाटन समारोह की शुरुआत राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन और राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ की प्रस्तुति के साथ हुई। इसके बाद आयोजित सांस्कृतिक संध्या में पारंपरिक एवं भक्तिमय प्रस्तुतियों ने माहौल को आध्यात्मिक और उत्सवी बना दिया। कार्यक्रम के अंत में मंच पर प्रस्तुति देने वाले कलाकारों को सम्मानित किया गया।
राजकीय कल्पवास मेला के शुभारंभ के साथ ही सिमरिया धाम में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उत्साह का माहौल बन गया है। जिला प्रशासन ने कल्पवासियों, साधु-संतों और श्रद्धालुओं से निर्धारित सुरक्षा निर्देशों का पालन करने तथा गंगा घाटों पर स्नान के दौरान सतर्कता बरतने की अपील की है, ताकि मेला शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।