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10 सीटों के चुनाव पर मंत्री शीला मंडल का बड़ा बयान! आखिर क्यों लिया नीतीश कुमार का नाम? #SheelaMandal #NitishKumar #Biha...

Bhabua, Kaimur | May 27, 2026

MORE NEWS

समाहरणालय, कैमूर*
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जिला जनसम्पर्क कार्यालय*
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प्रेस विज्ञप्ति*

दिनांक 07.08.2026*
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पीएम सूर्य घर योजना के तहत मोहनिया में सोलर मेला आयोजित, उपभोक्ताओं को मिली योजना की विस्तृत जानकारी
मोहनिया (कैमूर), 07 अगस्त 2026।

आम नागरिकों को सस्ती, सुलभ एवं स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने तथा प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं रूफटॉप सोलर संयंत्रों की स्थापना में तेजी लाने के उद्देश्य से शुक्रवार को मोहनिया स्थित बीआरजीएफ भवन में सोलर मेले का आयोजन किया गया।

सोलर मेले का शुभारंभ जिला पदाधिकारी, कैमूर श्री नितिन कुमार सिंह, उप विकास आयुक्त, कैमूर सुश्री दिव्या शक्ति, अनुमंडल पदाधिकारी, मोहनिया, विद्युत अधीक्षण अभियंता, सासाराम ई. इंद्रदेव कुमार तथा विद्युत कार्यपालक अभियंता, भभुआ ई. शशिकांत कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

मेले का मुख्य उद्देश्य आम उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर प्रणाली के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से जोड़ना था। इस दौरान विशेषज्ञों एवं तकनीकी टीम द्वारा सोलर पैनल की स्थापना, कार्यप्रणाली, रख-रखाव, लागत, सरकारी सब्सिडी तथा इससे होने वाले आर्थिक लाभों की विस्तृत जानकारी दी गई।

 उपभोक्ताओं की जिज्ञासाओं एवं समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया। इच्छुक उपभोक्ताओं के लिए ऑन-द-स्पॉट पंजीकरण की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई, जिसके माध्यम से वे तत्काल आवेदन कर योजना का लाभ लेने की प्रक्रिया प्रारंभ कर सके। विभिन्न अधिकृत वेंडरों एवं एजेंसियों ने भी मेले में भाग लेकर उपभोक्ताओं को उपयुक्त सोलर समाधान उपलब्ध कराने में सहयोग किया।

जिला पदाधिकारी, कैमूर श्री नितिन कुमार सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को जन-जन तक पहुंचाना आवश्यक है। विशेष रूप से अधिक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल बिजली बिल में कमी लाने में सहायक है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देकर ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने बताया कि सोलर संयंत्र की स्थापना के लिए बैंकों के माध्यम से 2 लाख रुपये तक का ऋण रियायती ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है। जिले में अब तक 201 उपभोक्ताओं के घरों की छतों पर सोलर पैनल स्थापित किए जा चुके हैं।
जिला पदाधिकारी ने बताया कि 150 यूनिट तक की मासिक बिजली खपत वाले उपभोक्ताओं के लिए 1 किलोवाट, 300 यूनिट तक के लिए 2 किलोवाट तथा 300 यूनिट से अधिक खपत वाले उपभोक्ताओं के लिए 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता का सोलर संयंत्र उपयुक्त है। सोलर पैनल से उत्पादित अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजकर बिजली बिल में समायोजन का लाभ भी प्राप्त किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि प्रति किलोवाट सोलर संयंत्र की स्थापना के लिए लगभग 100 वर्गफुट छत की आवश्यकता होती है तथा उचित रख-रखाव के साथ सोलर पैनल लगभग 25 वर्षों तक सुचारू रूप से कार्य कर सकते हैं। योजना के अंतर्गत घरों की छत पर सोलर पैनल स्थापित करने पर सरकार द्वारा आकर्षक सब्सिडी प्रदान की जाती है। इसके तहत 1 किलोवाट पर 30,000 रुपये, 2 किलोवाट पर 60,000 रुपये तथा 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता पर अधिकतम 78,000 रुपये तक की सब्सिडी उपलब्ध है।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना उपभोक्ताओं के आर्थिक बोझ को कम करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
मेले में उपस्थित स्थानीय वेंडरों ने आश्वस्त किया कि आवेदन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद निर्धारित समय-सीमा के भीतर सोलर संयंत्र स्थापित किया जाएगा। साथ ही, करार अवधि के अंतर्गत सात वर्षों तक निःशुल्क मरम्मत एवं रख-रखाव की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) ने बताया कि सोलर संयंत्र की स्थापना के लिए 5.75 प्रतिशत की ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को योजना का लाभ लेने में और सुविधा होगी।
विद्युत अधीक्षण अभियंता, सासाराम ई. इंद्रदेव कुमार ने उपभोक्ताओं से प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह योजना आम नागरिकों के लिए अत्यंत लाभकारी एवं भविष्य उन्मुख पहल है। इससे न केवल बिजली बिल में कमी आएगी, बल्कि स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने सभी पात्र उपभोक्ताओं से अपने घरों में सोलर संयंत्र स्थापित कर ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में योगदान देने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं, सभी सहायक विद्युत अभियंताओं, कनीय विद्युत अभियंताओं तथा विद्युत विभाग के अन्य पदाधिकारियों एवं कर्मियों की उपस्थिति रही।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar

समाहरणालय, कैमूर* ================= जिला जनसम्पर्क कार्यालय* ================== प्रेस विज्ञप्ति* दिनांक 07.08.2026* ================= पीएम सूर्य घर योजना के तहत मोहनिया में सोलर मेला आयोजित, उपभोक्ताओं को मिली योजना की विस्तृत जानकारी मोहनिया (कैमूर), 07 अगस्त 2026। आम नागरिकों को सस्ती, सुलभ एवं स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने तथा प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं रूफटॉप सोलर संयंत्रों की स्थापना में तेजी लाने के उद्देश्य से शुक्रवार को मोहनिया स्थित बीआरजीएफ भवन में सोलर मेले का आयोजन किया गया। सोलर मेले का शुभारंभ जिला पदाधिकारी, कैमूर श्री नितिन कुमार सिंह, उप विकास आयुक्त, कैमूर सुश्री दिव्या शक्ति, अनुमंडल पदाधिकारी, मोहनिया, विद्युत अधीक्षण अभियंता, सासाराम ई. इंद्रदेव कुमार तथा विद्युत कार्यपालक अभियंता, भभुआ ई. शशिकांत कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। मेले का मुख्य उद्देश्य आम उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर प्रणाली के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से जोड़ना था। इस दौरान विशेषज्ञों एवं तकनीकी टीम द्वारा सोलर पैनल की स्थापना, कार्यप्रणाली, रख-रखाव, लागत, सरकारी सब्सिडी तथा इससे होने वाले आर्थिक लाभों की विस्तृत जानकारी दी गई। उपभोक्ताओं की जिज्ञासाओं एवं समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया। इच्छुक उपभोक्ताओं के लिए ऑन-द-स्पॉट पंजीकरण की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई, जिसके माध्यम से वे तत्काल आवेदन कर योजना का लाभ लेने की प्रक्रिया प्रारंभ कर सके। विभिन्न अधिकृत वेंडरों एवं एजेंसियों ने भी मेले में भाग लेकर उपभोक्ताओं को उपयुक्त सोलर समाधान उपलब्ध कराने में सहयोग किया। जिला पदाधिकारी, कैमूर श्री नितिन कुमार सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को जन-जन तक पहुंचाना आवश्यक है। विशेष रूप से अधिक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल बिजली बिल में कमी लाने में सहायक है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देकर ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि सोलर संयंत्र की स्थापना के लिए बैंकों के माध्यम से 2 लाख रुपये तक का ऋण रियायती ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है। जिले में अब तक 201 उपभोक्ताओं के घरों की छतों पर सोलर पैनल स्थापित किए जा चुके हैं। जिला पदाधिकारी ने बताया कि 150 यूनिट तक की मासिक बिजली खपत वाले उपभोक्ताओं के लिए 1 किलोवाट, 300 यूनिट तक के लिए 2 किलोवाट तथा 300 यूनिट से अधिक खपत वाले उपभोक्ताओं के लिए 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता का सोलर संयंत्र उपयुक्त है। सोलर पैनल से उत्पादित अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजकर बिजली बिल में समायोजन का लाभ भी प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि प्रति किलोवाट सोलर संयंत्र की स्थापना के लिए लगभग 100 वर्गफुट छत की आवश्यकता होती है तथा उचित रख-रखाव के साथ सोलर पैनल लगभग 25 वर्षों तक सुचारू रूप से कार्य कर सकते हैं। योजना के अंतर्गत घरों की छत पर सोलर पैनल स्थापित करने पर सरकार द्वारा आकर्षक सब्सिडी प्रदान की जाती है। इसके तहत 1 किलोवाट पर 30,000 रुपये, 2 किलोवाट पर 60,000 रुपये तथा 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता पर अधिकतम 78,000 रुपये तक की सब्सिडी उपलब्ध है। जिला पदाधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना उपभोक्ताओं के आर्थिक बोझ को कम करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। मेले में उपस्थित स्थानीय वेंडरों ने आश्वस्त किया कि आवेदन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद निर्धारित समय-सीमा के भीतर सोलर संयंत्र स्थापित किया जाएगा। साथ ही, करार अवधि के अंतर्गत सात वर्षों तक निःशुल्क मरम्मत एवं रख-रखाव की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) ने बताया कि सोलर संयंत्र की स्थापना के लिए 5.75 प्रतिशत की ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को योजना का लाभ लेने में और सुविधा होगी। विद्युत अधीक्षण अभियंता, सासाराम ई. इंद्रदेव कुमार ने उपभोक्ताओं से प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह योजना आम नागरिकों के लिए अत्यंत लाभकारी एवं भविष्य उन्मुख पहल है। इससे न केवल बिजली बिल में कमी आएगी, बल्कि स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने सभी पात्र उपभोक्ताओं से अपने घरों में सोलर संयंत्र स्थापित कर ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में योगदान देने का आह्वान किया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं, सभी सहायक विद्युत अभियंताओं, कनीय विद्युत अभियंताओं तथा विद्युत विभाग के अन्य पदाधिकारियों एवं कर्मियों की उपस्थिति रही। Information & Public Relations Department, Government of Bihar

Kaimur, Bihar | Aug 7, 2026

समाहरणालय, कैमूर*
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जिला जनसम्पर्क कार्यालय*
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प्रेस विज्ञप्ति*

दिनांक 07.08.2026*
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पंच सम्मेलन में विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण के प्रावधानों की दी गई जानकारी
कैमूर (भभुआ)। ग्रामीण विकास विभाग, बिहार, पटना के निर्देश के आलोक में शुक्रवार, 07 अगस्त 2026 को विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण (VB-G RAM-G) Act, 2025 के प्रावधानों से जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित कर्मियों को अवगत कराने के उद्देश्य से पंच सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में योजना के उद्देश्यों, प्रावधानों एवं क्रियान्वयन से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी दी गई।
सम्मेलन में बताया गया कि VB-G RAM-G Act, 2025 देश में वर्तमान संचालित महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का स्थान लेगा। यह नई योजना 01 जुलाई 2026 से प्रभावी हो चुकी है।
सम्मेलन में योजना के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया गया कि—
योजना के तहत प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की वैधानिक गारंटी प्रदान की गई है।
योजना का मुख्य फोकस जल सुरक्षा, मुख्य ग्रामीण आधारभूत संरचना, आजीविका से संबंधित आधारभूत संरचना तथा मौसम संबंधी आपदाओं से निपटने हेतु कार्यों पर रहेगा।
जल सुरक्षा, ग्रामीण आधारभूत संरचना, आजीविका एवं सामुदायिक संपत्तियों से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
योजना में कन्वर्जेंस एवं पूरे सरकारी तंत्र (Whole-of-Government) के समेकित दृष्टिकोण के माध्यम से ग्रामीण विकास को गति देने पर जोर दिया गया है।
राज्य सरकार द्वारा बुआई एवं कटाई के चरम मौसम में प्रत्येक वर्ष कुल 60 दिनों की अवधि के लिए अधिसूचना जारी की जा सकेगी, जिसके दौरान इस अधिनियम के अंतर्गत कार्य नहीं कराए जाएंगे।
केंद्र प्रायोजित इस योजना में केंद्र एवं राज्य की हिस्सेदारी 60:40 होगी। उत्तर-पूर्वी एवं हिमालयी राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों के लिए यह अनुपात 90:10 रहेगा।
केंद्र सरकार वस्तुनिष्ठ मानदंडों के आधार पर राज्यवार मानक आवंटन (Normative Allocation) तय करेगी तथा अतिरिक्त व्यय राज्य सरकार को वहन करना होगा।
प्राकृतिक आपदाओं अथवा असाधारण परिस्थितियों के दौरान समय पर प्रतिक्रिया एवं राहत पहुंचाने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।
योजना के क्रियान्वयन में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, स्पेशियल टेक्नोलॉजी आधारित प्लानिंग, डिजिटल मॉनिटरिंग, Weekly Public Disclosure तथा मजबूत सोशल ऑडिट के माध्यम से पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।
केंद्र सरकार मजदूरी की दरें अधिसूचित करेगी। वर्तमान में ₹300 प्रतिदिन प्रति श्रमिक की दर लागू किए जाने की जानकारी दी गई।
यदि कार्य की मांग किए जाने के 15 दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान होगा।
यह नया कानून ग्रामीण रोजगार को “विकसित भारत 2047” के दीर्घकालिक लक्ष्यों से जोड़ता है।
सम्मेलन में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित पदाधिकारियों से योजना के प्रावधानों को ग्रामीण क्षेत्रों तक प्रभावी रूप से पहुंचाने तथा पात्र परिवारों को इसके लाभ से जोड़ने का आह्वान किया गया।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar

समाहरणालय, कैमूर* ================= जिला जनसम्पर्क कार्यालय* ================== प्रेस विज्ञप्ति* दिनांक 07.08.2026* ================= पंच सम्मेलन में विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण के प्रावधानों की दी गई जानकारी कैमूर (भभुआ)। ग्रामीण विकास विभाग, बिहार, पटना के निर्देश के आलोक में शुक्रवार, 07 अगस्त 2026 को विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण (VB-G RAM-G) Act, 2025 के प्रावधानों से जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित कर्मियों को अवगत कराने के उद्देश्य से पंच सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में योजना के उद्देश्यों, प्रावधानों एवं क्रियान्वयन से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी दी गई। सम्मेलन में बताया गया कि VB-G RAM-G Act, 2025 देश में वर्तमान संचालित महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का स्थान लेगा। यह नई योजना 01 जुलाई 2026 से प्रभावी हो चुकी है। सम्मेलन में योजना के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया गया कि— योजना के तहत प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की वैधानिक गारंटी प्रदान की गई है। योजना का मुख्य फोकस जल सुरक्षा, मुख्य ग्रामीण आधारभूत संरचना, आजीविका से संबंधित आधारभूत संरचना तथा मौसम संबंधी आपदाओं से निपटने हेतु कार्यों पर रहेगा। जल सुरक्षा, ग्रामीण आधारभूत संरचना, आजीविका एवं सामुदायिक संपत्तियों से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। योजना में कन्वर्जेंस एवं पूरे सरकारी तंत्र (Whole-of-Government) के समेकित दृष्टिकोण के माध्यम से ग्रामीण विकास को गति देने पर जोर दिया गया है। राज्य सरकार द्वारा बुआई एवं कटाई के चरम मौसम में प्रत्येक वर्ष कुल 60 दिनों की अवधि के लिए अधिसूचना जारी की जा सकेगी, जिसके दौरान इस अधिनियम के अंतर्गत कार्य नहीं कराए जाएंगे। केंद्र प्रायोजित इस योजना में केंद्र एवं राज्य की हिस्सेदारी 60:40 होगी। उत्तर-पूर्वी एवं हिमालयी राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों के लिए यह अनुपात 90:10 रहेगा। केंद्र सरकार वस्तुनिष्ठ मानदंडों के आधार पर राज्यवार मानक आवंटन (Normative Allocation) तय करेगी तथा अतिरिक्त व्यय राज्य सरकार को वहन करना होगा। प्राकृतिक आपदाओं अथवा असाधारण परिस्थितियों के दौरान समय पर प्रतिक्रिया एवं राहत पहुंचाने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। योजना के क्रियान्वयन में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, स्पेशियल टेक्नोलॉजी आधारित प्लानिंग, डिजिटल मॉनिटरिंग, Weekly Public Disclosure तथा मजबूत सोशल ऑडिट के माध्यम से पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी। केंद्र सरकार मजदूरी की दरें अधिसूचित करेगी। वर्तमान में ₹300 प्रतिदिन प्रति श्रमिक की दर लागू किए जाने की जानकारी दी गई। यदि कार्य की मांग किए जाने के 15 दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान होगा। यह नया कानून ग्रामीण रोजगार को “विकसित भारत 2047” के दीर्घकालिक लक्ष्यों से जोड़ता है। सम्मेलन में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित पदाधिकारियों से योजना के प्रावधानों को ग्रामीण क्षेत्रों तक प्रभावी रूप से पहुंचाने तथा पात्र परिवारों को इसके लाभ से जोड़ने का आह्वान किया गया। Information & Public Relations Department, Government of Bihar

Kaimur, Bihar | Aug 7, 2026

स्वतंत्रता दिवस 2026 की तैयारियों को लेकर जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक संपन्न

जिले में 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस समारोह के भव्य, गरिमामय एवं सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर आज समाहरणालय सभाकक्ष में जिला पदाधिकारी श्री नितिन कुमार सिंह की अध्यक्षता में विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप विकास आयुक्त, कैमूर,अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी भभुआ, पुलिस अधीक्षक, जिला शिक्षा पदाधिकारी, सिविल सर्जन सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं संबंधित गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

बैठक में जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि स्वतंत्रता दिवस समारोह देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत, सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं जनभागीदारी से परिपूर्ण होना चाहिए। समारोह के सफल आयोजन के लिए विभिन्न कोषांगों का गठन करते हुए नोडल एवं वरीय पदाधिकारियों को आवश्यक जिम्मेदारियां सौंपी गईं।

ध्वजारोहण कार्यक्रम

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिले में विभिन्न स्थानों पर ध्वजारोहण का समय निर्धारित किया गया है। जगजीवन स्टेडियम, भभुआ में प्रातः 9:00 बजे, समाहरणालय में 10:00 बजे, जिला परिषद कार्यालय में 10:05 बजे, विकास भवन में 10:10 बजे, अनुमंडल कार्यालय भभुआ में 10:35 बजे, भभुआ थाना में 10:45 बजे तथा पुलिस लाइन में 11:00 बजे ध्वजारोहण किया जाएगा।

इस कोषांग के वरीय पदाधिकारी अपर समाहर्ता, कैमूर तथा नोडल पदाधिकारी अनुमंडल पदाधिकारी, भभुआ को नामित किया गया है। मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम अनुमंडल पदाधिकारी एवं गोपनीय शाखा द्वारा तैयार किया जाएगा।

प्रभात फेरी का आयोजन

15 अगस्त को प्रातः 6:30 बजे समाहरणालय से एकता चौक होते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय तक प्रभात फेरी निकाली जाएगी। इसमें मुख्य रूप से कक्षा 6 से 10 तक के छात्र-छात्राओं को विद्यालय की पोशाक में शामिल किया जाएगा। प्रभात फेरी के वरीय पदाधिकारी जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी तथा नोडल पदाधिकारी जिला शिक्षा पदाधिकारी होंगे।

प्रभात फेरी के दौरान चिकित्सा दल, एंबुलेंस एवं आवश्यक जीवनरक्षक दवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने का दायित्व सिविल सर्जन को सौंपा गया है।

विभिन्न स्मारकों पर माल्यार्पण

प्रातः 8:00 बजे तक कैमूर स्तंभ, महात्मा गांधी प्रतिमा (एकता चौक), बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर एवं डॉ. राजेंद्र प्रसाद स्मारक, चंद्रशेखर आजाद स्मारक, रणविजय चौक सहित अन्य स्मारकों पर माल्यार्पण किया जाएगा। इस व्यवस्था के लिए जिला सामान्य शाखा के प्रभारी को नोडल पदाधिकारी तथा कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद भभुआ को सहायक नोडल पदाधिकारी बनाया गया है।

परेड एवं जगजीवन स्टेडियम की व्यवस्था

जगजीवन स्टेडियम में 11 से 13 अगस्त तक प्रतिदिन प्रातः 8:00 बजे से 10:00 बजे तक परेड का पूर्वाभ्यास पुलिस उपाधीक्षक (रक्षित) के नेतृत्व में कराया जाएगा। स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में प्रभारी मंत्री द्वारा प्रातः 9:00 बजे ध्वजारोहण किया जाएगा।

स्टेडियम की साफ-सफाई, रंगाई-पुताई, टेंट, कुर्सी, साउंड सिस्टम, पेयजल, अग्निशमन एवं चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए उप विकास आयुक्त को वरीय पदाधिकारी तथा भूमि सुधार उप समाहर्ता को नोडल पदाधिकारी नामित किया गया है।

महादलित टोलों में ध्वजारोहण

जिले के 532 महादलित टोलों में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जिला कल्याण पदाधिकारी को 11 अगस्त तक महादलित टोलों का चयन कर सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। साथ ही विकास मित्रों के माध्यम से ग्रामीणों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी।

खेलकूद एवं सम्मान समारोह

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दोपहर 4:00 बजे से 4:30 बजे तक जगजीवन स्टेडियम में जिला प्रशासन बनाम जनता के बीच मैत्रीपूर्ण फुटबॉल मैच का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद नियमित मैच आयोजित होगा।

इस अवसर पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों, कलाकारों, उत्कृष्ट पदाधिकारियों एवं कर्मियों तथा समाजसेवियों को गुड्स सेमेटेरियन के रूप में सम्मानित किया जाएगा।

सांस्कृतिक कार्यक्रम

सायंकाल 6:00 बजे से 9:00 बजे तक लिच्छवी भवन, भभुआ में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में स्वतंत्रता संग्राम, स्वच्छता एवं स्थानीय विषयों पर आधारित प्रस्तुतियां दी जाएंगी। सांस्कृतिक कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए अनुमंडल पदाधिकारी की अध्यक्षता में सांस्कृतिक समिति का गठन किया गया है।

अन्य व्यवस्थाओं की भी हुई समीक्षा

बैठक में निमंत्रण कार्ड की छपाई एवं वितरण, फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी, लाइव टेलीकास्ट, शहर की साफ-सफाई, चलंत शौचालय, पेयजल, सुरक्षा व्यवस्था तथा भाषण सामग्री तैयार करने सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई।
अंत में जिला पदाधिकारी ने सभी नोडल एवं संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वतंत्रता दिवस से संबंधित सभी तैयारियां निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी कर ली जाएं तथा कार्यक्रमों का आयोजन पूर्ण सुरक्षा, अनुशासन एवं गरिमापूर्ण वातावरण में सुनिश्चित किया जाए, ताकि जिले के नागरिक स्वतंत्रता दिवस को पूरे उत्साह, उमंग एवं देशभक्ति की भावना के साथ मना सकें।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar

स्वतंत्रता दिवस 2026 की तैयारियों को लेकर जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक संपन्न जिले में 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस समारोह के भव्य, गरिमामय एवं सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर आज समाहरणालय सभाकक्ष में जिला पदाधिकारी श्री नितिन कुमार सिंह की अध्यक्षता में विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप विकास आयुक्त, कैमूर,अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी भभुआ, पुलिस अधीक्षक, जिला शिक्षा पदाधिकारी, सिविल सर्जन सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं संबंधित गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। बैठक में जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि स्वतंत्रता दिवस समारोह देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत, सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं जनभागीदारी से परिपूर्ण होना चाहिए। समारोह के सफल आयोजन के लिए विभिन्न कोषांगों का गठन करते हुए नोडल एवं वरीय पदाधिकारियों को आवश्यक जिम्मेदारियां सौंपी गईं। ध्वजारोहण कार्यक्रम स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिले में विभिन्न स्थानों पर ध्वजारोहण का समय निर्धारित किया गया है। जगजीवन स्टेडियम, भभुआ में प्रातः 9:00 बजे, समाहरणालय में 10:00 बजे, जिला परिषद कार्यालय में 10:05 बजे, विकास भवन में 10:10 बजे, अनुमंडल कार्यालय भभुआ में 10:35 बजे, भभुआ थाना में 10:45 बजे तथा पुलिस लाइन में 11:00 बजे ध्वजारोहण किया जाएगा। इस कोषांग के वरीय पदाधिकारी अपर समाहर्ता, कैमूर तथा नोडल पदाधिकारी अनुमंडल पदाधिकारी, भभुआ को नामित किया गया है। मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम अनुमंडल पदाधिकारी एवं गोपनीय शाखा द्वारा तैयार किया जाएगा। प्रभात फेरी का आयोजन 15 अगस्त को प्रातः 6:30 बजे समाहरणालय से एकता चौक होते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय तक प्रभात फेरी निकाली जाएगी। इसमें मुख्य रूप से कक्षा 6 से 10 तक के छात्र-छात्राओं को विद्यालय की पोशाक में शामिल किया जाएगा। प्रभात फेरी के वरीय पदाधिकारी जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी तथा नोडल पदाधिकारी जिला शिक्षा पदाधिकारी होंगे। प्रभात फेरी के दौरान चिकित्सा दल, एंबुलेंस एवं आवश्यक जीवनरक्षक दवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने का दायित्व सिविल सर्जन को सौंपा गया है। विभिन्न स्मारकों पर माल्यार्पण प्रातः 8:00 बजे तक कैमूर स्तंभ, महात्मा गांधी प्रतिमा (एकता चौक), बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर एवं डॉ. राजेंद्र प्रसाद स्मारक, चंद्रशेखर आजाद स्मारक, रणविजय चौक सहित अन्य स्मारकों पर माल्यार्पण किया जाएगा। इस व्यवस्था के लिए जिला सामान्य शाखा के प्रभारी को नोडल पदाधिकारी तथा कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद भभुआ को सहायक नोडल पदाधिकारी बनाया गया है। परेड एवं जगजीवन स्टेडियम की व्यवस्था जगजीवन स्टेडियम में 11 से 13 अगस्त तक प्रतिदिन प्रातः 8:00 बजे से 10:00 बजे तक परेड का पूर्वाभ्यास पुलिस उपाधीक्षक (रक्षित) के नेतृत्व में कराया जाएगा। स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में प्रभारी मंत्री द्वारा प्रातः 9:00 बजे ध्वजारोहण किया जाएगा। स्टेडियम की साफ-सफाई, रंगाई-पुताई, टेंट, कुर्सी, साउंड सिस्टम, पेयजल, अग्निशमन एवं चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए उप विकास आयुक्त को वरीय पदाधिकारी तथा भूमि सुधार उप समाहर्ता को नोडल पदाधिकारी नामित किया गया है। महादलित टोलों में ध्वजारोहण जिले के 532 महादलित टोलों में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जिला कल्याण पदाधिकारी को 11 अगस्त तक महादलित टोलों का चयन कर सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। साथ ही विकास मित्रों के माध्यम से ग्रामीणों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी। खेलकूद एवं सम्मान समारोह स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दोपहर 4:00 बजे से 4:30 बजे तक जगजीवन स्टेडियम में जिला प्रशासन बनाम जनता के बीच मैत्रीपूर्ण फुटबॉल मैच का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद नियमित मैच आयोजित होगा। इस अवसर पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों, कलाकारों, उत्कृष्ट पदाधिकारियों एवं कर्मियों तथा समाजसेवियों को गुड्स सेमेटेरियन के रूप में सम्मानित किया जाएगा। सांस्कृतिक कार्यक्रम सायंकाल 6:00 बजे से 9:00 बजे तक लिच्छवी भवन, भभुआ में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में स्वतंत्रता संग्राम, स्वच्छता एवं स्थानीय विषयों पर आधारित प्रस्तुतियां दी जाएंगी। सांस्कृतिक कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए अनुमंडल पदाधिकारी की अध्यक्षता में सांस्कृतिक समिति का गठन किया गया है। अन्य व्यवस्थाओं की भी हुई समीक्षा बैठक में निमंत्रण कार्ड की छपाई एवं वितरण, फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी, लाइव टेलीकास्ट, शहर की साफ-सफाई, चलंत शौचालय, पेयजल, सुरक्षा व्यवस्था तथा भाषण सामग्री तैयार करने सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। अंत में जिला पदाधिकारी ने सभी नोडल एवं संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वतंत्रता दिवस से संबंधित सभी तैयारियां निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी कर ली जाएं तथा कार्यक्रमों का आयोजन पूर्ण सुरक्षा, अनुशासन एवं गरिमापूर्ण वातावरण में सुनिश्चित किया जाए, ताकि जिले के नागरिक स्वतंत्रता दिवस को पूरे उत्साह, उमंग एवं देशभक्ति की भावना के साथ मना सकें। Information & Public Relations Department, Government of Bihar

Kaimur, Bihar | Aug 7, 2026

समाहरणालय, कैमूर*
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जिला जनसम्पर्क कार्यालय*
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प्रेस विज्ञप्ति*

दिनांक 04.08.2026*
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माँ मुंडेश्वरी मंदिर के वैज्ञानिक जीर्णोद्धार एवं इको-टूरिज्म विकास हेतु उच्चस्तरीय टीम का व्यापक निरीक्षण
कैमूर जिले के ऐतिहासिक एवं प्राचीन माँ मुंडेश्वरी मंदिर के वैज्ञानिक जीर्णोद्धार तथा आसपास के क्षेत्र में इको-टूरिज्म के समग्र विकास के उद्देश्य से गठित उच्चस्तरीय समिति ने आज दिनांक 04 अगस्त, 2026 को मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्र का व्यापक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के दिशा-निर्देशों एवं वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप मंदिर के संरक्षण एवं समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
उच्चस्तरीय टीम में विकास आयुक्त, बिहार श्री मिहिर कुमार सिंह (भा.प्र.से.), कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार के सचिव श्री प्रणव कुमार, जिला पदाधिकारी, कैमूर, उप विकास आयुक्त, कैमूर, वन प्रमंडल पदाधिकारी (डीएफओ), कैमूर तथा मंदिर न्यास समिति के प्रतिनिधि शामिल रहे।
निरीक्षण के दौरान पुरातत्व एवं विरासत संरक्षण के क्षेत्र के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ पद्मश्री डॉ. मोहम्मद के.के. (पूर्व क्षेत्रीय निदेशक, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण), कलकत्ता विश्वविद्यालय के प्राचीन भारतीय इतिहास एवं पुरातत्व विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. रजत सन्याल तथा बिहार विरासत विकास समिति के प्रो. अनिल कुमार भी उपस्थित रहे।
निरीक्षण के क्रम में मंदिर की वर्तमान संरचनात्मक स्थिति, संरक्षण संबंधी आवश्यकताओं तथा वैज्ञानिक जीर्णोद्धार की कार्ययोजना पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। साथ ही मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्र को धार्मिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक पर्यटन के समन्वित केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाओं का भी आकलन किया गया।
बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि छठी शताब्दी का यह प्राचीन मंदिर न केवल श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है, बल्कि अपनी अद्वितीय स्थापत्य कला, ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्ता के कारण राष्ट्रीय धरोहर के रूप में भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। भविष्य में इसे यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने की संभावनाओं पर भी गंभीरतापूर्वक विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में यह भी बताया गया कि यह क्षेत्र कोलकाता-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग से लगभग चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित होने के कारण पर्यटन विकास की दृष्टि से अत्यंत अनुकूल स्थिति में है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि मंदिर एवं आसपास के क्षेत्र की ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक विरासत को पूर्णतः सुरक्षित रखते हुए आधुनिक पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जाए, जिससे स्थानीय युवाओं एवं ग्रामीणों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित हो सकें।
इस अवसर पर कैमूर जिले के अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों—अधौरा, तेलहार कुंड एवं वन क्षेत्रों—के समेकित विकास की संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। घने वन क्षेत्रों एवं प्राकृतिक सौंदर्य को ध्यान में रखते हुए इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने, पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने तथा आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के विकास हेतु व्यापक कार्ययोजना तैयार करने पर सहमति व्यक्त की गई।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि माँ मुंडेश्वरी मंदिर के संरक्षण, विरासत संवर्धन तथा सतत पर्यटन विकास के बीच समुचित संतुलन स्थापित करते हुए सभी विकास कार्य भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के मानकों एवं विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में संपादित किए जाएंगे।
यह निरीक्षण माँ मुंडेश्वरी मंदिर के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ-साथ कैमूर जिले को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख धार्मिक, सांस्कृतिक एवं इको-टूरिज्म गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं दूरदर्शी पहल है।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar

समाहरणालय, कैमूर* ================= जिला जनसम्पर्क कार्यालय* ================== प्रेस विज्ञप्ति* दिनांक 04.08.2026* ================= माँ मुंडेश्वरी मंदिर के वैज्ञानिक जीर्णोद्धार एवं इको-टूरिज्म विकास हेतु उच्चस्तरीय टीम का व्यापक निरीक्षण कैमूर जिले के ऐतिहासिक एवं प्राचीन माँ मुंडेश्वरी मंदिर के वैज्ञानिक जीर्णोद्धार तथा आसपास के क्षेत्र में इको-टूरिज्म के समग्र विकास के उद्देश्य से गठित उच्चस्तरीय समिति ने आज दिनांक 04 अगस्त, 2026 को मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्र का व्यापक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के दिशा-निर्देशों एवं वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप मंदिर के संरक्षण एवं समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उच्चस्तरीय टीम में विकास आयुक्त, बिहार श्री मिहिर कुमार सिंह (भा.प्र.से.), कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार के सचिव श्री प्रणव कुमार, जिला पदाधिकारी, कैमूर, उप विकास आयुक्त, कैमूर, वन प्रमंडल पदाधिकारी (डीएफओ), कैमूर तथा मंदिर न्यास समिति के प्रतिनिधि शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान पुरातत्व एवं विरासत संरक्षण के क्षेत्र के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ पद्मश्री डॉ. मोहम्मद के.के. (पूर्व क्षेत्रीय निदेशक, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण), कलकत्ता विश्वविद्यालय के प्राचीन भारतीय इतिहास एवं पुरातत्व विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. रजत सन्याल तथा बिहार विरासत विकास समिति के प्रो. अनिल कुमार भी उपस्थित रहे। निरीक्षण के क्रम में मंदिर की वर्तमान संरचनात्मक स्थिति, संरक्षण संबंधी आवश्यकताओं तथा वैज्ञानिक जीर्णोद्धार की कार्ययोजना पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। साथ ही मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्र को धार्मिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक पर्यटन के समन्वित केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाओं का भी आकलन किया गया। बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि छठी शताब्दी का यह प्राचीन मंदिर न केवल श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है, बल्कि अपनी अद्वितीय स्थापत्य कला, ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्ता के कारण राष्ट्रीय धरोहर के रूप में भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। भविष्य में इसे यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने की संभावनाओं पर भी गंभीरतापूर्वक विचार-विमर्श किया गया। बैठक में यह भी बताया गया कि यह क्षेत्र कोलकाता-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग से लगभग चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित होने के कारण पर्यटन विकास की दृष्टि से अत्यंत अनुकूल स्थिति में है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि मंदिर एवं आसपास के क्षेत्र की ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक विरासत को पूर्णतः सुरक्षित रखते हुए आधुनिक पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जाए, जिससे स्थानीय युवाओं एवं ग्रामीणों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित हो सकें। इस अवसर पर कैमूर जिले के अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों—अधौरा, तेलहार कुंड एवं वन क्षेत्रों—के समेकित विकास की संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। घने वन क्षेत्रों एवं प्राकृतिक सौंदर्य को ध्यान में रखते हुए इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने, पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने तथा आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के विकास हेतु व्यापक कार्ययोजना तैयार करने पर सहमति व्यक्त की गई। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि माँ मुंडेश्वरी मंदिर के संरक्षण, विरासत संवर्धन तथा सतत पर्यटन विकास के बीच समुचित संतुलन स्थापित करते हुए सभी विकास कार्य भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के मानकों एवं विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में संपादित किए जाएंगे। यह निरीक्षण माँ मुंडेश्वरी मंदिर के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ-साथ कैमूर जिले को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख धार्मिक, सांस्कृतिक एवं इको-टूरिज्म गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं दूरदर्शी पहल है। Information & Public Relations Department, Government of Bihar

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