समाहरणालय, कैमूर*
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जिला जनसम्पर्क कार्यालय*
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प्रेस विज्ञप्ति*
दिनांक 07.10.2026
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लिच्छवी भवन में जनजातीय सामाजिक-आर्थिक स्थिति एवं आजीविका विषय पर कार्यशाला आयोजित
बिहार अनुसूचित जनजाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान, पटना के तत्वावधान में आज दिनांक 07 अक्टूबर 2026 को अपराह्न 12:30 बजे से लिच्छवी भवन में जिला पदाधिकारी, कैमूर (भभुआ) की अध्यक्षता में "जनजातीय सामाजिक-आर्थिक स्थिति एवं आजीविका" (Socio-Economic Status and Livelihoods) विषय पर एक दिवसीय जिला स्तरीय सेमिनार-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य कैमूर पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में निवासरत अनुसूचित जनजाति (एसटी) समुदाय की सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों की वास्तविक पहचान करना, उनके सतत विकास की रूपरेखा तैयार करना और सरकारी योजनाओं की पहुंच को अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित करना रहा।
कार्यक्रम के दौरान पटना से आए TRI के शोध दल एवं तकनीकी विशेषज्ञों ने जिले के विशिष्ट भौगोलिक और सामाजिक परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए कई प्रमुख बिंदुओं पर प्रस्तुति दी।
कार्यशाला में निम्नलिखित मुख्य विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई:
शिक्षा एवं कौशल उन्नयन: सुदूर जनजातीय टोलों में गुणवत्तापूर्ण स्कूली शिक्षा, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की कार्यप्रणाली, छात्रवृत्ति योजनाओं के शत-प्रतिशत आच्छादन तथा युवाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों पर बल दिया गया।
स्वास्थ्य एवं पोषण: पहाड़ी क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, संस्थागत प्रसव, नियमित टीकाकरण, शुद्ध पेयजल और मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविरों की आवश्यकता रेखांकित की गई।
कृषि एवं वानिकी आधारित आजीविका (Agriculture & Forest-based Livelihoods): कैमूर के पहाड़ी व तराई क्षेत्रों में परंपरागत एवं जलवायु-अनुकूल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने, लघु वनोपज (NTFP) के संग्रहण, भंडारण व मूल्य संवर्धन (Value Addition) तथा वन धन विकास केंद्रों के सुदृढ़ीकरण पर विशेष कार्ययोजना बनाई गई।
मजदूरी रोजगार एवं आजीविका सुरक्षा (Wage Employment): मनरेगा (MGNREGA) सहित अन्य सरकारी निर्माण व विकास कार्यों के जरिए स्थानीय स्तर पर 100 दिन के सुनिश्चित रोजगार, समय पर पारदर्शी मजदूरी भुगतान तथा जल-संरक्षण संरचनाओं के निर्माण पर चर्चा हुई।
प्रवासन की समस्या व समाधान (Migration Challenges): मौसमी व संकटकालीन पलायन (Distress Migration) की रोकथाम के लिए स्थानीय स्तर पर निरंतर रोजगार अवसर सृजित करने, प्रवासी श्रमिकों के डेटाबेस संधारण और उनके सामाजिक सुरक्षा अधिकारों की रक्षा पर बल दिया गया।
उद्यमिता विकास एवं महिला स्वावलंबन (Entrepreneurship): जनजातीय युवाओं को स्थानीय संसाधनों पर आधारित लघु उद्योगों, हस्तशिल्प और कृषि-आधारित व्यवसायों के लिए रियायती ऋण व प्रशिक्षण उपलब्ध कराने तथा 'जीविका' समूहों के माध्यम से महिलाओं को वित्तीय व उद्यम सहयोग देने का निर्णय लिया गया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी ने कहा कि कैमूर जिले का जनजातीय समुदाय अपनी विशिष्ट संस्कृति और परंपराओं के लिए जाना जाता है। प्रशासन का संकल्प है कि विकास की मुख्यधारा से कोई भी जनजातीय परिवार अछूता न रहे।
उन्होंने उपस्थित सभी प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों एवं विकास मित्रों को निर्देश दिया कि वे फील्ड स्तर पर सर्वे कर यह सुनिश्चित करें कि प्रधानमंत्री जनमन योजना, आवास योजना, राशन कार्ड, आधार सीडिंग, आयुष्मान कार्ड और पेंशन जैसी बुनियादी योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत पात्र परिवारों तक पहुंचे। विकास मित्र समुदाय और प्रशासन के बीच सेतु का कार्य करें और समस्याओं को त्वरित गति से संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाएं।
टीआरआई (TRI), पटना के प्रतिनिधियों ने कार्यशाला में बताया कि इस सेमिनार से प्राप्त फीडबैक और स्थानीय सुझावों को संकलित कर एक 'जिला-विशिष्ट कार्य योजना' (District-Specific Action Plan) तैयार की जाएगी। यह कार्ययोजना राज्य स्तर पर भविष्य की नीतियों के निर्धारण और बजट आवंटन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने प्रतिभागियों के साथ सीधा संवाद कर मैदानी स्तर पर आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों को समझा।
इस अवसर पर जिला कल्याण पदाधिकारी (कैमूर), TRI के प्रतिनिधि, जिले के सभी प्रखंडों से आए प्रखंड कल्याण पदाधिकारी (BWO), सभी पंचायतों के विकास मित्र, अनुसूचित जनजाति समुदाय के गणमान्य प्रतिनिधि व हितधारक उपस्थित रहे।
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Information & Public Relations Department, Government of Bihar
Kaimur, Bihar | Oct 7, 2026