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डीजल के अभाव में खड़ी रहीं 4 एंबुलेंस, प्रसूता को निजी वाहन से रतलाम ले जाना पड़ा
गरोठ सिविल अस्पताल में देर रात सामने आई अव्यवस्था, रेफर मरीज के लिए नहीं मिली 108 सेवा; प्रबंधन ने 1 अक्टूबर से व्यवस्था सुधारने का दिया भरोसा
गरोठ। गरोठ सिविल अस्पताल में शनिवार रात आपातकालीन स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर स्थिति सामने आई। प्रसव पीड़ा से अस्पताल पहुंची एक महिला को चिकित्सकों ने तत्काल उच्च स्तरीय उपचार के लिए रतलाम रेफर किया, लेकिन अस्पताल परिसर में मौजूद चार 108 एंबुलेंस डीजल के अभाव में खड़ी मिलीं। आखिरकार परिजनों को निजी वाहन की व्यवस्था कर महिला को रतलाम ले जाना पड़ा।
जानकारी के अनुसार खड़ावदा रोड निवासी सलमाबी को शनिवार रात प्रसव पीड़ा के बाद गरोठ सिविल अस्पताल लाया गया था। ड्यूटी डॉक्टर दरबार सिंह ने जांच के बाद महिला की स्थिति को गंभीर बताते हुए बड़े अस्पताल में उपचार की आवश्यकता बताई। चिकित्सक के अनुसार गर्भ में बच्चे की स्थिति सामान्य नहीं थी और सामान्य प्रसव संभव नहीं होने के कारण तत्काल रेफर किया गया।
रात करीब 12:30 बजे परिजनों ने 108 एंबुलेंस के लिए संपर्क किया। अस्पताल परिसर में चार एंबुलेंस मौजूद थीं, लेकिन डीजल नहीं होने के कारण उनका संचालन नहीं हो सका। महिला के भाई फारुख के अनुसार एंबुलेंस चालकों ने ईंधन उपलब्ध नहीं होने की जानकारी दी। इसके बाद परिजनों ने निजी वाहन की व्यवस्था की और महिला को रतलाम मेडिकल कॉलेज ले जाया गया।
एंबुलेंसों की हालत पर भी सवाल
एंबुलेंस चालकों ने वाहनों की खराब स्थिति के साथ टायर और ईंधन जैसी आवश्यक सुविधाओं की कमी की बात कही। मामले में 108 सेवा के प्रबंधक योगेश प्रसाद ने बताया कि ईंधन और मेंटेनेंस के लिए वरिष्ठ स्तर से पर्याप्त बजट नहीं मिलने के कारण समस्या बनी हुई है। उन्होंने 1 अक्टूबर से व्यवस्था में सुधार किए जाने का आश्वासन दिया।
स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल
मामले को लेकर गरोठ ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष महेश पाटीदार ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में एंबुलेंस सेवा सुचारु नहीं है और मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विधायक बोले- लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी
गरोठ विधायक चंदर सिंह सिसोदिया ने कहा कि शासन स्तर से 108 सेवा को भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विधायक ने जिला कलेक्टर से चर्चा कर समस्या का स्थायी समाधान कराने का भरोसा भी दिलाया।
इस घटना ने आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर रात के समय गंभीर मरीजों के लिए एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होना व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।