फर्रुखाबाद: कमलनयन दास ने कहा, नारी बंधन अधिनियम का विरोध करने वाले सभी देशद्रोही, यहां आदिकाल से महिलाओं को सर्वोच्च स्थान दिया गया
नारी बंधन अधिनियम पारित न होने के सवाल पर विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि तमाम राष्ट्र विरोधी लोग हैं, नारी हमारी अस्मिता है, राष्ट्र, धर्म है, कर्म है, पूजा है, पाठ है। आज राष्ट्र विरोधी विचार इतने पनपते जा रहे है। और आज समाज को जात-पांत में बांटते चले जा रहे हैं, आप समझदार है आज समाज की क्या दशा होगी। *उन्होंने यत्र नार्यस्तु पूज्यंते रमंत* तत्र देवता