जेपीएन सदर अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार
रेफर होने वाले मरीजों की संख्या घटी
12 प्रकार की सर्जरी से अब संख्या 20 हुई
अगस्त के पहले 15 दिनों के भीतर सिफ्र 10 मामले ही रेफर
गया, 18 अगस्त: जिला में स्वास्थ्य विभाग मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने की हरसंभव प्रयास कर रहा है। सीमित संसाधनों के बीच मरीजों को बेहतर उपचार व्यवस्था कर रेफरल की संख्या को भी घटाने का प्रयास किया गया है। शहर के जय प्रकाश नारायण (जेपीएन) सदर अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से मरीजों को बड़ी राहत मिली है। अस्पताल प्रबंधन की मुस्तैदी और आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता के कारण अब यहां से अन्य बड़े मेडिकल कॉलेजों में रेफर होने वाले मरीजों की संख्या में गिरावट आई है। अब अस्पताल में ही गंभीर रोगों का इलाज अथवा सर्जरी सफलतापूर्वक किया जा रहा है। विशेष रूप से प्रसूति विभाग में अब जटिल प्रसव के लिए महिलाओं को बाहर नहीं जाना पड़ रहा है, क्योंकि अस्पताल में नियमित रूप से सी-सेक्शन (सिजेरियन डिलीवरी) की जा रही है। इसके साथ ही, आपातकालीन वार्ड में आने वाले अन्य गंभीर मरीजों को भी तुरंत और बेहतर इलाज मिल रहा है। स्थानीय स्तर पर ही इन सुविधाओं के मिलने से गरीब मरीजों के समय और पैसे दोनों की बड़ी बचत हो रही है।
सिजेरियन सेक्शन की व्यवस्था हुई मजबूत:
सिविल सर्जन डॉ. राजाराम ने बताया कि सदर अस्पताल में अब रात के समय भी सिजेरियन की मुकम्मल व्यवस्था सुनिश्चित की गयी है। जटिल प्रसव की स्थिति में मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर लिया जाता है, जहां डॉक्टरों की विशेष निगरानी में उनकी उचित देखभाल के साथ सिजेरियन ऑपरेशन किया जाता है। प्रसव के दौरान होने वाले गंभीर रक्तस्राव (पीपीएच) जैसे अत्यंत संवेदनशील मामलों का बेहतर प्रबंधन भी अब सदर अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा सफलतापूर्वक किया जा रहा है। इस नई व्यवस्था से देर रात आने वाले गंभीर मरीजों को अब बड़े मेडिकल कॉलेजों में रेफर करने की जरूरत नहीं पड़ रही है।
विभिन्न प्रकार के सर्जरी की बढ़ी संख्या:
डीपीएम स्वास्थ्य नीलेश कुमार ने बताया कि जयप्रकाश नारायण सदर अस्पताल में जुलाई तक 12 प्रकार के आॅपरेशन किये जा रहे थे। अब 20 प्रकार के आॅपरेशन होने लगे हैं। इनमें सी—सेक्शन के अलावा दूसरी प्रकार की सर्जरी शामिल है। अन्य आवश्यक आॅपरेशन की जरूरत को समझते हुए जल्द ही इसकी सेवाएं बढ़ायी जायेगी। बताया कि हड्डी से जुड़ी समस्याओं व इसके आॅपरेशन के लिए स्वास्थ्य विभाग से विभिन्न प्रकार के सामानों की मांग की गयी है। यहां पर हड्डी टूटने जैसे मामलों की भी सर्जरी जल्द प्रारंभ की जायेगी। रेफरल के विषय में बताया कि जुलाई माह के अंतिम 15 दिनों के भीतर सिफ्र 24 मामले रेफर किये गये। वहीं अगस्त के पहले 15 दिनों के भीतर 10 मामले रेफर किये गये। ये मामले अत्यधिक गंभीर होने की अवस्था में किये गये। कई मामलों में अंदरूनी रक्तस्राव, ह्रदयाघात तथा न्यूरो से जुड़े थे।
आइसीयू में भी गंभीर मरीज हो रहे भरती:
डीपीएम ने बताया कि आइसीयू में जुलाई माह के अंतिम 15 दिनों में पांच लोगों को भरती कर इलाज किया गया। वहीं अगस्त के पहले 15 दिनों में सात लोगों को भरती कर इलाज किया गया। आइसीयू की व्यवस्था होने से मरीजों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
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