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Gaya District Administration

@dprogaya
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*ज़िला पदाधिकारी ने दैनिक जनता दरबार में सुनी आमजनों की समस्याएँ*

*समस्याओं का हुआ ऑन द स्पॉट निवारण*

*जनता दरबार में प्राप्त आवेदनों को प्राथमिकता स्तर पर निष्पादन हेतु पदाधिकारियों को दिया निर्देश*

गया, 14 जुलाई 2026, जिलाधिकारी, गया श्री शशांक शुभंकर ने समाहरणालय स्थित कार्यालय में आये अनेको व्यक्तियों की समस्या को सुना गया है। जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए लगभग 25 से अधिक आमजनों की समस्याएँ सुनीं। 
इस अवसर पर भूमि विवाद, आवास योजना, स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी शिकायतें, पेंशन योजना, मुआवजा, शिक्षा विभाग से संबंधित विषयों समेत अन्य मामलों को लोगों ने जिलाधिकारी के समक्ष रखा।
  ज़िला पदाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को संबंधित प्रकरणों का त्वरित एवं निष्पक्ष निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान जिला प्रशासन की प्राथमिकता है और प्रत्येक विभागीय पदाधिकारी इस दिशा में गंभीरता से कार्य करें।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar CMO Bihar Samrat Choudhary General Administration Department, Govt. of Bihar
गया, 14 जुलाई 2026, नया राशन कार्ड निर्गत करने के संबंध में माननीय मुख्यमंत्री, बिहार सरकार के घोषणा के आलोक में आज जिला पदाधिकारी गया श्री शशांक शुभंकर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी अनुमण्डल पदाधिकारी, सभी एमओ एवं जिला आपूर्ति पदाधिकारी के साथ बैठक किया।  उक्त बैठक में नये राशन कार्ड का निर्माण कैम्प मोड में करने हेतु लक्ष्य एवं निदेश दिया गया। विदित है कि विभाग द्वारा पूर्व में संचालित आर.सी. ऑनलाइन एवं ऑफलाइन पोर्टल को बंद कर भारत सरकार के SMART - PDS के RCMS Module  को लागू कर दिया गया है। अब राशन कार्ड से संबंधित सभी नए आवेदन एवं उनका निष्पादन इसी पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। 
       उक्त बैठक में गया जिला को नया राशन कार्ड निर्गमन हेतु कुल लक्ष्य 38400 तथा प्रत्येक दिन का लक्ष्य 1280 निर्धारित किया गया है। कुल लक्ष्य को दिनांक 13.08.2026 तक पूरा करने का निदेश दिया गया। 
        बैठक में सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारियों, प्रखण्ड आपूर्ति पदाधिकारियों एवं संबंधित पदाधिकारियों को कैम्प मोड में काम करते हुए इस कार्य को ससमय पूर्ण करने हेतु विस्तृत निदेश दिया गया। सभी प्रखण्ड आपूर्ति पदाधिकारी को निदेश दिया गया कि पंचायत स्तर पर शिविर आयोजित कर पात्र परिवारों से आवेदन प्राप्त करेंगे तथा आवेदनों का नियमानुसार जाँच कर निष्पादन करते हुए निर्धारित दैनिक लक्ष्य की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करेंगे। इस अभियान की नियमित माॅनिटरिंग करते हुए लक्ष्य के अनुरूप कार्य सुनिश्चित कराने हेतु अनुमण्डल पदाधिाकारियों को भी निदेशित किया गया। 
        साथ ही ज़िला पदाधिकारी ने आम नागरिकों से अपील किया है कि जो पात्र परिवार अभी तक राशन कार्ड से वंचित हैं, वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ उक्त शिविर में अथवा अपने प्रखण्ड कार्यालय में आवेदन दे सकते है अथवा ऑनलाइन भी आवेदन कर सकते है।
Food & Consumer Protection Dept., Govt. of Bihar Information & Public Relations Department, Government of Bihar CMO Bihar Samrat Choudhary General Administration Department, Govt. of Bihar
दिनांक: 14 जुलाई 2026

हर पंचायत में खुलेगा जीविका सुधा बिक्री केंद्र 
आवेदन प्रक्रिया शुरू, महिलाओं को 60 हजार रुपये तक की सहायता

जीविका एवं कॉम्फेड के संयुक्त प्रयास से मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के अंतर्गत जिले के सभी 331 पंचायतों में जीविका सुधा बिक्री केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इस पहल से महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और गांव स्तर पर गुणवत्तापूर्ण डेयरी उत्पादों की उपलब्धता बढ़ेगी। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है।  

जिला परियोजना प्रबंधक, जीविका गया श्री आचार्य मम्मट ने बताया कि यह योजना महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि जीविका महिलाओं को रोजगार से जोड़कर उनकी आत्मनिर्भरता और स्वाबलंबन को मजबूती प्रदान कर रहा है। बिक्री केंद्र भी महिलाओं द्वारा ही संचालित होंगे, जिससे उन्हें आर्थिक स्वतंत्रता के साथ-साथ नेतृत्व का अवसर मिलेगा।  

युवा पेशेवर पशुधन आतिश कुमार ने जानकारी दी कि प्रत्येक पंचायत से एक महिला का चयन किया जाएगा, जो मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की लाभार्थी होगी। चयनित महिलाओं को सरकार की ओर से 60,000 रूपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी, जबकि लाभार्थी को 15,000 का अंशदान रूपये करना होगा। कुल निवेश 75,000 रूपये निर्धारित है, जिससे डीप फ्रीजर, विजी कूलर, दुकान की ब्रांडिंग, परिवहन सहायता एवं दुकान की मरम्मत/पेंटिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इच्छुक जीविका दीदियां ऑनलाइन पोर्टल (jsbk.brlps.in) के माध्यम से आवेदन कर सकती हैं। लाभार्थियों का चयन ऑनलाइन रैंडम लॉटरी सिस्टम से किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। योजना का लाभ केवल जीविका स्वयं सहायता समूह की महिला सदस्यों को मिलेगा।  

प्रबंधक पशुधन प्रभात कुमार ने बताया कि पात्र जीविका दीदियों को पंचायत में कार्यरत सामुदायिक समन्वयक,क्षेत्रीय समन्वयक अथवा संकुल संघ के कम्युनिटी फैसिलिटेटर आवेदन करने में सहयोग करेंगे। महिलाएं स्वयं भी लिंक पर आवेदन कर सकती हैं। इस योजना से न केवल महिलाओं को आर्थिक अवसर मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर दूध एवं उससे बने उत्पाद जैसे पनीर, दही, आइसक्रीम, मक्खन आदि की उपलब्धता भी बढ़ेगी।  

जिला परियोजना प्रबंधक ने सभी विषयगत प्रबंधकों, प्रखंड परियोजना प्रबंधकों एवं प्रखंड कर्मियों को निर्देशित किया है कि वे अधिक से अधिक पात्र महिलाओं तक इस योजना की जानकारी पहुँचाएँ। संकुल संघों, ग्राम संगठनों एवं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से प्रचार-प्रसार एवं जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि पंचायतों में अधिक से अधिक महिलाओं का आवेदन प्राप्त हो सके।
गया, 14 जुलाई 2026, दिग्घी तालाब को सौंदर्यकरण कराने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी गया श्री शशांक शुभंकर, माननीय बिहार विधान परिषद श्रीमती कुमुद वर्मा, उप नगर आयुक्त गया नगर निगम सहित अन्य पदाधिकारियों ने कल संध्या में दिग्घी तालाब के संपूर्ण क्षेत्र का घूम घूम कर निरीक्षण किया। 
   उक्त तालाब का सौंदर्यकरण नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (NCAP) फंड से किया जा रहा है। तालाब से चारो ओर अच्छे से साफ सफाई करवाने का निर्देश उप नगर आयुक्त को दिया गया। तालाब के बीच बने में बने गोलंबर तक आने जाने/ घूमने के लिये ब्रिज बनाया जाना है। ज़िला पदाधिकारी ने कहा कि ब्रिज की चौड़ाई पर्याप्त रखी जाए। तालाब के जमीन में जहां कही भी अतिक्रमण है, उसको चिन्हित कर अतिक्रमण हटवाए। 
   तालाब के किनारे जहां से भी नाला का पानी तालाब में प्रवाहित हो रहा है, उसको चिन्हित कर, नाला के पानी को डाइवर्ट करवाते हुए बड़े नालो से जोड़ने का निर्देश दिए हैं, ताकि तालाब का पानी प्रदूषित नही हो सके। 
  उन्होंने नगर निगम के अभियंता को निर्देश दिए हैं कि तालाब के साइड वॉल को ऊँचा करवाये। साथ ही तालाब से सटे परिधि में बने दुकानों का भौतिक जांच करवाएं, किनके नाम पर दुकान आवंटित है और कौन संचालित कर रहे हैं।
   तालाब से चारो ओर लगे लाइट को पूरी तरह चालू करवाये, ताकि आम जनता तालाब में सुबह और शाम को टहल सके। जो भी लाइट बंद है या डार्क स्पॉट है, उन स्थानों पर अतिरिक्त रौशनी की व्यवस्था करवाये।
   ज़िला पदाधिकारी ने बताया कि आज दिग्घी तालाब के पृरे परिषर का घूम कर निरीक्षण किया गया है, दिग्घी तालाब का सौन्दर्यकरण NCAP फण्ड से करवाया जा रहा है। जल्द ही कार्य पूर्ण कर ली जाएगी। नगर निगम के पदाधिकारियों एवं संवेदक को निर्देश दिए गए हैं कि जो भी कमियां है, उसको तत्काल समाधान करते हुए तेजी से कार्य पूर्ण करवाया जाए।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar CMO Bihar Samrat Choudhary General Administration Department, Govt. of Bihar
गया, 13 जुलाई 2026, राज्य सरकार के आदेश के आलोक में गया जिला में 15 जुलाई से डिग्री कॉलेज रहित 7 प्रखंडों- अतरी, नीमचक बथानी, कोच, मोहड़ा, बाकेबजार, डुमरिया एवं मोहनपुर में उत्सवी माहौल में डिग्री की पढ़ाई शुरू होगी। जिलाधिकारी, गया श्री शशांक शुभंकर द्वारा आज सभी संबंधित डिग्री कॉलेज के तैयारियां हेतु नामित ज़िला स्तरीय वरीय पदाधिकारी,  नव-नियुक्त प्राचार्यों, शिक्षा विभाग के अधिकारियों, भवन, विद्युत, पीएचईडी, एलएईओ सहित विभिन्न तकनीकी विभागों के कार्यपालक अभियंताओं एवं अन्य के साथ इसकी तैयारियों की वृहत समीक्षा की गई तथा पदाधिकारियों को सरकार के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करते हुए आपस में समन्वय स्थापित कर विद्यार्थियों की शैक्षणिक आवश्यकता के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण ढंग से सुदृढ़ व्यवस्था करने का निदेश दिया गया।
      जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार के सात निश्चय-3 कार्यक्रम के चौथे निश्चय ‘‘उन्नत शिक्षा-उज्जवल भविष्य’’ के तहत उच्च शिक्षा के लिए छात्र-छात्राओं को उत्कृष्ट सुविधा उपलब्ध कराने हेतु सतत प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में 15 जुलाई से राज्य के डिग्री कॉलेज रहित 211 प्रखंडों में डिग्री की पढ़ाई शुरू की जा रही है। इसमें गया जिला के उपर्युक्त 7 प्रखंड भी शामिल है। आज इसकी तैयारियों की समीक्षा की गई है। पूरे भव्य, उत्साह एवं उत्सवी माहौल में 1 जुलाई से पढ़ाई शुरू की जाएगी। 

जिलाधिकारी ने  कहा कि वर्तमान में इन डिग्री कॉलेजों के संचालन हेतु अस्थायी तौर पर भवनों का चयन किया गया है। इन भवनों में सभी आधारभूत सुविधाएँ उपलब्ध रहेंगी। इसके लिए आज संबंधित पदाधिकारी के साथ विस्तार से समीक्षा की गई है। ज़िला स्तरीय अपर समाहर्ता गण की अध्यक्षता में हर डिग्री कॉलेज के लिये कमिटी बनाया गया था, साथ ही सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को संबंधित प्राचार्यों एवं शिक्षा विभाग के जिला में पदस्थापित पदाधिकारियों के साथ भवनों का स्वयं निरीक्षण करवाया गया था, भवनों में जो भी कमियां यथा बिजली व्यवस्था, पीने का पानी, टॉयलेट, बेंच डेस्क, पंखा, कूलर, स्टेशनरी सामग्री, फर्नीचर, भवन के बाहरी एवं इंटेरीयर रंग रोगन इत्यादि कराने का निदेश दिया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि इन डिग्री कॉलेजों के सुचारू रूप से संचालन हेतु सभी आवश्यक कार्य अगले 24 घंटे में पूर्ण करवा लें।  विद्यार्थियों की शैक्षणिक आवश्यकता के अनुरूप फर्नीचर/उपस्कर, कम्प्यूटर, वाईफाई, आरओ, महिला एवं पुरूष के लिए अलग शौचालय, बिजली, प्रकाश, पंखा, कूलर, स्टेशनरी आइटम्स, कॉलेज आने के रास्ते को सुगम रखना, परिसर की सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई सहित अन्य सभी प्रबंध वित्तीय नियमों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करते हुए करने का निदेश दिया गया है। उन्होंने कहा कि कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता है। पदाधिकारीगण इसे सुनिश्चित करें।  
    जिलाधिकारी ने कहा कि इन डिग्री कॉलेज के स्थायी भवनों हेतु जिला प्रशासन द्वारा समयबद्ध ढंग से काम किया जा रहा है। 
      जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सम्पूर्ण प्रशासनिक तंत्र सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध है।
   बैठक में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता विधि व्यवस्था, अपर समाहर्ता विभागीय जांच, ज़िला शिक्षा पदाधिकारी, सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
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*ज़िला पदाधिकारी ने जनता दरबार में सुनी आमजनों की समस्याएँ*

*समस्याओं का हुआ ऑन द स्पॉट निवारण*

*जनता दरबार में प्राप्त आवेदनों को प्राथमिकता स्तर पर निष्पादन हेतु पदाधिकारियों को दिया निर्देश*

गया, 13 जुलाई 2026, जिलाधिकारी, गया श्री शशांक शुभंकर ने समाहरणालय स्थित सभागार में आयोजित जनता दरबार के माध्यम से जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए लगभग 100 से अधिक आमजनों की समस्याएँ सुनीं। 

इस अवसर पर भूमि विवाद, आवास योजना, स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी शिकायतें, पेंशन योजना, मुआवजा, शिक्षा विभाग से संबंधित विषयों समेत अन्य मामलों को लोगों ने जिलाधिकारी के समक्ष रखा।

ज़िला पदाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों को संबंधित प्रकरणों का त्वरित एवं निष्पक्ष निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान जिला प्रशासन की प्राथमिकता है और प्रत्येक विभागीय पदाधिकारी इस दिशा में गंभीरता से कार्य करें।
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महिला एवं बाल विकास निगम अंतर्गत,गाँधी उच्च  विद्यालय प्रखंड - कोंच  जिला - गया में सखी वार्ता कार्यक्रम का सफल आयोजन

गया जिला अंतर्गत गाँधी उच्च  विद्यालय में आज दिनांक 11 जुलाई 2026 को सखी वार्ता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन मिशन शक्ति के अंतर्गत जिला मिशन समनवयक एवं जेंडर स्पेशलिस्ट   द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएँ एवं बड़ी संख्या में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को महिला सुरक्षा, लैंगिक समानता, बाल विवाह की रोकथाम, महिला अधिकार, साइबर सुरक्षा तथा महिलाओं एवं बालिकाओं के लिए संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही महिला हेल्पलाइन 181, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 तथा अन्य आपातकालीन हेल्पलाइन सेवाओं के बारे में जागरूक किया गया।
 छात्राओं को वित्तीय साक्षरता,,  डिजिटल भुगतान, साइबर धोखाधड़ी से बचाव तथा आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के उपायों की जानकारी दी गईl
कार्यक्रम के अंत में छात्राओं की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया तथा उन्हें शिक्षा, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता के साथ अपने उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए प्रेरित किया गया। विद्यालय के छात्रा और शिक्षक ने इस जागरूकता कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे छात्राओं के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। साथ ही साथ बाल विवाह ना करने हेतु  शपथ ग्रहण कराया गया
Information & Public Relations Department, Government of Bihar 
Women and Child Development Corporation, Bihar 
ICDS Directorate Bihar
Department of Tourism, Government of Bihar Information & Public Relations Department, Government of Bihar Madhya Pradesh Tourism Tourism Department, Government of West Bengal 
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Information & Public Relations Department, Government of Bihar CMO Bihar 
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गया, 08 जुलाई 2026, पितृपक्ष मेला 2026 के सफल, स्वच्छ एवं श्रद्धालु-अनुकूल आयोजन को लेकर जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं। आगामी 25 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले इस धार्मिक आयोजन के सफल संचालन के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को दायित्व सौंपते हुए 21 कोषांगों का गठन किया गया है। प्रत्येक कोषांग के लिए वरीय नोडल पदाधिकारी, नोडल पदाधिकारी एवं सदस्य नामित किए गए हैं, जिन्हें समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर सभी तैयारियां निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण करने का निर्देश दिया गया है। यह व्यवस्था श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ संपूर्ण मेला क्षेत्र में प्रभावी समन्वय एवं सुचारु प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करेगी।
पितृपक्ष मेला में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु एवं पिंडदानी अपने पूर्वजों के निमित्त पिंडदान, तर्पण एवं श्राद्ध कर्म संपन्न करने गया पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए इस वर्ष प्रशासन ने आवासन, स्वच्छता, पेयजल, स्वास्थ्य, विद्युत, यातायात, सुरक्षा, सूचना प्रबंधन, प्रचार-प्रसार, आपदा प्रबंधन सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं व्यवस्थित बनाने का निर्णय लिया है।
    ज़िला पदाधिकारी गया श्री शशांक शुभंकर ने जिला परिषद सभागार में सभी कोषांग के पदाधिकारियों एवं कोषांग में नामित समाजसेवियों के साथ आज पहली बैठक कर पूर्व वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष पितृपक्ष मेला को और कैसे बेहतर बनाया जाए, इसपर विचार विमर्श करते हुए सभी से सुझाव प्राप्त किये गए। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष सभी पंडा पुरोहित गण, सभी समाजसेवी गण, सभी पदाधिकारियों के सहयोग से सफलतापूर्वक पितृपक्ष मेला सम्पन्न हुआ है। उन्होंने सभी को ध्यानवाद भी दिया है। पिछले वर्ष गया जी डैम में प्रवाहित पूजन सामग्रियों को नाव के माध्यम से पानी की सफाई की गयी थी, इसका अच्छा इम्पेक्ट पड़ा था, इसके अलावा लेजर शो के माध्यम से पिंडदान के महत्तव को प्रसारित करवाया गया था। पिछले वर्ष अनेकों पिंड दानियों ने राज्य सरकार द्वारा किये गए व्यापक व्यवस्थाओ को सराहना किया है। उन्होंने कहा कि नियमित कार्यो के अलावा और अलग अलग इनोवेटिव कार्य करके पितृपक्ष मेला को और कैसे बेहतर बनाया जाए, इसपर सभी से बारी बारी सुझाव प्राप्त किये गए। 
   *ज़िला पदाधिकारी ने पितृपक्ष मेला 2026 के अवसर पर ज़िले वासियों से व्यापक प्रचार हेतु सुझाव आमंत्रित किए हैं सभी आम नागरिक अपना सुझाव ppmhasangam@gmail.com पर साझा कर सकते हैं।*
गया, 08 जुलाई 2026, पितृपक्ष मेला 2026 के सफल, स्वच्छ एवं श्रद्धालु-अनुकूल आयोजन को लेकर जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं। आगामी 25 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले इस धार्मिक आयोजन के सफल संचालन के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को दायित्व सौंपते हुए 21 कोषांगों का गठन किया गया है। प्रत्येक कोषांग के लिए वरीय नोडल पदाधिकारी, नोडल पदाधिकारी एवं सदस्य नामित किए गए हैं, जिन्हें समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर सभी तैयारियां निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण करने का निर्देश दिया गया है। यह व्यवस्था श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ संपूर्ण मेला क्षेत्र में प्रभावी समन्वय एवं सुचारु प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करेगी।
पितृपक्ष मेला में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु एवं पिंडदानी अपने पूर्वजों के निमित्त पिंडदान, तर्पण एवं श्राद्ध कर्म संपन्न करने गया पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए इस वर्ष प्रशासन ने आवासन, स्वच्छता, पेयजल, स्वास्थ्य, विद्युत, यातायात, सुरक्षा, सूचना प्रबंधन, प्रचार-प्रसार, आपदा प्रबंधन सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं व्यवस्थित बनाने का निर्णय लिया है।
    ज़िला पदाधिकारी गया श्री शशांक शुभंकर ने जिला परिषद सभागार में सभी कोषांग के पदाधिकारियों एवं कोषांग में नामित समाजसेवियों के साथ आज पहली बैठक कर पूर्व वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष पितृपक्ष मेला को और कैसे बेहतर बनाया जाए, इसपर विचार विमर्श करते हुए सभी से सुझाव प्राप्त किये गए। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष सभी पंडा पुरोहित गण, सभी समाजसेवी गण, सभी पदाधिकारियों के सहयोग से सफलतापूर्वक पितृपक्ष मेला सम्पन्न हुआ है। उन्होंने सभी को ध्यानवाद भी दिया है। पिछले वर्ष गया जी डैम में प्रवाहित पूजन सामग्रियों को नाव के माध्यम से पानी की सफाई की गयी थी, इसका अच्छा इम्पेक्ट पड़ा था, इसके अलावा लेजर शो के माध्यम से पिंडदान के महत्तव को प्रसारित करवाया गया था। पिछले वर्ष अनेकों पिंड दानियों ने राज्य सरकार द्वारा किये गए व्यापक व्यवस्थाओ को सराहना किया है। उन्होंने कहा कि नियमित कार्यो के अलावा और अलग अलग इनोवेटिव कार्य करके पितृपक्ष मेला को और कैसे बेहतर बनाया जाए, इसपर सभी से बारी बारी सुझाव प्राप्त किये गए। 
   *ज़िला पदाधिकारी ने पितृपक्ष मेला 2026 के अवसर पर ज़िले वासियों से व्यापक प्रचार हेतु सुझाव आमंत्रित किए हैं सभी आम नागरिक अपना सुझाव ppmhasangam@gmail.com पर साझा कर सकते हैं।*

*आवास की व्यापक व्यवस्था*
आवासन कोषांग को निर्देश दिया गया है कि होटल, धर्मशाला, गेस्ट हाउस, विद्यालय, महाविद्यालय एवं अन्य चिन्हित भवनों में श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त आवासीय व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। आवश्यकता के अनुसार टेंट सिटी, बिस्तर, चादर, पंखा, प्रकाश, पेयजल, शौचालय तथा चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं के लिए पृथक शौचालय एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। सभी आवास स्थलों का पंजीकरण, डॉक्यूमेंटेशन तथा ऑनलाइन विवरण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को पारदर्शी एवं सुगम व्यवस्था मिल सके। निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी आवासन स्थल में जल जमाव नही रहे, इसे जरूर देखें। किसी भी हाल में जर्जर भवन को आवासन स्थल में शामिल नही किया जाए। 

*स्वच्छता एवं पेयजल पर विशेष जोर*
मेला क्षेत्र के सभी प्रमुख मार्गों, गलियों, घाटों, वेदियों, तालाबों एवं सार्वजनिक स्थलों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। खुले नालों एवं मैनहोल की मरम्मत, कूड़ेदान की पर्याप्त व्यवस्था, नियमित कचरा उठाव तथा प्लास्टिक अपशिष्ट का वैज्ञानिक निस्तारण कराया जाएगा।
     श्रद्धालुओं को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक 200 से 500 मीटर की दूरी पर पेयजल की व्यवस्था की जाएगी।  पुराने चापाकलों की मरम्मत, पानी के टैंकर, मोबाइल एवं अस्थायी शौचालय, सार्वजनिक शौचालयों की सफाई तथा जल टंकियों का नियमित रखरखाव सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि पूरे मेला क्षेत्र को स्वच्छ एवं खुले में शौच से मुक्त रखा जा सके।

*सड़क, प्रकाश एवं विद्युत व्यवस्था होगी सुदृढ़*
मेला क्षेत्र की सभी प्रमुख एवं संपर्क सड़कों, गलियों, नालियों एवं ड्रेनेज व्यवस्था की मरम्मत प्राथमिकता के आधार पर कराई जाएगी। क्षतिग्रस्त सड़कों, मैनहोल एवं नालियों को दुरुस्त कर श्रद्धालुओं के आवागमन को सुरक्षित एवं सुगम बनाया जाएगा।
पूरे मेला क्षेत्र में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए खराब ट्रांसफॉर्मर, जर्जर विद्युत तार एवं पोल की मरम्मत की जाएगी। अतिरिक्त स्ट्रीट लाइट एवं हाईमास्ट लाइट स्थापित की जाएंगी तथा विद्युत शिकायतों के त्वरित समाधान हेतु हेल्पलाइन एवं विशेष शिविर संचालित किए जाएंगे।

*स्वास्थ्य सेवाएं रहेंगी चौबीसों घंटे सक्रिय*
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विष्णुपद मंदिर, प्रमुख घाटों, आवास स्थलों एवं अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर स्वास्थ्य शिविर स्थापित किए जाएंगे। पर्याप्त संख्या में चिकित्सक, पैरामेडिकल कर्मी, जीवनरक्षक दवाएं, एम्बुलेंस, ऑक्सीजन एवं आवश्यक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध रहेंगे। सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ निजी अस्पतालों में भी आवश्यकतानुसार बेड आरक्षित रखने की व्यवस्था की जाएगी। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की नियमित जांच एवं संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए विशेष निगरानी रखी जाएगी।
यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्था रहेगी हाईटेक
श्रद्धालुओं की सुविधा एवं शहर में यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए व्यापक ट्रैफिक प्लान लागू किया जाएगा। पार्किंग स्थलों का निर्धारण, पुलिस सहायता केंद्र, रात्रिकालीन परिवहन सुविधा तथा रेलवे स्टेशन एवं बस स्टैंड से प्रमुख धार्मिक स्थलों तक परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
विधि-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति होगी। प्रमुख स्थानों पर अस्थायी पुलिस शिविर स्थापित किए जाएंगे तथा सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी की जाएगी। महिला एवं पुरुष पुलिस बल की विशेष तैनाती के साथ संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

*डिजिटल प्रचार-प्रसार एवं सूचना प्रबंधन*
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पितृपक्ष मेला की वेबसाइट एवं मोबाइल ऐप को अद्यतन किया जाएगा। वेबसाइट पर आवासन, परिवहन, स्वास्थ्य, संपर्क सूत्र, महत्वपूर्ण सूचनाएं एवं अन्य आवश्यक जानकारी उपलब्ध रहेगी। सोशल मीडिया, रेडियो, होर्डिंग, फ्लेक्स, बैनर, फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। मेला स्मारिका, ब्रोशर एवं अन्य प्रकाशनों का भी प्रकाशन एवं वितरण किया जाएगा।

*खोया-पाया केंद्र, कॉल सेंटर एवं हेल्प डेस्क*
श्रद्धालुओं की सहायता के लिए 24×7 नियंत्रण कक्ष एवं कॉल सेंटर संचालित किया जाएगा। विभिन्न प्रमुख स्थलों पर सूचना केंद्र एवं हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएंगे। खोया-पाया केंद्रों के माध्यम से बिछड़े हुए श्रद्धालुओं एवं उनके परिजनों को मिलाने की व्यवस्था की जाएगी, जिसमें स्वयंसेवी संस्थाओं, एनसीसी एवं अन्य स्वयंसेवकों का भी सहयोग लिया जाएगा।

*खाद्य आपूर्ति, पहचान पत्र एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम*
मेला अवधि में श्रद्धालुओं को उचित मूल्य पर खाद्यान्न एवं आवश्यक उपभोक्ता सामग्री उपलब्ध कराने के लिए खाद्य आपूर्ति व्यवस्था सुदृढ़ रहेगी। सभी अधिकृत अधिकारियों, कर्मियों एवं संबंधित व्यक्तियों को पहचान पत्र एवं आवश्यक पास निर्गत किए जाएंगे।
मेला अवधि में विष्णुपद मंदिर परिसर एवं अन्य निर्धारित स्थलों पर धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन, प्रवचन एवं सांस्कृतिक संध्याओं का आयोजन किया जाएगा। उद्घाटन एवं समापन समारोह के लिए आमंत्रण पत्रों का समय पर मुद्रण एवं वितरण सुनिश्चित किया जाएगा।

*आपदा प्रबंधन एवं स्वयंसेवी संस्थाओं का सहयोग*
भीड़ प्रबंधन, अग्नि सुरक्षा, जल सुरक्षा, एसडीआरएफ एवं अग्निशमन दल की तैनाती, स्टाम्पीड रोकथाम तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं एवं सामाजिक संगठनों के साथ समन्वय स्थापित कर श्रद्धालुओं को अधिकाधिक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही सभी कोषांगों के बीच प्रभावी संचार व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कम्युनिकेशन कोषांग को भी सक्रिय भूमिका सौंपी गई है।
     जिला पदाधिकारी ने सभी वरीय नोडल पदाधिकारियों, नोडल पदाधिकारियों एवं संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने दायित्वों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें तथा समन्वित रूप से कार्य करते हुए पितृपक्ष मेला-2026 को श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित, स्वच्छ, सुव्यवस्थित एवं यादगार आयोजन बनाने में कोई कसर न छोड़ें। प्रशासन का उद्देश्य है कि गया आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को विश्वस्तरीय सुविधाएं, सहज प्रशासनिक सहयोग तथा सुरक्षित वातावरण उपलब्ध हो।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar Department of Tourism, Government of Bihar CMO Bihar Samrat Choudhary General Administration Department, Govt. of Bihar Cabinet Secretariat Department, Govt. of Bihar Bihar Police Home Department, Govt. of Bihar
प्रेस विज्ञप्ति

दिनांक: 08 जुलाई 2026स्थान: गया

महिला एवं बाल विकास निगम की प्रबंध निदेशक डॉ. प्रीति द्वारा गया जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों, वन स्टॉप सेंटर, शेरघाटी एवं कामकाजी महिला छात्रावास 'आकांक्षा' सह 'सखी निवास' का निरीक्षण किया गया l

महिला एवं बाल विकास निगम तथा महिला सशक्तिकरण से संबंधित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं सेवाओं की गुणवत्ता का आकलन करने के उद्देश्य से आज दिनांक 08 जुलाई 2026 को महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार की प्रबंध निदेशक डॉ. प्रीति द्वारा गया जिले का विस्तृत निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के क्रम में विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों का भ्रमण कर समेकित बाल विकास सेवाओं (आईसीडीएस) के अंतर्गत बच्चों को प्रदान किए जा रहे पूरक पोषण, विद्यालय पूर्व शिक्षा, नियमित वजन मापन, टीकाकरण से संबंधित अभिलेख, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं, केंद्रों की स्वच्छता, आधारभूत संरचना, पोषण ट्रैकर एवं अन्य अभिलेखों की गहन समीक्षा की गई। प्रबंध निदेशक ने लाभार्थियों एवं आंगनबाड़ी सेविकाओं से संवाद कर योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी प्राप्त की तथा सेवाओं को और अधिक गुणवत्तापूर्ण, प्रभावी एवं लाभार्थी-केंद्रित बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

इसके उपरांत वन स्टॉप सेंटर, शेरघाटी का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही आपातकालीन सहायता, मनोसामाजिक परामर्श, विधिक सहायता, चिकित्सा सहायता, अस्थायी आश्रय, केस प्रबंधन, अभिलेख संधारण एवं केंद्र की कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की गई। उन्होंने लाभार्थियों से संवाद कर उनकी समस्याओं एवं सुझावों की जानकारी प्राप्त की तथा महिलाओं को त्वरित, संवेदनशील एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने, मामलों के समयबद्ध निष्पादन एवं शासन द्वारा निर्धारित सभी प्रावधानों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण क्रम में कामकाजी महिला छात्रावास 'आकांक्षा' सह 'सखी निवास' का भी अवलोकन किया गया। छात्रावास में आवासीय सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता, भोजन व्यवस्था, पेयजल, विद्युत, रखरखाव, अभिलेखों तथा निवासरत महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। प्रबंध निदेशक ने निर्देश दिया कि छात्रावास में रहने वाली महिलाओं को सुरक्षित, स्वच्छ एवं गरिमापूर्ण वातावरण उपलब्ध कराया जाए तथा विभागीय मार्गदर्शिका के अनुरूप सभी मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।

निरीक्षण के दौरान विभागीय योजनाओं के प्रभावी संचालन, नियमित अनुश्रवण, अभिलेखों के अद्यतन संधारण, पारदर्शिता एवं जवाबदेही बनाए रखने तथा लाभार्थियों तक योजनाओं का अधिकतम लाभ समयबद्ध रूप से पहुंचाने पर विशेष बल दिया गया। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देशित किया कि सभी सेवाएं निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप संचालित की जाएं तथा निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों का शीघ्र अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar 
ICDS Directorate Bihar 
Women and Child Development Corporation, Bihar
जनता की समस्याओं के समाधान के हेतु एक और सशक्त पहल।

जन की बात, समाधान के साथ

गया ज़िला अंतर्गत विभिन्न पंचायतों में सहयोग शिविर आयोजित । जनसमस्याओं का हुआ त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन ।

Samrat Choudhary  Information & Public Relations Department, Government of Bihar  
CMO Bihar  
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गया, 07 जुलाई 2026,  गया ज़िला के शेरघाटी प्रखंड स्थित कचौड़िया पंचायत में 'सबका सम्मान जीवन आसान के तहत जन समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान हेतु आयोजित 'सहयोग शिविर' का आयोजन किया गया।  सात निश्चय योजना-3 का अवयव 'सबका सम्मान जीवन आसान' के संकल्प को धरातल पर उतारने एवं जन समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान हेतु प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को बिहार के सभी जिलों में पंचायतवार 'सहयोग शिविर' का आयोजन किया जायेगा। 
        कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक ने कहा कि आज से पूरे ज़िले में 'सहयोग शिविर' कार्यक्रम आयोजित है। राज्य सरकार द्वारा इसके लिए पिछले 11 मई को ही सहयोग पोर्टल एवं हेल्पलाइन नंबर 1100 जारी किया था, जिसके माध्यम से लोग सीधे अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इस 'सहयोग शिविर' का उद्देश्य हर हाल में निर्धारित समय सीमा के अंदर जन समस्याओं का निष्पादन करना है। यह कार्यक्रम लोगों की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान का जरिया है। राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन आपका हर संभव सहयोग करने के लिए तैयार है।
 बिहार की समृद्धि और भारत विकसित हो, इसके लिए लगातार काम किए जा रहे हैं।  उन्होंने कहा कि 'सहयोग शिविर' में जो भी आवेदन प्राप्त होंगे उनका निष्पादन 30 दिनों के अन्दर हर हाल में किया जाएगा। 
   उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनता के हित को ध्यान में रखते हुए ही योजनाएं बनाती है और नीतियां निर्धारित करती है। जनता की समस्याओं का समाधान करना ज़िला प्रशासन का दायित्व है। यह 'सहयोग शिविर' कार्यक्रम पूरे ज़िले में प्रत्येक माह के पहले और तीसरे मंगलवार को पंचायत स्तर पर लगाई जाएगी ताकि लोगों के सपने साकार हों, उनके सपने टूटे नहीं। उन्होंने कहा कि अंचल, प्रखंड या थाना स्तर पर जो जन समस्याएं हैं उनका समाधान 30 दिन के अंदर किया जाए। 'सहयोग शिविर' कार्यक्रम के माध्यम से राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन के अधिकारी आपके बीच रहकर समस्याओं का समाधान करेगी। 
    ज़िला पदाधिकारी गया श्री शशांक शुभंकर ने संबोधित करते हुए कहा कि सहयोग शिविर एवं सहयोग पोर्टल पर ऑफलाइन एवं ऑनलाइन के माध्यम से विभिन्न विभागों से संबंधित ज़िले में 20 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिसमे से 18 हजार से अधिक आवेदनों को निष्पादित करते हुए आज आवेदक को निष्पादित पत्र भी देने का काम किया जा रहा है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि इस पंचायत में 83 आवेदन प्राप्त हुए थे जिनमें 73 आवेदनों को निबटारा करा दिया गया है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जो भी आवेदन प्राप्त हो रहे हैं, उनसभी आवेदनों को 30 दिनों के अंदर समाधान करवाते हुए शिविर के तिथि में शिविर में आवेदक को निष्पादन रिपोर्ट उपलब्ध करवाया जाए। आज अनेको आवेदकों यहां बासगीत पर्चा, राशन कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र तथा मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना, मनरेगा जॉब कार्ड एवं स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के लाभुकों को प्रोत्साहन राशि स्वरूप सांकेतिक कागजात प्रदान किया।
    माननीय विधायक शेरघाटी उदय कुमार सिंह ने संबोधित करते हुए कहा कि ग्रामीणों को अपना जो भी समस्या है, उन समस्याओं को सहयोग शिविर में बताए, उनकी समस्याओं का सहयोग शिविर के माध्यम से समाधान किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा यह व्यवस्था कायम किये हैं कि किसी भी व्यक्ति की समस्या को अधिकतम 30 दिनों में समाधान करवाया जा सके। इसके  लिये सहयोग शिविर के पोर्टल पर ऑनलाइन या शिविर में ऑफ़लाइन आवेदन दे सकते हैं, निश्चित रूप से 30 दिनों में समाधान सुनिश्चित करवाया जाएगा। 
     इस अवसर पर पूर्व मंत्री सह पूर्व विधायक शेरघाटी श्री विनोद यादव, अनुमण्डल पदाधिकारी शेरघाटी, अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी शेरघाटी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, माननीय मुखिया जी, मननीय सरपंच जी, 20 सूत्री के अध्यक्ष, 20 सूत्री के उपाध्यक्ष, पंचायत समिति के अध्यक्ष सहित अन्य तमाम पदाधिकारी उपस्थित थे।
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Samrat Choudhary 
General Administration Department, Govt. of Bihar
प्रेस विज्ञप्ति

आज दिनांक 07.07.2026 दिन मंगलवार को ग्रामीण विकास विभाग, भारत सरकार एवं बिहार सरकार, पटना के अधिकारी श्री अखिलेश झा (मुख्य लेखा नियंत्रक), डॉ. मोनिका (उप सचिव) तथा श्री विपिन बुंगर (वरीय लेखा पदाधिकारी) के द्वारा गया जिला में विकसित भारत गारंटी के लिए रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (VB-G RAM G) योजना की शुरूआती दौर का क्रियान्वयन की तैयारी की समीक्षा की गई, जिसकी अध्यक्षता उप विकास आयुक्त, गया के द्वारा किया गया। 

समीक्षा के क्रम में विकसित भारत 2047 को ध्यान में रखते हुए सभी मुख्य बिंदुओं का क्रमवार प्रगति का आकलन भी किया गया। इसमें इस योजना में लागू किए गए 125 दिनों का मजदूरी देने का फलाफल का आकलन किया गया, जिसमें बिहार जैसे राज्य के लिए अतिमहत्वपूर्ण बताया गया। साथ ही अकुशल श्रमिकों का मजदूरी 300 रू0 किया गया है, उसका भी स्वागत किया गया। वहीं e-KYC कार्य पूर्णता, योजनाओं का अभिसरण के फायदे एवं मजदूरों में कार्यक्षमता वर्द्धन, जिसमें अकुशल श्रमिकों को अर्द्धकुशल एवं कुशल श्रमिक बनाने की विस्तृत चर्चा की गई।

ज्ञात हो कि विकसित भारत 2047 को ध्यान में रखते हुए VB-G RAM G के द्वारा मूल 4 प्रकार की श्रेणियों में कार्य किया जाना है। यथा- जल संवर्द्धन, ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका, आपदा । उक्त बैठक में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, निदेशक, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण, गया, सभी 24 प्रखण्डों के कार्यक्रम पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिनके द्वारा VB-G RAM G को पूरी तरह जमीनी स्तर पर उतारने एवं आने वाली समस्या को विस्तृत तरीके से रखा गया। 60:40 (मजदूरी सामग्री) में आने वाली समस्या को बताया गया एवं उसके निराकरण हेतु भारत सरकार, ग्रामीण विकास मंत्रालय से आए अधिकारीगण के द्वारा आश्वासन भी दिया गया। बैठक के उपरांत आए हुए अधिकारियों के द्वारा क्षेत्र भ्रमण हेतु शेरघाटी प्रखण्ड का भ्रमण किया गया। क्षेत्र भ्रमण के दौरान VB-G RAM G के क्रियान्वयन के संबंध में सर्वप्रथम की गई जागरूकता कार्यक्रम का निरीक्षण भी किया गया। साथ ही श्रमिकों से उक्त संबंध में वार्तालाप भी किया गया।
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जनता की समस्याओं के समाधान के हेतु एक और सशक्त पहल।

जन की बात, समाधान के साथ

गया ज़िला अंतर्गत विभिन्न पंचायतों में सहयोग शिविर आयोजित । जनसमस्याओं का हुआ त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन ।

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CMO Bihar   
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आज दिनांक 06.07.2026 को गया जिले के गुरुआ प्रखंड अंतर्गत भुईयाबीघा दक्षिण में सखी वार्ता कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं एवं किशोरियों को उनके अधिकारों, सरकारी योजनाओं, महिला सुरक्षा, लैंगिक समानता, स्वास्थ्य, पोषण तथा आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं एवं स्थानीय ग्रामीणों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई तथा उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया।

कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को घरेलू हिंसा, बाल विवाह, दहेज प्रथा, महिला हेल्पलाइन, वन स्टॉप सेंटर, तथा महिला एवं बाल विकास निगम द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य एवं आर्थिक सशक्तिकरण के प्रति प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम में  महिलाओं को जागरूक करते हुए सरकार की विभिन्न योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया गया।
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गया, 02 जुलाई 2026,  बिहार को टीबी से मुक्त करने के संकल्प के साथ 'टीबी-मुक्त भारत अभियान' के तहत राज्य में चलाए जा रहे टीबी स्क्रीनिंग कार्यक्रम की मुख्य सचिव, श्री प्रत्यय अमृत  द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि राज्य में कुल लक्षित आबादी 2.76 करोड़ है, जिसमें से अब तक 14% यानी केवल 0.39 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग की जा सकी है। 

मुख्य सचिव ने आगामी 14 अगस्त 2026 तक राज्य में 1 करोड़ टीबी स्क्रीनिंग के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को पूरा करने के लिए इसे पूरी तरह 'मिशन मोड' में संचालित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस राष्ट्रीय अभियान की सफलता के लिए सभी संबंधित सरकारी विभागों और जिलाधिकारियों के बीच सुदृढ़ आपसी समन्वय अत्यंत आवश्यक है।

*मुख्य सचिव द्वारा दिए गए प्रमुख दिशा-निर्देश:*
मुख्य सचिव ने अभियान की गति को तीव्र करने और विभिन्न विभागों की जवाबदेही तय करने के लिए निम्नलिखित निर्देश जारी किए हैं:- 
• जिला प्रशासन को निर्देश (District Administration):- प्रत्येक ब्लॉक के लिए एक वरीय उप समाहर्ता या नोडल पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की जाए, जो दैनिक और साप्ताहिक स्क्रीनिंग लक्ष्यों की बारीकी से निगरानी करेंगे।
  राज्य में उपलब्ध सभी 674 RBSK मोबाइल हेल्थ टीमों का उपयोग कर स्कूल, हॉस्टल, महादलित टोला और जेलों में विशेष स्क्रीनिंग कैंप आयोजित करने के लिए व्यापक 'माइक्रोप्लान' तैयार किया जाए।
 जांच डेटा की दैनिक प्रविष्टि (Daily Entry) निक्षय पोर्टल (Ni-kshay Portal) पर अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए।

• *अन्तर-विभागीय समन्वय और अपेक्षाएं* (Inter-Departmental Expectations):
 शिक्षा विभाग: माध्यमिक/उच्च विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में मोबाइल हेल्थ टीम भेजकर शत-प्रतिशत छात्र-छात्राओं की स्क्रीनिंग सुनिश्चित कराए।
 अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग: विकास मित्रों के माध्यम से महादलित टोलों के लोगों को जागरूक कर कैंपों तक लाएं और छात्रावासों में सघन जांच अभियान चलाएं।
 ग्रामीण विकास विभाग: जीविका दीदियों और स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की साप्ताहिक बैठकों में टीबी स्क्रीनिंग के प्रति जागरूकता फैलाई जाए तथा उन्हें नजदीकी आयुष्मान आरोग्य मंदिर में आयोजित विशेष कैंपों से जोड़ा जाए।
 पंचायती राज विभाग: जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं (PRIs) के प्रतिनिधियों को कैंपों में शामिल करें और उन्हें टीबी मरीजों को गोद लेने (निक्षय मित्र बनने) के लिए प्रेरित करें।

• *जांच और उपचार की रणनीति (Testing & Care Strategy):*
 प्रत्येक आयुष्मान आरोग्य मंदिर (HWC) पर प्रतिदिन न्यूनतम 10 और मोबाइल हेल्थ टीम द्वारा प्रतिदिन कम से कम 100 स्क्रीनिंग अनिवार्य रूप से की जाए।
 टीबी की पुष्टि के लिए प्रथम जांच के रूप में ट्रूनेट (TruNAAT) और सीबीनेट (CBNAAT) जैसी आधुनिक तकनीकों का प्रयोग हो। स्पुटम माइक्रोस्कोपी का उपयोग केवल फॉलो-अप के लिए किया जाए।
   संवेदनशील (Vulnerable) आबादी का एक्स-रे परीक्षण बढ़ाने के लिए फिक्स्ड एक्स-रे मशीनों द्वारा प्रतिदिन कम से कम 20 और हैंड-हेल्ड एक्स-रे मशीनों द्वारा प्रतिदिन 50 एक्स-रे सुनिश्चित किए जाएं।
  सभी चिन्हित टीबी मरीजों की दैनिक आधार पर 'डिफरेंशिएटेड टीबी केयर' (BMI, Hb%, BP, Sugar जांच आदि) सुनिश्चित कर निक्षय पोर्टल पर दर्ज की जाए।

• *निक्षय मित्र पहल और पोषण सहायता* :
 मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि जिला प्रशासन प्रमुख सार्वजनिक उपक्रमों (जैसे- IOCL, NTPC, POWERGRID, BSPTCL आदि) तथा रेड क्रॉस सोसाइटी के समन्वय से सभी पंजीकृत निक्षय मित्रों के माध्यम से टीबी मरीजों को पोषण युक्त 'फूड बास्केट' का वितरण शत-प्रतिशत सुनिश्चित कराए।

मुख्य सचिव ने सभी अधिकारियों को कहा कि इस राष्ट्रीय महत्व के अभियान में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी जिला पदाधिकारी स्वयं इस अभियान की साप्ताहिक समीक्षा करेंगे ताकि 14 अगस्त 2026 तक तय लक्ष्य को हर हाल में प्राप्त कर बिहार को टीबी मुक्त बनाया जा सके।
 वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समाहरणालय गया में जिला पदाधिकारी गया, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता राजस्व, अपर समाहर्ता विधि व्यवस्था, सिविल सर्जन, सहित सभी संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।
CMO Bihar Samrat Choudhary Information & Public Relations Department, Government of Bihar State Health Society, Bihar General Administration Department, Govt. of Bihar Social Welfare Department, Government of Bihar
*ज़िला पदाधिकारी ने दैनिक जनता दरबार में सुनी आमजनों की समस्याएँ*

*समस्याओं का हुआ ऑन द स्पॉट निवारण*

*जनता दरबार में प्राप्त आवेदनों को प्राथमिकता स्तर पर निष्पादन हेतु पदाधिकारियों को दिया निर्देश*

गया, 02 जुलाई 2026, जिलाधिकारी, गया श्री शशांक शुभंकर ने समाहरणालय स्थित कार्यालय में आये अनेको व्यक्तियों की समस्या को सुना गया है। जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए लगभग 60 से अधिक आमजनों की समस्याएँ सुनीं। 

इस अवसर पर भूमि विवाद, आवास योजना, स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी शिकायतें, पेंशन योजना, मुआवजा, शिक्षा विभाग से संबंधित विषयों समेत अन्य मामलों को लोगों ने जिलाधिकारी के समक्ष रखा।
   फतेहपुर धरहरा खुर्द के आवेदक ने बताया कि पैक्स गोदाम धरहरा खुर्द में पैक्स गोदाम का निर्माण कार्य किया जा रहा है, डीएम में जिला सहकारिता पदाधिकारी को जांच करने का निर्देश दिए हैं। 
     शेरघाटी के आवेदक ने बताया कि वर्ष 2015 में माननीय विधायक फंड से सड़क निर्माण करवाया गया था, जिसका कुछ राशि भुगतान हेतु लंबित है, डीएम ने उप विकास आयुक्त को निर्देश दिए हैं जांच करते हुए शेष लंबित बकाए राशि की भुगतान करवाये। 
    वजीरगंज महुआंन के आवेदक ने कहा कि भूमि बंदोबस्त परवाना जमीन को अंचल अमीन द्वारा जमीन की नापी कराए जाने के बाद अंचलाधिकारी वजीरगंज द्वारा दखल कब्जा नही दिलाया जा रहा है, डीएम ने डीसीएलआर सदर को जांच करने का निर्देश दिए हैं।

ज़िला पदाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को संबंधित प्रकरणों का त्वरित एवं निष्पक्ष निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान जिला प्रशासन की प्राथमिकता है और प्रत्येक विभागीय पदाधिकारी इस दिशा में गंभीरता से कार्य करें।
CMO Bihar Information & Public Relations Department, Government of Bihar Samrat Choudhary
*ज़िला पदाधिकारी ने दैनिक जनता दरबार में सुनी आमजनों की समस्याएँ*

*समस्याओं का हुआ ऑन द स्पॉट निवारण*

*जनता दरबार में प्राप्त आवेदनों को प्राथमिकता स्तर पर निष्पादन हेतु पदाधिकारियों को दिया निर्देश*

गया, 01 जुलाई 2026, जिलाधिकारी, गया श्री शशांक शुभंकर ने समाहरणालय स्थित कार्यालय में आये अनेको व्यक्तियों की समस्या को सुना गया है। जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए लगभग 50 से अधिक आमजनों की समस्याएँ सुनीं। 

इस अवसर पर भूमि विवाद, आवास योजना, स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी शिकायतें, पेंशन योजना, मुआवजा, शिक्षा विभाग से संबंधित विषयों समेत अन्य मामलों को लोगों ने जिलाधिकारी के समक्ष रखा।

ज़िला पदाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को संबंधित प्रकरणों का त्वरित एवं निष्पक्ष निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान जिला प्रशासन की प्राथमिकता है और प्रत्येक विभागीय पदाधिकारी इस दिशा में गंभीरता से कार्य करें।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar CMO Bihar Samrat Choudhary General Administration Department, Govt. of Bihar Cabinet Secretariat Department, Govt. of Bihar Home Department, Govt. of Bihar
दिनांक: 30.06.2026
अवैध बालू परिवहन पर जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
जिला पदाधिकारी, गया के निर्देशानुसार अवैध खनन एवं अवैध बालू परिवहन के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत दिनांक 30.06.2026 को जिला खनन कार्यालय एवं मोहनपुर थाना की संयुक्त टीम द्वारा मोहनपुर प्रखंड क्षेत्र में सघन जांच अभियान चलाया गया।
जांच के दौरान प्रातः लगभग 7:44 बजे मध्य विद्यालय लाडू के समीप एक बालू लदे ट्रैक्टर को पकड़ा गया। वाहन पर आवश्यक पंजीकरण विवरण एवं खनन संबंधी पहचान अंकित नहीं थी तथा चालक/वाहन स्वामी द्वारा कोई वैध परिवहन चालान अथवा अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया।
प्रथम दृष्टया यह मामला अवैध बालू परिवहन का पाए जाने पर ट्रैक्टर एवं ट्रॉली को विधिवत जब्त कर मोहनपुर थाना के सुपुर्द किया गया है। वाहन स्वामी एवं चालक के विरुद्ध खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957, बिहार खनिज नियमावली तथा अन्य सुसंगत विधिक प्रावधानों के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है। ट्रैक्टर स्वामी पर करीब 1.5 लाख रूपए का खनन एवं परिवहन का दंड अधिरोपित किया गया है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन एवं अवैध खनिज परिवहन में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर एवं निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी। जनता से भी अपील की जाती है कि ऐसी किसी भी गतिविधि की सूचना तत्काल संबंधित प्रशासनिक अथवा पुलिस अधिकारियों को दें।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar Mines & Geology Department, Government of Bihar CMO Bihar Home Department, Govt. of Bihar Bihar Police
समाहरणालय, गया
(जिला जन संपर्क शाखा)

आज दिनांक 28.06.2026 को जिला पदाधिकारी, गया श्री शशांक शुभंकर द्वारा नगर प्रखंड अंतर्गत उच्च विद्यालय, चाकंद में आयोजित "पंचायत विकास दिवस" कार्यक्रम में सहभागिता की गई। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त श्री शैलेश कुमार, जिला परिषद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष, प्रखण्ड प्रमुख, जिला पंचायत राज पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

पंचायत विकास दिवस का उद्देश्य पंचायत में संचालित विकास योजनाओं की समीक्षा करना, ग्रामीणों की समस्याओं एवं सुझावों को सुनना तथा जनभागीदारी के माध्यम से पंचायत के सर्वांगीण विकास को गति देना है। कार्यक्रम में ग्राम सभा के सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही तथा पंचायत की विकास योजनाओं एवं आगामी विकास कार्यों पर विस्तृत चर्चा की गई।

कार्यक्रम के दौरान मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), हर घर नल का जल योजना, स्वच्छ भारत मिशन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं कृषि से संबंधित योजनाओं की समीक्षा की गई। साथ ही स्थानीयकृत सतत विकास लक्ष्यों (LSDGs) की चयनित थीमों पर विचार-विमर्श किया गया।

विशेष रूप से LSDG थीम-9 – "महिला हितैषी पंचायत" पर विस्तृत चर्चा करते हुए महिलाओं एवं बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, आर्थिक सशक्तिकरण, निर्णय प्रक्रिया में उनकी भागीदारी तथा स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आजीविका संवर्धन पर विशेष बल दिया गया।

कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट पंचायतों द्वारा किए गए विकास कार्यों का वीडियो प्रदर्शन किया गया। साथ ही माननीय प्रधानमंत्री के रेडियो कार्यक्रम "मन की बात" के सीधे प्रसारण की व्यवस्था की गई, जिसे उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से सुना।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar 
CMO Bihar 
General Administration Department, Govt. of Bihar 
Panchayati Raj Department, Government of Bihar 
Samrat Choudhary
*ज़िला पदाधिकारी ने दैनिक जनता दरबार में सुनी आमजनों की समस्याएँ*

*समस्याओं का हुआ ऑन द स्पॉट निवारण*

*जनता दरबार में प्राप्त आवेदनों को प्राथमिकता स्तर पर निष्पादन हेतु पदाधिकारियों को दिया निर्देश*

गया, 27 जून 2026, जिलाधिकारी, गया श्री शशांक शुभंकर ने समाहरणालय स्थित कार्यालय में आये अनेको व्यक्तियों की समस्या को सुना गया है। जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए लगभग 50 से अधिक आमजनों की समस्याएँ सुनीं। 

इस अवसर पर भूमि विवाद, आवास योजना, स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी शिकायतें, पेंशन योजना, मुआवजा, शिक्षा विभाग से संबंधित विषयों समेत अन्य मामलों को लोगों ने जिलाधिकारी के समक्ष रखा।

ज़िला पदाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को संबंधित प्रकरणों का त्वरित एवं निष्पक्ष निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान जिला प्रशासन की प्राथमिकता है और प्रत्येक विभागीय पदाधिकारी इस दिशा में गंभीरता से कार्य करें।
CMO Bihar Samrat Choudhary Information & Public Relations Department, Government of Bihar General Administration Department, Govt. of Bihar