प्रेस विज्ञप्ति
नालंदा।
----------------
राजगीर के प्राकृतिक जलस्रोतों के सूखने पर जिला अधिकारी सख्त; उच्च स्तरीय कमेटी करेगी जांच, अवैध बोरिंग पर तत्काल रोक।
ब्रह्मकुंड परिसर विकास कार्य के दौरान मिली ऐतिहासिक पुरावशेष (Artifact); तथ्यों की जांच के लिए प्रशासन ने ASI को लिखा पत्र।
राजगीर : समीक्षा बैठक के उपरांत आज जिला अधिकारी (नालंदा) महोदया द्वारा राजगीर स्थित ऐतिहासिक एवं पवित्र ब्रह्मकुंड परिसर का स्थलीय निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने परिसर में चल रहे विकास कार्यों (जनेऊ भवन के शिलान्यास/फाउंडेशन कार्य) की प्रगति का जायजा लिया तथा प्राकृतिक जलधाराओं के संरक्षण को लेकर कई कड़े निर्देश जारी किए।
विकास कार्य के दौरान मिले ऐतिहासिक पुरावशेष; ASI करेगी जांच
निरीक्षण के दौरान जिला अधिकारी को अवगत कराया गया कि ब्रह्मकुंड परिसर में 'जनेऊ भवन' के फाउंडेशन कार्य (सॉफ्ट निर्माण कार्य) के लिए की जा रही खुदाई के दौरान कुछ प्राचीन पुरावशेष (Artifacts) प्राप्त हुए हैं, जिनका अत्यधिक ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व हो सकता है।
इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन द्वारा तत्काल भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI - Archaeological Survey of India) को एक आधिकारिक सूचित किया जाएगा, ताकि प्राप्त पुरावशेषों की प्राचीनता और ऐतिहासिक तथ्यों की सत्यता की सटीक जांच (Ascertain) की जा सके।
पुरातत्व विभाग के निर्णय पर निर्भर करेगा आगे का कार्य
जिला अधिकारी महोदया ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि यदि ASI की जांच में इस स्थल का पुरातात्विक या ऐतिहासिक महत्व प्रमाणित होता है, तो संबंधित नियम-कायदों के तहत इस पूरे क्षेत्र को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को सौंप (Hand over) दिया जाएगा। वहीं, यदि जांच में ऐसी कोई पुष्टि नहीं होती है, तो परिसर का निर्धारित विकास प्रोजेक्ट पूर्व की भांति सुचारू रूप से जारी रहेगा।
प्राकृतिक जलधाराओं के सूखने पर स्थानीय नागरिकों ने जताई चिंता
दौरे के क्रम में स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और जागरूक सामाजिक समूहों ने जिला अधिकारी महोदया को यह भी अवगत कराया कि जो प्राकृतिक जलधाराएं पूर्व में साल के बारह महीने अविरल प्रवाहित होती थीं, उनमें से कई अब सूख चुकी हैं। स्थानीय लोगों द्वारा इसका मुख्य कारण आस-पास के क्षेत्रों में अत्यधिक और अंधाधुंध निजी बोरिंग होना बताया गया, जिससे भूगर्भ जल का अत्यधिक दोहन हो रहा है।
जिला अधिकारी द्वारा लिए गए अन्य कड़े निर्णय और निर्देश
उच्च स्तरीय शोध एवं एक्शन कमेटी का गठन: राजगीर के इन ऐतिहासिक एवं पवित्र जलस्रोतों के सूखने की समस्या के स्थाई समाधान के लिए एक उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति (High-Level Research Committee) का गठन किया जाएगा, जो इसके वैज्ञानिक कारणों पर शोध करेगी। इसके साथ ही, धरातल पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए एक एक्शन कमेटी भी काम करेगी।
अवैध बोरिंग पर तत्काल रोक: जिला अधिकारी महोदया ने नगर आयुक्त को निर्देशित किया कि कुंडों के आस-पास के क्षेत्रों में हो रहे सभी अवैध बोरिंग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए और उल्लंघन करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
Samrat Choudhary
CMO Bihar
Information & Public Relations Department, Government of Bihar
Public Health Engineering Department, Government of Bihar
Building Construction Department, Govt. of Bihar
Bihar Sharif Nagar Nigam
3 views | Nalanda, Bihar | Jul 9, 2026