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मसूरी में बारिश का कहर: हाथीपांव रोड पर पहाड़ का हिस्सा भरभराकर गिरा, वाहन चालक बाल-बाल बचा, लंबा जाम। पहाड़ों की रानी मसूरी में लगातार हो रही बारिश अब आफत बनती जा रही है। बुधवार को हाथीपांव रोड पर माइंस क्षेत्र के समीप अचानक पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा भरभराकर मुख्य सड़क पर आ गिरा। इस घटना से सड़क पूरी तरह बाधित हो गई और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। हादसे के दौरान एक वाहन मलबे की चपेट में आ गया, लेकिन राहत की बात यह रही कि चालक बाल-बाल बच गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी कमजोर हो गई थी। अचानक तेज आवाज के साथ भारी मात्रा में चट्टानें और मलबा सड़क पर आ गिरा, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सड़क पर चल रहे वाहन अचानक रुक गए और यातायात पूरी तरह ठप हो गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और मसूरी पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने तत्काल सुरक्षा व्यवस्था संभालते हुए लोगों को मलबे से दूर रहने की अपील की और यातायात को रोक दिया। इसके बाद सड़क से मलबा हटाने के लिए संबंधित विभाग की टीम और मशीनें मौके पर बुलाई गईं। ऐसे में प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें तथा पहाड़ी मार्गों पर विशेष सावधानी बरतें।

Dehradun, Dehradun | Jul 1, 2026

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🚨उत्तराखण्ड में शिक्षा सुधार की नई पहल, मदरसा बोर्ड समाप्त, अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को मान्यता प्रमाण पत्र भी वितरित किए।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अल्पसंख्यक विद्यालयों के विद्यार्थियों को एन.सी.ई.आर.टी. की पुस्तकें भी भेंट कीं और कहा कि गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा की दिशा में यह पहल विद्यार्थियों के भविष्य को मजबूत आधार प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि होने के साथ-साथ ज्ञान, शिक्षा और आध्यात्म की समृद्ध परंपरा वाली भूमि रही है। इस पवित्र धरती ने सदियों से विश्व को ज्ञान और संस्कार का संदेश दिया है। ऐसे में राज्य की जिम्मेदारी है कि शिक्षा के क्षेत्र में उत्तराखण्ड देश के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित हो।

उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य के साथ राज्य सरकार ने समाज के सभी वर्गों को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और संस्कारयुक्त शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए 1 जुलाई 2026 से उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की स्थापना की है। इसके साथ ही मदरसा बोर्ड को समाप्त कर नई व्यवस्था लागू की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल एक संस्था की शुरुआत नहीं, बल्कि राज्य के प्रत्येक बच्चे के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखने वाला निर्णय है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक बच्चे को समान अवसर मिले और वह आधुनिक शिक्षा, तकनीक एवं कौशल के माध्यम से आगे बढ़ सके।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय ज्ञान, नवाचार और तकनीक का युग है। एआई, मशीन लर्निंग, डिजिटल तकनीक और नए कौशल भविष्य की दिशा तय कर रहे हैं। ऐसे में आवश्यक है कि उत्तराखण्ड का कोई भी बच्चा विकास की इस यात्रा से पीछे न छूटे।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की स्थापना किसी समुदाय की पहचान या परंपराओं को प्रभावित करने के लिए नहीं, बल्कि सभी वर्गों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है। सरकार का प्रयास है कि बच्चे अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहते हुए विज्ञान, गणित, कंप्यूटर, कौशल विकास और आधुनिक शिक्षा में दक्ष बनें।

उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज को सशक्त, आत्मनिर्भर और जागरूक बनाने का सबसे प्रभावी साधन है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से युवा न केवल अपने जीवन को बेहतर बनाते हैं बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई व्यवस्था के तहत सभी अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदायों को समान अवसर प्रदान किए जाएंगे। पहले की व्यवस्थाओं में जिन वर्गों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया, उन्हें भी अब शिक्षा के क्षेत्र में बराबरी का अवसर मिलेगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 ने देश की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा दी है। यह नीति केवल डिग्री तक सीमित नहीं है, बल्कि कौशल, नवाचार, अनुसंधान, उद्यमिता और रोजगार से जोड़ने पर बल देती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार डिजिटल शिक्षा, स्मार्ट कक्षाओं, कौशल विकास, स्टार्टअप और आधुनिक प्रशिक्षण को बढ़ावा दे रही है ताकि राज्य का युवा भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सके।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण केवल मान्यता देने वाली संस्था नहीं होगा, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शिक्षक प्रशिक्षण, पारदर्शी व्यवस्था और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन का मजबूत माध्यम बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जिन संस्थानों को मान्यता प्रदान की जा रही है, वे केवल प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं कर रहे, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में नई सोच और नई व्यवस्था के सहभागी बन रहे हैं। इन संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे ज्ञानवान, संस्कारित, संवेदनशील और राष्ट्र के प्रति समर्पित नागरिक तैयार करें।

उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी विविधता में एकता है। अलग-अलग भाषाओं, संस्कृतियों और परंपराओं के बावजूद भारतीयता सभी को जोड़ने वाली शक्ति है। राज्य सरकार इसी भावना के साथ सभी वर्गों के विकास के लिए कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में यह प्राधिकरण हजारों बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा और उत्तराखण्ड को गुणवत्तापूर्ण एवं समावेशी शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाएगा।

उन्होंने धर्मगुरुओं, शिक्षाविदों, शिक्षण संस्थाओं और समाज के प्रबुद्ध नागरिकों से इस पहल को सफल बनाने में सहयोग की अपील की।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक प्रदीप बत्रा, विधायक उमेश शर्मा काउ, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह सहित जनप्रतिनिधिगण, विभिन्न अल्पसंख्यक समुदायों के धर्मगुरु, शिक्षाविद एवं शिक्षण संस्थाओं के प्रबंधक उपस्थित रहे।

🚨उत्तराखण्ड में शिक्षा सुधार की नई पहल, मदरसा बोर्ड समाप्त, अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को मान्यता प्रमाण पत्र भी वितरित किए। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अल्पसंख्यक विद्यालयों के विद्यार्थियों को एन.सी.ई.आर.टी. की पुस्तकें भी भेंट कीं और कहा कि गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा की दिशा में यह पहल विद्यार्थियों के भविष्य को मजबूत आधार प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि होने के साथ-साथ ज्ञान, शिक्षा और आध्यात्म की समृद्ध परंपरा वाली भूमि रही है। इस पवित्र धरती ने सदियों से विश्व को ज्ञान और संस्कार का संदेश दिया है। ऐसे में राज्य की जिम्मेदारी है कि शिक्षा के क्षेत्र में उत्तराखण्ड देश के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित हो। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य के साथ राज्य सरकार ने समाज के सभी वर्गों को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और संस्कारयुक्त शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए 1 जुलाई 2026 से उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की स्थापना की है। इसके साथ ही मदरसा बोर्ड को समाप्त कर नई व्यवस्था लागू की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल एक संस्था की शुरुआत नहीं, बल्कि राज्य के प्रत्येक बच्चे के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखने वाला निर्णय है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक बच्चे को समान अवसर मिले और वह आधुनिक शिक्षा, तकनीक एवं कौशल के माध्यम से आगे बढ़ सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय ज्ञान, नवाचार और तकनीक का युग है। एआई, मशीन लर्निंग, डिजिटल तकनीक और नए कौशल भविष्य की दिशा तय कर रहे हैं। ऐसे में आवश्यक है कि उत्तराखण्ड का कोई भी बच्चा विकास की इस यात्रा से पीछे न छूटे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की स्थापना किसी समुदाय की पहचान या परंपराओं को प्रभावित करने के लिए नहीं, बल्कि सभी वर्गों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है। सरकार का प्रयास है कि बच्चे अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहते हुए विज्ञान, गणित, कंप्यूटर, कौशल विकास और आधुनिक शिक्षा में दक्ष बनें। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज को सशक्त, आत्मनिर्भर और जागरूक बनाने का सबसे प्रभावी साधन है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से युवा न केवल अपने जीवन को बेहतर बनाते हैं बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई व्यवस्था के तहत सभी अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदायों को समान अवसर प्रदान किए जाएंगे। पहले की व्यवस्थाओं में जिन वर्गों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया, उन्हें भी अब शिक्षा के क्षेत्र में बराबरी का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 ने देश की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा दी है। यह नीति केवल डिग्री तक सीमित नहीं है, बल्कि कौशल, नवाचार, अनुसंधान, उद्यमिता और रोजगार से जोड़ने पर बल देती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार डिजिटल शिक्षा, स्मार्ट कक्षाओं, कौशल विकास, स्टार्टअप और आधुनिक प्रशिक्षण को बढ़ावा दे रही है ताकि राज्य का युवा भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सके। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण केवल मान्यता देने वाली संस्था नहीं होगा, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शिक्षक प्रशिक्षण, पारदर्शी व्यवस्था और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन का मजबूत माध्यम बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जिन संस्थानों को मान्यता प्रदान की जा रही है, वे केवल प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं कर रहे, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में नई सोच और नई व्यवस्था के सहभागी बन रहे हैं। इन संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे ज्ञानवान, संस्कारित, संवेदनशील और राष्ट्र के प्रति समर्पित नागरिक तैयार करें। उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी विविधता में एकता है। अलग-अलग भाषाओं, संस्कृतियों और परंपराओं के बावजूद भारतीयता सभी को जोड़ने वाली शक्ति है। राज्य सरकार इसी भावना के साथ सभी वर्गों के विकास के लिए कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में यह प्राधिकरण हजारों बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा और उत्तराखण्ड को गुणवत्तापूर्ण एवं समावेशी शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाएगा। उन्होंने धर्मगुरुओं, शिक्षाविदों, शिक्षण संस्थाओं और समाज के प्रबुद्ध नागरिकों से इस पहल को सफल बनाने में सहयोग की अपील की। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक प्रदीप बत्रा, विधायक उमेश शर्मा काउ, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह सहित जनप्रतिनिधिगण, विभिन्न अल्पसंख्यक समुदायों के धर्मगुरु, शिक्षाविद एवं शिक्षण संस्थाओं के प्रबंधक उपस्थित रहे।

Dehradun, Dehradun | Jul 1, 2026

उत्तरकाशी: यमुनोत्री मार्ग पर लैंडस्लाइड से टला बड़ा हादसा, सुरक्षित बचे यात्री

उत्तरकाशी। यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर खराब मौसम के बीच एक भीषण हादसा होने से बाल-बाल बच गया। भारी बारिश के चलते अचानक पहाड़ों से भारी मलबा (मलवा) गिरने के कारण एक वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। सुखद खबर यह है कि वाहन में सवार सभी यात्रियों की जान सुरक्षित है। भूस्खलन के कारण मार्ग कई घंटों तक बाधित रहा, लेकिन प्रशासन की मुस्तैदी और त्वरित कार्रवाई से एक बड़ी अनहोनी टल गई। फिलहाल मार्ग को सुचारू करने का कार्य जारी है।

उत्तरकाशी: यमुनोत्री मार्ग पर लैंडस्लाइड से टला बड़ा हादसा, सुरक्षित बचे यात्री उत्तरकाशी। यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर खराब मौसम के बीच एक भीषण हादसा होने से बाल-बाल बच गया। भारी बारिश के चलते अचानक पहाड़ों से भारी मलबा (मलवा) गिरने के कारण एक वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। सुखद खबर यह है कि वाहन में सवार सभी यात्रियों की जान सुरक्षित है। भूस्खलन के कारण मार्ग कई घंटों तक बाधित रहा, लेकिन प्रशासन की मुस्तैदी और त्वरित कार्रवाई से एक बड़ी अनहोनी टल गई। फिलहाल मार्ग को सुचारू करने का कार्य जारी है।

Dehradun, Dehradun | Jul 1, 2026

देहरादून: एश्ले हॉल पर नगर निगम का अतिक्रमण 'हटाओ अभियान', भारी मात्रा में सामान जब्त!

देहरादून। राजधानी में बढ़ते अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध नगर निगम ने आज सख्त रुख अपनाते हुए एश्ले हॉल क्षेत्र में विशेष अभियान चलाया। निगम की टीम ने फुटपाथों और सार्वजनिक मार्गों को बाधित करने वाली अवैध रेहड़ियों, गन्ने के रस की मशीनों और रेडियो को अपने कब्जे में ले लिया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए यह कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

देहरादून: एश्ले हॉल पर नगर निगम का अतिक्रमण 'हटाओ अभियान', भारी मात्रा में सामान जब्त! देहरादून। राजधानी में बढ़ते अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध नगर निगम ने आज सख्त रुख अपनाते हुए एश्ले हॉल क्षेत्र में विशेष अभियान चलाया। निगम की टीम ने फुटपाथों और सार्वजनिक मार्गों को बाधित करने वाली अवैध रेहड़ियों, गन्ने के रस की मशीनों और रेडियो को अपने कब्जे में ले लिया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए यह कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

Dehradun, Dehradun | Jul 1, 2026

विकासनगर: EMS कंपनी की लापरवाही आई सामने, बिना बोर्ड के खोदे गड्ढे में गिरी कार 

विकासनगर। विकासनगर में विकास कार्यों में जुटी ईएमएस (EMS) कंपनी की एक बड़ी लापरवाही का मामला उजागर हुआ है। कंपनी द्वारा सड़क पर निर्माण कार्य हेतु खुदाई की गई थी, लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर वहां कोई चेतावनी बोर्ड या बैरिकेडिंग नहीं लगाई गई। सूचना के अभाव में एक कार सवार अनियंत्रित होकर सीधे गहरे गड्ढे में जा गिरा। 

इस घटना ने कंपनी की कार्यप्रणाली और जनसुरक्षा के प्रति उनकी संजीदगी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों में इस प्रशासनिक अनदेखी को लेकर भारी रोष व्याप्त है।

विकासनगर: EMS कंपनी की लापरवाही आई सामने, बिना बोर्ड के खोदे गड्ढे में गिरी कार विकासनगर। विकासनगर में विकास कार्यों में जुटी ईएमएस (EMS) कंपनी की एक बड़ी लापरवाही का मामला उजागर हुआ है। कंपनी द्वारा सड़क पर निर्माण कार्य हेतु खुदाई की गई थी, लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर वहां कोई चेतावनी बोर्ड या बैरिकेडिंग नहीं लगाई गई। सूचना के अभाव में एक कार सवार अनियंत्रित होकर सीधे गहरे गड्ढे में जा गिरा। इस घटना ने कंपनी की कार्यप्रणाली और जनसुरक्षा के प्रति उनकी संजीदगी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों में इस प्रशासनिक अनदेखी को लेकर भारी रोष व्याप्त है।

Dehradun, Dehradun | Jul 1, 2026

एक राष्ट्र, एक शिक्षा' की ओर उत्तराखंड के कदम: मुख्यमंत्री धामी ने वितरित किए अल्पसंख्यक संस्थानों को मान्यता प्रमाण पत्र

देहरादून, 1 जुलाई 2026:उत्तराखंड की शिक्षा व्यवस्था में आज एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम में 'उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण' का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को आधिकारिक मान्यता प्रमाण पत्र वितरित किए और मेधावी छात्रों को NCERT की पुस्तकें भेंट कीं।

एक राष्ट्र, एक शिक्षा' की ओर उत्तराखंड के कदम: मुख्यमंत्री धामी ने वितरित किए अल्पसंख्यक संस्थानों को मान्यता प्रमाण पत्र देहरादून, 1 जुलाई 2026:उत्तराखंड की शिक्षा व्यवस्था में आज एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम में 'उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण' का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को आधिकारिक मान्यता प्रमाण पत्र वितरित किए और मेधावी छात्रों को NCERT की पुस्तकें भेंट कीं।

Dehradun, Dehradun | Jul 1, 2026