महादलित टोलों के सर्वांगीण विकास के लिए जिला पदाधिकारी की सख्त पहल, बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य, लापरवाही पर होगी कार्रवाई।
आज दिनांक 16 सितंबर 2026 को समाहरणालय स्थित 'मंथन सभागार' में जिला पदाधिकारी श्री शेखर आनंद की अध्यक्षता में जिले के सभी विकास मित्रों के साथ एक समीक्षा सह संवाद बैठक आयोजित की गई। जिला पदाधिकारी महोदय को जिला कल्याण पदाधिकारी द्वारा जल जीवन हरियाली प्रतीक चिन्ह पौधे देकर सम्मानित भी किया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य महादलित टोलों में सरकारी योजनाओं की शत-प्रतिशत पहुंच सुनिश्चित करना तथा व्यवस्था में पारदर्शिता लाना था।
जिला पदाधिकारी महोदय ने सभी विकास मित्रों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में महादलित टोलों की सटीक मैपिंग कराएं और हर पात्र परिवार तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाएं। उन्होंने निम्नलिखित प्राथमिकताओं पर तुरंत अमल करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि महादलित परिवार के बच्चों को अनिवार्य रूप से स्कूलों से जोड़ने हेतु निर्देश दिया। महादलित टोलो के बच्चों को जन्म प्रमाण पत्र, पहचान पत्र और ई-श्रम कार्ड समयबद्ध तरीके से बनवाना। सभी पात्र लाभुकों को राशन कार्ड से आच्छादित करना, योग्य भूमिहीन परिवारों को पर्चा दिलाना और आवास निर्माण कार्य में तेजी लाना।बैठक में विशेष रूप से ईंट भट्ठों पर काम करने वाले श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा का मुद्दा उठा। जिला पदाधिकारी महोदय ने स्पष्ट निर्देश दिया कि ईंट भट्ठों पर कार्यरत परिवारों के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए चलाया जा रहा विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा। साथ ही, टोला सेवकों को महादलित टोलों में नियमित जाकर बच्चों को पढ़ाने का सख्त निर्देश दिया गया।
बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य, भ्रष्टाचार पर सख्त हिदायत दिए है कि
कार्यसंस्कृति में सुधार लाते हुए जिला प्रशासन ने सभी विकास मित्रों के लिए बायोमेट्रिक हाजिरी दर्ज करना अनिवार्य कर दिया है। जिला पदाधिकारी महोदय ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि हाजिरी में किसी प्रकार की कोताही या कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के विरुद्ध सीधी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार पर शून्य सहनशीलता की नीति दोहराते हुए सरकारी प्रमाण पत्र बनवाने में केवल शासन द्वारा निर्धारित आधिकारिक शुल्क ही लिया जाएगा। यदि किसी भी स्तर पर निर्धारित दर से अधिक वसूली की शिकायत मिली, तो संबंधित दोषी पर कठोर कार्रवाई होगी। जिला पदाधिकारी महोदय ने स्पष्ट किया कि 'संत रविदास शिविरों' के आयोजन के दौरान संबंधित प्रशासनिक व विभागीय अधिकारियों की भौतिक उपस्थिति अनिवार्य रहेगी। विकास मित्रों द्वारा धरातल पर किए जा रहे कार्यों की समीक्षा संबंधित प्रखंड व जिलास्तरीय अधिकारी नियमित आधार पर करेंगे।इस समीक्षा बैठक में जिला कल्याण पदाधिकारी, संबंधित प्रखंड कल्याण पदाधिकारी, प्रखंड समन्वयक तथा विकास मित्रों व शिक्षा मित्रों की उपस्थिति रही।