जिला पदाधिकारी ने मंडल कारा का किया निरीक्षण, बंदियों की समस्याओं की सुनी जानकारी
आज दिनांक 03.10.2026 को जिला पदाधिकारी श्री शैलेन्द्र कुमार द्वारा मंडल कारा, लखीसराय का निरीक्षण किया गया। इस दौरान जिला पदाधिकारी ने कारा परिसर में आयोजित बंदी दरबार में भाग लिया तथा बंदियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं एवं कारा में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि मंडल कारा में प्रत्येक दो माह में नियमित रूप से बंदी दरबार का आयोजन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लंबे समय से मंडल कारा का निरीक्षण करने की इच्छा थी और आज यहां आकर कारा प्रशासन द्वारा किए जा रहे कार्यों को देखने का अवसर मिला। उन्होंने कारागृह की तुलना में अंडमान और निकोबार तथा काला पानी के एक्सपीरियंस शेयर किए।
उन्होंने कहा कि बंदियों के मानवीय एवं संवैधानिक अधिकारों के साथ-साथ उनके कानूनी अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित करना आवश्यक है। बंदियों के व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाने तथा उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए शिक्षा, खेल, योग, चित्रकला एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियां महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने बंदी दरबार को एक सकारात्मक एवं सराहनीय पहल बताते हुए इसे निरंतर जारी रखने तथा कारा प्रशासन में लगातार सुधार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान बंदी कल्याण पदाधिकारी श्री आलोक कुमार सिंह ने कारा में संचालित विभिन्न कल्याणकारी एवं सुधारात्मक गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बंदियों के दैनिक कार्यक्रम की शुरुआत योग से होती है। अपराह्न में चित्रकला, खेल, संगीत एवं अन्य एक्स्ट्रा करिकुलर गतिविधियों का आयोजन किया जाता है। बंदियों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए लीगल एड क्लीनिक संचालित है तथा 24×7 सेवा के लिए पीएलवी की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने बताया कि युवा एवं किशोर बंदियों के लिए अलग से कारा पाठशाला संचालित की जा रही है, जिसमें प्रतिनियुक्त शिक्षक द्वारा शिक्षण कार्य कराया जाता है। एनआईओएस के माध्यम से 10वीं तथा इग्नू के माध्यम से उच्च शिक्षा एवं 12वीं कक्षा के लिए नामांकन की सुविधा उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के अंतर्गत पेंशन आदि की सुविधाएं भी पात्र बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही हैं।
कारा में कैंटीन की सुविधा, चिकित्सकीय जांच एवं उपचार, विशेष आहार तथा आवश्यकतानुसार उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर करने की व्यवस्था भी बताई गई। निरीक्षण के दौरान एक बंदी को बेहतर चिकित्सा उपचार के लिए पीएमसीएच भेजे जाने की जानकारी भी दी गई।
बंदियों ने पेयजल, चापाकल की कमी, आरओ की समस्या, रोजगारपरक कार्यक्रम, सरकारी अधिवक्ता की सुविधा, कानूनी सहायता तथा परिजनों से संपर्क आदि से संबंधित अपनी समस्याएं जिला पदाधिकारी के समक्ष रखीं।
जिला पदाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों को समस्याओं के नियमानुसार समाधान हेतु आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
जेल अधीक्षक श्री रमेश प्रसाद ने भी मंडल कारा की व्यवस्थाओं एवं बंदियों से संबंधित समस्याओं के बारे में जिला पदाधिकारी को अवगत कराया।
निरीक्षण के क्रम में जिला पदाधिकारी ने कारा प्रशासन को निर्देश दिया कि बंदियों के कल्याण एवं सुधार से संबंधित गतिविधियों को और प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि निरंतर सुधार की प्रक्रिया जारी रहनी चाहिए तथा सकारात्मक वातावरण बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
इसके साथ ही जिला पदाधिकारी महोदय द्वारा औषधीय गुणों से भरपूर और सुगंधित पौधे लगाए गए उन्होंने स्पिरिट को बनाए रखने और इस दिशा में निरंतर सुधार करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कारा में संचालित सुधारात्मक एवं कल्याणकारी कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बंदियों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।