फर्जी ऐप के माध्यम से प्रतिष्ठित निवेश कंपनियों में निवेश कराकर 2 करोड़ 65 लाख 55 हजार रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश
साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले 6 आरोपी गिरफ्तार।
आरोपी खाताधारकों से बैंक खाते खुलवाकर दुबई स्थित साइबर ठगी सिंडिकेट को कराते थे बैंक खाते उपलब्ध।
आरोपियों के कब्जे से 3 लैपटॉप, 16 मोबाइल फोन, 90 एटीएम कार्ड्स, 42 चेक बुक, 35 सिम कार्ड्स, 4 फर्म्स की स्टाम्प व दुबई वीजा सहित 1 पासपोर्ट बरामद।
गुरुग्राम, गौरव गर्ग, 20 जुलाई । 19 जुलाई को पुलिस थाना साइबर अपराध पूर्व, गुरुग्राम में एक शिकायत प्राप्त हुई, जिसमें शिकायतकर्ता ने बताया कि इसे प्रतिष्ठित निवेश कंपनियों के नाम से बनाए गए फर्जी व्हाट्सएप ग्रुपों में जोड़ा गया। आरोपियों ने फर्जी निवेश (Investment) ऐप के माध्यम से अधिक मुनाफा कमाने का झांसा देकर अलग-अलग बैंक खातों में निवेश के नाम पर कुल 2 करोड़ 65 लाख 55 हजार रुपये ट्रांसफर करवा लिए। जब शिकायतकर्ता ने निवेश की गई राशि एवं लाभ (Profit) निकालने का प्रयास किया तो आरोपियों द्वारा और अधिक राशि जमा कराने की मांग की गई, जिससे शिकायतकर्ता को अपने साथ हुई साइबर ठगी का पता चला। उपरोक्त शिकायत के आधार पर पुलिस थाना साइबर अपराध पूर्व, गुरुग्राम में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग अंकित किया गया तथा मामले की आगामी जांच स्पेशल साइबर अपराध शाखा, सेक्टर-56, गुरुग्राम द्वारा की गई।
गौरव फोगाट, सहायक पुलिस आयुक्त साइबर अपराध, गुरुग्राम के मार्गदर्शन में स्पेशल साइबर अपराध शाखा, सेक्टर-56, गुरुग्राम की पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों एवं गहन जांच के आधार पर कार्रवाई करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान :-
सोनू चौधरी (उम्र-23 वर्ष), निवासी गांव भिक्कनपुर, जिला गाजियाबाद (उत्तर-प्रदेश), वर्तमान निवासी बालाजी इंक्लेव, जिला गाजियाबाद (उत्तर-प्रदेश)।
पुनीत चौधरी (उम्र-27 वर्ष), निवासी गांव भिक्कनपुर, जिला गाजियाबाद (उत्तर-प्रदेश), वर्तमान निवासी ओमैक्स सिटी, बहादुरगढ़, जिला झज्जर (हरियाणा)।
विकास (उम्र-22 वर्ष), निवासी जिला गौतमबुद्ध नगर (उत्तर प्रदेश), वर्तमान निवासी ओमैक्स सिटी, बहादुरगढ़, जिला झज्जर (हरियाणा)।
अभिषेक शर्मा (उम्र-23 वर्ष), निवासी जिला मेरठ (उत्तर प्रदेश), वर्तमान निवासी ओमैक्स सिटी, बहादुरगढ़, जिला झज्जर (हरियाणा)।
दुष्यंत चौधरी (उम्र-25 वर्ष), निवासी जिला बुलंदशहर (उत्तर-प्रदेश), वर्तमान निवासी ओमैक्स सिटी, बहादुरगढ़, जिला झज्जर (हरियाणा)।
सम्राट सिब्बल (उम्र-46 वर्ष), निवासी उत्तम-नगर, दिल्ली।
पुलिस टीम द्वारा उपरोक्त आरोपी सोनू चौधरी को 18 जुलाई को गाजियाबाद (उत्तर-प्रदेश) से गिरफ्तार किया गया। इसके उपरांत पुनीत चौधरी, विकास, अभिषेक शर्मा एवं दुष्यंत चौधरी को 19 जुलाई को बहादुरगढ़, जिला झज्जर (हरियाणा) स्थित एक निजी फ्लैट से तथा सम्राट सिब्बल को 19 जुलाई को उत्तम-नगर, दिल्ली से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस पूछताछ में ज्ञात हुआ कि उपरोक्त अभियोग में ठगी गई राशि में से लगभग 6 लाख रुपये एक निजी फर्म के बैंक खाते में ट्रांसफर होना पाया गया। जांच में उक्त फर्म का संचालन आरोपी सोनू चौधरी द्वारा किया जाना पाया गया। आरोपी सोनू ने पूछताछ में बताया कि इसने उक्त फर्म का बैंक खाता आरोपी पुनीत चौधरी के कहने पर खुलवाकर 60 हजार रुपये में उसे उपलब्ध कराया था। आरोपी पुनीत ने पूछताछ में बताया कि यह आरोपी सम्राट सिब्बल के साथ मिलकर *शदुबई स्थित साइबर ठगी सिंडिकेट के लिए कार्य करता था तथा उक्त बैंक खाता उसी सिंडिकेट को उपलब्ध कराया गया था, जहां साइबर ठगी की राशि का लगभग 5 प्रतिशत कमीशन विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से आगे ट्रांसफर की जाती थी।
पूछताछ में यह भी ज्ञात हुआ कि आरोपी पुनीत ने बहादुरगढ़, जिला झज्जर (हरियाणा) में 17 हजार रुपये प्रतिमाह किराये पर एक फ्लैट ले रखा था, जहां फर्जी फर्मों का पंजीकरण करवाना, विभिन्न व्यक्तियों एवं फर्मों के नाम पर बैंक खाते खुलवाना, फर्जी ई-मेल आईडी तैयार करवाना तथा साइबर ठगी में प्रयुक्त दस्तावेज तैयार करने का कार्य किया जाता था। आरोपी ने अभिषेक शर्मा, विकास तथा दुष्यंत चौधरी को 15 से 20 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन पर रखा हुआ था। ये आरोपी विभिन्न व्यक्तियों एवं फर्मों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर आवश्यक दस्तावेज तैयार करते थे तथा उक्त बैंक खाते दुबई स्थित साइबर ठगी सिंडिकेट को उपलब्ध कराते थे।
आरोपी पुनीत ने पूछताछ में यह भी बताया कि यह कई बार दुबई जा चुका है तथा अब तक 200 से अधिक बैंक खाते दुबई स्थित साइबर ठगी सिंडिकेट को उपलब्ध करा चुका है। आरोपी के कब्जे से दुबई वीजा सहित 1 पासपोर्ट बरामद हुआ है। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी हाल ही में दुबई से वापस आया था। मामले में दुबई स्थित अन्य आरोपियों, साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि के प्रवाह तथा अन्य राज्यों में की गई साइबर ठगी की वारदातों के संबंध में गहनता से अनुसंधान किया जा रहा है।
पुलिस टीम द्वारा आरोपियों के कब्जे से 3 लैपटॉप, 16 मोबाइल फोन, 90 एटीएम कार्ड्स, 42 चेक बुक, 35 सिम कार्ड्स, 4 फर्म्स की स्टाम्प तथा दुबई वीजा सहित 1 पासपोर्ट बरामद किए गए हैं।
पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार आरोपियों को 19 जुलाई को माननीय अदालत में पेश करके 2 दिन के पुलिस हिरासत रिमांड पर लिया गया है। पुलिस टीम द्वारा आरोपियों से अन्य सह-आरोपियों, फर्जी फर्मों, बैंक खातों, दुबई स्थित साइबर ठगी सिंडिकेट, साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि के प्रवाह तथा अन्य राज्यों में की गई साइबर ठगी की वारदातों के संबंध में गहनता से पूछताछ की जा रही है। अभियोग का अनुसंधान जारी है।