AI के दौर में बच्चों को सफलता का मंत्र दे रही महुली पुलिस, ‘बच्चों की पाठशाला’ में सुरक्षा से करियर तक दिया विशेष मार्गदर्शन
संतकबीरनगर। उत्तर प्रदेश पुलिस की जनसेवा, संवेदनशीलता और जनविश्वास की पहल को आगे बढ़ाते हुए पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में थाना महुली पुलिस ने क्षेत्र के बच्चों एवं किशोरों के लिए "बच्चों की पाठशाला" का आयोजन किया। कार्यक्रम में बच्चों को शिक्षा, आधुनिक तकनीक, साइबर सुरक्षा, नैतिक मूल्यों और उज्ज्वल भविष्य के निर्माण को लेकर प्रेरित किया गया।
महुली पुलिस ने बच्चों को बताया कि वर्तमान समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का युग है और भविष्य उन्हीं युवाओं का होगा जो नई तकनीकों को सीखने के साथ स्वयं को लगातार अपडेट रखेंगे। बच्चों को समझाया गया कि मोबाइल फोन केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि ज्ञान, कौशल और बेहतर करियर बनाने का प्रभावी माध्यम भी बन सकता है।पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जीवन में सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। मेहनत, अनुशासन, ईमानदारी, समय का सदुपयोग और माता-पिता व गुरुजनों का सम्मान ही सफलता की सबसे मजबूत नींव है। बच्चों से बड़े सपने देखने के साथ उन्हें पूरा करने के लिए निरंतर मेहनत करने का संकल्प लेने का आह्वान किया गया।कार्यक्रम के दौरान साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी, बुलिंग, छेड़छाड़, नशे के दुष्प्रभाव और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। बच्चों को सलाह दी गई कि किसी भी प्रकार की समस्या या उत्पीड़न की स्थिति में बिना झिझक अपने अभिभावकों, शिक्षकों या पुलिस से संपर्क करें।महुली पुलिस ने कहा कि शिक्षित, जागरूक और संस्कारी बच्चे ही सुरक्षित समाज और सशक्त राष्ट्र की नींव होते हैं। कार्यक्रम के अंत में बच्चों ने खुलकर अपने विचार साझा किए और भविष्य में भी ऐसे प्रेरणादायी सत्र आयोजित करने की इच्छा जताई। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि बच्चों के सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य के लिए इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम आगे भी निरंतर जारी रहेंगे।