मऊ में दो दिनों से हो रही भारी बारिश और तेज हवाओं से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। खेतों में पककर तैयार धान की फसल गिर गई है, जबकि जलभराव से कटाई की गई फसल और रबी की बुवाई भी प्रभावित हुई है। जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष एवं भाजपा किसान नेता राकेश सिंह ने बताया कि नाटी मंसूरी धान की फसल गिरने से पैदावार पर करीब 50 प्रतिशत तक असर पड़ने की आशंका है। उन्होंने कहा कि एक बीघा धान की खेती में किसानों की करीब 15 हजार रुपये लागत आती है। कई गांवों में कच्चे मकान भी गिरे हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से खेतों का प्लांट टू प्लांट सर्वे कराकर किसानों को मुआवजा देने की मांग की। साथ ही पिछले वर्ष मोनथा चक्रवात से प्रभावित किसानों को अब तक सहायता नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया।