जमुई: बांस- बल्ली से बने पुल का डॉ.नीरज साह ने किया उद्घाटन, ग्रामीणों को दिया LED बल्व
विधायक, सांसद व जिला प्रशासन द्वारा पुल का निर्माण नहीं कराया गया तो सुदूरवर्ती क्षेत्र ख़ैरा प्रखंड के जतहर गांव के ग्रामीणों ने खुद ही हाथों में कुदाल, खंती व बांस- बल्ली लेकर करीब 250 फिट अस्थाई पुल का निर्माण कर दिया। इस कार्य मे समाजसेवी सह हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. नीरज साह के काफी सहयोग रहा और ग्रामीणों ने श्रमदान से अस्थाई पुल के निर्माण से जनप्रतिनिधि व जिला प्रशासन को आइना दिखा दिया। इस नवनिर्मित बांस-बल्ली से बना अस्थाई पुल का रविवार को दिन के 11:00 बजे डाक्टर नीरज साह द्वारा भव्य तरीके से फीता काटकर उद्घाटन किया गया और ग्रामीणों के श्रमदान की तारीफ करते हुए अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। मौके पर पंचायत के मुखिया व अन्य जनप्रतिनिधि के साथ कई गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। इस दौरान डॉक्टर नीरज साह द्वारा ग्रामीणों को LED बल्व भी दिया गया ताकि पूरा गांव रौशन हो और ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना न पड़े। इससे पूर्व कार्यक्रम आयोजित कर ग्रामीणों ने डाक्टर नीरज साह का फूल मालाओं व स्कूली बच्चों द्वारा स्वागत गीत के साथ अभिनंदन किया गया और उनके सहयोग की जमकर सराहना की गई।
दरअसल करीब 500 की आबादी वाले जतहर गांव के लोगों के लिए यह चचरी पुल आवागमन का बड़ा सहारा बना है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में नदी पार करना उनके लिए बड़ी चुनौती बन जाता था। गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए लंबे समय से पक्के पुल की मांग की जाती रही है। इस अस्थाई पुल के निर्माण से ग्रामीण बच्चे, बूढ़े , जवान और महिलाएं उत्साहित दिखे।
इस मौके पर डा. नीरज साह ने कहा कि जब उन्हें जानकारी मिली कि गांव के युवा आपसी सहयोग से बांस-बल्ली यानि चचरी पुल बनाने का प्रयास कर रहे हैं और आर्थिक समस्या आ रही है, तो ग्रामीणों के आग्रह पर उन्होंने अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग किया। उन्होंने कहा कि गांव के लोगों के लिए कुछ सहयोग कर पाना उनके लिए सौभाग्य की बात है। वह हर वर्ग समाज की मदद 20 वर्षों से करते आ रहे हैं और आगे करते भी रहेंगे। उन्होंने कहा कि जंगली, पहाड़ी, सुदूरवर्ती क्षेत्र को देखते हुए एलईडी बल्व की भी व्यवस्था गांव में कराई गई है। उन्होंने कहा की श्रमदान के लिए ग्रामीणों की जितनी तारीफ की जाए वो कम है।
वहीं ग्रामीणों ने कहा कि चचरी पुल से फिलहाल आवागमन में राहत मिली है, लेकिन उनकी वास्तविक जरूरत एक मजबूत, पक्का और सुविधायुक्त पुल है। ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी सिर्फ एक चचरी पुल बन जाने पर खुशी मनानी पड़े, यह व्यवस्था और विकास के दावों पर सवाल खड़ा करता है। ग्रामीणों ने प्रशासन और सरकार से जतहर गांव के लिए स्थायी पुल निर्माण की मांग की है। #jamui #jamuitopnews #mlasikandra #mantriji #cmofbihar #zilaprashasanjamui #vayralvideo #vayralreels
Jamui, Jamui | Sep 6, 2026