जमुई: तिरंगे से लिपटा खरडीह गांव पहुंचा शहीद मो. मनीर आलम तो नम आंखों से सैकड़ों लोगों ने दी अंतिम विदाई
लेह-लद्दाख में देश की सेवा के दौरान शहीद हुए सिकंदरा प्रखंड के खरडीह गांव निवासी मो. मनीर का पार्थिव शरीर तिरंगे से लिपटा हुआ गांव पहुंचा, जहां देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ लग गई तो परिवार वालों के चीख- और चीत्कार से पूरा माहौल गमगीन बना रहा। पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया। सभी की आंखें नम हो गई। पुलिस जवानों द्वारा रविवार की सुबह 9:00 बजे राजकीय सलामी देकर अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान गांव का माहौल पूरी तरह बदला- बदला सा दिखा। पत्नी फरहीन सदफ पति का पार्थिव शरीर देख चीखती- चिल्लाती रही तो बेटी आलिया परवीन और 15 वर्षीय बेटा अरसलान पिता के शव से लिपटकर बिलखते रहे। यह दृश्य देख वहां मौजूद हर शख्स की आंखें छलक उठीं।
आखिरी बार देखने को उमड़ पड़ा गांव
नमाज के बाद अंतिम विदाई दी गई। सिकंदरा पुलिस के जवानों ने राजकीय सम्मान के साथ उन्हें अंतिम सलामी दी। दो मिनट का मौन रखकर बलिदानी जवान की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। बीडीओ अतुल प्रसाद, पुलिस निरीक्षक स्वयं प्रभा, थानाध्यक्ष विकास कुमार सहित पुलिस पदाधिकारियों और जवानों ने पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद तिरंगे में लिपटे मनीर के जनाजे को कब्रिस्तान ले जाया गया। रास्ते में हर कदम के साथ लोगों की आंखें नम थीं। अंतिम दर्शन के लिए सैकड़ों ग्रामीण उमड़ पड़े। जनाजा की नमाज के बाद उन्हें सुपुर्द-ए-खाक यानि दफन कर दिया गया।
वहीं सूबेदार मु. जावेद खान, एसआई मुजम्मिल अंसारी, भाई मन्नवर आलम, जदयू नेता भोला खान, शिक्षक मु. जावेद अंसारी, महबूब आलम, पूर्व मुखिया विपिन सिंह, नशरू खान सहित ग्रामीणों ने नम आंखों से श्रद्धांजलि दी। लोगों ने कहा कि मनीर ने देश के लिए अपना जीवन दे दिया। उनका तिरंगे में लौटना गर्व और पीड़ा दोनों छोड़ गया। परिवार ने अपना सहारा खोया है और खरडीह ने अपना वह बेटा, जिसकी बहादुरी और देशसेवा की कहानी आने वाली पीढ़ियां याद रखेंगी।
आपको बता दें कि तीन सितंबर की शाम लेह-लद्दाख में जीआरईएफ की 501वीं यूनिट में रोड कटर मशीन को फट्टे के सहारे गाड़ी से उतारा जा रहा था। इसी दौरान फट्टा अचानक खिसक गया और मशीन अनियंत्रित होकर पलटने लगी। मनीर ने उसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन इससे पहले कि वह संभल पाते, मशीन सीधे उनके पैर के जांघ पर जा गिरी। हादसे में उनका पैर बुरी तरह कुचल गया और अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा। साथी जवानों ने तत्काल उन्हें आर्मी अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने आपरेशन शुरू किया।
इसी बीच कंपनी के सूबेदार मु. जावेद खान ने मनीर की पत्नी फरहीन सदफ को फोन कर हादसे की जानकारी दी। पति के घायल होने की खबर सुनकर वह बेसुध हो गईं। बाद में छोटे भाई मन्नवर आलम ने सूबेदार से घटना की पूरी जानकारी ली। परिवार को उम्मीद थी कि आपरेशन के बाद मनीर सकुशल लौट आएंगे, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव के कारण चिकित्सक उनकी जान नहीं बचा सके। एक पल में हुआ यह हादसा परिवार की सारी खुशियां छीन ले गया। #jamui #jamuitopnews #army #armylover #jamuiPolice
Jamui, Jamui | Sep 6, 2026