*प्रेस विज्ञप्ति*
समाहरणालय, मधेपुरा
जिला जनसंपर्क कार्यालय
दिनांक : 25 अगस्त 2026
*मधेपुरा में श्रद्धा एवं गरिमा के साथ मनाई गई पूर्व मुख्यमंत्री बी.पी. मंडल की 109वीं जयंती*
*मुरहो स्थित समाधि स्थल पर जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने अर्पित की श्रद्धांजलि, सर्वधर्म प्रार्थना सभा में सामाजिक न्याय के विचारों को आत्मसात करने का आह्वान*
बी *.एन. मंडल स्टेडियम में संध्या सांस्कृतिक कार्यक्रम; इंडियन आइडल फेम रितिका राज सिंह समेत स्थानीय एवं ख्यातिप्राप्त कलाकार देंगे प्रस्तुति*
मधेपुरा, 25 अगस्त 2026
पूर्व मुख्यमंत्री एवं मंडल आयोग के अध्यक्ष रहे बी.पी. मंडल की 109वीं जयंती आज मंगलवार को मधेपुरा में श्रद्धा, सम्मान एवं गरिमापूर्ण वातावरण में राजकीय समारोह के रूप में मनाई गई। समारोह के तहत जिले में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। मुख्य समारोह बी.पी. मंडल के पैतृक गांव मुरहो स्थित समाधि स्थल पर आयोजित हुआ।
*समाधि स्थल पर पुष्पचक्र अर्पित कर दी श्रद्धांजलि*
मुरहो स्थित समाधि स्थल पर बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष श्री नरेंद्र नारायण यादव, मधेपुरा सदर विधायक प्रो. चंद्रशेखर, जिलाधिकारी श्री अभिषेक रंजन, आरक्षी अधीक्षक श्री संदीप सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों एवं गणमान्य लोगों ने बी.पी. मंडल की समाधि पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
इससे पूर्व समाहरणालय समीप *बी.पी.* *मंडल* चौक पर उनकी प्रतिमा पर जिलाधिकारी, आरक्षी अधीक्षक, जनप्रतिनिधियों एवं जिला स्तरीय पदाधिकारियों द्वारा माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित की गई।
*प्रभातफेरी से हुई जयंती समारोह की शुरुआत*
बी.पी. मंडल जयंती समारोह-2026 की शुरुआत प्रातः 6 बजे मधेपुरा शहर एवं मुरहो में प्रभातफेरी के साथ हुई। इसके बाद प्रातः 10 बजे बी.पी. मंडल चौक स्थित प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित की गई। तत्पश्चात प्रातः 10:30 बजे मुरहो स्थित समाधि स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा 10:35 बजे सर्वधर्म प्रार्थना सभा आयोजित की गई।
*सर्वधर्म प्रार्थना सभा में सामाजिक न्याय के संकल्प को किया गया स्मरण*
सर्वधर्म प्रार्थना सभा के उपरांत समारोह में उपस्थित अतिथियों ने लोगों को संबोधित करते हुए बी.पी. मंडल के जीवन, संघर्ष, विचार एवं सामाजिक न्याय के प्रति उनके योगदान को स्मरण किया।
बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष श्री नरेंद्र नारायण यादव ने कहा कि बी.पी. मंडल ने सामाजिक न्याय की नींव को मजबूत करने तथा पिछड़े एवं वंचित वर्गों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके विचार आज भी सामाजिक समानता और न्याय की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
मधेपुरा सदर विधायक प्रो. चंद्रशेखर ने शिक्षा को समाज परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम बताते हुए कहा कि बी.पी. मंडल को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब उनके विचारों और आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात किया जाए। उन्होंने लोगों से बी.पी. मंडल के बताए मार्ग पर चलने की अपील की।
“ *समान अवसर के बिना प्रतिभा और विकास दोनों अधूरे” : जिलाधिकारी*
जिलाधिकारी श्री अभिषेक रंजन ने कहा कि बी.पी. मंडल ने दशकों पहले ही समानता और समावेशी विकास की आवश्यकता को समझ लिया था। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार परिवार अपने कमजोर सदस्यों को आगे बढ़ने में सहयोग देता है, उसी प्रकार समाज और सरकार की भी जिम्मेदारी है कि कमजोर एवं वंचित वर्गों को आवश्यक सहयोग और अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
उन्होंने कहा कि मंडल आयोग की सिफारिशों एवं बी.पी. मंडल के कार्यों ने भारतीय समाज में एक “साइलेंट रिवोल्यूशन” लाने का कार्य किया। समान अवसर के बिना प्रतिभाशाली लोगों को आगे बढ़ने का अवसर नहीं मिल सकता और प्रतिभाओं को अवसर दिए बिना देश का समग्र विकास भी संभव नहीं है।
जिलाधिकारी ने कहा कि बी.पी. मंडल की तरह अपने विचारों पर दृढ़ रहते हुए ईमानदारी और निरंतर मेहनत के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि जयंती को केवल एक दिन के आयोजन तक सीमित रखने के बजाय बी.पी. मंडल के विचारों और आदर्शों को पूरे वर्ष व्यवहार में उतारना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
समारोह को समाजसेवी एवं साहित्यकार डॉ. भूपेंद्र नारायण यादव ‘मधेपुरी’ सहित अन्य अतिथियों ने भी संबोधित किया।
*संध्या में बी.एन. मंडल स्टेडियम में सजेगा सांस्कृतिक कार्यक्रम*
बी.पी. मंडल जयंती समारोह के अवसर पर आज संध्या 6:30 बजे बी.एन. मंडल स्टेडियम, मधेपुरा में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में स्थानीय प्रतिभाओं के साथ-साथ ख्यातिप्राप्त कलाकार भी अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण इंडियन आइडल फेम रितिका राज सिंह की प्रस्तुति होगी। सांस्कृतिक कार्यक्रम देर शाम तक चलेगा और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रात्रि 9:50 बजे तक आयोजित होगा।
*संघर्ष, सामाजिक न्याय और परिवर्तन के प्रतीक थे बी.पी. मंडल*
25 अगस्त 1918 को वाराणसी में जन्मे बी.पी. मंडल का जीवन संघर्ष, सामाजिक चेतना और सार्वजनिक सेवा की प्रेरक यात्रा रहा। जन्म के अगले ही दिन उनके पिता का निधन हो गया था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा मुरहो से हुई तथा आगे उन्होंने मधेपुरा और दरभंगा में शिक्षा प्राप्त की। छात्र जीवन से ही वे जातीय भेदभाव के विरुद्ध मुखर रहे।
बड़े भाई के.पी. मंडल के निधन के बाद उन्हें अपनी पढ़ाई बीच में छोड़कर मुरहो लौटना पड़ा। इसके बाद वे सार्वजनिक जीवन एवं राजनीति में सक्रिय हुए। वर्ष 1952 में पहली बार विधानसभा चुनाव जीतकर उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। उन्होंने तीन बार विधानसभा, एक बार विधान परिषद तथा दो बार लोकसभा का प्रतिनिधित्व किया।
1 फरवरी 1968 को वे बिहार के मुख्यमंत्री बने। उनका मुख्यमंत्री के रूप में कार्यकाल लगभग 50 दिनों का रहा, लेकिन इस अल्प अवधि में भी उन्होंने पिछड़े एवं वंचित वर्गों में राजनीतिक आत्मविश्वास जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
*मंडल आयोग के अध्यक्ष के रूप में ऐतिहासिक योगदान*
वर्ष 1979 में केंद्र सरकार ने सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों की स्थिति का अध्ययन करने के लिए दूसरे पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया, जिसके अध्यक्ष बी.पी. मंडल बनाए गए। आयोग ने सामाजिक एवं शैक्षणिक पिछड़ेपन के अध्ययन के आधार पर 3,743 जातियों को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के रूप में चिह्नित करते हुए आरक्षण सहित विभिन्न महत्वपूर्ण सिफारिशें कीं।
31 दिसंबर 1980 को आयोग की रिपोर्ट तत्कालीन राष्ट्रपति श्री नीलम संजीव रेड्डी को सौंपी गई। बाद में वर्ष 1990 में केंद्र सरकार ने आयोग की सिफारिशों के आधार पर केंद्रीय सेवाओं में ओबीसी आरक्षण लागू करने की घोषणा की। सामाजिक न्याय और समान अवसर की दिशा में यह कदम भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन के रूप में देखा गया।
13 अप्रैल 1982 को 64 वर्ष की आयु में बी.पी. मंडल का निधन हुआ, लेकिन सामाजिक न्याय, समान अवसर और वंचित वर्गों के सशक्तीकरण के लिए उनके विचार आज भी समाज को दिशा प्रदान कर रहे हैं।
बी.पी. मंडल की जयंती का यह आयोजन उनके विचारों, संघर्षों और सामाजिक न्याय के प्रति उनके योगदान को स्मरण करते हुए समानता, समावेशन और अवसर की प्रतिबद्धता को और मजबूत करने का अवसर बना।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar