प्रधान आरक्षक फिरोज खान के 15 ठिकानों पर लोकायुक्त का छापा, 6.26 करोड़ की अनुपातहीन संपत्ति का खुलासा
देवास-इंदौर में सुबह 6 बजे से सर्चिंग, वेतन से 75 लाख की आय; कुल आय 1.93 करोड़ आंकी, संपत्ति आय से 223% अधिक होने का दावा
देवास/इंदौर। मध्य प्रदेश लोकायुक्त पुलिस ने पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय, इंदौर में पदस्थ प्रधान आरक्षक चालक फिरोज खान के खिलाफ बुधवार सुबह बड़ी कार्रवाई की। आय से अधिक संपत्ति की शिकायत पर लोकायुक्त की टीमों ने देवास और इंदौर के 15 ठिकानों पर एक साथ सर्चिंग शुरू की। प्रारंभिक जांच में करीब 6.26 करोड़ रुपये की अनुपातहीन संपत्ति सामने आने का दावा किया गया है। लोकायुक्त के मुताबिक, यह आरोपी की आंकी गई आय से 223 प्रतिशत अधिक है।
कार्रवाई 14 अक्टूबर को सुबह 6 बजे शुरू हुई। लोकायुक्त के अनुसार, फिरोज खान की अनुमानित वेतन आय 75 लाख रुपये और अन्य स्रोतों सहित कुल आय 1 करोड़ 93 लाख 84 हजार 440 रुपये आंकी गई है। इसके मुकाबले करीब 6 करोड़ 26 लाख 67 हजार 879 रुपये की संपत्ति का पता चला है।
पत्नी, मां और परिचित महिला के नाम पर संपत्तियां
लोकायुक्त को मिली शिकायत में आरोप लगाया गया कि फिरोज खान अपनी पदस्थापना का प्रभाव बताकर देवास में विवादित जमीनों और प्लॉटों के मामलों में हस्तक्षेप करता था। शिकायत में पत्नी, मां और परिचित महिला रोशनी वर्मा के नाम पर संपत्तियां खरीदने, लकड़ी के कारोबार और रियल एस्टेट में निवेश करने के आरोप भी लगाए गए।
शिकायत की जांच डीएसपी सुनील तालान ने की। लोकायुक्त के मुताबिक, जांच में कई संपत्तियों का पता चला। रोशनी वर्मा की भूमिका सामने आने पर उन्हें भी सह-आरोपी बनाया गया है।
21.75 बीघा जमीन के अनुबंध की भी जांच
मामले में सांवेर तहसील के ग्राम गुरान की करीब 21.75 बीघा कृषि भूमि का मामला भी सामने आया है। लोकायुक्त के अनुसार, शिकायतकर्ता के परिवार में भूमि विवाद के बीच रोशनी वर्मा के नाम पर इस जमीन का पंजीकृत अनुबंध कराया गया। प्रारंभिक जांच में भूमि की खरीद में फिरोज खान की परोक्ष भूमिका होने की बात सामने आई है।
करोड़ों के लेन-देन वाली फर्में जांच के दायरे में
लोकायुक्त के अनुसार, आरोपी की मां और पत्नी के नाम पर साहिल ट्रेडिंग कंपनी फर्म होने तथा उसके खाते में करोड़ों रुपये के लेन-देन की जानकारी मिली है। रोशनी वर्मा की रोशनी सेल्स एंड सर्विस और फिरोज खान के रियल एस्टेट निवेश से जुड़ी रॉयल ग्रीन रियल एस्टेट फर्म भी जांच के दायरे में हैं।
देवास में 11, इंदौर में चार ठिकानों पर सर्चिंग
लोकायुक्त की टीमें देवास में 11 और इंदौर में चार ठिकानों पर जांच कर रही हैं। इनमें आदर्श नगर स्थित आरोपी का मकान, पुष्पकुंज कॉलोनी के भूखंड, विजय नगर और इंदिरा गांधी नगर की संपत्तियां, कृषि भूमि तथा इंदौर के बाणगंगा, स्कीम नंबर 94 और श्रीनगर कॉलोनी स्थित संपत्तियां शामिल हैं।
ग्राम गजीपुरा, जेतपुरा और गद्दूखेड़ी की कृषि भूमि के साथ देवास बायपास के आसपास की संपत्तियों की भी जांच की जा रही है।
लोकायुक्त के महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देशन तथा डीआईजी मनोज कुमार सिंह और इंदौर एसपी राजेश सहाय के मार्गदर्शन में कार्रवाई की गई। देवास और इंदौर में डीएसपी, निरीक्षक और अन्य पुलिसकर्मियों की टीमें सर्चिंग में जुटी हैं।
फिलहाल सर्चिंग जारी है। कार्रवाई पूरी होने के बाद दस्तावेजों, बैंक खातों और संपत्तियों से जुड़े साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। अनुपातहीन संपत्ति और अन्य आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच एवं कानूनी प्रक्रिया के बाद होगी।