पेंशन कार्ड अपडेट और टैक्स छूट का झांसा, देवास के रिटायर्ड कर्मचारी से ₹6.03 लाख की ठगी
बिहार के कटिहार से 1500 किमी दूर पहुंचकर देवास पुलिस ने आरोपी को पकड़ा, घर की अलमारी से ₹5 लाख नकद बरामद
जामताड़ा के साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े सरगनाओं की तलाश, ई-जीरो एफआईआर के 130 मामलों में अब तक 26 आरोपी गिरफ्तार
देवास। बैंक अधिकारी बनकर पेंशन कार्ड अपडेट कराने और टैक्स में छूट दिलाने का झांसा देकर एलआईसी के एक सेवानिवृत्त कर्मचारी से 6.03 लाख रुपए की साइबर ठगी करने वाले आरोपी को देवास पुलिस ने बिहार के कटिहार जिले से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के घर की अलमारी से ठगी की रकम में से 5 लाख रुपए नकद बरामद किए हैं। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब साइबर ठगी के अंतरराज्यीय नेटवर्क और जामताड़ा से जुड़े कथित सरगनाओं की पड़ताल की जा रही है।
फोन पर झांसा देकर खाते से उड़ाए 6.03 लाख रुपए
मामला देवास के कोतवाली थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, एलआईसी से सेवानिवृत्त 62 वर्षीय मनोहर लाल सिलोदिया को अज्ञात साइबर ठगों ने बैंक अधिकारी बनकर संपर्क किया। आरोपियों ने पेंशन कार्ड अपडेट कराने और टैक्स में छूट दिलाने का भरोसा दिया। इसी झांसे में लेकर उनसे कुल 6 लाख 3 हजार रुपए की ठगी की गई। शिकायत पर कोतवाली थाने में अपराध क्रमांक 565/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर बिहार पहुंची पुलिस
मामले की जांच के लिए पुलिस ने बैंकिंग लेनदेन, मोबाइल नंबरों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। इसके आधार पर पुलिस टीम बिहार के कटिहार जिले पहुंची और 21 वर्षीय सचिन कुमार, निवासी खुदनारुपसपुर, थाना रौतारा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी के घर की अलमारी से ठगी की रकम में से 5 लाख रुपए नकद जब्त किए गए।
जामताड़ा नेटवर्क के सरगनाओं की तलाश
पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ और जांच में मिले तथ्यों के आधार पर साइबर ठगी गिरोह के मुख्य सरगनाओं के तार झारखंड के जामताड़ा से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों, ठगी की शेष एक लाख तीन हजार रुपए की रकम और पूरे नेटवर्क की भूमिका की जांच कर रही है।
ई-जीरो एफआईआर के 130 मामलों में 26 गिरफ्तार
देवास पुलिस के मुताबिक, ई-जीरो एफआईआर व्यवस्था के तहत जिले में अब तक 130 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें 26 आरोपियों को गिरफ्तार कर कुल 98 लाख 52 हजार 614 रुपए जब्त किए गए हैं।
वहीं, पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद के नेतृत्व में चलाए जा रहे ऑपरेशन साइबर के तहत 1 नवंबर 2024 से अब तक साइबर ठगी के शिकार लोगों को 3 करोड़ 89 लाख 28 हजार 622 रुपए वापस करवाने का दावा किया गया है। इसके अतिरिक्त 5 करोड़ 27 लाख 16 हजार 769 रुपए की राशि विभिन्न शिकायतों में होल्ड करवाई गई है, जिसे वैधानिक प्रक्रिया के बाद संबंधित आवेदकों को लौटाया जाना है।
पुलिस टीम की भूमिका
कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह वर्धमान के मार्गदर्शन, नगर पुलिस अधीक्षक सुमित अग्रवाल के निर्देशन और कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक शशिकांत चौरसिया के नेतृत्व में की गई। इसमें कोतवाली पुलिस और साइबर सेल की टीम शामिल रही।
साइबर ठगी से बचने के लिए सावधानी जरूरी
बैंक अधिकारी बनकर फोन करने वाले किसी भी व्यक्ति को ओटीपी, एटीएम पिन, पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। पेंशन कार्ड अपडेट या टैक्स छूट के नाम पर आए संदिग्ध कॉल और लिंक की पुष्टि संबंधित बैंक या अधिकृत विभाग से सीधे करें। साइबर ठगी होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।