शिक्षा के विकास में योगदान देने वाले 8 भामाशाह और 3 प्रेरक सम्मानित।
करौली। शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले भामाशाहों एवं प्रेरकों को सम्मानित करने के उद्देश्य से मंगलवार को 30वां जिला स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह में शिक्षा के विकास के लिए जनसहभागिता को बढ़ावा देने वाले 8 भामाशाहों और 3 प्रेरकों को प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी सर्वेश कुमार गुप्ता ने कहा कि भामाशाहों का सहयोग राजकीय विद्यालयों के आधारभूत विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से शिक्षा के क्षेत्र में अधिकाधिक सहयोग देने का आह्वान किया।
आयोजक जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) इन्द्रेश तिवाड़ी ने कहा कि जनसहभागिता और भामाशाहों के सहयोग से विद्यालयों में भवन निर्माण, शैक्षणिक संसाधनों के विकास तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं का विस्तार संभव हुआ है। ऐसे सहयोगी समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
समारोह में डाइट प्राचार्य मुरारी लाल बैरवा, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) राधारमण शर्मा, लेखाधिकारी अमृत लाल मीणा, प्रशासनिक अधिकारी अविनाश शर्मा, शिक्षा विभाग के अधिकारी, संस्था प्रधान, शिक्षक, विद्यार्थी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
मंच संचालन व्याख्याता अमित कुमार शर्मा ने किया तथा अंत में सभी अतिथियों, भामाशाहों और उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया गया।
सम्मानित भामाशाह: योगेश मीना, जलधारी मीना, हेमराज चतुर्वेदी, प्रशांत पाल, शशांक दीक्षित, परमराज मीना, बनै सिंह जाटव एवं धर्मेंद्र सिंह मीना।
सम्मानित प्रेरक: श्यामबिहारी मीना, संजय दत्त मुद्गल एवं केशव कुमार शर्मा।
समारोह में वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में समाज की सक्रिय भागीदारी से विद्यालयों का विकास तेज गति से हो रहा है और ऐसे प्रयास भविष्य में भी शिक्षा की गुणवत्ता को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
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