शिवडोला पर सजा पंजाब उत्सव, गूंजा ‘बल्ले-बल्ले’
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गतका में दिखा वीरों का शौर्य, गिद्दा-भांगड़े ने बांधा समां
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पंजाबी संस्कृति, वीरता और लोकपरंपराओं का अनूठा संगम बना आकर्षण
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खरगोन 31 अगस्त 2026। श्री सिद्धनाथ महादेवजी के 58वें शिवडोले के अवसर पर आयोजित पंजाब उत्सव में पूरा खरगोन शहर पंजाबी संस्कृति के रंग में रंगा नजर आया। ढोल की गूंज, भांगड़े की थाप, गिद्दा की आकर्षक प्रस्तुतियां और सिंघों की पारंपरिक युद्धकला गतका के रोमांचक प्रदर्शन ने श्रद्धालुओं और दर्शकों में उत्साह का संचार कर दिया। कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों पर पूरा वातावरण “जो बोले सो निहाल... सत श्री अकाल” के जयघोष और तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
पंजाबी साहित्य अकादमी, भोपाल द्वारा आयोजित इस पंजाब उत्सव में पंजाब की समृद्ध संस्कृति के साथ सिख समाज के गौरवशाली इतिहास, त्याग, वीरता और लोकपरंपराओं का भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया गया। अकादमी के क्षेत्रीय समन्वय संयोजक एवं शिवडोला समिति के सचिव सरदार कमलजीत सिंह गांधी ने बताया कि अकादमी के निदेशक सरदार इंद्रजीत सिंह खनूजा के मार्गदर्शन में आयोजित यह कार्यक्रम हिंद की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले सिख गुरुओं एवं वीर योद्धाओं की गौरवगाथा को समर्पित रहा।
गतका में दिखा वीरों का शौर्य
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण खालसा की पारंपरिक युद्धकला गतका रही। दशमेश पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा अपने सिंघों को सिखाई गई इस युद्धकला का वीर योद्धाओं ने अद्भुत प्रदर्शन किया। तलवार, लाठी और विभिन्न पारंपरिक शस्त्रों के संचालन के साथ योद्धाओं ने अपनी फुर्ती, साहस और युद्धकौशल का परिचय देकर दर्शकों को रोमांचित कर दिया।
नवांशहर (पंजाब) के दलेर खालसा इंटरनेशनल गतका ग्रुप की प्रस्तुति पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं। हैरतअंगेज शस्त्र संचालन और युद्ध कौशल ने सिख वीरता एवं साहस की जीवंत झलक प्रस्तुत की।
ढोल की थाप पर थिरके कदम
गतका प्रदर्शन के बाद दिल्ली के मुंडे भांगड़े दे ग्रुप के कलाकारों ने पंजाबी लोकनृत्य गिद्दा और भांगड़े की रंगारंग प्रस्तुतियां दीं। ढोल की जोशीली थाप, पारंपरिक वेशभूषा और उत्साह से भरे नृत्य ने पूरे वातावरण को पंजाबी रंग में रंग दिया। आयोजन को देखने उपस्थित लाखों श्रद्धालु और दर्शक भी कलाकारों के साथ झूमते नजर आए और पूरा परिसर ‘बल्ले-बल्ले’ के जयघोष से गूंज उठा।
कार्यक्रम में बाबा सुक्खा सिंह विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। उनकी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की। पंजाब उत्सव के आयोजन में श्री गुरुसिंघ सभा, खरगोन का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ। प्रबंधक कमेटी के प्रधान सरदार हरचरण सिंह भाटिया, लंगर सेवा प्रमुख जसबीर सिंह भाटिया, मीत प्रधान अमरजीत सिंह छाबड़ा, मनबीर सिंह भाटिया, खजांची गुरु भजन सिंह भाटिया सहित सोनू भाटिया और सन्नी भाटिया ने आयोजन के सफल संचालन में महत्वपूर्ण सेवाएं दीं।
सांस्कृतिक एकता का संदेश
पंजाब उत्सव ने शिवडोले की धार्मिक आस्था के साथ देश की विविध सांस्कृतिक परंपराओं के सुंदर संगम को भी प्रदर्शित किया। श्रद्धालुओं ने एक ही मंच पर पंजाबी लोकसंस्कृति, सिख इतिहास, वीरता और लोकनृत्यों की शानदार प्रस्तुतियों का आनंद लिया। आयोजन ने “विविधता में एकता” की भावना को सशक्त करते हुए सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक समरसता का प्रेरक संदेश दिया।
पंजाब उत्सव के प्रमुख आकर्षण
▪ गतका – खालसा की पारंपरिक युद्धकला का रोमांचक प्रदर्शन।
▪ गिद्दा – पंजाबी लोकसंस्कृति की जीवंत झलक।
▪ भांगड़ा – ढोल की थाप पर जोश और उमंग से भरी प्रस्तुति।
▪ दलेर खालसा इंटरनेशनल गतका ग्रुप, नवांशहर (पंजाब) – वीरता का अद्भुत प्रदर्शन।
▪ मुंडे भांगड़े दे ग्रुप, दिल्ली – रंगारंग लोकनृत्य प्रस्तुतियां।
▪ बाबा सुक्खा सिंह – विशेष आकर्षण का केंद्र।
▪ विशेष सहयोग – श्री गुरुसिंघ सभा, खरगोन।
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