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#युवा_दिवस के अवसर पर #नीमच की शिक्षण संस्‍थाओं के हजारों विद्यार्थियों ने किया सूर्य नमस्‍कार। विधायक श्री दिलीपसिंह प...

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📍आपदा के दौरान सही तैयारी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है

⏩कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने स्वामी विवेकानंद पी.जी. महाविद्यालय, नीमच में आयोजित भूकंप पूर्व तैयारी एवं क्षमतावर्धन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आपदा प्रबंधन में पूर्व तैयारी, त्वरित प्रतिक्रिया, समन्वित प्रयास और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अत्यंत आवश्यक हैं। 

⏩उन्होंने आपदा से पहले और बाद की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा करते हुए औद्योगिक इकाइयों को मानवजनित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु सुरक्षा दल एवं आपातकालीन निकासी योजना तैयार करने की सलाह दी।

CM Madhya Pradesh  
Jansampark Madhya Pradesh 
Home Department of Madhya Pradesh 
Collector Office Neemuch 
#Aapda_prabandhan
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📍आपदा के दौरान सही तैयारी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है ⏩कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने स्वामी विवेकानंद पी.जी. महाविद्यालय, नीमच में आयोजित भूकंप पूर्व तैयारी एवं क्षमतावर्धन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आपदा प्रबंधन में पूर्व तैयारी, त्वरित प्रतिक्रिया, समन्वित प्रयास और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अत्यंत आवश्यक हैं। ⏩उन्होंने आपदा से पहले और बाद की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा करते हुए औद्योगिक इकाइयों को मानवजनित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु सुरक्षा दल एवं आपातकालीन निकासी योजना तैयार करने की सलाह दी। CM Madhya Pradesh Jansampark Madhya Pradesh Home Department of Madhya Pradesh Collector Office Neemuch #Aapda_prabandhan #DisasterManagement #EarthquakePreparedness #Neemuch #नीमच

Neemuch, Madhya Pradesh | Jul 17, 2026

आपदा प्रबंधन की सफलता का आधार जन-सहयोग और बेहतर लोक प्रबंधन : कलेक्टर श्री चंद्रा

एक दिवसीय भूकंपपूर्व तैयारी एवं क्षमतावर्धन कार्यक्रम सह कार्यशाला संपन्न

नीमच, 17 जुलाई 2026। मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार स्वामी विवेकानंद पी.जी. महाविद्यालय,नीमच में एक दिवसीय भूकंपपूर्व तैयारी एवं क्षमतावर्धन कार्यक्रम का आयोजन जिला स्तर पर किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

 कार्यशाला को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने कहा कि प्राकृतिक अथवा मानवजनित आपदाएं कभी भी और बिना पूर्व सूचना के आ सकती हैं। ऐसे में आपदा प्रबंधन में पूर्व तैयारी, त्वरित प्रतिक्रिया, प्रभावी समन्वय और जन-सहयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन में जन-सहयोग और लोक प्रबंधन प्रशासन की प्राथमिकता है।

 कलेक्टर श्री चंद्रा ने बताया कि आपदा की स्थिति में आमजन का विश्वास बनाए रखना, घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना, घटनास्थल पर एम्बुलेंस की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करना तथा जेसीबी, ट्रैक्टर सहित स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का अद्यतन डाटाबेस तैयार रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि समय पर संसाधनों की उपलब्धता से राहत एवं बचाव कार्य अधिक प्रभावी ढंग से किए जा सकते हैं।

 उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण कार्यशाला में भूकंप प्रबंधन के साथ-साथ औद्योगिक सुरक्षा एवं औद्योगिक दुर्घटनाओं की रोकथाम से संबंधित विषयों पर भी विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा। कलेक्टर ने जिले के औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधियों से अपने-अपने उद्योगों की सुरक्षा ऑडिट एवं प्रदूषण नियंत्रण ऑडिट समय पर कराने तथा शासन द्वारा निर्धारित सभी सुरक्षा मानकों एवं नियमों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती हेमलता अग्रवाल ने अपने संबोधन में औद्योगिक इकाइयों को प्रशिक्षित सुरक्षा दल गठित करने तथा प्रत्येक उद्योग में प्रभावी आपातकालीन निकासी योजना तैयार करने की आवश्यकता पर बल दिया।इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में संचालित "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" अभियान की जानकारी देते हुए सभी से स्वयं नशे से दूर रहने तथा परिवार और समाज को भी नशामुक्त बनाने के लिए जन-जागरूकता फैलाने की अपील की। अपर कलेक्टर श्री बी.एस. कलेश ने भी आपदा प्रबंधन में विभागीय समन्वय और पूर्व तैयारी के महत्व पर प्रकाश डाला।

 आपदा प्रबंधन संस्थान के डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट श्री युवराज सिंह पवार ने बाढ़, भूकंप, चक्रवात, आंधी-तूफान, रासायनिक दुर्घटनाओं तथा भोपाल गैस त्रासदी जैसे महत्वपूर्ण मामलों के अध्ययन  प्रस्तुत करते हुए आपदा प्रबंधन के व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी। 

 उन्होंने अपनी टीम के साथ आपदा के दौरान जीवन रक्षा एवं राहत कार्यों में उपयोग होने वाले आधुनिक बचाव एवं सुरक्षा उपकरणों का प्रदर्शन भी किया।

 कार्यशाला के विभिन्न तकनीकी सत्रों में प्रतिभागियों को भूकंप का इतिहास, भूकंप प्रतिरोधी भवन निर्माण, आपदा के दौरान प्राथमिक उपचार, यात्रा के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं से बचाव तथा पटाखा फैक्ट्रियों में अग्नि दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं सुरक्षा उपायों के संबंध में विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

 कार्यक्रम के दौरान आपदा प्रबंधन नोडल अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर श्री चंद्रसिंह धार्वे, कंपनी कमांडेंट श्रीमती पुष्पा सिंह पंवार सहित पुलिस, राजस्व, एनसीसी, नगर सेना, पंचायत, लोक निर्माण विभाग, जल संसाधन विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी, विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि एवं पत्रकारगण उपस्थित रहे।

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आपदा प्रबंधन की सफलता का आधार जन-सहयोग और बेहतर लोक प्रबंधन : कलेक्टर श्री चंद्रा एक दिवसीय भूकंपपूर्व तैयारी एवं क्षमतावर्धन कार्यक्रम सह कार्यशाला संपन्न नीमच, 17 जुलाई 2026। मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार स्वामी विवेकानंद पी.जी. महाविद्यालय,नीमच में एक दिवसीय भूकंपपूर्व तैयारी एवं क्षमतावर्धन कार्यक्रम का आयोजन जिला स्तर पर किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने कहा कि प्राकृतिक अथवा मानवजनित आपदाएं कभी भी और बिना पूर्व सूचना के आ सकती हैं। ऐसे में आपदा प्रबंधन में पूर्व तैयारी, त्वरित प्रतिक्रिया, प्रभावी समन्वय और जन-सहयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन में जन-सहयोग और लोक प्रबंधन प्रशासन की प्राथमिकता है। कलेक्टर श्री चंद्रा ने बताया कि आपदा की स्थिति में आमजन का विश्वास बनाए रखना, घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना, घटनास्थल पर एम्बुलेंस की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करना तथा जेसीबी, ट्रैक्टर सहित स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का अद्यतन डाटाबेस तैयार रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि समय पर संसाधनों की उपलब्धता से राहत एवं बचाव कार्य अधिक प्रभावी ढंग से किए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण कार्यशाला में भूकंप प्रबंधन के साथ-साथ औद्योगिक सुरक्षा एवं औद्योगिक दुर्घटनाओं की रोकथाम से संबंधित विषयों पर भी विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा। कलेक्टर ने जिले के औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधियों से अपने-अपने उद्योगों की सुरक्षा ऑडिट एवं प्रदूषण नियंत्रण ऑडिट समय पर कराने तथा शासन द्वारा निर्धारित सभी सुरक्षा मानकों एवं नियमों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती हेमलता अग्रवाल ने अपने संबोधन में औद्योगिक इकाइयों को प्रशिक्षित सुरक्षा दल गठित करने तथा प्रत्येक उद्योग में प्रभावी आपातकालीन निकासी योजना तैयार करने की आवश्यकता पर बल दिया।इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में संचालित "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" अभियान की जानकारी देते हुए सभी से स्वयं नशे से दूर रहने तथा परिवार और समाज को भी नशामुक्त बनाने के लिए जन-जागरूकता फैलाने की अपील की। अपर कलेक्टर श्री बी.एस. कलेश ने भी आपदा प्रबंधन में विभागीय समन्वय और पूर्व तैयारी के महत्व पर प्रकाश डाला। आपदा प्रबंधन संस्थान के डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट श्री युवराज सिंह पवार ने बाढ़, भूकंप, चक्रवात, आंधी-तूफान, रासायनिक दुर्घटनाओं तथा भोपाल गैस त्रासदी जैसे महत्वपूर्ण मामलों के अध्ययन प्रस्तुत करते हुए आपदा प्रबंधन के व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने अपनी टीम के साथ आपदा के दौरान जीवन रक्षा एवं राहत कार्यों में उपयोग होने वाले आधुनिक बचाव एवं सुरक्षा उपकरणों का प्रदर्शन भी किया। कार्यशाला के विभिन्न तकनीकी सत्रों में प्रतिभागियों को भूकंप का इतिहास, भूकंप प्रतिरोधी भवन निर्माण, आपदा के दौरान प्राथमिक उपचार, यात्रा के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं से बचाव तथा पटाखा फैक्ट्रियों में अग्नि दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं सुरक्षा उपायों के संबंध में विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यक्रम के दौरान आपदा प्रबंधन नोडल अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर श्री चंद्रसिंह धार्वे, कंपनी कमांडेंट श्रीमती पुष्पा सिंह पंवार सहित पुलिस, राजस्व, एनसीसी, नगर सेना, पंचायत, लोक निर्माण विभाग, जल संसाधन विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी, विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि एवं पत्रकारगण उपस्थित रहे। Jansampark Madhya Pradesh Home Department of Madhya Pradesh #Aapda_prabandhan #DisasterManagement #EarthquakePreparedness #Neemuch #नीमच

Neemuch, Madhya Pradesh | Jul 17, 2026

कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति एवं जिला स्तरीय मातृ मृत्यु की समीक्षा बैठक संपन्न

प्रथम त्रैमास में गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत पंजीयन एवं गुणवत्तापूर्ण एएनसी सेवाएं सुनिश्चित करें : कलेक्टर श्री चन्द्रा

नीमच, 17 जुलाई 2026। कलेक्टर श्री हिमांशु चन्द्रा की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति एवं जिला स्तरीय मातृ मृत्यु की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक गर्भवती महिला का गर्भावस्था के प्रथम त्रैमास में अनिवार्य रूप से पंजीयन कर गुणवत्तापूर्ण प्रसवपूर्व जांच (एएनसी) सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसके लिए सभी विभाग समन्वित एवं परिणाममुखी कार्य करें।

 कलेक्टर श्री चन्द्रा ने निर्देश दिए कि सभी गर्भवती महिलाओं की समय पर समग्र आईडी बनाकर जानकारी अनमोल पोर्टल पर अद्यतन की जाए, ताकि उन्हें समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। उन्होंने गंभीर एवं अति गंभीर एनीमिया से पीड़ित गर्भवती महिलाओं की शीघ्र पहचान कर उनके गुणवत्तापूर्ण उपचार एवं प्रबंधन के निर्देश दिए। साथ ही गर्भावस्था के दौरान रक्तचाप की नियमित जांच सुनिश्चित करने तथा एएनएम द्वारा बीपी उपकरणों का समय-समय पर कैलिब्रेशन कराने को भी कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

 बैठक में उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं के चिन्हांकन एवं प्रबंधन की समीक्षा के दौरान अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर संबंधित खंड चिकित्सा अधिकारी को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए। शहरी क्षेत्र में कम उपलब्धि पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ संयुक्त सर्वे कर लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

 कलेक्टर ने नवजात एवं शिशु मृत्यु के प्रकरणों की समीक्षा करते हुए एनआईसीयू, एनबीएसयू तथा गृह आधारित नवजात शिशु देखभाल (एचबीएनसी) कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर जोर दिया। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं को प्रत्येक नवजात की नियमित गृह आधारित देखभाल तथा उच्च जोखिम वाले बच्चों को तत्काल अस्पताल रेफर करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी बच्चों का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने तथा जहां एएनएम पदस्थ नहीं हैं, वहां वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से टीकाकरण कराने को कहा।

 राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग को जन्मजात विकृतियों से प्रभावित बच्चों की पहचान के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से सर्वे कराने तथा सूची स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में क्षय उन्मूलन अभियान, आयुष्मान भारत योजना, परिवार कल्याण कार्यक्रम, गैर संचारी रोग नियंत्रण, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान, सीएम हेल्पलाइन सहित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई।

 बैठक से पूर्व जिला स्तरीय मातृ मृत्यु प्रकरणों की समीक्षा कर सुधारात्मक उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके बाद 14 जुलाई से 31 अगस्त तक संचालित होने वाले दस्तक अभियान की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि अभियान के दौरान 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे की घर-घर जाकर डीएसएस टूल के माध्यम से स्क्रीनिंग की जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अभियान की साप्ताहिक समीक्षा करने के भी निर्देश दिए।

 बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमन वैष्णव, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश प्रसाद, डब्ल्यूएचओ प्रतिनिधि डॉ. रितेश बजाज, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला शिक्षा अधिकारी सहित स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग के जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति एवं जिला स्तरीय मातृ मृत्यु की समीक्षा बैठक संपन्न प्रथम त्रैमास में गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत पंजीयन एवं गुणवत्तापूर्ण एएनसी सेवाएं सुनिश्चित करें : कलेक्टर श्री चन्द्रा नीमच, 17 जुलाई 2026। कलेक्टर श्री हिमांशु चन्द्रा की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति एवं जिला स्तरीय मातृ मृत्यु की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक गर्भवती महिला का गर्भावस्था के प्रथम त्रैमास में अनिवार्य रूप से पंजीयन कर गुणवत्तापूर्ण प्रसवपूर्व जांच (एएनसी) सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसके लिए सभी विभाग समन्वित एवं परिणाममुखी कार्य करें। कलेक्टर श्री चन्द्रा ने निर्देश दिए कि सभी गर्भवती महिलाओं की समय पर समग्र आईडी बनाकर जानकारी अनमोल पोर्टल पर अद्यतन की जाए, ताकि उन्हें समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। उन्होंने गंभीर एवं अति गंभीर एनीमिया से पीड़ित गर्भवती महिलाओं की शीघ्र पहचान कर उनके गुणवत्तापूर्ण उपचार एवं प्रबंधन के निर्देश दिए। साथ ही गर्भावस्था के दौरान रक्तचाप की नियमित जांच सुनिश्चित करने तथा एएनएम द्वारा बीपी उपकरणों का समय-समय पर कैलिब्रेशन कराने को भी कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं के चिन्हांकन एवं प्रबंधन की समीक्षा के दौरान अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर संबंधित खंड चिकित्सा अधिकारी को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए। शहरी क्षेत्र में कम उपलब्धि पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ संयुक्त सर्वे कर लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने नवजात एवं शिशु मृत्यु के प्रकरणों की समीक्षा करते हुए एनआईसीयू, एनबीएसयू तथा गृह आधारित नवजात शिशु देखभाल (एचबीएनसी) कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर जोर दिया। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं को प्रत्येक नवजात की नियमित गृह आधारित देखभाल तथा उच्च जोखिम वाले बच्चों को तत्काल अस्पताल रेफर करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी बच्चों का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने तथा जहां एएनएम पदस्थ नहीं हैं, वहां वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से टीकाकरण कराने को कहा। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग को जन्मजात विकृतियों से प्रभावित बच्चों की पहचान के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से सर्वे कराने तथा सूची स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में क्षय उन्मूलन अभियान, आयुष्मान भारत योजना, परिवार कल्याण कार्यक्रम, गैर संचारी रोग नियंत्रण, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान, सीएम हेल्पलाइन सहित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। बैठक से पूर्व जिला स्तरीय मातृ मृत्यु प्रकरणों की समीक्षा कर सुधारात्मक उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके बाद 14 जुलाई से 31 अगस्त तक संचालित होने वाले दस्तक अभियान की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि अभियान के दौरान 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे की घर-घर जाकर डीएसएस टूल के माध्यम से स्क्रीनिंग की जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अभियान की साप्ताहिक समीक्षा करने के भी निर्देश दिए। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमन वैष्णव, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश प्रसाद, डब्ल्यूएचओ प्रतिनिधि डॉ. रितेश बजाज, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला शिक्षा अधिकारी सहित स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग के जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। CM Madhya Pradesh Jansampark Madhya Pradesh Directorate of Health Services, Madhya Pradesh #Neemuch #नीमच

Neemuch, Madhya Pradesh | Jul 17, 2026

कुपोषण मुक्त नीमच के संकल्प के साथ कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने जिला पोषण समिति की बैठक में आंगनबाड़ी सेवाओं की गुणवत्ता, शत-प्रतिशत पंजीयन, नियमित टीकाकरण, पोषण आहार की उपलब्धता तथा गंभीर कुपोषित बच्चों के समुचित उपचार पर विशेष जोर दिया। साथ ही योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
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कुपोषण मुक्त नीमच के संकल्प के साथ कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने जिला पोषण समिति की बैठक में आंगनबाड़ी सेवाओं की गुणवत्ता, शत-प्रतिशत पंजीयन, नियमित टीकाकरण, पोषण आहार की उपलब्धता तथा गंभीर कुपोषित बच्चों के समुचित उपचार पर विशेष जोर दिया। साथ ही योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। CM Madhya Pradesh Department Of Women Child Development, Madhya Pradesh Jansampark Madhya Pradesh #KuposhanMuktNeemuch #PoshanAbhiyan #Neemuch #नीमच

Neemuch, Madhya Pradesh | Jul 16, 2026

कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला पोषण समिति की बैठक संपन्न

कुपोषण मुक्त नीमच के लिए समन्वित प्रयास करें तेज : कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा

नीमच, 16 जुलाई 2026। कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा की अध्यक्षता में गुरुवार को महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आंगनवाड़ी केंद्रों के संचालन, विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन तथा कुपोषण उन्मूलन की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले के सभी पात्र बच्चों का शत-प्रतिशत पंजीयन, नियमित टीकाकरण, स्वास्थ्य परीक्षण तथा समय पर पोषण आहार वितरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि कोई भी पात्र हितग्राही योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।

⏩कलेक्टर श्री चंद्रा ने कुपोषण की रोकथाम को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए निर्देश दिए कि गंभीर कुपोषित (एसएएम) बच्चों को समाजसेवियों एवं जनप्रतिनिधियों के सहयोग से इस माह लगभग 1000 न्यूट्री बास्केट वितरित किए जाएं। जिन बच्चों को चिकित्सकीय देखभाल की आवश्यकता हो, उन्हें तत्काल पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कराया जाए। उन्होंने विभागीय योजनाओं के शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के लिए सभी पात्र हितग्राहियों की आधार एवं अपार आईडी तैयार करने तथा प्रत्येक सेक्टर स्तर पर विशेष आधार शिविर आयोजित करने की कार्ययोजना बनाने के निर्देश भी दिए।

⏩ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर ने स्वास्थ्य एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को नियमित रूप से वीएचएसएनडी दिवसों का निरीक्षण कर सेवाओं की सतत मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी सीडीपीओ एवं सुपरवाइजरों से कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों में प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ईसीसीई) गतिविधियां नियमित रूप से संचालित हों तथा इसकी सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए।

⏩बैठक में कुपोषित बच्चों के परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर भी विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की माताओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर उनकी आजीविका को मजबूत किया जाए। साथ ही घरों में उपलब्ध स्थान के अनुसार किचन गार्डन विकसित कराए जाएं, जिसके लिए कृषि विज्ञान केंद्र,उद्यानिकी एवं कृषि विभाग के माध्यम से पौधे एवं आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। जिन आंगनवाड़ी केंद्रों में पर्याप्त भूमि उपलब्ध है, वहां न्यूट्री गार्डन विकसित किए जाएंगे।
⏩समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना सहित विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।

⏩बैठक के अंत में कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने मैदानी अमले को पूरी जिम्मेदारी, संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्य में कमजोर प्रदर्शन करने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को पहले प्रशिक्षण देकर सुधार का अवसर दिया जाएगा, लेकिन इसके बाद भी लापरवाही या कार्य के प्रति उदासीनता पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार नोटिस जारी कर सेवा समाप्ति सहित आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

⏩बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री अमन वैष्णव, स्वास्थ्य, कृषि विज्ञान केंद्र,उद्यानिकी ,कृषि कल्याण एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला पोषण समिति की बैठक संपन्न कुपोषण मुक्त नीमच के लिए समन्वित प्रयास करें तेज : कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा नीमच, 16 जुलाई 2026। कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा की अध्यक्षता में गुरुवार को महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आंगनवाड़ी केंद्रों के संचालन, विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन तथा कुपोषण उन्मूलन की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले के सभी पात्र बच्चों का शत-प्रतिशत पंजीयन, नियमित टीकाकरण, स्वास्थ्य परीक्षण तथा समय पर पोषण आहार वितरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि कोई भी पात्र हितग्राही योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। ⏩कलेक्टर श्री चंद्रा ने कुपोषण की रोकथाम को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए निर्देश दिए कि गंभीर कुपोषित (एसएएम) बच्चों को समाजसेवियों एवं जनप्रतिनिधियों के सहयोग से इस माह लगभग 1000 न्यूट्री बास्केट वितरित किए जाएं। जिन बच्चों को चिकित्सकीय देखभाल की आवश्यकता हो, उन्हें तत्काल पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कराया जाए। उन्होंने विभागीय योजनाओं के शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के लिए सभी पात्र हितग्राहियों की आधार एवं अपार आईडी तैयार करने तथा प्रत्येक सेक्टर स्तर पर विशेष आधार शिविर आयोजित करने की कार्ययोजना बनाने के निर्देश भी दिए। ⏩ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर ने स्वास्थ्य एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को नियमित रूप से वीएचएसएनडी दिवसों का निरीक्षण कर सेवाओं की सतत मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी सीडीपीओ एवं सुपरवाइजरों से कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों में प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ईसीसीई) गतिविधियां नियमित रूप से संचालित हों तथा इसकी सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए। ⏩बैठक में कुपोषित बच्चों के परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर भी विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की माताओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर उनकी आजीविका को मजबूत किया जाए। साथ ही घरों में उपलब्ध स्थान के अनुसार किचन गार्डन विकसित कराए जाएं, जिसके लिए कृषि विज्ञान केंद्र,उद्यानिकी एवं कृषि विभाग के माध्यम से पौधे एवं आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। जिन आंगनवाड़ी केंद्रों में पर्याप्त भूमि उपलब्ध है, वहां न्यूट्री गार्डन विकसित किए जाएंगे। ⏩समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना सहित विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। ⏩बैठक के अंत में कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने मैदानी अमले को पूरी जिम्मेदारी, संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्य में कमजोर प्रदर्शन करने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को पहले प्रशिक्षण देकर सुधार का अवसर दिया जाएगा, लेकिन इसके बाद भी लापरवाही या कार्य के प्रति उदासीनता पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार नोटिस जारी कर सेवा समाप्ति सहित आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। ⏩बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री अमन वैष्णव, स्वास्थ्य, कृषि विज्ञान केंद्र,उद्यानिकी ,कृषि कल्याण एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। CM Madhya Pradesh Jansampark Madhya Pradesh #Neemuch #नीमच #PoshanAbhiyan #Anganwadi #SAM #NRC #WomenAndChildDevelopment #GoodGovernance #Nutrition

Neemuch, Madhya Pradesh | Jul 16, 2026