#शहर_में_जन्माष्टमी_की_धूम..
भरतपुर। ब्रजांचल में शामिल भरतपुर में जन्माष्टमी का पर्व बड़ी ही धूमधाम और भक्तिभाव के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर शहर के ऐतिहासिक 160 वर्ष पुराने श्री राधारमण मंदिर में एक विशेष परंपरा देखने को मिली, जहाँ भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की सेवा मर्यादा के अनुसार रात के बजाय दिन में ही 501 किलो पंचामृत (दूध, दही, घी, बूरा और शहद) से ठाकुर जी का भव्य अभिषेक किया गया। मंदिर के कार्यक्रम संयोजक विष्णु लोहिया ने बताया कि बाल स्वरूप होने के कारण यह अभिषेक दिन में ही संपन्न किया जाता है और दर्शनों के बाद श्रद्धालुओं को पंचामृत का प्रसाद वितरित किया गया। वहीं दूसरी ओर श्री बांके बिहारी मंदिर में चार दिवसीय जन्माष्टमी महोत्सव की धूम मची हुई है। ट्रस्ट प्रतिनिधि गिरीश सिंघल के अनुसार यहाँ रात 11:30 बजे ठाकुर जी का अभिषेक शुरू होगा और ठीक 12 बजे जन्मोत्सव के बाद करीब 11 मन (440 किलो) पंचामृत और 7 मन (280 किलो) पंजीरी का महाप्रसाद बांटा जाएगा। उत्सव के तहत मंदिर परिसर में बच्चों के लिए कृष्ण-राधा बाल रूप-सज्जा प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें हिस्सा लेने वाले सभी बच्चों को पुरस्कृत किया गया। इसके बाद 5 सितंबर को मथुरा-वृंदावन के कलाकारों द्वारा पारंपरिक नंदोत्सव मनाया जाएगा, जबकि 6 और 7 सितंबर को दो आयु वर्गों की बालिकाओं के लिए भव्य भक्ति नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन रखा गया है।