फिरोजाबाद भारतीय मजदूर संघ ने 25 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम डीएम को सौंपा ज्ञापन
भारतीय मजदूर संघ जिला मंत्री शिशुपाल तिवारी के नेतृत्व में विभिन्न यूनियनों के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने मजदूरों एवं कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर प्रधानमंत्री भारत सरकार एवं मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के नाम जिलाधिकारी को 25 सूत्रीय मागों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में मजदूरों, कर्मचारियों, संविदाकर्मियों, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, आशा बहनों, सफाई कर्मचारियों, ई-रिक्शा एवं ऑटो चालकों, ग्रामीण एवं दिहाड़ी मजदूरों सहित विभिन्न श्रमिक वर्गों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया।
इस अवसर पर भारतीय मजदूर संघ के जिला मंत्री शिशुपाल तिवारी ने कहा कि भारतीय मजदूर संघ राष्ट्रहित, उद्योगहित एवं श्रमिक हित को सर्वोपरि रखते हुए सभी क्षेत्रों के मजदूरों और कर्मचारियों के हितों के लिए निस्वार्थ भाव से कार्य करता है। उन्होंने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी, वेतन विसंगतियों, बढ़ते कार्यभार और विभागीय समस्याओं के कारण बड़ी संख्या में कर्मचारी एवं मजदूर परेशान हैं।
उन्होंने कहा कि आशा कार्यकत्रियों पर लगातार कार्यभार बढ़ाया जा रहा है, लेकिन उसके अनुरूप कोई मानदेय तय नहीं है। आशा बहनों ने अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठाते हुए चेतावनी दी कि यदि कार्यभार के अनुरूप मानदेय तय करते हुए आशाओं को न्यूनतम 18000/- और आशा संगीनियों को 24000/- मानदेय तय किया जाए नहीं तो वे कार्य नहीं होने देंगी।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों को 1 जनवरी 2026 से लागू करने, न्यूनतम वेतनमान 72 हजार रुपये किए जाने, बीएसएनएल में लंबित सातवें वेतनमान को लागू करने, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय बढ़ाने एवं सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने, संविदा कर्मियों को नियमित करने, पटरी-रेहड़ी दुकानदारों को उचित स्थान उपलब्ध कराने तथा ई-रिक्शा एवं ऑटो चालकों को स्टैंड उपलब्ध कराने की मांग की गई।
इसके साथ ही एनएचएम के संविदा कर्मचारियों का बीमा, स्थानांतरण एवं वेतन विसंगतियों का समाधान, 108 एवं 102 एंबुलेंस से बर्खास्त कर्मचारियों की बहाली, विभिन्न पारंपरिक श्रमिकों को मजदूर श्रेणी में शामिल कर सामाजिक सुरक्षा देने, बैंकों में पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने, सहकारी बैंकों के लंबित वेतनमान का पुनरीक्षण, कृषि ग्रामीण एवं दिहाड़ी मजदूरों का पारिश्रमिक निर्धारित करने सहित अन्य मांगें भी रखी गईं।
ज्ञापन में नगर निकायों में स्थायी सफाई कर्मचारियों की भर्ती एवं संविदा कर्मचारियों को नियमित करने, संविदा एवं आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का उत्पीड़न बंद करने, मिड-डे मील कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाकर 10 हजार रुपये करने, पुरानी पेंशन बहाल करने, EPS-95 पेंशन में वृद्धि करने, सरकारी विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने तथा पत्रकारों एवं श्रमजीवी पत्रकारों को सुरक्षा बीमा एवं सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की मांग भी शामिल है।
भारतीय मजदूर संघ ने विद्युत विभाग सहित विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान तथा श्रमिक हित से जुड़े विभिन्न बोर्डों, समितियों एवं परामर्शदात्री समितियों में श्रम संगठनों को प्रतिनिधित्व दिए जाने की मांग भी की।
जिला अध्यक्ष राजीव यादव ने सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं का धन्यवाद एवं आभार व्यक्त करते हुए कहा कि श्रमिकों की समस्याओं को लेकर भारतीय मजदूर संघ लगातार संघर्ष करता रहेगा और श्रमिक हितों से जुड़े मुद्दों को उचित मंच पर मजबूती से उठाया जाएगा।
इस दौरान जिला मंत्री शिशुपाल तिवारी, जिला अध्यक्ष राजीव यादव, महानगर अध्यक्ष प्रसून प्रताप सिंह, मंत्री राधा शंखवार, कार्यकारी अध्यक्ष रमाकांत यादव, आंगनबाड़ी संघ से किरण राठौर एवं गीता राठौर, ऑर्डिनेंस से स्वदेश राघव, नितिन सक्सेना ,विद्युत विभाग के संयोजक महेश वर्मा ,सुभाष चंद्र ,राधेश्याम ,बंटू , शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की आशा और आशा संगिनी सहित विभिन्न यूनियनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।