समाहरणालय, कैमूर*
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जिला जनसम्पर्क कार्यालय*
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प्रेस विज्ञप्ति*
दिनांक 13.10.2026*
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कैमूर में शिक्षा व्यवस्था का होगा कायाकल्प: जिला पदाधिकारी ने दिए बुनियादी ढांचा दुरुस्त करने और साक्षरता सुधारने के निर्देश
आज दिनांक 13-10-2026 को समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में जिला पदाधिकारी, कैमूर की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिले के प्राथमिक, माध्यमिक, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) और बुनियादी ढांचों से जुड़ी योजनाओं की गहन समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान जिला पदाधिकारी ने जिले के विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं की कमी पर चिंता व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित कर तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए।
बैठक के मुख्य बिंदु एवं निर्देश निम्नलिखित हैं:
• भवनहीन विद्यालयों के लिए प्रशासनिक स्वीकृति: जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा बैठक में बताया गया कि जिले में कुल 06 विद्यालय भवनहीन हैं। इसके संबंध में जिला पदाधिकारी ने BSEIDC के कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया कि इन सभी भवनहीन विद्यालयों को चिन्हित कर प्रशासनिक स्वीकृति हेतु जल्द से जल्द विभाग को प्रस्ताव भेजें।
• भूमिहीन विद्यालयों हेतु भूमि चिन्हित करने की पहल: जिले में भूमिहीन विद्यालयों की संख्या 38 बताई गई। इस पर संज्ञान लेते हुए जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि शिक्षा विभाग संबंधित अंचलाधिकारी (CO) से तुरंत संपर्क स्थापित करे और इन विद्यालयों के लिए भूमि चिन्हित करने की ठोस पहल शुरू करे।
• 279 विद्यालयों में पेयजल की तत्काल व्यवस्था: बैठक में यह बात सामने आई कि जिले के 279 विद्यालयों में पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं है। जिला पदाधिकारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देशित किया कि वे लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के कार्यपालक अभियंता से समन्वय स्थापित करें और इन सभी चिन्हित स्कूलों में पीने के पानी की व्यवस्था सुनिश्चित कराएं।
• कायाकल्प योजना से सुधरेंगे एप्रोच रोड: जिले के 158 विद्यालयों में संपर्क पथ (Approach Road) की समस्या है। इसके स्थाई समाधान के लिए प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (BEO) को निर्देश दिया गया कि वे संबंधित प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) से तालमेल बिठाएं। इन रास्तों को ग्राम सभा से योजना पारित कराकर 'कायाकल्प योजना' के अंतर्गत शामिल करते हुए प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराया जाए।
• महिला साक्षरता दर बढ़ाने पर विशेष जोर: कैमूर जिले में महिला साक्षरता दर वर्तमान में 59.60% पाई गई है। जिला पदाधिकारी ने इस आंकड़े पर चिंता जताते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी को विशेष कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया, ताकि जिले में महिलाओं की साक्षरता दर में तेजी से सुधार किया जा सके।
• गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में कैमूर का उत्कृष्ट प्रदर्शन: समीक्षा के दौरान पाया गया कि प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग (PBL) कार्यक्रम के तहत कैमूर जिला पूरे राज्य में लगातार बेहतर कर रहा है। जिला जुलाई 2026 में राज्य में प्रथम तथा अगस्त 2026 में द्वितीय स्थान पर रहा है। जिला पदाधिकारी ने इस शैक्षणिक स्तर को बनाए रखने के निर्देश दिए।
• शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति पर सख्ती: विद्यालयों में शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति को लेकर जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर जिन शिक्षकों की ऑनलाइन हाजिरी दो से तीन दिनों तक सिंक (अपडेट) नहीं पाई जाएगी, उनके विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उस दिन का वेतन कटौती किया जाए।
• अधौरा प्रखंड के नेटवर्क विहीन क्षेत्रों की समीक्षा: अधौरा प्रखंड अंतर्गत कुल 104 विद्यालय संचालित हैं। पहाड़ी एवं सुदूरवर्ती इलाका होने के कारण कई स्थानों पर नेटवर्क की गंभीर समस्या सामने आती रही है। इसे ध्यान में रखते हुए जिला पदाधिकारी ने प्रखंड के वैसे विद्यालयों को चिह्नित करने का आदेश दिया है, जहां किसी भी टेलीकॉम कंपनी का मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं रहता है।
• वेतन, अवकाश और स्थानांतरण की स्थिति: जिले के अधिकांश शिक्षकों का सितंबर 2026 तक का वेतन भुगतान किया जा चुका है। शिक्षकों के मातृत्व, पितृत्व और चिकित्सा अवकाश के ऑनलाइन आवेदनों को 07 कार्य दिवसों के भीतर निष्पादित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, जिला स्थापना समिति द्वारा 567 अधिशेष शिक्षकों और 158 शिक्षकों का जिले के अंदर पारस्परिक (Mutual) स्थानांतरण भी किया जा चुका है।
• KGBV में रिकॉर्ड नामांकन और सुरक्षा: जिले में संचालित सभी 12 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में निर्धारित 1600 सीटों के लक्ष्य के सापेक्ष 1,597 बालिकाओं का नामांकन पूरा कर लिया गया है। जिला पदाधिकारी ने इन विद्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था और भोजन की गुणवत्ता की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए।
• प्राथमिक शिक्षा एवं मिशन निपुण की समीक्षा: प्राथमिक शिक्षा के अंतर्गत सभी कोटि के शिक्षकों के नियमित वेतन, देय अवकाश एवं एरियर भुगतान की स्थिति की जांच की गई। इसके साथ ही मिशन निपुण विद्यालयों में निपुण ट्रैकर विजिबिलिटी, सीआरसीसी (CRCC), TaRL और PBL कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
• निजी विद्यालयों की प्रस्वीकृति पर कार्रवाई: जिला स्तर पर निजी विद्यालयों की स्वीकृति (मान्यता) हेतु लंबित आवेदनों, उनकी समय-सीमा और आवेदन अस्वीकृति के कारणों की समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी ने बिना मान्यता के अवैध रूप से संचालित हो रहे विद्यालयों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
• माध्यमिक शिक्षा एवं छात्रवृत्ति का भौतिक सत्यापन: माध्यमिक शिक्षा के तहत जिला स्थापना समिति के गठन, शिक्षक/प्रधानाध्यापक स्थानांतरण मामलों की प्रगति और पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लंबित आवेदनों के भौतिक सत्यापन की स्थिति की समीक्षा की गई। इसके अलावा सरस्वती विद्या निकेतन के भवन निर्माण कार्यों की विद्यालयवार भौतिक प्रगति का भी जायजा लिया गया।
जिला पदाधिकारी ने सख्त लहजे में कहा कि बच्चों की शिक्षा, उनके स्वास्थ्य और विद्यालय के बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ तय समय सीमा के भीतर दिए गए निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करें।
बैठक में उप विकास आयुक्त, कैमूर, जिला शिक्षा पदाधिकारी, संबंधित विभागों के कार्यपालक अभियंता, सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी एवं अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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Information & Public Relations Department, Government of Bihar
Kaimur, Bihar | Oct 13, 2026