समाहरणालय, कैमूर*
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जिला जनसम्पर्क कार्यालय*
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प्रेस विज्ञप्ति*
दिनांक 12.10.2026*
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कैमूर में मिलेगी विकास योजनाओं को रफ्तार, जिला पदाधिकारी ने विभिन्न विभागों का किया समीक्षा
आज दिनांक 12.10.2026 को समाहरणालय स्थित माँ मुंडेश्वरी सभागार में जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न विकासात्मक एवं कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में संचालित तमाम विकासात्मक, सामाजिक सुरक्षा एवं लोक कल्याणकारी योजनाओं की अद्यतन प्रगति की समीक्षा करना तथा विभागों के मध्य बेहतर तालमेल स्थापित कर परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही व्यावहारिक बाधाओं को दूर करना था।
सर्वप्रथम विभिन्न विभागों के अंतर्गत प्रस्तावित महत्वपूर्ण भवनों एवं आधारभूत संरचनाओं के निर्माण हेतु भूमि उपलब्धता की गहन समीक्षा की गई तथा निम्नलिखित निर्देश जारी किए गए:
जिले में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने हेतु उद्योग केंद्र भवन का निर्माण कराया जाना है। इसके लिए अंचलाधिकारी भभुआ को यथाशीघ्र उपयुक्त भूमि चिह्नित कर विस्तृत प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश दिया गया।
जिले के 146 पंचायतों में से 60 पंचायत सरकार भवन पूर्ण हैं तथा 75 भवन विभिन्न कार्य एजेंसियों द्वारा निर्माणाधीन हैं। 14 पंचायत सरकार भवनों में भूमि विवाद या अनापत्ति से जुड़ी समस्याएं पाई गईं जैसे बेतरी, मनिहारी, इसिया, मोकरम, दुलही आदि। संबंधित विवादों का निस्तारण कर अविलंब जमीन चिह्नित करने का निर्देश दिया गया।
विवाह मंडप योजना के तहत 16 पंचायतों के लिए भूमि उपलब्ध कराई गई है जिस पर प्रशासनिक स्वीकृति के उपरांत अविलंब कार्य प्रारंभ करने हेतु निर्देशित किया गया।
संबंधित अंचलाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे शेष पंचायत सरकार भवन एवं मुख्यमंत्री विवाह मंडप हेतु विवादरहित भूमि का सीमांकन कर यथाशीघ्र अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) उपलब्ध कराएं।
ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से अंचल नुआंव दुर्गावती, भभुआ एवं चैनपुर में चिन्हित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों/स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण हेतु उपयुक्त भूमि चयन की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने का निर्देश दिया गया।
साथ ही अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर निर्माण हेतु भभुआ एवं मोहनिया अनुमंडल अंतर्गत भूमि चिह्नित करने का निर्देश दिया गया। सिविल सर्जन को निर्देश दिया गया कि अंचलाधिकारी से समन्वय स्थापित कर भूमि चयन की प्रक्रिया जल्द पूरी करें।
डीपीओ (ICDS) को आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण हेतु पूर्व में चिह्नित 211 भूखंडों की वर्तमान स्थिति का अद्यतन प्रतिवेदन तत्काल उपलब्ध कराने तथा शेष भवनहीन केंद्रों के लिए अन्य उपयुक्त भूमि चिह्नित करने का निर्देश दिया गया।
विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास हेतु 100 शैय्या वाले कल्याण छात्रावासों के निर्माण के लिए अधौरा, भगवानपुर, चाँद, नुआंव एवं रामगढ़ अंचल में तथा विशेष आवासीय विद्यालय निर्माण हेतु संबंधित अंचलाधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर सरकारी भूमि चिह्नित कर प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया गया।
वरिष्ठ नागरिकों के कल्याणार्थ मोहनिया अंचल अंतर्गत वृद्धाश्रम के निर्माण हेतु उपयुक्त एवं सुगम स्थल पर भूमि चिह्नित करने का निर्देश संबंधित अंचलाधिकारी को दिया गया।
PHED द्वारा बताया गया कि 74 बसावटों में कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण कर लिया गया है, जबकि पंचायती राज विभाग के छूटे हुए 359 वार्डों में से 350 पर कार्य पूरा हो चुका है।
जिला पदाधिकारी द्वारा जिले के जिन टोलों या बसावटों में अभी तक नल-जल योजना की पहुंच नहीं हो सकी है, उनका जन प्रतिनिधियों से समन्वय बनाते हुए सर्वेक्षण कर विस्तृत सूची तैयार करने का निर्देश सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं पीएचडी विभाग को दिया गया, ताकि छूटे हुए सभी परिवारों को शुद्ध पेयजल का लाभ निरंतर मिल सके।
जनहित एवं विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं में जीवन प्रमाणीकरण आदि की अनिवार्यता को देखते हुए जिले के 05 बंद पड़े आधार केंद्रों को तत्काल क्रियाशील बनाने का सख्त निर्देश दिया गया, जिससे आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
जिला पदाधिकारी ने LAEO एवं कार्य एजेंसियों को निर्देश दिया कि 40 प्रारंभिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में शौचालयों का निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करे, ताकि छात्र-छात्राओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
जिले में दाखिल-खारिज के कुल 21,974 वादों में से 18,110 वादों का निष्पादन किया गया (कुल निष्पादन दर 82.41%)। भभुआ में 1,049 और कुदरा में 594 मामले लंबित पाए गए।
जिला पदाधिकारी ने 35, 75 एवं 120 दिनों से अधिक समय से लंबित मामलों को विशेष अभियान चलाकर तुरंत निस्तारित करने का निर्देश दिया।
वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के तहत 9,788 के लक्ष्य के विरुद्ध 9,529 आवास स्वीकृत किए गए (97.35% स्वीकृति) और 8,025 आवास पूर्ण कराए जा चुके हैं (84.22% पूर्णता दर)।
मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना: 1,446 स्वीकृत आवासों में से 1,430 आवास पूर्ण (98.89% उपलब्धि) कराए जा चुके हैं।
जिले के 146 पंचायतों में से 145 में अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाइयों (WPU) हेतु भूमि चिन्हित हो चुकी है और 142 WPU निर्मित व जियो-टैग हो चुके हैं।
आगामी दुर्गापूजा एवं महापर्व छठ के सफल, सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण आयोजन के मद्देनजर जिला पदाधिकारी द्वारा आपदा प्रबंधन एवं सुरक्षा से जुड़े आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
सभी अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्र अंतर्गत प्रमुख जलाशयों, तालाबों, नदियों एवं संवेदनशील छठ घाटों का भौतिक सत्यापन करें तथा किसी भी अप्रिय घटना की रोकथाम हेतु समय रहते अधिक संख्या में स्थानीय गोताखोरों को चिह्नित कर उनकी सूची तैयार रखें, ताकि पर्व के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जा सकें।
बैठक में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग के सहायक निदेशक, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी सहित विभिन्न तकनीकी एवं गैर-तकनीकी विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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Kaimur, Bihar | Oct 12, 2026