किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा “ठाकुर-ब्राह्मणों की हालत SC/ST से भी खराब है,एक बार गांव में जाकर सर्वे करो, हम आर्थिक आरक्षण का समर्थन करते हैं......!
सवाल किसी जाति को ऊपर या नीचे करने का नहीं है,सवाल है वास्तविक जरूरतमंद तक मदद पहुंचाने का,अगर कोई गरीब है चाहे उसकी जाति कुछ भी हो......!
तो क्या उसकी आर्थिक स्थिति के आधार पर उसे अवसर नहीं मिलना चाहिए?आरक्षण की बहस जाति बनाम जाति की लड़ाई नहीं,बल्कि गरीब बनाम गरीबी की लड़ाई होनी चाहिए.....!
क्या आरक्षण का आधार आर्थिक स्थिति होना चाहिए?अपनी राय कमेंट में बताइए.....!