अरिहंत विहार में गणपति बप्पा को धराया 56 भोग, देर रात तक डांडिया की रही धूम।
दैनिक वीरधरा राजस्थान।
चित्तौड़गढ़। उपनगरीय क्षेत्र सेन्थी के अरिहंत विहार कॉलोनी में चल रहे गणपति महोत्सव में मंगलवार को भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। गणपति बप्पा को 56 भोग (छप्पन भोग) अर्पित कर महाआरती की गई, जिसके बाद देर रात तक डांडिया-गरबा का आयोजन हुआ।
मोदक से लेकर ड्राईफ्रूट तक सजे थाल
गणपति महोत्सव समिति के अध्यक्ष गोपाल जटिया ने बताया कि पंडाल में विराजमान भगवान श्री गणेश का आकर्षक श्रृंगार कर विधि-विधान से पूजन किया गया। इसके बाद भगवान को मोदक, बूंदी-बेसन के लड्डू, पेड़ा, बर्फी, काजू कतली, हलवा, मालपुआ, गुजिया सहित 56 प्रकार के व्यंजन, फल, मेवा-मिष्ठान का भोग लगाया गया। पूरे परिसर को फूलों और लाइटों से सजाया गया था।
समिति के जीपी गुर्जर ने बताया कि छप्पन भोग अर्पित करना हमारी सनातन परंपरा है। भगवान कृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाने के बाद ग्वालों द्वारा 56 व्यंजन अर्पित किए गए थे, तभी से यह परंपरा चली आ रही है।
‘गणपति बप्पा मोरया’ से गूंजा पंडाल
समिति के रबिन्द्र प्रधान ने बताया कि भोग के बाद महाआरती हुई, जिसमें कॉलोनी के बड़ी संख्या में महिला-पुरुष और बच्चों ने हिस्सा लिया। ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारों से पूरा अरिहंत विहार गूंज उठा।
डांडिया में झूमे श्रद्धालु
जगदीश वैष्णव व गोलू शर्मा ने बताया कि आरती के बाद रात्रि में भव्य डांडिया-गरबा का आयोजन किया गया। डीजे की धुन पर महिलाओं और बच्चियों ने पारंपरिक वेशभूषा में गरबा किया। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। अंत में प्रसाद वितरण किया गया।
आयोजन समिति के लक्ष्मण मेघवाल ने बताया कि गणपति महोत्सव के दौरान रोजाना डांडिया, विभिन्न प्रतियोगिताएं ओर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। विसर्जन तक इसी तरह कार्यक्रम जारी रहेंगे।
कार्यक्रम का संचालन ओम जैन शंभूपुरा ने किया।