सांवरिया धाम बामनिया में जलझूलनी मेले में उमड़ा आस्था का सैलाब, शिव बारात और अग्नि नृत्य बना आकर्षण का केंद्र।
दैनिक वीरधरा राजस्थान।
चित्तौड़गढ़। शंभूपुरा ग्राम पंचायत के सांवरिया धाम बामनिया में जलझूलनी एकादशी के पावन अवसर पर भव्य मेले का आयोजन हुआ। मेले में भगवान श्री सांवलिया सेठ की रथयात्रा और शोभायात्रा के साथ-साथ शिव बारात की अनोखी प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
सांवरिया सेठ मन्दिर से निकली शोभयात्रा के दौरान शिव बारात के कलाकारों ने शरीर पर भस्म रमाकर और अग्नि के गोले के बीच नृत्य कर अद्भुत प्रदर्शन किया। जमीन पर जलती आग के बीच से निकलते हुए शिव गणों के इस रोमांचक दृश्य को देखने के लिए हजारों की भीड़ उमड़ पड़ी। छतों पर और सड़क के दोनों किनारों पर खड़े हजारों दर्शक इस दृश्य को अपने मोबाइल में कैद करते नजर आए।
मटकी फोड़ने की लगी होड़
हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी आयोजित वार्षिक मेले के दौरान शोभयात्रा सरकारी विद्यालय के बाहर पहुंची तो यहाँ अखाड़ा प्रदर्शन के साथ ही दही हांडी फोड़ी गई जिसमें युवाओं में दही हांडी फोड़ने की होड़ लगी रही, युवा दही हांडी फोड़ने के लिए काफी उत्साहित नजर आ रहे थे।
सांवलिया सेठ के जयकारों से गूंजा धाम
शोभायात्रा व मेले के दौरान "जय श्री सांवरिया सेठ" के बेवाण को फूलों और रोशनी से सजाकर नगर भ्रमण करवाया गया। पीछे-पीछे शिव बारात, नंदी और कलाकार चल रहे थे।
बारिश की कमी खली, टैंकर के पानी में झुलाया
इस बार बहुत कम हुई बारिश की वजह से नदी में पानी नही आया जिसके चलते सभी को बारिश की कमी खली ओर नगर भ्रमण कर जलझुलन के लिए पधारे सांवरिया सेठ को टैंकर के पानी मे पुजारी शंकरलाल प्रजापत, मेघदास वैष्णव, अरुण सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों एवं हजारों भक्तों ने जल में झुलाया।
मेला प्रबंधन समिति के अनुसार सांवरिया धाम बामनिया का ये जलझूलनी मेला परंपरागत रूप से हर साल भादवा सुदी एकादशी को भरता है। इस बार मेले में शंभूपुरा, सावा, सामरी, अरनिया पंथ, जालमपुरा, सतखंडा, मायरा, गिलूंड, उंखलिया, सरथल, घटियावली सहित आसपास के दर्जनों गांवों से हजारों श्रद्धालु पहुंचे।
शंभूपुरा थाने से पुलिस प्रशासन और मेला समिति द्वारा सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे।