हड़ताल खत्म होते ही निगम ने साफ कराए शहर में लगे कचरे के ढेर
हड़ताल खत्म होने के बाद शहर से सैकड़ों टन कचरा किया साफ
कचरा उठान में लगे 22 ट्रैक्टर ट्रॉलियां, दो जेसीबी व चार लोडर
यमुनानगर। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते बिगड़ी शहर की सफाई व्यवस्था को दोबारा पटरी पर लाने के लिए नगर निगम पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आया। हड़ताल खत्म होते ही नगर निगम ने विशेष सफाई अभियान शुरू कर दिया। मेयर सुमन बहमनी और निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद के निर्देशों पर निगम के चारों मुख्य सफाई निरीक्षक, सभी सफाई निरीक्षक, सैकड़ों सफाई कर्मचारी, 22 ट्रैक्टर ट्रॉलियां, चार डंपर, दो जेसीबी व चार लोडर सड़कों पर उतरे। शहर के अलग-अलग स्थानों पर लगे कचरे के ढेर साफ किए। वार्ड 1 से 7 तक में मुख्य सफाई निरीक्षक हरजीत सिंह, वार्ड 8 से 15 तक में मुख्य सफाई निरीक्षक गोविंद शर्मा और वार्ड 16 से 22 तक में मुख्य सफाई निरीक्षक अमित कांबोज के नेतृत्व में सफाई कर्मचारियों द्वारा सड़कों, गलियों, चौकों और सार्वजनिक स्थानों से कचरा साफ किया गया। इसके अलावा लोडर व जेसीबी की सहायता से कचरे के ढेर साफ किए गए। मेयर सुमन बहमनी ने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि शहर की सफाई व्यवस्था को जल्द से जल्द पूरी तरह सामान्य किया जाए।
नगर निगम द्वारा शहर के रेलवे रोड, वर्कशॉप रोड, जगाधरी रोड, मॉडल टाउन समेत विभिन्न स्थानों पर लगे गंदगी के बड़े बड़े ढेर साफ किए। जेसीबी व लोडर की मदद से कचरा ट्रैक्टर ट्रॉलियों व डंपर में लोड कर कचरा प्लांट पहुंचाया। कचरे के ढेर साफ कराने के बाद बदबू मिटाने के लिए चूने का छिड़काव कराया गया।
मेयर सुमन बहमनी ने लोगों से अपील की कि वे खुले में कूड़ा न फेंके। उन्होंने कहा कि शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने में हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि नगर निगम की जो कूड़ा उठाने वाली गाड़ियां नियमित रूप से आती हैं, उसी में कूड़ा डालें और इधर-उधर कूड़ा फेंककर गंदगी न फैलाएं।
नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद ने बताया कि शहर के मुख्य बाजारों, सड़कों और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष टीमें लगाई गई हैं और अतिरिक्त मशीनरी की मदद से तेजी से कूड़ा उठाने का कार्य जारी है। आने वाले एक-दो दिनों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह सामान्य कर दी जाएगी। आमजन से अपील है कि वे खुले में कचरा न डाले। अपने घर पर की सूखा व गीला कचरा अलग अलग एकत्रित करें और उसे डोर टू डोर आने वाले निगम के वाहन को दें।
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हड़ताल खत्म करवाने में निगम आयुक्त की रही अहम भूमिका -
36 दिन से चल रही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल खत्म कराने में यमुनानगर नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद की अहम भूमिका रही। नौ सितंबर को कर्मचारी नेता नरेश शास्त्री की यमुनानगर में निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद से मुलाकात हुई थी। तब महाबीर प्रसाद ने सीवरेज के खाली पदों पर नियमित भर्ती का प्रस्ताव दिया। साथ ही नरेश शास्त्री की शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल से फोन पर बातचीत करवाई और 10 मितंबर को मंत्री व नरेश शास्त्री की नई दिल्ली में मुलाकात हुई।
इस मुलाकात में काफी हद तक सहमति बन गई थी। गोयल ने इस बारे में सीएम नायब सैनी से बातचीत की और 11 सितंबर को वार्ता के लिए बुला लिया गया। शुक्रवार को चंडीगढ़ में निकाय मंत्री विपुल गोयल और मंत्री कृष्ण कुमार बेदी के साथ कर्मचारी नेताओं की वार्ता हुई। देर शाम करीब चार बजे मुख्यमंत्री नायब सैनी से मुलाकात हुई। जिसमें विभिन्न मांगो पर सहमति बनी। बाद में विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीणा ने सहमति के लिखित आदेश दिखाए। इसके बाद देर शाम मुख्यमंत्री और दोनों कर्मचारी यूनियनों ने हड़ताल खत्म करने की घोषणा कर दी।
फोटो कैप्शन -
शहर के कचरे का उठान करते निगम के वाहन व कर्मी।